प्रतापगढ़ के हथिगवां थाना क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता से कछुआ तस्करी के एक बड़े प्रयास को विफल कर दिया गया है। थाना प्रभारी और पुलिस टीम की गश्त के दौरान कांटी अखैबरपुर गांव के पास संदिग्ध गतिविधि देखने पर, तस्कर पुलिस को देखते ही अपनी पल्सर बाइक मौके पर छोड़कर खेतों की तरफ फरार हो गए। तलाशी लेने पर, पुलिस को बाइक के पास एक बोरे में 9 जिंदा कछुए मिले, जिन्हें तुरंत जब्त कर लिया गया। पुलिस ने तुरंत वन विभाग को घटना की सूचना दी। कुंडा वन विभाग के अधिकारी आशीष सिंह मौके पर पहुंचे और बरामद कछुओं को अपने कब्जे में ले लिया। वन विभाग ने बताया कि ये सभी कछुए 'इंडियन सॉफ्ट शेल टर्टल' प्रजाति के हैं, जो वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षित हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इन कछुओं की तस्करी मांस और दवाओं के लिए की जाती है। वन विभाग ने अज्ञात तस्करों के खिलाफ भारतीय वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और बरामद पल्सर बाइक के नंबर के आधार पर तस्करों की पहचान की जा रही है। इस कार्रवाई से वन्य जीव तस्करों में हड़कंप मच गया है, और पुलिस की मुस्तैदी से 9 कछुओं को बरामद किया गया।
प्रतापगढ़ के हथिगवां थाना क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता से कछुआ तस्करी के एक बड़े प्रयास को विफल कर दिया गया है। थाना प्रभारी और पुलिस टीम की गश्त के दौरान कांटी अखैबरपुर गांव के पास संदिग्ध गतिविधि देखने पर, तस्कर पुलिस को देखते ही अपनी पल्सर बाइक मौके पर छोड़कर खेतों की तरफ फरार हो गए। तलाशी लेने पर, पुलिस को बाइक के पास एक बोरे में 9 जिंदा कछुए मिले, जिन्हें तुरंत जब्त कर लिया गया। पुलिस ने तुरंत वन विभाग को घटना की सूचना दी। कुंडा वन विभाग के अधिकारी आशीष सिंह मौके पर पहुंचे और बरामद कछुओं को अपने कब्जे में ले लिया। वन विभाग ने बताया कि ये सभी कछुए 'इंडियन सॉफ्ट शेल टर्टल' प्रजाति के हैं, जो वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षित हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इन कछुओं की तस्करी मांस और दवाओं के लिए की जाती है। वन विभाग ने अज्ञात तस्करों के खिलाफ भारतीय वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और बरामद पल्सर बाइक के नंबर के आधार पर तस्करों की पहचान की जा रही है। इस कार्रवाई से वन्य जीव तस्करों में हड़कंप मच गया है, और पुलिस की मुस्तैदी से 9 कछुओं को बरामद किया गया।
- भीषण गर्मी को देखते हुए, एलायंस क्लब इंटरनेशनल प्रतापगढ़ के अंतरराष्ट्रीय निदेशक और समाजसेवी रोशनलाल उमरवैश्य के नेतृत्व में पशु-पक्षियों के संरक्षण के लिए एक अभियान चलाया जा रहा है। इस वर्ष भी, पिछले साल की तरह, चौराहों और खुले स्थानों पर जल पात्र रखे जा रहे हैं, ताकि बेजुबान पशु-पक्षियों को पानी के लिए भटकना न पड़े। अभियान के तहत, मिट्टी के घड़े, मिट्टी के जल पात्र और फाइबर से बने बड़े पात्र भी आम जनता में वितरित किए जा रहे हैं, जिन्हें पेड़ों या घरों के दरवाजों पर टांगा जा सकता है। आज ये जल पात्र चिलबिला, सदर बाजार, चौक, श्री राम चौराहा और भगवा चुंगी सहित विभिन्न जगहों पर वितरित किए गए। रोशनलाल उमरवैश्य ने सभी से भीषण गर्मी में बेजुबान पशु-पक्षियों के लिए पानी और दाने की व्यवस्था कर उन्हें अकाल मृत्यु से बचाने का आह्वान किया।1
