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Ganga Nadi ka Pani bahut teji se badh Raha Hai har ghar mein ghus chuka hai is samay
Om Prakash Prajapati
Ganga Nadi ka Pani bahut teji se badh Raha Hai har ghar mein ghus chuka hai is samay
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- कौशाम्बी। मनौरी पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के बाद पुलिस प्रशासन ने जिलेभर में पटाखा गोदामों और कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में पुलिस ने संदीपन घाट थाना क्षेत्र के मूरतगंज स्थित आदिल के गोदाम पर छापेमारी की। पुलिस की छापेमारी के दौरान गोदाम से भारी मात्रा में पटाखे और विस्फोटक सामग्री बरामद होने की बात सामने आई है। बरामद सामग्री को पुलिस ने कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। गोदाम में पटाखों के भंडारण और उससे जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। मनौरी में हुए हादसे के बाद प्रशासन ने जिले में पटाखों के अवैध भंडारण और निर्माण के खिलाफ सख्ती बढ़ा दी है। पुलिस की टीम अलग-अलग स्थानों पर पटाखा गोदामों की जांच कर रही है। कार्रवाई से पटाखा कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है।1
- पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट के बाद ताबड़तोड़ कार्यवाही कई ठिकानो पर छापा #कौशाम्बी कौशाम्बी। पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट मामले में पुलिस की ताबड़तोड़ कार्यवाही। संदीपन घाट थाना क्षेत्र अन्तर्गत मुरतगंज के शेरगढ़ में भरवारी रोड़ पर स्थित नौशाद अली की पत्नी के नाम पर एक प्रॉपर्टी में अवैध पटाखा गोदाम बना रखा गया। छापेमारी में इस गोदाम से भरी मात्रा में विस्फोटक सामग्री प्राप्त हुआ। जिसे पुलिस द्वारा कब्जे में लेकर सुरक्षित स्थान पर लेजाकर नष्ट करवाया गया और गोदाम पर बुलडोजर की कार्यवाही करते हुए पूरे गोदाम को ध्वस्त किया गया है इस घटना के बाद एक बार फिर यही सवाल उत्पन्न होता है की आखिर मोहम्मद आदिल और उसके पिता नौशाद अली की कितनी गोदाम और है जहां पर उसने पटाखों और विस्फोटक का जकीरा छुपा रखा है।2
- दीवान का लकड़ी कारोबारी से कथित लेनदेन का वीडियो वायरल, वसूली के आरोप कड़ाधाम 👉👉कड़ाधाम थाना क्षेत्र की अलीपुर चौकी में तैनात दीवान राजदेव सरोज का कथित तौर पर लकड़ी माफिया से रुपये लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। वीडियो में कथित रूप से दीवान द्वारा रुपये लिए जाने का दृश्य दिखाई दे रहा है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि दीवान राजदेव सरोज चौकी क्षेत्र में घूम-घूमकर अवैध कारोबारियों से कथित वसूली करते हैं। लोगों के मुताबिक लकड़ी के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों से भी लेनदेन की शिकायतें सामने आती रही हैं। वीडियो वायरल होने के बाद अब पुलिस अधिकारियों से मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग उठने लगी है। सवाल यह भी है कि यदि वीडियो सही है तो पुलिसकर्मी किसके निर्देश पर और किस एवज में रुपये ले रहा था। अब देखना है कि पुलिस विभाग वायरल वीडियो की जांच कर दीवान के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है।1
- ऊँचाहार में आयोजित होने वाली महाशिव पुराण कथा के लिए कैबिनेट मंत्री डॉ. मनोज पाण्डेय ने केंद्रीय मंत्रियों नितिन गडकरी व प्रह्लाद जोशी को दिया निमंत्रण रायबरेली : उत्तर प्रदेश के ऊँचाहार (जनपद रायबरेली) में आगामी 11 सितंबर से 17 सितंबर तक आयोजित होने वाली भव्य महाशिव पुराण कथा की तैयारियाँ ज़ोरों पर हैं। इस पावन अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. मनोज पाण्डेय ने नई दिल्ली में भारत सरकार के वरिष्ठ केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी तथा केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी से सौहार्दपूर्ण एवं आत्मीय भेंट की। मुलाकात के दौरान डॉ. मनोज पाण्डेय ने दोनों केंद्रीय मंत्रियों को कथा व्यास पूज्य पंडित प्रदीप मिश्रा जी के श्रीमुख से संपन्न होने वाली इस दिव्य ‘महाशिव पुराण कथा’ में सम्मिलित होने का पावन निमंत्रण पत्र सौंपा। कथा आयोजन की जानकारी मिलते ही दोनों माननीय मंत्रियों ने अपार प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने इस धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजन की सराहना करते हुए कार्यक्रम में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराने का हर संभव प्रयास करने का आश्वासन दिया। कैबिनेट मंत्री डॉ. मनोज पाण्डेय ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि बाबा भोलेनाथ की असीम कृपा से यह दिव्य आयोजन जन-जन के जीवन में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करे। इस आयोजन को लेकर क्षेत्र के श्रद्धालु भक्तों में भारी उत्साह और हर्ष का माहौल है1
