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बिहार में एक बार फिर पकड़ौआ विवाह का मामला सामने आया है, जो बाढ़ के सिविल कोर्ट परिसर में चर्चा का विषय बन गया है। इस घटना ने कोर्ट परिसर में अजीब स्थिति पैदा कर दी, जब लड़का पक्ष ने जबरदस्ती शादी कराए जाने का आरोप लगाते हुए रजिस्ट्री ऑफिस में कोर्ट मैरिज करने से साफ इनकार कर दिया। लड़के का आरोप है कि वह लड़की की बहन ईशा से शादी करने के लिए तैयार था, लेकिन गांव के मंदिर में उसकी शादी जबरन बड़ी बहन सीता के साथ करा दी गई। वहीं दूसरी ओर, लड़की पक्ष ने लड़के पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उसने शादी के बदले बीस लाख रुपए दहेज की मांग की थी। इस पूरे घटनाक्रम के चलते शादी को लेकर विवाद बढ़ गया है।
जनमत एक्सप्रेस, श्रवण राज
बिहार में एक बार फिर पकड़ौआ विवाह का मामला सामने आया है, जो बाढ़ के सिविल कोर्ट परिसर में चर्चा का विषय बन गया है। इस घटना ने कोर्ट परिसर में अजीब स्थिति पैदा कर दी, जब लड़का पक्ष ने जबरदस्ती शादी कराए जाने का आरोप लगाते हुए रजिस्ट्री ऑफिस में कोर्ट मैरिज करने से साफ इनकार कर दिया। लड़के का आरोप है कि वह लड़की की बहन ईशा से शादी करने के लिए तैयार था, लेकिन गांव के मंदिर में उसकी शादी जबरन बड़ी बहन सीता के साथ करा दी गई। वहीं दूसरी ओर, लड़की पक्ष ने लड़के पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उसने शादी के बदले बीस लाख रुपए दहेज की मांग की थी। इस पूरे घटनाक्रम के चलते शादी को लेकर विवाद बढ़ गया है।
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- बिहार के बांकीपुर उपचुनाव से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ भाजपा उम्मीदवार ने चुनावी मैदान छोड़ दिया है। इस घटनाक्रम के तार चारा घोटाले से जुड़ने की चर्चा है। इस पूरे मामले को लेकर पीके ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उपचुनाव से भाजपा प्रत्याशी के हटने के बाद अब राजनीतिक गलियारों में बहस छिड़ गई है, जिसमें पीके के बयान को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।1
- बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर भाजपा ने मात्र 24 घंटे के भीतर एक बड़ा सियासी फेरबदल किया है। पहले पार्टी ने अभिषेक कुमार सिन्हा को अपना उम्मीदवार बनाया था, जिन्होंने 9 जुलाई को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और एनडीए के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में अपना नामांकन भी दाखिल कर दिया था। हालांकि, अगले ही दिन अभिषेक कुमार सिन्हा ने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया, जिसके बाद भाजपा ने तुरंत नीरज कुमार सिन्हा को अपना नया प्रत्याशी घोषित कर दिया है। नए उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा पटना के मीठापुर बी एरिया के निवासी हैं। उनका जन्म 1 जुलाई 1994 को हुआ और वे स्नातक तक शिक्षित हैं। नीरज कुमार सिन्हा का भाजपा के साथ जुड़ाव वर्ष 2006 से है, जब वे पार्टी के प्राथमिक सदस्य बने। उन्होंने बूथ स्तर से लेकर मंडल और जिला स्तर तक विभिन्न जिम्मेदारियां निभाई हैं। वे पूर्व में नरेंद्र भारती मंडल के बूथ अध्यक्ष और महामंत्री रह चुके हैं, साथ ही भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष का पद भी संभाल चुके हैं। वर्तमान में भी वे नरेंद्र भारती मंडल के अध्यक्ष के रूप में कार्य कर रहे हैं। नीरज कुमार सिन्हा का परिवार लंबे समय से जनसंघ और भाजपा की