- रायबरेली के लालगंज कोतवाली क्षेत्र के टिकरान गांव में रविवार देर रात नशे की हालत में पिता और पुत्र के बीच हुए विवाद ने एक दुखद मोड़ ले लिया, जहाँ पिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे परिवार में गहरा कोहराम मच गया है और परिजन रो-रोकर बेहाल हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मामले की पड़ताल करते हुए मृतक के पुत्र को हिरासत में लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, विवाद के दौरान पुत्र द्वारा पिता की कथित रूप से पिटाई किए जाने की बात सामने आ रही है, हालाँकि पुलिस ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मौत के सही कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। फिलहाल, पुलिस विभिन्न पहलुओं पर गहनता से जांच कर रही है। इस हृदय विदारक घटना से पूरे गांव में शोक और दहशत का माहौल व्याप्त है।2
- सुल्तानपुर के लम्भुआ कस्बे में भारत निर्वाचन आयोग के सैकड़ों भरे हुए मतदाता पंजीकरण फॉर्म-6 दियरा रोड के पास हाइवे किनारे झाड़ियों में फेंके हुए पाए गए। यह घटना एक बड़ी लापरवाही को उजागर करती है, जहाँ ज्यादातर फॉर्म लम्भुआ के गोसाईं का पूरा (गांधी नगर) क्षेत्र के मतदाताओं के थे। इन बरामद फॉर्म के साथ आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों की फोटोकॉपियाँ भी संलग्न थीं, जिनकी जानकारी स्थानीय ग्रामीणों ने संबंधित विभाग को दी। मतदाता फॉर्म में नाम, पता, उम्र और मोबाइल नंबर जैसे संवेदनशील डेटा होते हैं। इस प्रकार खुले में फेंके जाने से डेटा चोरी और उसके दुरुपयोग का गंभीर खतरा बढ़ गया है। निर्वाचन आयोग के सख्त प्रोटोकॉल के तहत मतदाता सूची का कार्य किया जाता है, और इन फॉर्म को खुले में फेंकना आयोग के नियमों का सीधा उल्लंघन माना जाता है। खबर लिखे जाने तक तहसील और निर्वाचन कार्यालय से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान प्राप्त नहीं हो सका था। हालांकि, लंभुआ की एसडीएम प्रीति जैन ने जानकारी दी कि विभाग ने इस मामले का संज्ञान लिया है और जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने यह भी बताया कि जांच पूरी होने के बाद दोषी कर्मियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- भाजपा सरकार के 12 साल को 'बेमिसाल' बताते हुए उसे सेवा, सुशासन और विकास की नई मिसाल के रूप में प्रस्तुत किया गया। इसी कड़ी में, उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह की पदयात्रा में भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा, जो इस दावे का एक प्रमाण रहा।1
- अमेठी में रविवार को केपीएस विद्यालय परिसर में वित्तविहीन प्रबंधक फाउंडेशन की एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य 23 जून को संगठन के स्थापना दिवस और प्रांतीय सम्मेलन के आयोजन की कार्य योजना तैयार करना था। यह प्रांतीय सम्मेलन स्थानीय अमेठी कस्बे के नरेंद्र गार्डन में आयोजित किया जाएगा। संगठन के जिलाध्यक्ष अनिल सिंह ने बताया कि इस कार्यक्रम में महिला कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष कमलावती सिंह मुख्य अतिथि होंगी। सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के सभी जिलों से वित्तविहीन विद्यालयों के प्रबंधक हिस्सा लेंगे, जहाँ उन्हें विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने और छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए नई दिशा प्रदान की जाएगी। जिलाध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि यह सम्मेलन वित्तविहीन विद्यालयों की समस्याओं और शैक्षिक सुधारों पर मंथन का एक महत्वपूर्ण मंच बनेगा। बैठक के दौरान, राघवेंद्र प्रताप सिंह ने प्रांतीय सम्मेलन की तैयारियों