बलौदाबाजार के रायपुर रोड स्थित अंग्रेजी शराब दुकान पर रविवार को उपभोक्ताओं के विरोध के कारण जमकर हंगामा हुआ, जब उन्होंने कथित रूप से शराब के निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूले जाने का आरोप लगाया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ग्राहकों और विक्रेताओं के बीच ओवररेटिंग को लेकर तीखी बहस छिड़ गई, जिससे दुकान परिसर में कई घंटों तक अफरा-तफरी और विवाद का माहौल बना रहा। उपभोक्ताओं का कहना है कि यह ओवररेटिंग और खुलेआम लूटपाट लंबे समय से जारी है, जहाँ विशेष रूप से भीड़भाड़ होने पर शराब की कीमतें बढ़ा दी जाती हैं और ग्राहकों को अक्सर पूरा हिसाब या शेष राशि नहीं दी जाती। उन्होंने आरोप लगाया कि इन मनमानी हरकतों की शिकायतें संबंधित अधिकारियों तक कई बार पहुँचाई जा चुकी हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्राहकों ने दुकान परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को भी पूरी तरह नाकाफी बताया, जिसके कारण जेबतराशी और लूटपाट जैसी घटनाएँ आए दिन सामने आती हैं। पर्याप्त निगरानी के अभाव में असामाजिक तत्व सक्रिय रहते हैं, जिससे उपभोक्ताओं में भय और असुरक्षा का माहौल है। स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि विक्रेता जानबूझकर बिक्री की गति धीमी रखते हैं, जिससे लंबी कतारें और भीड़ बढ़ती है, जिसका फायदा उठाकर अव्यवस्था फैलाई जाती है। इसी परिसर में संचालित देसी शराब दुकान पर भी सवाल उठ रहे हैं, जहाँ उपभोक्ताओं के अनुसार अब भी कांच की शीशी में मदिरा मसाला बेचा जा रहा है, जिसकी गुणवत्ता को लेकर कई शिकायतें हुई हैं। क्षेत्रवासियों और उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन, आबकारी विभाग तथा संबंधित अधिकारियों से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच करने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की पुरज़ोर मांग की है। उनका कहना है कि शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होने पर यह आम उपभोक्ताओं के हितों और अधिकारों की घोर अनदेखी होगी। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ये सभी आरोप उपभोक्ताओं और स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए हैं। संबंधित विभाग या शराब दुकान प्रबंधन का पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
बलौदाबाजार के रायपुर रोड स्थित अंग्रेजी शराब दुकान पर रविवार को उपभोक्ताओं के विरोध के कारण जमकर हंगामा हुआ, जब उन्होंने कथित रूप से शराब के निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूले जाने का आरोप लगाया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ग्राहकों और विक्रेताओं के बीच ओवररेटिंग को लेकर तीखी बहस छिड़ गई, जिससे दुकान परिसर में कई घंटों तक अफरा-तफरी और विवाद का माहौल बना रहा। उपभोक्ताओं का कहना है कि यह ओवररेटिंग और खुलेआम लूटपाट लंबे समय से जारी है, जहाँ विशेष रूप से भीड़भाड़ होने पर शराब की कीमतें बढ़ा दी जाती हैं और ग्राहकों को अक्सर पूरा हिसाब या शेष राशि नहीं दी जाती। उन्होंने आरोप लगाया कि इन मनमानी हरकतों की शिकायतें संबंधित अधिकारियों तक कई बार पहुँचाई जा चुकी हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्राहकों ने दुकान परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को भी पूरी तरह नाकाफी बताया, जिसके कारण जेबतराशी और लूटपाट जैसी घटनाएँ आए दिन सामने आती हैं। पर्याप्त निगरानी के अभाव में असामाजिक तत्व सक्रिय रहते हैं, जिससे उपभोक्ताओं में भय और असुरक्षा का माहौल है। स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि विक्रेता जानबूझकर बिक्री की गति धीमी रखते हैं, जिससे लंबी कतारें और भीड़ बढ़ती है, जिसका फायदा उठाकर अव्यवस्था फैलाई जाती है। इसी परिसर में संचालित देसी शराब दुकान पर भी सवाल उठ रहे हैं, जहाँ उपभोक्ताओं के अनुसार अब भी कांच की शीशी में मदिरा मसाला बेचा जा रहा है, जिसकी गुणवत्ता को लेकर कई शिकायतें हुई हैं। क्षेत्रवासियों और उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन, आबकारी विभाग तथा संबंधित अधिकारियों से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच करने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की पुरज़ोर मांग की है। उनका कहना है कि शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होने पर यह आम उपभोक्ताओं के हितों और अधिकारों की घोर अनदेखी होगी। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ये सभी आरोप उपभोक्ताओं और स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए हैं। संबंधित विभाग या शराब दुकान प्रबंधन का पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
