logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

चैनपुर के उरू गांव में गमगीन माहौल में हुआ आदिवासी नेत्री निशा भगत का अंतिम संस्कार, उमड़ा जनसैलाब चैनपुर (गुमला): चैनपुर प्रखंड के बरडीहा पंचायत अंतर्गत उरू गांव निवासी आदिवासी नेत्री निशा भगत का उनके पैतृक गांव में गमगीन माहौल के बीच अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके पिता बंधु भगत ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दुखद और मर्माहत करने वाली घड़ी में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। अंतिम संस्कार के दौरान उरू गांव में भारी संख्या में लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा।इस कठिन समय में शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाने और दिवंगत नेत्री को अंतिम विदाई देने के लिए झारखंड के कई दिग्गज नेता, जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग उरू गांव पहुंचे। श्रद्धांजलि देने वालों में मुख्य रूप से झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास,पूर्व मंत्री मधु कोड़ा,पूर्व सांसद गीता कोड़ा,पूर्व विधायक शिवशंकर भगत,पूर्व राज्यसभा सांसद समीर उरांव,एसटी मोर्चा अध्यक्ष देवेंद्र नाथ उरांव,गुमला पूर्व विधायक प्रत्याशी मिसिर कुजूर,विधायक भूषण तिर्की,एसटी मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष सन्नी टोप्पो,सन्नी उरांव राम कुमार पाहन,चैनपुर मंडल प्रभारी दिलीप बड़ाईक,जिला परिषद अध्यक्ष किरण माला बड़ा,प्रदेश कार्यसमिति सदस्य प्रभारी राकेश भास्कर, विनय कुमार लाल बरडीहा मुखिया ईश्वर खेस, आईआरएस निशा उरांव सहित कई गणमान्य लोग शामिल रहे।पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास शोक संतप्त परिवार से मुलाकात के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि एक आदिवासी बेटी का सम्मान सर्वोपरि है। निशा भगत की मूर्ति स्थापित की जाएगी। उन्होंने इस घटना को आदिवासी समाज की अपूरणीय क्षति करार देते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की पुरजोर मांग की है।पूर्व सांसद गीता कोड़ा गीता कोड़ा ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि हमारी बेटी को हर हाल में न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच हो, ताकि शोक में डूबे माता-पिता को सांत्वना और न्याय मिल सके।अंतिम संस्कार के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। गांव में जगह-जगह पुलिस बल तैनात रखे गए थे।इस दौरान एसडीओ हरि उरांव, डुमरी बीडीओ उमेश कुमार स्वासी, चैनपुर बीडीओ दिनेश कुमार, एसडीपीओ बसिया शिव शंकर मरांडी, हेडक्वार्टर डीएसपी अर्चना स्मृति खलखो, थाना प्रभारी अरविंद कुमार, दिनेश कुमार, और शशि कुमार सहित भारी संख्या में पुलिस जवान मुस्तैद रहे।

2 hrs ago
user_Sunderam Keshri
Sunderam Keshri
चैनपुर, गुमला, झारखंड•
2 hrs ago

चैनपुर के उरू गांव में गमगीन माहौल में हुआ आदिवासी नेत्री निशा भगत का अंतिम संस्कार, उमड़ा जनसैलाब चैनपुर (गुमला): चैनपुर प्रखंड के बरडीहा पंचायत अंतर्गत उरू गांव निवासी आदिवासी नेत्री निशा भगत का उनके पैतृक गांव में गमगीन माहौल के बीच अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके पिता बंधु भगत ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दुखद और मर्माहत करने वाली घड़ी में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। अंतिम संस्कार के दौरान उरू गांव में भारी संख्या में लोगों का जनसैलाब उमड़

1f439b19-1d5e-4d7f-ac80-ae1b0ed237d9

पड़ा।इस कठिन समय में शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाने और दिवंगत नेत्री को अंतिम विदाई देने के लिए झारखंड के कई दिग्गज नेता, जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग उरू गांव पहुंचे। श्रद्धांजलि देने वालों में मुख्य रूप से झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास,पूर्व मंत्री मधु कोड़ा,पूर्व सांसद गीता कोड़ा,पूर्व विधायक शिवशंकर भगत,पूर्व राज्यसभा सांसद समीर उरांव,एसटी मोर्चा अध्यक्ष देवेंद्र नाथ उरांव,गुमला पूर्व विधायक प्रत्याशी मिसिर कुजूर,विधायक भूषण तिर्की,एसटी मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष सन्नी टोप्पो,सन्नी उरांव राम कुमार पाहन,चैनपुर मंडल प्रभारी दिलीप बड़ाईक,जिला परिषद अध्यक्ष किरण माला बड़ा,प्रदेश कार्यसमिति सदस्य प्रभारी राकेश भास्कर, विनय