- जिंदगी की जीत': तीन दिन तक आपदा के बीच संघर्ष करती रही बच्ची, सुरक्षार्मिकों ने बचाई जान,, नेपाल के रसुवा जिले के टिमोरे गांव से एक बेहद चमत्कारी और इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ कुदरत के कहर के बीच जिंदगी ने मौत को मात दे दी। लगातार तीन दिनों तक आपदा के गहरे और खतरनाक कीचड़ में दबी रहने के बावजूद छह साल की एक मासूम बच्ची को नेपाल के सुरक्षा बलों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। यह घटना किसी किसी चमत्कार से कम नहीं है, जहां तीन दिन तक मौत को पीछे हटना पड़ा और अंततः जिंदगी की जीत हुई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले नेपाल में आए भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई थी। टिमोरे गांव में इस प्राकृतिक आपदा के चलते मलबे और कीचड़ का अंबार लग गया था, जिसकी चपेट में कई घर आ गए थे। इसी मलबे के नीचे छह साल की मनीषा दब गई थी। शुरुआती दो दिनों तक किसी को अंदाजा नहीं था कि इस भारी तबाही और कीचड़ के सैलाब में कोई जीवित बचा भी होगा या नहीं। जैसे ही मौसम थोड़ा साफ हुआ और राहत व बचाव कार्य में तेजी लाई गई, नेपाल के सुरक्षा बलों ने अपनी जान जोखिम में डालकर मलबे को हटाना शुरू किया। खोजबीन के दौरान जवानों को एक जगह से बेहद कमजोर और धीमी आवाज सुनाई दी। जब सुरक्षा बलों ने उस स्थान पर सावधानीपूर्वक कीचड़ और मलबे को हटाया, तो वे छह साल की मनीषा को वहां जीवित देखकर हैरान रह गए। लगातार बेहतर तालमेल और सूझबूझ से चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। तीन दिनों तक बिना किसी भोजन, पानी और ऑक्सीजन के भारी मलबे के नीचे दबे रहने के बाद भी बच्ची का जीवित बचना चिकित्सा जगत और बचाव कर्मियों के लिए भी एक अविश्वासनीय घटना है। प्राथमिक उपचार के तुरंत बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। इस चमत्कारिक बचाव ने आपदा पीड़ितों के दिलों में एक नई उम्मीद जगा दी है और नेपाल सुरक्षा बलों के अदम्य साहस ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि आखिरी सांस तक उम्मीद का दामन नहीं छोड़ना चाहिए।1
- *कौशाम्बी* *एक महीने से जलभराव, आश्वासन निकला खोखला; ग्रामीणों ने डीएम से लगाई गुहार* सिराथू तहसील के मोंगरीकड़ा गांव में पिछले एक महीने से जलनिकासी ठप होने के कारण पूरे गांव में गंदा पानी भरा है। हालात इतने खराब हैं कि स्कूली बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो गया है, जबकि ग्रामीण संक्रामक बीमारियों के खतरे के बीच जीवन बिताने को मजबूर हैं आरोप है कि ग्राम प्रधान और ग्राम सेवक ने कई बार आश्वासन दिया, लेकिन आज तक एक फावड़ा भी नहीं चला ग्रामीणों के अनुसार करीब 15 दिन पहले ग्राम प्रधान यशवंत तिवारी और ग्राम सेवक जितेन्द्र प्रकाश त्रिपाठी ने जेसीबी से खुदाई कर एक-दो दिन में जलनिकासी शुरू कराने तथा पांच दिन के भीतर नाला निर्माण शुरू कराने का भरोसा दिया था। लेकिन समय बीतने के बावजूद न तो जेसीबी पहुंची और न ही नाला निर्माण का काम शुरू हुआ गांव की गलियों में भरे गंदे पानी से लोगों का निकलना दूभर हो गया है बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और मच्छरों व गंदगी के कारण डेंगू, मलेरिया समेत अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ गया है आक्रोशित ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था कराने और लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। *बड़ा सवाल* *जब एक महीने से गांव पानी में डूबा है, तो आखिर जिम्मेदारों के आश्वासन कागज से जमीन पर कब उतरेंगे?* रिपोर्ट सत्यम कुमार कुशवाहा1