- बलौदाबाजार के रायपुर रोड स्थित अंग्रेजी शराब दुकान पर रविवार को उपभोक्ताओं के विरोध के कारण जमकर हंगामा हुआ, जब उन्होंने कथित रूप से शराब के निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूले जाने का आरोप लगाया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ग्राहकों और विक्रेताओं के बीच ओवररेटिंग को लेकर तीखी बहस छिड़ गई, जिससे दुकान परिसर में कई घंटों तक अफरा-तफरी और विवाद का माहौल बना रहा। उपभोक्ताओं का कहना है कि यह ओवररेटिंग और खुलेआम लूटपाट लंबे समय से जारी है, जहाँ विशेष रूप से भीड़भाड़ होने पर शराब की कीमतें बढ़ा दी जाती हैं और ग्राहकों को अक्सर पूरा हिसाब या शेष राशि नहीं दी जाती। उन्होंने आरोप लगाया कि इन मनमानी हरकतों की शिकायतें संबंधित अधिकारियों तक कई बार पहुँचाई जा चुकी हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्राहकों ने दुकान परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को भी पूरी तरह नाकाफी बताया, जिसके कारण जेबतराशी और लूटपाट जैसी घटनाएँ आए दिन सामने आती हैं। पर्याप्त निगरानी के अभाव में असामाजिक तत्व सक्रिय रहते हैं, जिससे उपभोक्ताओं में भय और असुरक्षा का माहौल है। स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि विक्रेता जानबूझकर बिक्री की गति धीमी रखते हैं, जिससे लंबी कतारें और भीड़ बढ़ती है, जिसका फायदा उठाकर अव्यवस्था फैलाई जाती है। इसी परिसर में संचालित देसी शराब दुकान पर भी सवाल उठ रहे हैं, जहाँ उपभोक्ताओं के अनुसार अब भी कांच की शीशी में मदिरा मसाला बेचा जा रहा है, जिसकी गुणवत्ता को लेकर कई शिकायतें हुई हैं। क्षेत्रवासियों और उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन, आबकारी विभाग तथा संबंधित अधिकारियों से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच करने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की पुरज़ोर मांग की है। उनका कहना है कि शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होने पर यह आम उपभोक्ताओं के हितों और अधिकारों की घोर अनदेखी होगी। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ये सभी आरोप उपभोक्ताओं और स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए हैं। संबंधित विभाग या शराब दुकान प्रबंधन का पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।1
- एक सहकारी बैंक मैनेजर पर ₹5,000 की रिश्वत लेने का गंभीर आरोप लगा है। इस कथित लेन-देन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल हुए इस वीडियो के बाद मामले की सच्चाई जांच के बाद ही सामने आने की बात कही गई है। फिलहाल, यह वीडियो लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इस पर अपनी राय दे रहे हैं।1
- छत्तीसगढ़ के खर्वे गांव में कथित जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के बाद से इलाके में तनाव व्याप्त है और यह मामला गरमा गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (एस डी एम) के आदेश पर मामले की विस्तृत जांच के लिए एक शव को कब्र से बाहर निकाला गया है।1
- रायपुर ग्रामीण पुलिस ने तिल्दा-नेवरा क्षेत्र में कृष्णा राइस मिल से हुई धान चोरी की घटना का महज 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए 108 कट्टा धान और वारदात में इस्तेमाल किए गए दो पिकअप वाहन जब्त किए हैं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत लगभग 10 लाख 82 हजार 740 रुपये बताई गई है। गांधी चौक तिल्दा निवासी दीनानाथ अग्रवाल ने तिल्दा-नेवरा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि 12-13 जून की दरम्यानी रात अज्ञात चोरों ने उनकी कृष्णा राइस मिल का ताला तोड़कर धान की चोरी की थी। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने तत्काल जांच शुरू की। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया, जहाँ पूछताछ के दौरान उन्होंने चोरी की वारदात को स्वीकार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में परवाना देवार, जितेंद्र निषाद, रजत वर्मा और सब्बी अग्रवाल उर्फ रमेश कुमार अग्रवाल शामिल हैं। पुलिस ने इन सभी आरोपियों को आगे की न्यायिक प्रक्रिया के लिए न्यायालय में पेश किया है।2
- बिलासपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के काफिले के लिए सड़क को ब्लॉक कर दिया गया, जिससे मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। इस अवरोध के कारण आम जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।1
- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बोदरी में आयोजित कन्नौजे रजक समाज के सम्मेलन में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। रविवार शाम 6 बजे पीआरओ द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री ने कन्नौजे रजक समाज के सामुदायिक भवन निर्माण के लिए ₹60 लाख देने का ऐलान किया। इसके साथ ही, उन्होंने संत गाडगे भवन के लिए 25 डिसमिल जमीन प्रदान करने की भी घोषणा की है। इन घोषणाओं में सन्नडय कुर्मी समाज के सामुदायिक भवन हेतु ₹60 लाख, तथा वर्मा समाज के सामुदायिक भवन के लिए ₹20 लाख की राशि शामिल है। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने धमनी चकरभाठा के मिडिल स्कूल को हाई स्कूल में उन्नत करने, नगर पालिका परिषद बोदरी को एयरपोर्ट के समीप खेल मैदान उपलब्ध कराने, और बोदरी के जोरा तालाब के सौंदर्यीकरण का भी ऐलान किया।1
- मुंगेली पुलिस ने अपने विशेष अभियान "ऑपरेशन बाज" के तहत खुड़िया जंगल में जुआ पर एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए 9 जुआरियों को गिरफ्तार किया है। यह छापेमारी जुआ खेलते पाए गए लोगों के खिलाफ की गई, जिसके परिणामस्वरूप महत्वपूर्ण संपत्तियों की जब्ती हुई। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए जुआरियों से 53,500 रुपये नकद, 9 मोटरसाइकिलें और 8 मोबाइल फोन जब्त किए हैं। कुल मिलाकर, इस कार्रवाई में पुलिस द्वारा 7.33 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई।1
- रायपुर ग्रामीण के आरंग खंड स्थित ग्राम निषदा में छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान, युवा और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जहां प्रदेश व क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं, मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और छत्तीसगढ़ के भविष्य को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि आज छत्तीसगढ़िया समाज को अपनी राजनीति स्वयं करनी चाहिए और अपने अधिकारों, संसाधनों तथा भविष्य की रक्षा के लिए राजनीतिक रूप से जागरूक एवं संगठित होना होगा। बैठक में बढ़ती महंगाई पर गहरी चिंता व्यक्त की गई, जिसमें पेट्रोल के लगातार बढ़ते दाम और रसोई गैस सिलेंडर की ₹1013 तक पहुंची कीमत का विशेष उल्लेख किया गया, जिससे आम जनता और गरीब परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। किसानों को खाद की समय पर अनुपलब्धता के कारण खेती-किसानी पर पड़ रहे नकारात्मक प्रभाव पर भी चर्चा हुई। शिक्षा व्यवस्था की गिरती स्थिति पर गंभीर चिंता जताई गई, जहां नीट (NEET) परीक्षा से जुड़ी समस्याओं के कारण कई विद्यार्थियों द्वारा आत्महत्या करने तथा कक्षा 12वीं के हिंदी प्रश्नपत्र और गुरु घासीदास विश्वविद्यालय के प्रश्नपत्र लीक होने जैसी घटनाओं ने शिक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर टिप्पणी करते हुए कहा गया कि चुनाव में अभी दो वर्ष शेष होने के बावजूद राजनीतिक दलों के नेताओं ने गांवों का दौरा शुरू कर दिया है, जबकि जनता के संकट या छत्तीसगढ़िया समाज की समस्याओं के समय सरकार और जनप्रतिनिधि अनुपस्थित रहते हैं। शराब नीति को लेकर भी बैठक में नाराजगी व्यक्त की गई, क्योंकि गांवों और समाज में शराब की बढ़ती उपलब्धता से सामाजिक वातावरण खराब हो रहा है, वहीं शराब भट्ठियां खोलने वालों को सम्मानित किया जा रहा है। ग्राम निषदा के ग्रामीणों ने अपने पूर्व के संघर्षों का भी उल्लेख किया, जिसमें महानदी बचाओ अभियान के तहत लगभग 10 किलोमीटर की पदयात्रा निकालकर नदी और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना शामिल है। उन्होंने बताया कि पर्यावरण और जनहित से जुड़े मामलों में न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद एक कंपनी पर लगभग 30 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया और उसे बंद कराया गया। बैठक में ग्रामीणों द्वारा 16 एकड़ अवैध कब्ज़े वाली भूमि को मुक्त कराने के संघर्ष की सराहना की गई, जिसमें यह संदेश दिया गया कि सामूहिक प्रयासों से ही गांव के अधिकारों और संसाधनों की रक्षा संभव है। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि वर्तमान में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रति जनता का विश्वास बढ़ रहा है, क्योंकि उनकी समस्याओं का समाधान जब पंच, सरपंच, जनपद सदस्य, जिला पंचायत सदस्य या विधायक स्तर पर नहीं हो पाता, तब वे सहायता और न्याय की उम्मीद में इन संगठनों के पास पहुंचते हैं। बैठक के अंत में, संगठन को गांव-गांव तक मजबूत करने, किसानों, युवाओं, मजदूरों और आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष जारी रखने तथा छत्तीसगढ़ के जल, जंगल, जमीन और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा हेतु जनजागरण अभियान चलाने का संकल्प लिया गया।3