कुमार लाल बरडीहा मुखिया ईश्वर खेस, आईआरएस निशा उरांव सहित कई गणमान्य लोग शामिल रहे।पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास शोक संतप्त परिवार से मुलाकात के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि एक आदिवासी बेटी का सम्मान सर्वोपरि है। निशा भगत की मूर्ति स्थापित की जाएगी। उन्होंने इस घटना को आदिवासी समाज की अपूरणीय क्षति करार देते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की पुरजोर मांग की है।पूर्व सांसद गीता कोड़ा गीता कोड़ा ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि हमारी बेटी को हर हाल में न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने मांग

की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच हो, ताकि शोक में डूबे माता-पिता को सांत्वना और न्याय मिल सके।अंतिम संस्कार के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। गांव में जगह-जगह पुलिस बल तैनात रखे गए थे।इस दौरान एसडीओ हरि उरांव, डुमरी बीडीओ उमेश कुमार स्वासी, चैनपुर बीडीओ दिनेश कुमार, एसडीपीओ बसिया शिव शंकर मरांडी, हेडक्वार्टर डीएसपी अर्चना स्मृति खलखो, थाना प्रभारी अरविंद कुमार, दिनेश कुमार, और शशि कुमार सहित भारी संख्या में पुलिस जवान मुस्तैद रहे।

