सोमवार सुबह आगरा के एत्माउद्दौला थाना क्षेत्र के नुनिहाई रोड पर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक खड़ी डीसीएम ट्रक के अंदर चालक का शव फंदे से लटका हुआ मिला। इलाके के एक दुकानदार ने सड़क किनारे खड़ी डीसीएम के पिछले हिस्से में एक व्यक्ति को लटका देखा, जिसके बाद उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की और आधार कार्ड व ड्राइविंग लाइसेंस के जरिए मृतक की पहचान सैया क्षेत्र के विरहरु निवासी संजू के रूप में की। पुलिस ने मृतक के परिजनों को घटना की जानकारी दी और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन जिस स्थिति में शव डीसीएम की बॉडी के एंगल में लटका मिला है, उसे लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस ने बताया है कि मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा। फिलहाल, पुलिस आत्महत्या और हत्या दोनों ही पहलुओं को ध्यान में रखते हुए गहराई से जांच कर रही है, और उम्मीद है कि पुलिस जांच तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मृतक की मौत की परिस्थितियों का खुलासा हो सकेगा।
सोमवार सुबह आगरा के एत्माउद्दौला थाना क्षेत्र के नुनिहाई रोड पर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक खड़ी डीसीएम ट्रक के अंदर चालक का शव फंदे से लटका हुआ मिला। इलाके के एक दुकानदार ने सड़क किनारे खड़ी डीसीएम के पिछले हिस्से में एक व्यक्ति को लटका देखा, जिसके बाद उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की और आधार कार्ड व ड्राइविंग लाइसेंस के जरिए मृतक की पहचान सैया क्षेत्र के विरहरु निवासी संजू के रूप में की। पुलिस ने मृतक के परिजनों को घटना की जानकारी दी और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन जिस स्थिति में शव डीसीएम की बॉडी के एंगल में लटका मिला है, उसे लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस ने बताया है कि मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा। फिलहाल, पुलिस आत्महत्या और हत्या दोनों ही पहलुओं को ध्यान में रखते हुए गहराई से जांच कर रही है, और उम्मीद है कि पुलिस जांच तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मृतक की मौत की परिस्थितियों का खुलासा हो सकेगा।
- आगरा के फतेहाबाद स्थित ख्वासपुरा के एक युवक की हादसे में मौत के बाद सोमवार शाम 5.45 बजे जमकर बवाल हो गया। युवक का शव सड़क पर रखकर बैठे ग्रामीणों को हटाने के पुलिस के प्रयास पर, उन्होंने पुलिसकर्मियों पर पथराव कर दिया और उन्हें दौड़ाया। यह पथराव करीब 15 मिनट तक चला, जिसमें 11 पुलिसकर्मी घायल हो गए। घटना के बाद, कई थानों से अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस अब पथराव करने वाले ग्रामीणों की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। बवाल शुरू होने से कुछ समय पहले, मत्स्य पालन मंत्री डॉ. संजय निषाद भी ग्रामीणों को समझाने पहुंचे थे, लेकिन उनके आग्रह के बावजूद लोग नहीं हटे, जिसके बाद वे वापस लौट गए।1
- एत्मादपुर ब्लॉक से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ एक सफाईकर्मी ने आरोप लगाया है कि बकाया वेतन मांगने ब्लॉक कार्यालय पहुँचने पर उसके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। पीड़ित का दावा है कि इस दौरान उसे जातिसूचक गालियां दी गईं और उसका वीडियो पेन भी छीन लिया गया। इस घटना के संबंध में संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की जा रही है। हालाँकि, मामले की जांच और आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है। प्रस्तुत जानकारी संबंधित पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों और उपलब्ध सूचनाओं पर आधारित है, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जांच पूरी होने और आधिकारिक बयान आने के बाद तथ्य बदल सकते हैं, और इसका उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था की छवि धूमिल करना नहीं है।1
