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एटा जिले के निधौली कला थाना इलाके में देर रात एक दंपति के शव पेड़ से लटके हुए पाए गए। इस गंभीर मामले को लेकर एडिशनल SP श्वेताभ पाण्डेय ने अपनी बात रखी है।
Star ToDay Samachar
एटा जिले के निधौली कला थाना इलाके में देर रात एक दंपति के शव पेड़ से लटके हुए पाए गए। इस गंभीर मामले को लेकर एडिशनल SP श्वेताभ पाण्डेय ने अपनी बात रखी है।
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- आगरा के थाना नाई की मंडी पुलिस ने जुए के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच जुआरियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से 60 हजार रुपये नकद और 52 ताश के पत्ते बरामद किए हैं। एसीपी कोतवाली वीरेंद्र कुमार द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि मदन नाई की मंडी रास्ते पर कुछ लोग ताश के पत्तों पर हार-जीत की बाजी लगाकर जुआ खेल रहे हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर घेराबंदी की और छापा मारकर पांचों आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में कमल सिंह, सुरेंद्र उर्फ गोलू, सुरेंद्र बाबू, निशांत और अभिषेक धाकड़ शामिल हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।1
- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बात करते हुए राज्य की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार को बारह साल पूरे होने वाले हैं, लेकिन जनता को कोई बड़ी उपलब्धि नहीं मिली है। गहलोत ने कहा कि भाजपा धर्म के नाम पर राजनीति करके भले ही सफल हो गई हो, लेकिन उसे आम जनता की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री ने जोधपुर में पीने के पानी के गंभीर संकट पर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने इंदिरा गांधी नहर परियोजना के माध्यम से वर्षों की मेहनत से पानी पहुंचाने का काम किया था, और तीसरे चरण के लिए लगभग चौदह सौ करोड़ रुपए राज्य बजट से स्वीकृत किए थे ताकि जोधपुर और आसपास के गांवों में पानी की समस्या न रहे। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार इस परियोजना की निगरानी में पूरी तरह विफल रही है। गहलोत ने यह भी कहा कि उनके कार्यकाल में जोधपुर में मेडिकल कॉलेज, विश्वविद्यालय, अस्पताल भवन और कई विकास कार्य हुए थे, जिनमें प्रतापनगर, मंडोर अस्पताल और चौपासनी हाउस की शानदार इमारतें शामिल हैं, जिन्हें देखकर आज भी बाहर से आने वाले लोग आश्चर्यचकित होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार इन संस्थानों की देखरेख भी ठीक से नहीं कर पा रही है। गहलोत ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी सवाल उठाए, यह कहते हुए कि चिरंजीवी योजना केवल कागजों तक ही सीमित होकर रह गई है। उन्होंने दावा किया कि निजी अस्पताल मरीजों से पैसे वसूल रहे हैं और सरकार मरीजों को राहत देने में असफल साबित हुई है, जिससे गरीब और आम आदमी को इलाज के लिए अपनी जेब से पैसा खर्च करना पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने राजस्थान में हर वर्ग के सरकार से असंतुष्ट होने की बात कही और पंचायत तथा नगर निगम चुनावों को लेकर भी सरकार को घेरा, आरोप लगाया कि सरकार संविधान की पालना नहीं कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि उच्च न्यायालय भी सरकार को फटकार लगा चुका है, फिर भी चुनावों में टालमटोल की जा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री ने देश में लोकतंत्र और चुनाव आयोग को लेकर भी अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बढ़ रहा है और हालात चिंताजनक होते जा रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप यदि लोकतंत्र कमजोर हुआ तो आम आदमी का सम्मान भी खतरे में पड़ जाएगा। गहलोत ने जोधपुर एयरपोर्ट विस्तार और कई बड़ी परियोजनाओं का जिक्र किया जो उनके कार्यकाल में शुरू हुई थीं, और आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार नई योजनाएं लाने के बजाय पुराने कार्यों का श्रेय लेने में लगी हुई है। ओएमआरएस और पेपर लीक मामलों पर बोलते हुए, उन्होंने स्पष्ट किया कि आरोपियों की गिरफ्तारी और कार्रवाई उनके कार्यकाल में ही शुरू हुई थी, जबकि वर्तमान सरकार केवल प्रचार करने में लगी हुई है और जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हो रहा है। अंत में, गहलोत ने कहा कि राजस्थान में हालात बेहद गंभीर हैं और सरकार जनता की समस्याओं को लेकर संवेदनशील नहीं है।1
