कार सवार दबंगों का कहर: युवक समेत बुजुर्ग दंपति पर जानलेवा हमला, तीनों झांसी रेफर ललितपुर। सदर कोतवाली क्षेत्र के बुढ़वार रोड पर कार सवार दबंगों द्वारा एक युवक और उसके बुजुर्ग माता-पिता पर किए गए जानलेवा हमले से इलाके में सनसनी फैल गई। हमलावरों ने युवक पर लोहे की रॉड और लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। बीच-बचाव के लिए पहुंचे उसके बुजुर्ग माता-पिता को भी आरोपियों ने नहीं बख्शा और उनके साथ भी मारपीट कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों को गंभीर हालत में छोड़कर मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज ललितपुर भिजवाया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद तीनों की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर कर दिया। बताया जा रहा है कि घायल युवक के साथ-साथ उसके माता-पिता को भी गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है। हमले के कारणों का पता लगाया जा रहा है तथा आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है। पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलने के बाद साक्ष्यों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
कार सवार दबंगों का कहर: युवक समेत बुजुर्ग दंपति पर जानलेवा हमला, तीनों झांसी रेफर ललितपुर। सदर कोतवाली क्षेत्र के बुढ़वार रोड पर कार सवार दबंगों द्वारा एक युवक और उसके बुजुर्ग माता-पिता पर किए गए जानलेवा हमले से इलाके में सनसनी फैल गई। हमलावरों ने युवक पर लोहे की रॉड और लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। बीच-बचाव के लिए पहुंचे उसके बुजुर्ग माता-पिता को भी आरोपियों ने नहीं बख्शा और उनके साथ भी मारपीट कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों को गंभीर हालत में छोड़कर मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज ललितपुर भिजवाया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद तीनों की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर कर दिया। बताया जा रहा है कि घायल युवक के साथ-साथ उसके माता-पिता को भी गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है। हमले के कारणों का पता लगाया जा रहा है तथा आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है। पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलने के बाद साक्ष्यों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
- प्रतिबंधित खैर की लकड़ी बरामद, स्कूटी व ट्रैक्टर ट्राली की गई सीज शासन की मंशा एवं पर्यावरण संरक्षण के लिये संरक्षित वनक्षेत्र में अवैध कटान पर अंकुश लगाने की दिशा में ललितपुर जनपद की मड़ावरा रेंज में क्षेत्रीय वन अधिकारी मोहम्मद नदीम की कार्यशैली रंग दिखाती नजर आ रही है। बीते मंगलवार रात को जरिये मुखबिर सूचना पर जलंधर और सौरई के जंगलों में दबिश देते हुये वनविभाग टीम द्वारा एक ट्रैक्टर ट्रॉली में लदे 15 पेड़ खैर की लकड़ी बरामद की गई। इस बावत रेंजर मोहम्मद नदीम ने बताया कि मड़ावरा क्षेत्र में अवैध कटान के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कार्यवाही की गई है जिसमें खैर के अवैध कटान में लिप्त आरोपी शिवप्रताप पुत्र लोकेंद्र परमार निवासी ग्राम सौंरई थाना मड़ावरा और उसके चार अज्ञात साथी रात के अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गये। बरामद ट्रैक्टर ट्राली मय खैर की लकड़ी के अभिरक्षा में लेते हुये मामले में आवश्यक कार्यवाही वैधानिक की जा रही है साथ ही एक स्कूटी भी मौके से बरामद की गई जो अभियुक्त शिवप्रताप की बताई गई है।3