- आगरा के खंदौली थाना क्षेत्र के नगला अर्जुन गांव से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने कानून व्यवस्था और पुलिस की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित परिवार का आरोप है कि गांव के दबंग और प्रभावशाली लोगों ने उनके घर में घुसकर महिलाओं और नाबालिग बच्चियों के साथ मारपीट की, लेकिन पुलिस कार्रवाई आरोपियों पर करने के बजाय पीड़ित पक्ष को ही प्रताड़ित कर रही है। शिकायतकर्ता सोबरन सिंह ने बताया कि उनके पिता के निधन के बाद अंतिम संस्कार के लिए दिए गए पैसों को लेकर गांव में विवाद खड़ा कर दिया गया था। आरोप है कि पहले एक पंचायत में उन्हें धमकाया गया और बाद में कई लोगों ने एकजुट होकर उनके घर पर हमला बोल दिया। हमलावरों ने सोबरन सिंह की पत्नी, भाई की पत्नी और नाबालिग बेटियों के साथ मारपीट की। परिवार का यह भी आरोप है कि बच्चियों को खींचकर बाड़े में ले जाया गया और उनके साथ अभद्रता की गई। यदि गांव के लोग मौके पर नहीं पहुंचते तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था। मामले में पुलिस की भूमिका पर गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़ित परिवार का दावा है कि घटना की सूचना देने और मेडिकल कराने के बावजूद पुलिस ने उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। घायल महिलाओं और बच्चियों का समुचित चिकित्सीय परीक्षण भी नहीं कराया गया। परिवार का कहना है कि घर में लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी घटना कैद है, फिर भी पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने से बच रही है। यह आरोप सही होने पर यह एक बेहद गंभीर मामला है। पीड़ित परिवार ने पुलिस आयुक्त से न्याय की गुहार लगाते हुए आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। इस घटना से सवाल उठता है कि आखिर पुलिस का डंडा केवल कमजोरों पर ही क्यों चलता है और क्या कानून गरीब व दबे-कुचले लोगों के लिए अलग है, जबकि रसूखदारों के लिए अलग?1
- अलीगढ़ क्षेत्र के ब्लॉक चंडोस सीएससी पर पोलियो अभियान के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इस सत्र का नेतृत्व डबलूऐचओ के मॉनिटर सुशील कुमार ने किया, जिन्होंने समस्त आशा और वैश सुपरवाइजरों को गहन जानकारी प्रदान की। प्रशिक्षण के दौरान बी सी पीएम श्याम बिहारी, आओ आओ नीरज कुमार, सुपरवाइजर मुकेश कुमार, राजेश, भुवनेश, मनोरमा, और आशा कार्यकर्ता ममता देवी, विमलेश देवी, रूबी देवी, शिक्षा देवी, रामबेटी, सुमन, सुपरवाइजर विमलेश और उषा शर्मा सहित कई प्रमुख व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने सविनय और सुचारू रूप से प्रशिक्षण प्राप्त किया, वहीं पंकज बाबू ने जलपान की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की। यह जानकारी ब्यूरो चीफ राम कुमार शर्मा, भारत टीवी न्यूज़ 24 द्वारा दी गई है।1
- जनपद प्रयागराज में शरीफ अहमद नामक व्यक्ति ने एक भूमाफिया अनिल कुमार चतुर्वेदी और अतीक अहमद गैंग से जुड़े लोगों पर उनकी पुश्तैनी भूमिधरी जमीन पर अवैध कब्जा कर प्लाटिंग करने का गंभीर आरोप लगाया है। प्रार्थी शरीफ अहमद, जो ग्राम बीका उर्फ पूरामुफ्ती (पुरानी बाजार), थाना पूरामुफ्ती, जिला प्रयागराज के निवासी हैं, ने शिकायत की है कि उनकी आराजी संख्या 1209, रकबा 0.4570 हेक्टेयर की खाली पड़ी जमीन, जो ग्राम कटहुला (गौरानगर), परगना व तहसील सदर, थाना एयरपोर्ट, जिला प्रयागराज में स्थित है, पर अवैध कब्जा कर लिया गया है। शिकायतकर्ता ने बताया कि कुछ समय पहले जब उन्होंने अपनी जमीन पर ईंट के छोटे खंभे देखे थे, तब उन्होंने थाना एयरपोर्ट में इसकी लिखित शिकायत की थी, जिसके बाद उन खंभों को हटा दिया गया था। हालांकि, दिनांक 03/07/2025 को जब वह अपनी जमीन दोबारा देखने गए, तो पाया कि पूरी जमीन पर अवैध रूप से प्लाटिंग कर दी गई है और एक पक्का मकान भी बन गया है। जब उन्होंने मकान बनाने वाले व्यक्ति से उसका नाम पूछा, तो उसने मोबाइल से प्रार्थी की फोटो खींचनी शुरू कर दी और गाली देते हुए धमकी दी कि "भाग जाओ यहीं से नहीं तो इतना गाड़ूंगा की जमीन भूल जाओगे" तथा कहा कि उनके पक्ष में रजिस्ट्री कर दें। जब शरीफ अहमद ने इसका विरोध किया, तो उन लोगों ने उन्हें मारने के लिए पीछा किया और बताया कि वे अनिल कुमार चतुर्वेदी को नहीं जानते, जो प्लाटिंग करवा रहा है और जिसने उन्हें यह जमीन दी है। उन्होंने आगे धमकी दी कि अनिल कुमार चतुर्वेदी की "थाना पुलिस से लेकर सरकार तक" पहुंच है और वे शरीफ अहमद को "अतीक का करीबी" बताकर जेल भिजवा देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर प्रार्थी अपने भाइयों को लेकर उनके पक्ष में जमीन की रजिस्ट्री/बैनामा नहीं करता है, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। प्रार्थी इस घटना से दिनांक 17.12.2025 को बेहद व्यथित होकर श्रीमान जी से इस मामले में जांच कर जमीन कब्जा करने तथा अवैध प्लाटिंग करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की गुहार लगाई है ताकि उनकी जमीन सुरक्षित रह सके।1
- उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान कानपुर देहात की भोगनीपुर विधानसभा के कठेटी गांव में देर शाम एक चौपाल में पहुँचे। उनकी जानकारी मिलते ही सैकड़ों ग्रामीण अपनी शिकायतों के निस्तारण की उम्मीद से चौपाल में जमा हुए। ग्रामीणों और किसानों ने अपनी समस्याएँ एक-एक करके सुनाईं, लेकिन उन शिकायतों को सुनने और उनका समाधान करने के लिए मौके पर कोई अधिकारी मौजूद नहीं था। अधिकारियों की इस गैरमौजूदगी को देखकर मंत्री राकेश सचान का पारा चढ़ गया। उन्होंने तत्काल कानपुर देहात के डीएम कपिल सिंह को फोन किया और उन्हें खूब खरी-खोटी सुनाई। मंत्री ने डीएम से कहा कि उन्होंने पंचायतों को मज़ाक बना रखा है, क्योंकि गांव में पंचायत चल रही है फिर भी राजस्व विभाग का कोई अधिकारी उपस्थित नहीं है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि मौके पर सिर्फ़ एक कानूनगो मौजूद था, जबकि एसडीएम और तहसीलदार जैसे महत्वपूर्ण अधिकारियों को वहाँ उपस्थित रहना चाहिए था, लेकिन वे भी नहीं थे। मंत्री ने इस बात पर भी गंभीर आपत्ति जताई कि कैबिनेट मंत्री के पहुंचने के बावजूद भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है और सरकार के जारी निर्देशों का कोई पालन नहीं कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कोई काम नहीं हो रहा, सिर्फ़ औपचारिकताएँ निभाई जा रही हैं।1
- सोमवार सुबह आगरा के एत्माउद्दौला थाना क्षेत्र के नुनिहाई रोड पर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक खड़ी डीसीएम ट्रक के अंदर चालक का शव फंदे से लटका हुआ मिला। इलाके के एक दुकानदार ने सड़क किनारे खड़ी डीसीएम के पिछले हिस्से में एक व्यक्ति को लटका देखा, जिसके बाद उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की और आधार कार्ड व ड्राइविंग लाइसेंस के जरिए मृतक की पहचान सैया क्षेत्र के विरहरु निवासी संजू के रूप में की। पुलिस ने मृतक के परिजनों को घटना की जानकारी दी और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन जिस स्थिति में शव डीसीएम की बॉडी के एंगल में लटका मिला है, उसे लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस ने बताया है कि मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा। फिलहाल, पुलिस आत्महत्या और हत्या दोनों ही पहलुओं को ध्यान में रखते हुए गहराई से जांच कर रही है, और उम्मीद है कि पुलिस जांच तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मृतक की मौत की परिस्थितियों का खुलासा हो सकेगा।1
- रविवार को आगरा शहर के ईदगाह बस स्टैंड के पास उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब गंगा स्नान के लिए जा रहे श्रद्धालुओं से भरी एक चलती बस में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते बस धुएं के गुबार के बीच आग का गोला बन गई। गनीमत रही कि समय रहते बस में सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई और एक बड़ा हादसा टल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब बस ईदगाह क्षेत्र से गुजर रही थी, तभी उसके बोनट से अचानक धुआं निकलता दिखाई दिया। चालक और यात्रियों को कुछ समझ आता, उससे पहले ही आग ने विकराल रूप ले लिया। बस में बैठे श्रद्धालुओं में चीख-पुकार मच गई और वे अपनी जान बचाने के लिए जल्दीबाजी में नीचे उतरने लगे। हादसे के दौरान आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मदद के लिए दौड़ लगाई और स्थानीय लोगों ने बस के अंदर फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कई यात्रियों ने तो जान बचाने के लिए चलती बस से कूदकर बाहर निकलना ही बेहतर समझा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरी बस उसकी चपेट में आ गई, और आग की ऊंची लपटें व धुएं का गुबार दूर से ही दिखाई दे रहा था। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, हालांकि तब तक बस पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट या किसी तकनीकी खराबी को माना जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है और वास्तविक कारणों का पता जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा।1