More news from झारखंड and nearby areas
  • चैनपुर के उरू गांव में गमगीन माहौल में हुआ आदिवासी नेत्री निशा भगत का अंतिम संस्कार, उमड़ा जनसैलाब चैनपुर (गुमला): चैनपुर प्रखंड के बरडीहा पंचायत अंतर्गत उरू गांव निवासी आदिवासी नेत्री निशा भगत का उनके पैतृक गांव में गमगीन माहौल के बीच अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके पिता बंधु भगत ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दुखद और मर्माहत करने वाली घड़ी में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। अंतिम संस्कार के दौरान उरू गांव में भारी संख्या में लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा।इस कठिन समय में शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाने और दिवंगत नेत्री को अंतिम विदाई देने के लिए झारखंड के कई दिग्गज नेता, जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग उरू गांव पहुंचे। श्रद्धांजलि देने वालों में मुख्य रूप से झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास,पूर्व मंत्री मधु कोड़ा,पूर्व सांसद गीता कोड़ा,पूर्व विधायक शिवशंकर भगत,पूर्व राज्यसभा सांसद समीर उरांव,एसटी मोर्चा अध्यक्ष देवेंद्र नाथ उरांव,गुमला पूर्व विधायक प्रत्याशी मिसिर कुजूर,विधायक भूषण तिर्की,एसटी मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष सन्नी टोप्पो,सन्नी उरांव राम कुमार पाहन,चैनपुर मंडल प्रभारी दिलीप बड़ाईक,जिला परिषद अध्यक्ष किरण माला बड़ा,प्रदेश कार्यसमिति सदस्य प्रभारी राकेश भास्कर, विनय कुमार लाल बरडीहा मुखिया ईश्वर खेस, आईआरएस निशा उरांव सहित कई गणमान्य लोग शामिल रहे।पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास शोक संतप्त परिवार से मुलाकात के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि एक आदिवासी बेटी का सम्मान सर्वोपरि है। निशा भगत की मूर्ति स्थापित की जाएगी। उन्होंने इस घटना को आदिवासी समाज की अपूरणीय क्षति करार देते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की पुरजोर मांग की है।पूर्व सांसद गीता कोड़ा गीता कोड़ा ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि हमारी बेटी को हर हाल में न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच हो, ताकि शोक में डूबे माता-पिता को सांत्वना और न्याय मिल सके।अंतिम संस्कार के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। गांव में जगह-जगह पुलिस बल तैनात रखे गए थे।इस दौरान एसडीओ हरि उरांव, डुमरी बीडीओ उमेश कुमार स्वासी, चैनपुर बीडीओ दिनेश कुमार, एसडीपीओ बसिया शिव शंकर मरांडी, हेडक्वार्टर डीएसपी अर्चना स्मृति खलखो, थाना प्रभारी अरविंद कुमार, दिनेश कुमार, और शशि कुमार सहित भारी संख्या में पुलिस जवान मुस्तैद रहे।
    4
    चैनपुर के उरू गांव में गमगीन माहौल में हुआ आदिवासी नेत्री निशा भगत का अंतिम संस्कार, उमड़ा जनसैलाब
चैनपुर (गुमला): चैनपुर प्रखंड के बरडीहा पंचायत अंतर्गत उरू गांव निवासी आदिवासी नेत्री निशा भगत का उनके पैतृक गांव में गमगीन माहौल के बीच अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके पिता बंधु भगत ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दुखद और मर्माहत करने वाली घड़ी में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। अंतिम संस्कार के दौरान उरू गांव में भारी संख्या में लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा।इस कठिन समय में शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाने और दिवंगत नेत्री को अंतिम विदाई देने के लिए झारखंड के कई दिग्गज नेता, जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग उरू गांव पहुंचे। श्रद्धांजलि देने वालों में मुख्य रूप से झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास,पूर्व मंत्री मधु कोड़ा,पूर्व सांसद गीता कोड़ा,पूर्व विधायक शिवशंकर भगत,पूर्व राज्यसभा सांसद समीर उरांव,एसटी मोर्चा अध्यक्ष देवेंद्र नाथ उरांव,गुमला पूर्व विधायक प्रत्याशी मिसिर कुजूर,विधायक भूषण तिर्की,एसटी मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष सन्नी टोप्पो,सन्नी उरांव
राम कुमार पाहन,चैनपुर मंडल प्रभारी दिलीप बड़ाईक,जिला परिषद अध्यक्ष किरण माला बड़ा,प्रदेश कार्यसमिति सदस्य प्रभारी राकेश भास्कर, विनय कुमार लाल बरडीहा मुखिया ईश्वर खेस, आईआरएस निशा उरांव सहित कई गणमान्य लोग शामिल रहे।पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास शोक संतप्त परिवार से मुलाकात के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि एक आदिवासी बेटी का सम्मान सर्वोपरि है। निशा भगत की मूर्ति स्थापित की जाएगी। उन्होंने इस घटना को आदिवासी समाज की अपूरणीय क्षति करार देते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की पुरजोर मांग की है।पूर्व सांसद गीता कोड़ा गीता कोड़ा ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि हमारी बेटी को हर हाल में न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच हो, ताकि शोक में डूबे माता-पिता को सांत्वना और न्याय मिल सके।अंतिम संस्कार के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। गांव में जगह-जगह पुलिस बल तैनात रखे गए थे।इस दौरान एसडीओ हरि उरांव, डुमरी बीडीओ उमेश कुमार स्वासी, चैनपुर बीडीओ दिनेश कुमार, एसडीपीओ बसिया शिव शंकर मरांडी, हेडक्वार्टर डीएसपी अर्चना स्मृति खलखो, थाना प्रभारी अरविंद कुमार, दिनेश कुमार, और शशि कुमार सहित भारी संख्या में पुलिस जवान मुस्तैद रहे।
