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कौशाम्बी। जनपद के विद्युत उपकेंद्र दारानगर से नगर पंचायत दारानगर होते हुए नवावा गांव को जाने वाली 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन पर मूसलाधार बारिश के दौरान महुआ का पेड़ गिर गया। पेड़ के विद्युत तारों पर गिरने से नवावा गांव की बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई और ग्रामीणों को रातभर अंधेरे में रहना पड़ा। सुबह विद्युत आपूर्ति बाधित होने की सूचना विद्युत उपकेंद्र दारानगर में मौजूद कर्मचारियों को दी गई। सूचना मिलते ही लाइनमैन जय सिंह और अमित त्रिपाठी मौके पर पहुंचे और विद्युत लाइन में आई खराबी को दुरुस्त करने का कार्य शुरू किया। विद्युत कर्मियों की तत्परता से पेड़ को हटाकर लाइन को ठीक कराया गया, जिसके बाद नवावा गांव की बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से बहाल हो सकी।

6 hrs ago
user_कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज
कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज
सिराथू, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
6 hrs ago

कौशाम्बी। जनपद के विद्युत उपकेंद्र दारानगर से नगर पंचायत दारानगर होते हुए नवावा गांव को जाने वाली 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन पर मूसलाधार बारिश के दौरान महुआ का पेड़ गिर गया। पेड़ के विद्युत तारों पर गिरने से नवावा गांव की बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई और ग्रामीणों को रातभर अंधेरे में रहना पड़ा। सुबह विद्युत आपूर्ति बाधित होने की सूचना विद्युत उपकेंद्र दारानगर में मौजूद कर्मचारियों को दी गई। सूचना मिलते ही लाइनमैन जय सिंह और अमित त्रिपाठी मौके पर पहुंचे और विद्युत लाइन में आई खराबी को दुरुस्त करने का कार्य शुरू किया। विद्युत कर्मियों की तत्परता से पेड़ को हटाकर लाइन को ठीक कराया गया, जिसके बाद नवावा गांव की बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से बहाल हो सकी।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • आदेश के बावजूद अझुवा में खुले रहे कई विद्यालय, नौनिहालों की सुरक्षा से खिलवाड़ का आरोप अझुवा कौशाम्बी👉👉मौसम विभाग द्वारा अतिवृष्टि की संभावना और लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कौशाम्बी ने कक्षा 01 से 08 तक के सभी परिषदीय एवं मान्यता/सहायता प्राप्त अंग्रेजी-हिन्दी माध्यम विद्यालयों में 02 सितंबर 2026 को रेन-डे अवकाश घोषित किया है। इसके बावजूद नगर पंचायत अझुवा क्षेत्र में प्रतिष्ठित लिटिल ब्लॉसम्स कांवेंट विद्यालय खुले रहने की शिकायत सामने आई है जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी कार्यालय ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि लगातार बारिश और विद्यालय परिसरों में जलभराव के कारण छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को दुर्घटना से बचाने और उनकी सुरक्षा के दृष्टिगत 02 सितंबर को कक्षा 1 से 8 तक के विद्यालयों में अवकाश घोषित किया जाता है।आदेश का कठोरता से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।इसके बावजूद अझुवा का प्रतिष्ठित लिटिल ब्लॉसम्स एवम कुछ विद्यालयों के खुले रहने की बात सामने आने से सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर जिला स्तर से जारी आदेश के बाद भी विद्यालय संचालक किसके आदेश पर स्कूल खोल रहे हैं? क्या इन विद्यालयों के लिए कोई अलग से आदेश जारी किया गया है? यदि नहीं, तो जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा ऐसे विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही?बारिश के बीच विद्यालय आने-जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में भी चिंता है। लोगों का कहना है कि जब प्रशासन ने खराब मौसम और जलभराव की आशंका को देखते हुए छुट्टी घोषित की है तो आदेश का पालन कराया जाना चाहिए।अभिभावकों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से मामले की जांच कराकर आदेश की अवहेलना करने वाले विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए। सवाल यह भी है कि यदि किसी अनहोनी के बाद कार्रवाई होगी तो उसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी?
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    आदेश के बावजूद अझुवा में खुले रहे कई विद्यालय, नौनिहालों की सुरक्षा से खिलवाड़ का आरोप