- आगरा जोन के एडीजी एस. के. भगत ने हाथरस के सासनी कोतवाली का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाना तथा पुलिसिंग व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का आकलन करना था। इस दौरान उन्होंने थाना परिसर, सभी अभिलेखों, अपराध नियंत्रण व्यवस्था और जनसुनवाई संबंधी प्रणालियों का गहनता से जायजा लिया। इसके अतिरिक्त, एडीजी एस. के. भगत ने गरीब छात्राओं को साइकिलें भी वितरित कीं।1
- जनपद फ़िरोज़ाबाद के टूंडला स्थित सुभाष चौराहे पर नगर पालिका द्वारा संचालित एक कूलिंग सेंटर में शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लग गई। सेंटर में ताला बंद होने की वजह से अंदर रखा सारा सामान जलकर राख हो गया और आग बुझाने या बचाव कार्य में भी देरी हुई। इस घटना के दौरान कोई भी जिम्मेदार अधिकारी समय पर मौके पर नहीं पहुँच सका। यात्रियों को राहत देने के उद्देश्य से स्थापित यह कूलिंग सेंटर नगर पालिका प्रशासन की घोर लापरवाही के कारण स्वयं ही हादसे का केंद्र बन गया। घटना ने सुरक्षा इंतजामों के सभी खोखले दावों को उजागर कर दिया, क्योंकि लाखों रुपये खर्च कर बनाए गए इस सेंटर में न तो फायर सेफ्टी के पर्याप्त इंतजाम थे और न ही इसकी नियमित जांच की जाती थी। बंद कमरे से आग की लपटें और धुआँ निकलता देख मौके पर अफरा-तफरी मच गई, और वहाँ जुटी भीड़ ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। इस हादसे ने प्रशासनिक दावों की असलियत सामने ला दी है। टूंडला नगर पालिका की घोर अनदेखी के चलते हुए इस अग्निकांड से यद्यपि एक बड़ा हादसा टल गया, फिर भी आसपास मौजूद लोग दहशत में आ गए। इस पूरे मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।1
- हाथरस जनपद में ईद-उल-अजहा (बकरीद) पर्व के मद्देनजर शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से बुधवार को जिलाधिकारी अतुल वत्स और पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने पुलिस बल के साथ फ्लैग मार्च किया। अधिकारियों ने सदर कोतवाली से माधुगढ़ी मस्जिद तक पैदल मार्च कर जिले में सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों से संवाद किया। उन्होंने सभी से पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और आपसी भाईचारे के साथ मनाने का आवाहन किया। जिलाधिकारी ने नागरिकों से शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने और सामाजिक समरसता बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील भी की। उन्होंने यह भी बताया कि पर्व को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली गई हैं। पुलिस अधीक्षक ने जानकारी दी कि पुलिस पूरी तरह से सतर्क और सक्रिय है, और संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।4
- जयपुर और चौमूं में ताबड़तोड़ छापेमारी के बाद कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने अचानक जोधपुर में धावा बोल दिया, जहां 50 करोड़ रुपये मूल्य का संदिग्ध मूंगफली बीज और कच्चा माल सील कर दिया गया। इस कार्रवाई के दौरान गुजरात जा रहे एक दस चक्का ट्रक को भी जब्त किया गया, जिसमें घटिया मूंगफली बीज भरा जा रहा था। मंत्री की बिना पूर्व सूचना के बीज निर्माण इकाइयों और कोल्ड स्टोरेज पर की गई इस कार्रवाई से पूरे शहर के प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। कृषि विभाग को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ शातिर अवैध बीज कारोबारी खुले बाजार से कम दाम पर साधारण खाने वाली वाणिज्यिक मूंगफली खरीदते हैं। बिना किसी वैज्ञानिक प्रमाणीकरण, ग्रेडिंग या रासायनिक उपचार के, वे इस मूंगफली को चमकीली थैलियों और ब्रांडेड बोतलों में पैक करके किसानों को महंगे और उच्च गुणवत्ता वाले प्रमाणित बीज के रूप में बेचकर करोड़ों का अवैध मुनाफा कमा रहे थे। मंत्री मीणा ने जब एक कोल्ड स्टोरेज और संबंधित फैक्ट्रियों पर छापा मारा, तो अधिकारियों ने इस 'काले