    user_Sunderam Keshri
    Sunderam Keshri
    चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    2 hrs ago
  • आदिवासी नेत्री निशा भगत का पैतृक गांव में हुआ अंतिम संस्कार, उमड़ा जनसैलाब; नेताओं ने उठाई न्याय की मांग चैनपुर : चैनपुर प्रखंड के कुरुमगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत उरू गांव में शनिवार की शाम करीब चार बजे आदिवासी नेत्री निशा भगत का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव में गमगीन माहौल के बीच संपन्न हुआ। उनके पिता हांदु भगत ने मुखाग्नि देकर अंतिम विदाई दी। अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि देने के लिए सामाजिक, राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों और परिजनों सहित बड़ी संख्या में लोग उमड़ पड़े।
    1
    आदिवासी नेत्री निशा भगत का पैतृक गांव में हुआ अंतिम संस्कार, उमड़ा जनसैलाब; नेताओं ने उठाई न्याय की मांग
चैनपुर : चैनपुर प्रखंड के कुरुमगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत उरू गांव में शनिवार की शाम करीब चार बजे आदिवासी नेत्री निशा भगत का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव में गमगीन माहौल के बीच संपन्न हुआ। उनके पिता हांदु भगत ने मुखाग्नि देकर अंतिम विदाई दी। अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि देने के लिए सामाजिक, राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों और परिजनों सहित बड़ी संख्या में लोग उमड़ पड़े।
    user_Sachin public news
    Sachin public news
    Local News Reporter चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    20 hrs ago
  • झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास गुमला पहुंचे निशा भगत की मौत को दुर्भाग्यपूर्ण बताया झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास गुमला पहुंचे निशा भगत की मौत को दुर्भाग्यपूर्ण बताया आदिवासी नेत्री निशा भगत की सुसाइड की घटना के बाद पूरे झारखंड में एक तरह से हंगामा शुरू हो गया है इसी क्रम में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास गुमला पहुंचे उन्होंने निशा भगत की मौत को सिस्टम पर बहुत बड़ा सवाल बताया उन्होंने कहा कि कई महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर निशा भगत आंदोलन कर रही थी जो पूरी तरह से वर्तमान सरकार पर निशाना था उनके द्वारा उठाया गया आवाज पर सरकार के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किए जाने और सिस्टम द्वारा उन्हें मानसिक तनाव दिए जाने के कारण उन्होंने सुसाइड जैसी कदम उठाया है निश्चित रूप से यह घटना वर्तमान सरकार के कार्यशैली पर बहुत-बहुत सवाल खड़ा करता है उन्होंने पूरे मामले को लेकर उन्होंने पूरे मामले को लेकर कहां जांच की मांग की है और बताया कि निशा भगत झारखंड की एक ऐसी बेटी थी जो लगातार धर्मांतरण और जमीन दलालों के खिलाफ आंदोलन कर रही थी। बाइट_रघुवर दास पूर्व मुख्यमंत्री झारखंड
    1
    झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास गुमला पहुंचे निशा भगत की मौत को दुर्भाग्यपूर्ण बताया
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास गुमला पहुंचे निशा भगत की मौत को दुर्भाग्यपूर्ण बताया 
आदिवासी नेत्री निशा भगत की सुसाइड की घटना के बाद पूरे झारखंड में एक तरह से हंगामा शुरू हो गया है इसी क्रम में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास गुमला पहुंचे उन्होंने निशा भगत की मौत को सिस्टम पर बहुत बड़ा सवाल बताया उन्होंने कहा कि कई महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर निशा भगत आंदोलन कर रही थी जो पूरी तरह से वर्तमान सरकार पर निशाना था उनके द्वारा उठाया गया आवाज पर सरकार के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किए जाने और सिस्टम द्वारा उन्हें मानसिक तनाव दिए जाने के कारण उन्होंने सुसाइड जैसी कदम उठाया है निश्चित रूप से यह घटना वर्तमान सरकार के कार्यशैली पर बहुत-बहुत सवाल खड़ा करता है उन्होंने पूरे मामले को लेकर उन्होंने पूरे मामले को लेकर कहां जांच की मांग की है और बताया कि निशा भगत झारखंड की एक ऐसी बेटी थी जो लगातार धर्मांतरण और जमीन दलालों के खिलाफ आंदोलन कर रही थी। 
बाइट_रघुवर दास पूर्व मुख्यमंत्री झारखंड
    user_AMIT
    AMIT
    गुमला, गुमला, झारखंड•
    15 hrs ago
  • दीपों से रोशन हुआ पोटरो का प्राचीन बूढ़ा महादेव मंदिर, श्रद्धा और भक्ति से सराबोर हुआ परिसर दीपावली के पावन अवसर पर सिसई प्रखंड के पोटरो गांव स्थित प्राचीन बूढ़ा महादेव मंदिर मिट्टी के दीयों की रोशनी से जगमगा उठा। दीपों की जगमगाहट और भक्तिमय वातावरण ने मंदिर परिसर को आकर्षक एवं मनमोहक बना दिया। इस अवसर पर गांव के युवाओं एवं श्रद्धालु भक्तों ने सामूहिक रूप से मंदिर परिसर की साफ-सफाई की। इसके बाद संध्या होते ही मंदिर परिसर में मिट्टी के दीये जलाए गए। दीपों की रोशनी से पूरा मंदिर परिसर प्रकाशमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने विधिवत पूजा-अर्चना कर भगवान भोलेनाथ से सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। दीपावली के मौके पर ग्रामीणों की इस सामूहिक पहल ने धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और अपनी परंपराओं के प्रति समर्पण का सुंदर संदेश दिया। मिट्टी के दीयों से सजे प्राचीन बूढ़ा महादेव मंदिर की छटा देखते ही बन रही थी।
    1
    दीपों से रोशन हुआ पोटरो का प्राचीन बूढ़ा महादेव मंदिर, श्रद्धा और भक्ति से सराबोर हुआ परिसर

