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बिहार में शराबबंदी की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं, जिसमें सीधे तौर पर पूछा गया है कि क्या राज्य का प्रशासन भी तारी दारू का सेवन करता है। इस पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए यह जानने की कोशिश की गई है कि क्या बिहार में वास्तव में शराबबंदी प्रभावी रूप से लागू है।
Reporter Seraj
बिहार में शराबबंदी की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं, जिसमें सीधे तौर पर पूछा गया है कि क्या राज्य का प्रशासन भी तारी दारू का सेवन करता है। इस पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए यह जानने की कोशिश की गई है कि क्या बिहार में वास्तव में शराबबंदी प्रभावी रूप से लागू है।
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- बिहार में शराबबंदी की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं, जिसमें सीधे तौर पर पूछा गया है कि क्या राज्य का प्रशासन भी तारी दारू का सेवन करता है। इस पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए यह जानने की कोशिश की गई है कि क्या बिहार में वास्तव में शराबबंदी प्रभावी रूप से लागू है।1
- हाजीपुर में एक मरीज की मौत के बाद इलाके में भारी बवाल खड़ा हो गया है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि डॉक्टर ने मरीज का इलाज करने से पहले उसकी जाति पूछी थी। इस गंभीर आरोप को लेकर लोगों में गहरा आक्रोश है, और वे इस स्थिति के लिए जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं, साथ ही यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि आखिर इस हालात का जिम्मेदार कौन है?1
- झंझारपुर के निवासियों को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ी सौगात मिली है। एसबीआई एटीएम के निकट डॉ. मोहम्मद रिजवान अहमद (MBBS, MD) के नए क्लिनिक का शुभारंभ किया गया है, जिससे क्षेत्र में विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ गई है। डॉ. रिजवान अहमद डायबिटीज, छाती (श्वास) रोग, हाई ब्लड प्रेशर, थायरॉइड और गठिया जैसी विभिन्न सामान्य एवं जटिल बीमारियों के विशेषज्ञ चिकित्सक हैं। उनके क्लिनिक में ओपीडी की सेवाएं सोमवार और गुरुवार को सुबह 9:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक उपलब्ध रहेंगी। यह क्लिनिक झंझारपुर, मधुबनी (बिहार) में एसबीआई एटीएम के ठीक पास स्थित है।1
- बिहार के नयागाँव क्षेत्र में भारी जलजमाव की स्थिति है। स्थानीय लोगों में चिंता है कि इस भरे हुए पानी की निकासी कब तक हो पाएगी, और यह भी कहा जा रहा है कि इसमें काफी देरी हो सकती है।1
- मधुबनी जिले के बासोपट्टी थाना क्षेत्र के उछाल गांव में 22 जून को हुई 50 लाख रुपये के गहने और नकदी की चोरी का पुलिस ने पांच दिनों के भीतर सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने एक नाबालिग सहित कुल तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। सोमवार को जयनगर डीएसपी सदानंद कुमार ने बासोपट्टी थाना परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता में इस घटना का खुलासा करते हुए बताया कि थानाध्यक्ष कार्तिक भगत के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था, जिसने तेजी से कार्रवाई की। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि यह चोरी किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि भतीजे ने अपने चाचा के घर में की थी।1
- मधुबनी जिले के बसोपट्टी क्षेत्र में चाचा के घर हुई 50 लाख रुपये की चोरी के मामले का खुलासा सिर्फ 5 दिनों के भीतर कर लिया गया है। इस चोरी का खुलासा स्वयं पीड़ित के भतीजे ने किया, जिसके बाद एक नाबालिग सहित कुल तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपितों के पास से चोरी की गई नकदी, जेवर, मोबाइल फोन और लेन-देन में इस्तेमाल किया गया एक अन्य फोन भी बरामद किया है।1
- मधुबनी के गंगासागर चौक पर समाजसेवी इंद्रशेखर झा के आवास पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में मैथिल परशुराम सेना ने भरत भूषण तिवारी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। संगठन के सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत भरत भूषण तिवारी को श्रद्धासुमन चढ़ाए। इस अवसर पर सभा में मौजूद सभी सदस्यों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और अपनी संवेदनाएँ प्रकट कीं।1
- दरभंगा जिले के बहादुरपुर थाना क्षेत्र स्थित बहादुरपुर देकुली पंचायत के वार्ड 3 से एक चौंकाने वाली और कड़वी तस्वीर सामने आई है। यहां सड़क-नाला निर्माण के शिलापट्ट के ठीक नीचे नशीली दवाओं की खाली बोतलें बिखरी मिली हैं, जो विकास के दावों के बीच युवाओं के बर्बाद होते भविष्य की कड़वी हकीकत बयां करती हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जहां लाखों के विकास का पत्थर लगा है, वहीं विनाश का सामान बिखरा पड़ा है। यह ग्रामीण इलाका अब सरकारी अनदेखी और नशे के सौदागरों का गढ़ बनता जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, दिन में भले ही सन्नाटा रहता हो, लेकिन शाम ढलते ही यह जगह नशेड़ियों का अड्डा बन जाती है। ग्रामीणों ने खुलकर आरोप लगाया है कि खुलेआम नशीली सिरप और दवाओं का खेल चल रहा है, लेकिन बहादुरपुर थाना पुलिस गहरी नींद में सोई है और पुलिस गश्त न होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में ड्रग माफिया तेजी से अपने पैर पसार रहा है। ग्रामवासियों का सवाल है कि आखिर बहादुरपुर पुलिस इस कड़वी हकीकत से अनजान क्यों है और क्या किसी बड़ी वारदात के बाद ही प्रशासन की नींद खुलेगी? देकुली पंचायत के वार्ड 3 की ये तस्वीरें यह चीख-चीख कर कह रही हैं कि अगर समय रहते इस नशे के सिंडिकेट को नहीं तोड़ा गया, तो विकास के ये शिलापट्ट सिर्फ बर्बादी के गवाह बनकर रह जाएंगे। ग्रामीणों ने सीधे तौर पर प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाया है।1