की रूपरेखा प्रस्तुत की। इसमें मुख्य अतिथि और प्रदेश भर से आने वाले पदाधिकारियों के रुकने तथा सम्मेलन स्थल तक पहुँचने की व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। महिला प्रबंधकों को सम्मेलन स्थल तक लाने की जिम्मेदारी ममता मिश्रा को सौंपी गई है। इस महत्वपूर्ण बैठक में सुनील मिश्रा, आशीष सिंह सहित दर्जनों प्रबंधक उपस्थित रहे। जिलाध्यक्ष अनिल सिंह ने सभी पदाधिकारियों से कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सहयोग की अपील की।1
- पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ दीपक भूकर के निर्देशन में, आगामी मोहर्रम पर्व के मद्देनज़र, क्षेत्राधिकारी पट्टी मनोज कुमार सिंह रघुवंशी ने उपजिलाधिकारी पट्टी, तहसीलदार पट्टी, प्रभारी निरीक्षक कंधई और अन्य अधिकारियों के साथ थाना कंधई क्षेत्र के ताजिया दफन स्थल का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने विशेष रूप से ताजिया दफन स्थल, वहाँ तक पहुँचने वाले आवागमन मार्गों और समग्र सुरक्षा व्यवस्थाओं का गहनता से जायजा लिया। इस समीक्षा के बाद, संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए, जिसका मुख्य उद्देश्य पर्व के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।1
- रायबरेली जनपद के विकासखंड सरेनी क्षेत्र की ग्राम सभा भोजपुर में विकास के बड़े-बड़े दावों और जमीनी हकीकत के बीच गहरा विरोधाभास देखने को मिल रहा है। गांव की दलित बस्ती पिछले लगभग पाँच वर्षों से टूटी नालियों, गंदगी और जर्जर रास्तों की विकट समस्या से जूझ रही है, जो स्वच्छ भारत मिशन और ग्रामीण सड़क विकास के सरकारी दावों की पोल खोलती है। जानकारी के अनुसार, भल्लर के दरवाजे से लेकर रामसहाय, श्यामलाल, शीतल दीन और जीतू के घरों तक जाने वाला मार्ग करीब पाँच वर्षों से बदहाल स्थिति में है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए उन्होंने कई बार प्रधान, संबंधित अधिकारियों और उच्च स्तर तक शिकायतें की हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2022 में केवल कुछ स्थानों पर नालियों का सीमित निर्माण कराया गया था, जबकि दलित बस्ती के कई घरों के सामने आज भी नालियां टूटी पड़ी हैं। नियमित सफाई व्यवस्था के अभाव में लोग अपने घरों के सामने की नालियां खुद साफ करने को मजबूर हैं। बरसात के मौसम में हालात और भी खराब हो जाते हैं, जब कीचड़ और गंदे पानी के कारण लोगों का घरों से निकलना भी दूभर हो जाता है। इस गंभीर स्थिति पर ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि जब गांवों के विकास और स्वच्छता पर करोड़ों रुपये खर्च करने के दावे किए जाते हैं, तो फिर ये योजनाएं इस दलित बस्ती तक क्यों नहीं पहुंच पा रही हैं? क्या जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और अधिकारी सिर्फ कागजों पर विकास दिखाकर अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ लेंगे? इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी रायबरेली से हुई बातचीत में उन्होंने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब ग्रामीणों की नजरें प्रशासन पर टिकी हैं कि उन्हें कब तक गंदगी और बदहाल रास्तों से मुक्ति मिलेगी और उनके गांव में भी विकास की किरण कब पहुंचेगी।2
- लखनऊ के पुरानिया इलाके के पास स्थित अलीगंज लाइब्रेरी में भीषण आग लगने की घटना सामने आई है। इस आगजनी के दौरान एक व्यक्ति ने बचने के लिए छलांग लगा दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इस पूरे मामले का मुख्यमंत्री योगी ने संज्ञान लिया है।1