- क्या भटगोरा गांव के पर्यावरण प्रेमियों को मिलेगा न्याय या राजनीतिक षड्यंत्र में वन अधिकारी उठा लेंगे फायदा विधानसभा क्वेश्चन 590 के बाद अतिक्रमण पर वन विभाग क्यों मौन ,सीसीएफ को मिल गया अभयदान, *क्या भाटगोरा गांव के पर्यावरण प्रेमियों को मिलेगा न्याय या फिर राजनैतिक संडयंत्र में वन अधिकारी उठा लेंगे फायदा* *विधानसभा प्रश्न 590 के बाद बड़े अतिक्रमण पर वन विभाग क्यों है मौन? क्या वन विभाग के सीसीएफ को मिल गया अभयदान* *तत्कालीन विधायक खरगापुर का मुख्यमंत्री को दिया ज्ञापन क्या आएगा काम?* *क्या सही में अतिक्रमण है? या फिर राजनैतिक साजिश का शिकार हो रहा वन विभाग* विदित हो कि विगत वर्ष माह अक्टूबर 2025 से लगातार वन मंडल टीकमगढ़ अंतर्गत वन परिक्षेत्र जतारा में भाटगोरा ग्राम अंतर्गत बीट बारछी के कक्ष क्रमांक 338 ए और 338 बी में अतिक्रमण की लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं जिस पर तत्कालीन रेंजर श्री अहिरवार द्वारा तावड़तोड कार्यवाही करते हुए बुलडोजर बेदखली करके 90 हेक्टेयर (लगभग 250 एकड़ ) वन भूमि को सुरक्षित कराकर प्लांटेशन की योजना तैयार कर प्राप्त शिकायतों पर नियंत्रण किया गया था लेकिन राजनैतिक और विभागीय अंदरूनी उठापटक के चलते एक निर्भीक और ईमानदार रेंजर को निलंबन की कार्यवाही का शिकार होना पड़ा जिसका श्रेय सीसीएफ और डीएफओ को जाता है। लेकिन उसके बाद सुरक्षित की गई वन भूमि को सीसीएफ छतरपुर श्री नरेश सिंह यादव और डीएफओ टीकमगढ़ श्री राजाराम परमार एवं एसडीओ टीकमगढ़ मनीषा बघाड़े और जिनको रेंजर साहब को जतारा रेंज चलाने और पैसा कमाने के लिए अतिरिक्त प्रभार दिया गया था वो वन भूमि पर अतिक्रमण और उत्खनन बचाने में असफल साबित हुए उल्टा उनके द्वारा अतिक्रमण मुक्त वन भूमि को फिर से अतिक्रमणकारियों के हवाले करके मोटी कमाई कर ली गई।जिसके बाद स्थानीय जनता में आक्रोश और असंतोष व्याप्त है जिसके चलते एक शिकायतकर्ता मनीराम यादव निवासी भटगोरा के द्वारा एक वीडियो जारी करके सीसीएफ और डीएफओ की पोल खोली गई जिसमें मनीराम यादव कह रहा है कि सीसीएफ छतरपुर श्री नरेश सिंह यादव और उनके बाबू के साथ एसडीओ टीकमगढ़ और रेंजर टीकमगढ़ के द्वारा किए गए नियम विरुद्ध कार्यों के लिए खरगापुर विधायक महोदय द्वारा विधानसभा प्रश्न क्रमांक 590 लगाया गया था जिसके एवज में प्रश्न पर जानकारी और सदन में चर्चा नहीं करने के लिए सीसीएफ छतरपुर की विधायक खरगापुर से इस बात की डीलिंग हुई थी कि जितना अतिक्रमण हमारे लोगो का हटाया गया उस पर और उससे ज्यादा वन भूमि पर फिर से कब्जा करने दिया जाए और कोई कार्यवाही नहीं की जाए जिसकी सहमति के बाद प्रश्न पर चर्चा नहीं हो सकी और जैसे ही इसकी भनक भटगोरा वासियों को लगी तो फिर से अतिक्रमण हटाने के लिए रेंज से लेकर वन वृत्त छतरपुर तक अतिक्रमण हटाने के लिए आवेदन देने दौड़ने लगे और कई सीएम हेल्पलाइन शिकायतें भी करने लगे जब उनकी सुनवाई नहीं हुई तो विधायक खरगापुर और सीसीएफ छतरपुर की मिली भगत होने की ख़बर का वीडियो वायरल कर दिया जिससे टीकमगढ़ से लेकर भोपाल तक अधिकरियों में खलबली मची हुई है।1
- वन विभाग की बड़ी कार्रवाई : खैर की अवैध लकड़ी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़ी, वाहन सहित लकड़ी सीज रात में हुई कार्रवाई से अवैध कटान और लकड़ी परिवहन से जुड़े लोगों में हड़कंप,पूर्व में भी प्रतिबंधित लकड़ी पकड़े जाने की चर्चा इन्द्रपाल सिंह'प्रिइन्द्र' ललितपुर। जनपद के मड़ावरा क्षेत्र में वन विभाग ने अवैध रूप से काटी गई बहुमूल्य खैर की लकड़ी के परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लकड़ी से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़कर सीज कर दिया। वन विभाग की इस कार्रवाई से जंगलों में अवैध कटान करने वाले लोगों और लकड़ी के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। विभाग ने जब्त वाहन और लकड़ी को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार सोंरई-जलंधर वन रेंज क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रूप से खैर की लकड़ी के परिवहन की सूचनाएं वन विभाग को मिल रही थीं। इसी क्रम में विभाग को गुप्त सूचना मिली कि एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में खैर की अवैध लकड़ी ले जाई जा रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए मड़ावरा के क्षेत्रीय वन अधिकारी ने