कारोबार' की 'लाइव तस्वीरें' देखकर 'दंग' रह गए। पहली फैक्ट्री में दस्तावेजों, लाइसेंस और स्टॉक के मिलान में भारी विसंगतियां पाई गईं और करीब 50 करोड़ रुपये का अवैध रूप से डंप किया गया संदिग्ध मूंगफली बीज और कच्चा माल तत्काल सील करने का आदेश दिया गया। वहीं, दूसरी फैक्ट्री में मंत्री के आने की भनक लगते ही मुख्य संचालक और मालिक परिसर खुला छोड़कर फरार हो गया, जिसके बाद मंत्री ने पूरी फैक्ट्री को सील करने और साक्ष्यों की छेड़छाड़ रोकने के लिए पुलिस सुरक्षा तैनात करने का निर्देश दिया। कार्रवाई के बाद मीडिया और किसानों से बात करते हुए कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने स्पष्ट किया कि राजस्थान की भजनलाल सरकार किसानों की मेहनत की कमाई पर डाका डालने वाले ऐसे माफियाओं को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शेगी। उन्होंने 'मिलावटखोर और नकली बीज माफिया' को 'समाज के सबसे बड़े दुश्मन' बताते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण, प्रमाणित और वैज्ञानिक रूप से जाँचे गए बीज उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जब्त किए गए 50 करोड़ के पूरे स्टॉक के सैंपल तुरंत सरकारी लैबोरेट्री में जांच के लिए भेजे जा रहे हैं, और लैब रिपोर्ट में मिलावट या गैर-प्रमाणित होने की पुष्टि होते ही इन दोनों फैक्ट्रियों के मालिकों और उनके पूरे नेटवर्क के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर सीधे जेल भेजा जाएगा।1
- हाथरस के कैलोर चौराहे पर वीर योद्धा ठाकुर मलखान सिंह की प्रतिमा का अनावरण 29 मई 2026 को प्रस्तावित है। इस कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने के लिए सदर विधायक अंजुला सिंह माहौर, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाह, जिलाधिकारी अतुल वत्स और पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने मंगलवार को संयुक्त रूप से स्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल पर मंच व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंध, यातायात व्यवस्था, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, बैरिकेडिंग और आगंतुकों के बैठने की व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया। जिलाधिकारी ने सभी तैयारियों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के साथ ही कार्यक्रम में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न होने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि प्रतिमा का अनावरण उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह द्वारा किया जाएगा। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा, जबकि पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। इस अवसर पर पूर्व जिलाध्यक्ष गौरव आर्य, सांसद प्रतिनिधि राजेश उर्फ गुड्डू, मुख्य विकास अधिकारी, एडीएम वि./रा., एएसपी, एसडीएम सदर, सीओ पुलिस, जिला पर्यटन अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।4
- हाथरस गेट थाना क्षेत्र के इगलास रोड स्थित गांव जोगिया के पास वर्चस्व को लेकर दो गुटों में खूनी संघर्ष हो गया। एक मामूली कहासुनी देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई, जहाँ दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई और उस्तरे भी चले। इस घटना में एक ही पक्ष के दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया गया है कि यह खूनी भिड़ंत दोनों गुटों के बीच लंबे समय से चले आ रहे पुराने विवाद का परिणाम थी, जिसमें उस्तरे से वार करने का जान से मारने का इरादा था। संघर्ष की सूचना मिलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद मौके पर पहुँची पुलिस ने घायलों को उपचार के लिए तुरंत जिला अस्पताल भिजवाया। हालांकि, मामला अस्पताल पहुँचने के बाद भी शांत नहीं हुआ। जिला अस्पताल परिसर में दोनों गुट एक बार फिर आमने-सामने आ गए, जहाँ जमकर खिंचातानी और हंगामा हुआ। अस्पताल में हुई इस मारपीट और हंगामे से वहाँ मौजूद मरीजों और उनके तीमारदारों में दहशत फैल गई। आखिरकार, अस्पताल सुरक्षाकर्मियों ने किसी तरह हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को शांत कराया।1