पीरो की सियासत में पूर्व विधायक नरेंद्र कुमार पांडे उर्फ सुनील पांडे और उनके भाई पूर्व एमएलसी हुलास पांडे को लेकर दिए गए एक विवादित बयान ने हलचल तेज कर दी है। शुक्रवार दोपहर करीब 1:00 बजे सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए इस बयान के बाद इलाके में राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। स्वयं को नेता बताने वाले रुद्र प्रताप कुशवाहा ने सोशल मीडिया के माध्यम से यह बयान जारी किया है। इस बयान में उन्होंने पूर्व विधायक सुनील पांडे और पूर्व एमएलसी हुलास पांडे के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए 'एनकाउंटर' करने जैसी बात कही है। इस वायरल बयान के बाद पीरो शहर समेत आसपास के क्षेत्रों में लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी इसको लेकर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है, जहाँ समर्थक और विरोधी दोनों पक्षों के बीच टिप्पणी और प्रतिटिप्पणी का दौर जारी है, जिससे माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। स्थानीय राजनीतिक हलकों में भी इस बयान को लेकर हलचल देखी जा रही है। हालांकि, अब तक इस मामले में प्रशासन या संबंधित पक्षों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन, जिस तरह से यह बयान वायरल हो रहा है, उससे आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है।
पीरो की सियासत में पूर्व विधायक नरेंद्र कुमार पांडे उर्फ सुनील पांडे और उनके भाई पूर्व एमएलसी हुलास पांडे को लेकर दिए गए एक विवादित बयान ने हलचल तेज कर दी है। शुक्रवार दोपहर करीब 1:00 बजे सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए इस बयान के बाद इलाके में राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। स्वयं को नेता बताने वाले रुद्र प्रताप कुशवाहा ने सोशल मीडिया के माध्यम से यह बयान जारी किया है। इस बयान में उन्होंने पूर्व विधायक सुनील पांडे और पूर्व एमएलसी हुलास पांडे के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए 'एनकाउंटर' करने जैसी बात कही है। इस वायरल बयान के बाद पीरो शहर समेत आसपास के क्षेत्रों में लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी इसको लेकर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है, जहाँ समर्थक और विरोधी दोनों पक्षों के बीच टिप्पणी और प्रतिटिप्पणी का दौर जारी है, जिससे माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। स्थानीय राजनीतिक हलकों में भी इस बयान को लेकर हलचल देखी जा रही है। हालांकि, अब तक इस मामले में प्रशासन या संबंधित पक्षों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन, जिस तरह से यह बयान वायरल हो रहा है, उससे आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है।
- पीरो की सियासत में पूर्व विधायक नरेंद्र कुमार पांडे उर्फ सुनील पांडे और उनके भाई पूर्व एमएलसी हुलास पांडे को लेकर दिए गए एक विवादित बयान ने हलचल तेज कर दी है। शुक्रवार दोपहर करीब 1:00 बजे सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए इस बयान के बाद इलाके में राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। स्वयं को नेता बताने वाले रुद्र प्रताप कुशवाहा ने सोशल मीडिया के माध्यम से यह बयान जारी किया है। इस बयान में उन्होंने पूर्व विधायक सुनील पांडे और पूर्व एमएलसी हुलास पांडे के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए 'एनकाउंटर' करने जैसी बात कही है। इस वायरल बयान के बाद पीरो शहर समेत आसपास के क्षेत्रों में लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी इसको लेकर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है, जहाँ समर्थक और विरोधी दोनों पक्षों के बीच टिप्पणी और प्रतिटिप्पणी का दौर जारी है, जिससे माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। स्थानीय राजनीतिक हलकों में भी इस बयान को लेकर हलचल देखी जा रही है। हालांकि, अब तक इस मामले में प्रशासन या संबंधित पक्षों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन, जिस तरह से यह बयान वायरल हो रहा है, उससे आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है।1
- भोजपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा योजना के तहत नहरों की उड़ाई (देसिल्टिंग) पर लाखों रुपए खर्च करने का दावा किया गया है। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि जमीनी हकीकत कुछ और ही है, क्योंकि इन नहरों में आज तक एक बूँद पानी भी नहीं आया है और विकास कार्य केवल कागजों तक ही सीमित रहा है। इस मामले को उड़ाही के नाम पर मनरेगा में हुई बड़ी लूटपाट और भ्रष्टाचार का खुलासा बताया जा रहा है, जहाँ दावा किए गए खर्च के बावजूद नहरें सूखी पड़ी हैं।1
- देश में कसाब, इंदिरा गांधी और महात्मा गांधी जी के हत्यारों तक के मामलों में न्यायिक ट्रायल चलाए गए थे। इसी पृष्ठभूमि में, समाज के लिए काम करने वाले युवक भरत तिवारी के एनकाउंटर पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। यह सवाल सीधे तौर पर पूछा गया है कि जिस देश की न्यायिक प्रणाली में इतने संगीन अपराधियों को भी कानून के तहत सुनवाई का अवसर मिलता है, उसी देश में एक सामाजिक कार्यकर्ता का एनकाउंटर क्यों हुआ।1
- भरत तिवारी हत्याकांड को लेकर पुलिस की साख पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पोस्ट में दावा किया गया है कि इस घटना के बाद पुलिस की 'इज्जत शून्य' हो चुकी है। बताया गया है कि आए दिन पुलिसकर्मियों के साथ नोंकझोंक के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। उपयोगकर्ताओं से इन वायरल वीडियो को देखने और उन पर अपनी राय कमेंट में बताने के लिए भी कहा गया है।1
- भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य दुर्गा चरण ने भोजपुर जिले के बेलोटी गांव में भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद उन्होंने क्या कहा, इस संबंध में विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।1
- भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड स्थित बिलौटी गांव में कथित एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी के परिजनों से मिलने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और इस मामले में परिजनों को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। चिराग पासवान की इस मुलाकात के बाद, भरत तिवारी एनकाउंटर का मामला एक बार फिर से चर्चा में आ गया है।1
- बिहार सरकार पर एक बेहद गंभीर आरोप लगाया गया है, जिसमें दावा किया गया है कि राज्य सरकार 'नई अंग्रेज' बन चुकी है। इस आरोप के अनुसार, बिहार सरकार उन सभी लोगों का एनकाउंटर करवा देती है जो अपनी आवाज उठाते हैं।1
- वीर भरत तिवारी की माँ लगातार रो-रोकर यह सवाल कर रही हैं कि एसपी, डीएपी, सीओ और दरोगा पर आखिर कब कार्रवाई होगी। उनकी व्यथा इस बात में निहित है कि वे बार-बार यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि संबंधित अधिकारियों पर आवश्यक कदम कब उठाए जाएँगे।1