अपनी टीम के साथ मंगलवार रात करीब 9 बजे अभियान चलाया। वन विभाग की टीम ने संदिग्ध महिंद्रा ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोककर उसकी जांच की। जांच के दौरान ट्रॉली में बड़ी मात्रा में खैर की लकड़ी बरामद हुई। विभागीय अधिकारियों के अनुसार लकड़ी अवैध रूप से काटे गए खैर के लगभग 14 से 15 पेड़ों की बताई जा रही है। खैर की लकड़ी को वन विभाग ने बहुमूल्य वन संपदा की श्रेणी में रखते हुए तत्काल कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान वन विभाग की टीम को देखकर मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बताया जा रहा है कि संबंधित लोग मौके से निकल गए। इसके बाद वन विभाग ने बिना देरी किए ट्रैक्टर-ट्रॉली और उसमें लदी लकड़ी को अपने कब्जे में ले लिया। जब्त वाहन और लकड़ी को मड़ावरा स्थित क्षेत्रीय वन अधिकारी कार्यालय परिसर में सुरक्षित रखवा दिया गया है। लकड़ी के स्रोत और कटान स्थल की जांच जारी वन विभाग अब इस पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है। विभाग द्वारा यह पता लगाया जा रहा है कि खैर की लकड़ी किस स्थान से काटी गई, इसे कहां ले जाया जा रहा था और इस अवैध गतिविधि में कौन-कौन लोग शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ वन अधिनियम सहित अन्य संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जाएगी। पूर्व में भी प्रतिबंधित लकड़ी पकड़े जाने की चर्चा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जिस ट्रैक्टर-ट्रॉली को वर्तमान कार्रवाई में पकड़ा गया है, उसके मालिक के वाहन से पूर्व में भी प्रतिबंधित लकड़ी बरामद होने की बात सामने आई थी। बताया जा रहा है कि उस मामले में विभाग द्वारा करीब 1.75 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। हालांकि इस संबंध में विभागीय स्तर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। जब्त वाहन छुड़ाने के प्रयासों की रही चर्चा वहीं विभागीय सूत्रों के अनुसार कार्रवाई के बाद कुछ स्थानीय लोगों द्वारा जब्त ट्रैक्टर-ट्रॉली को छुड़ाने के प्रयास किए जाने की चर्चा रही। हालांकि वन विभाग ने नियमों के अनुसार कार्रवाई जारी रखते हुए वाहन और लकड़ी को अपने कब्जे में रखा। वन विभाग की इस कार्रवाई को अवैध लकड़ी कारोबार पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। क्षेत्र में लगातार हो रहे वन संपदा के नुकसान को देखते हुए विभाग ने अवैध कटान और लकड़ी परिवहन के खिलाफ अभियान तेज करने के संकेत दिए हैं। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जंगलों की सुरक्षा और वन संपदा को बचाने के लिए निगरानी लगातार जारी रहेगी। अवैध कटान या तस्करी में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।3
- कार सवार दबंगों का कहर: युवक समेत बुजुर्ग दंपति पर जानलेवा हमला, तीनों झांसी रेफर ललितपुर। सदर कोतवाली क्षेत्र के बुढ़वार रोड पर कार सवार दबंगों द्वारा एक युवक और उसके बुजुर्ग माता-पिता पर किए गए जानलेवा हमले से इलाके में सनसनी फैल गई। हमलावरों ने युवक पर लोहे की रॉड और लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। बीच-बचाव के लिए पहुंचे उसके बुजुर्ग माता-पिता को भी आरोपियों ने नहीं बख्शा और उनके साथ भी मारपीट कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों को गंभीर हालत में छोड़कर मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज ललितपुर भिजवाया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद तीनों की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर कर दिया। बताया जा रहा है कि घायल युवक के साथ-साथ उसके माता-पिता को भी गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है। हमले के कारणों का पता लगाया जा रहा है तथा आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है। पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलने के बाद साक्ष्यों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।1