- कौशाम्बी। जनपद के विद्युत उपकेंद्र दारानगर से नगर पंचायत दारानगर होते हुए नवावा गांव को जाने वाली 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन पर मूसलाधार बारिश के दौरान महुआ का पेड़ गिर गया। पेड़ के विद्युत तारों पर गिरने से नवावा गांव की बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई और ग्रामीणों को रातभर अंधेरे में रहना पड़ा। सुबह विद्युत आपूर्ति बाधित होने की सूचना विद्युत उपकेंद्र दारानगर में मौजूद कर्मचारियों को दी गई। सूचना मिलते ही लाइनमैन जय सिंह और अमित त्रिपाठी मौके पर पहुंचे और विद्युत लाइन में आई खराबी को दुरुस्त करने का कार्य शुरू किया। विद्युत कर्मियों की तत्परता से पेड़ को हटाकर लाइन को ठीक कराया गया, जिसके बाद नवावा गांव की बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से बहाल हो सकी।1
- अलावलपुर-रायबरेली मुख्य मार्ग पर जलभराव, उखड़ी सड़क से राहगीर परेशान जगतपुर, रायबरेली। अलावलपुर से रायबरेली जाने वाले मुख्य मार्ग पर जलभराव और उखड़ी सड़क के कारण राहगीरों व वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के बाद सड़क पर जगह-जगह पानी जमा हो गया है, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है। सड़क की खराब स्थिति के चलते वाहन चालकों को जलभराव के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। पानी जमा होने के कारण सड़क में बने गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे दोपहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। कई स्थानों पर सड़क की गिट्टियां उखड़ चुकी हैं और मार्ग पर कीचड़ भी जमा है। पैदल राहगीरों को भी पानी और कीचड़ के बीच से आवागमन करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मुख्य मार्ग होने के बावजूद सड़क की हालत लंबे समय से खराब है। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश होते ही सड़क पर पानी भर जाता है। इससे ग्रामीणों के साथ-साथ रोजाना आने-जाने वाले लोगों को दिक्कत होती है। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने संबंधित विभाग से जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने तथा सड़क की शीघ्र मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि आवागमन सुचारु हो सके।1
- आदेश के बावजूद अझुवा में खुले रहे कई विद्यालय, नौनिहालों की सुरक्षा से खिलवाड़ का आरोप अझुवा कौशाम्बी👉👉मौसम विभाग द्वारा अतिवृष्टि की संभावना और लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कौशाम्बी ने कक्षा 01 से 08 तक के सभी परिषदीय एवं मान्यता/सहायता प्राप्त अंग्रेजी-हिन्दी माध्यम विद्यालयों में 02 सितंबर 2026 को रेन-डे अवकाश घोषित किया है। इसके बावजूद नगर पंचायत अझुवा क्षेत्र में प्रतिष्ठित लिटिल ब्लॉसम्स कांवेंट विद्यालय खुले रहने की शिकायत सामने आई है जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी कार्यालय ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि लगातार बारिश और विद्यालय परिसरों में जलभराव के कारण छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को दुर्घटना से बचाने और उनकी सुरक्षा के दृष्टिगत 02 सितंबर को कक्षा 1 से 8 तक के विद्यालयों में अवकाश घोषित किया जाता है।आदेश का कठोरता से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।इसके बावजूद अझुवा का प्रतिष्ठित लिटिल ब्लॉसम्स एवम कुछ विद्यालयों के खुले रहने की बात सामने आने से सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर जिला स्तर से जारी आदेश के बाद भी विद्यालय संचालक किसके आदेश पर स्कूल खोल रहे हैं? क्या इन विद्यालयों के लिए कोई अलग से आदेश जारी किया गया है? यदि नहीं, तो जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा ऐसे विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही?बारिश के बीच विद्यालय आने-जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में भी चिंता है। लोगों का कहना है कि जब प्रशासन ने खराब मौसम और जलभराव की आशंका को देखते हुए छुट्टी घोषित की है तो आदेश का पालन कराया जाना चाहिए।अभिभावकों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से मामले की जांच कराकर आदेश की अवहेलना करने वाले विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए। सवाल यह भी है कि यदि किसी अनहोनी के बाद कार्रवाई होगी तो उसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी?2