दीपावली के पावन अवसर पर सिसई प्रखंड के पोटरो गांव स्थित प्राचीन बूढ़ा महादेव मंदिर मिट्टी के दीयों की रोशनी से जगमगा उठा। दीपों की जगमगाहट और भक्तिमय वातावरण ने मंदिर परिसर को आकर्षक एवं मनमोहक बना दिया।
इस अवसर पर गांव के युवाओं एवं श्रद्धालु भक्तों ने सामूहिक रूप से मंदिर परिसर की साफ-सफाई की। इसके बाद संध्या होते ही मंदिर परिसर में मिट्टी के दीये जलाए गए। दीपों की रोशनी से पूरा मंदिर परिसर प्रकाशमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने विधिवत पूजा-अर्चना कर भगवान भोलेनाथ से सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
दीपावली के मौके पर ग्रामीणों की इस सामूहिक पहल ने धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और अपनी परंपराओं के प्रति समर्पण का सुंदर संदेश दिया। मिट्टी के दीयों से सजे प्राचीन बूढ़ा महादेव मंदिर की छटा देखते ही बन रही थी।
    user_कृष्णा कुमार साहु
    कृष्णा कुमार साहु
    रिपोर्टर सिसई, गुमला, झारखंड•
    51 min ago
  • निशा भगत के अंतिम संस्कार में पहुंचे कई नेता, दिया बड़ा बयान!
    1
    निशा भगत के अंतिम संस्कार में पहुंचे कई नेता, दिया बड़ा बयान!
    user_AAM JANATA
    AAM JANATA
    लोहरदगा, लोहरदगा, झारखंड•
    3 hrs ago
  • निशा भगत ने आत्महत्या क्यों की जानिए पूरी सच्चाई ग्राउंड रिपोर्टिंग निशा भगत पैतृक गांव उरु
    1
    निशा भगत ने आत्महत्या क्यों की जानिए पूरी सच्चाई ग्राउंड रिपोर्टिंग निशा भगत पैतृक गांव उरु
    user_Sirf such
    Sirf such
    Local News Reporter लोहरदगा, लोहरदगा, झारखंड•
    4 hrs ago
  • आदिवासी नेत्री निशा भगत को अंतिम जोहार, अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव उरु में किया गया। झारखंड ही नहीं पूरे भारत में आदिवासी अस्तित्व को लेकर बात करने वाली, धर्मांतरण, जल जंगल जमीन की प्रमुखता से बात करना और जमीनी स्तर पर काम करना उनकी खास पहचान थी। बीते दिनों निशा भगत ने फेसबुक लाइव आकर आत्महत्या कर ली थी जिसके बाद उनके शव को पैतृक गांव उरु में नदी किनारे अंतिम संस्कार किया गया। जिसमें हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए,। इसके उपरांत पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास ने मीडिया से बात करते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की मांग की है।
    1
    आदिवासी नेत्री निशा भगत को अंतिम जोहार, अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव उरु में किया गया।
झारखंड ही नहीं पूरे भारत में आदिवासी अस्तित्व को लेकर बात करने वाली, धर्मांतरण, जल जंगल जमीन की प्रमुखता से बात करना और जमीनी स्तर पर काम करना उनकी खास पहचान थी। बीते दिनों निशा भगत ने फेसबुक लाइव आकर आत्महत्या कर ली थी जिसके बाद उनके शव को पैतृक गांव उरु में नदी किनारे अंतिम संस्कार किया गया। जिसमें हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए,। इसके उपरांत पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास ने मीडिया से बात करते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की मांग की है।
    user_उदय कुशवाहा
    उदय कुशवाहा
    सिसई, गुमला, झारखंड•
    8 hrs ago
  • मौत का कुआं बनाकर झारखंड को खोखला किया जा रहा है!😱 #shorts #shortvideo #viralvideo #road #ranchi
    1
    मौत का कुआं बनाकर झारखंड को खोखला किया जा रहा है!😱 #shorts #shortvideo #viralvideo #road #ranchi
    user_AAM JANATA
    AAM JANATA
    लोहरदगा, लोहरदगा, झारखंड•
    7 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.