विचारधारा से जुड़ा रहा है। उनके चाचा स्वर्गीय नरेंद्र भारती जनसंघ काल के सक्रिय कार्यकर्ता थे, और उन्हीं की स्मृति में मंडल का नाम 'नरेंद्र भारती मंडल' रखा गया था। अब बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में नीरज कुमार सिन्हा के नामांकन पर सबकी निगाहें टिकी हैं, जिसके 13 जुलाई को होने की संभावना जताई जा रही है, जो नामांकन की अंतिम तिथि भी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के प्रभाव वाले इस क्षेत्र में उम्मीदवार बदलने का भाजपा का यह निर्णय अब चुनावी गलियारों में नई चर्चाओं और समीकरणों का केंद्र बना हुआ है।1
- प्रशांत किशोर ने भाजपा उम्मीदवार के नाम वापस लेने की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि जन बल के आगे कोई अन्य बल नहीं टिक सकता। उन्होंने इसे एक महत्वपूर्ण घटना बताते हुए दावा किया कि अब तक लोग भाजपा के डर से भागते थे, लेकिन यह पहली बार हुआ है कि भाजपा का उम्मीदवार ही मैदान छोड़कर भाग गया है। प्रशांत किशोर ने इस स्थिति को 'जन सुराज' के प्रभाव से जोड़ते हुए कहा कि भाजपा उम्मीदवार का मैदान से हटना जन सुराज के डर का परिणाम है। उनके अनुसार, यह घटना न्याय की जीत की तरह है।1
- पटना के दानापुर-सह-खगौल क्षेत्र से जुड़ी बड़ी माता माँ के भक्ति गीतों को प्रस्तुत किया गया है। ये भक्तिमय रचनाएँ माँ की स्तुति और भक्ति भाव को समर्पित हैं।1
- वैशाली जिले के महनार अंतर्गत बांकीपुर में नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्थानीय चुनावी समीकरण पूरी तरह से बदल गए हैं। इस राजनीतिक हलचल के कारण क्षेत्र में सरगर्मी काफी बढ़ गई है।1
- बिहार में एक बार फिर पकड़ौआ विवाह का मामला सामने आया है, जो बाढ़ के सिविल कोर्ट परिसर में चर्चा का विषय बन गया है। इस घटना ने कोर्ट परिसर में अजीब स्थिति पैदा कर दी, जब लड़का पक्ष ने जबरदस्ती शादी कराए जाने का आरोप लगाते हुए रजिस्ट्री ऑफिस में कोर्ट मैरिज करने से साफ इनकार कर दिया। लड़के का आरोप है कि वह लड़की की बहन ईशा से शादी करने के लिए तैयार था, लेकिन गांव के मंदिर में उसकी शादी जबरन बड़ी बहन सीता के साथ करा दी गई। वहीं दूसरी ओर, लड़की पक्ष ने लड़के पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उसने शादी के बदले बीस लाख रुपए दहेज की मांग की थी। इस पूरे घटनाक्रम के चलते शादी को लेकर विवाद बढ़ गया है।1
- फतुहा नगर परिषद द्वारा शहर को अतिक्रमणमुक्त बनाने के लिए चलाया जा रहा अभियान शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। इस दूसरे चरण के तहत नगर परिषद की टीम ने महारानी चौक से चौड़ाहा होते हुए स्टेशन रोड तक सरकारी भूमि, सड़क और फुटपाथ से अवैध कब्जों को हटाया। कार्यपालक पदाधिकारी जगन्नाथ यादव और सिटी मैनेजर गौरव कुमार के निर्देशन में यह कार्रवाई चरणबद्ध तरीके से संपन्न की गई। अभियान के दौरान चौड़ाहा के समीप एक दुखद हादसा हो गया। मौजीपुर कृपालटोला निवासी गणपत कुमार जब अपने स्तर से करकट (टीन) हटा रहे थे, तभी वह ऊपर से गुजर रहे बिजली के तार के संपर्क में आ गया। इस हादसे में गणपत कुमार करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके साथ मौजूद बिट्टू कुमार भी करंट की चपेट में आए, हालांकि उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई। घायल गणपत कुमार को तुरंत फतुहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और शहर को अतिक्रमणमुक्त बनाने के लिए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।1