अझुवा कौशाम्बी👉👉मौसम विभाग द्वारा अतिवृष्टि की संभावना और लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कौशाम्बी ने कक्षा 01 से 08 तक के सभी परिषदीय एवं मान्यता/सहायता प्राप्त अंग्रेजी-हिन्दी माध्यम विद्यालयों में 02 सितंबर 2026 को रेन-डे अवकाश घोषित किया है। इसके बावजूद नगर पंचायत अझुवा क्षेत्र में प्रतिष्ठित लिटिल ब्लॉसम्स कांवेंट विद्यालय खुले रहने की शिकायत सामने आई है जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी कार्यालय ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि लगातार बारिश और विद्यालय परिसरों में जलभराव के कारण छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को दुर्घटना से बचाने और उनकी सुरक्षा के दृष्टिगत 02 सितंबर को कक्षा 1 से 8 तक के विद्यालयों में अवकाश घोषित किया जाता है।आदेश का कठोरता से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।इसके बावजूद अझुवा का प्रतिष्ठित लिटिल ब्लॉसम्स एवम कुछ विद्यालयों के खुले रहने की बात सामने आने से सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर जिला स्तर से जारी आदेश के बाद भी विद्यालय संचालक किसके आदेश पर स्कूल खोल रहे हैं? क्या इन विद्यालयों के लिए कोई अलग से आदेश जारी किया गया है? यदि नहीं, तो जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा ऐसे विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही?बारिश के बीच विद्यालय आने-जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में भी चिंता है। लोगों का कहना है कि जब प्रशासन ने खराब मौसम और जलभराव की आशंका को देखते हुए छुट्टी घोषित की है तो आदेश का पालन कराया जाना चाहिए।अभिभावकों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से मामले की जांच कराकर आदेश की अवहेलना करने वाले विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए। सवाल यह भी है कि यदि किसी अनहोनी के बाद कार्रवाई होगी तो उसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी?
    user_सन्त लाल मौर्य पत्रकार
    सन्त लाल मौर्य पत्रकार
    Media and information sciences faculty सिराथू, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • बाढ़ की वजह से तालाब से निकलकर मछलियां सड़कों पर देखने को मिली है बारिश ज्यादा होने की वजह से गांव में बाढ़ के जैसे हालात हो गया और मछलियां सड़क पर देखने को मिली
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    बाढ़ की वजह से तालाब से निकलकर मछलियां सड़कों पर देखने को मिली है 
बारिश ज्यादा होने की वजह से गांव में बाढ़ के जैसे हालात हो गया और मछलियां सड़क पर देखने को मिली
    user_Razi Ahmad siddiqui
    Razi Ahmad siddiqui
    Political party office मंझनपुर, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • मिट्टी की दीवार गिरने से चार बकरियों की मौत, एक घायल बारिश के चलते रात में भरभराकर मिट्टी की दीवार गिरने से चार बकरियों की मौत, एक घायल बारिश के चलते रात में भरभराकर गिरी दीवार, मलबे में दब गईं पांच बकरियां कौशांबी। मंझनपुर तहसील क्षेत्र के लोहकट गांव में मंगलवार देर रात बारिश के चलते मिट्टी की दीवार भरभराकर गिर गई। दीवार के मलबे में दबने से चार बकरियों की मौत हो गई, जबकि एक बकरी गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे में पशुपालक को हजारों रुपये का नुकसान हुआ है। लोहकट गांव निवासी राजाराम निषाद पुत्र स्व. छेदी निषाद पशुपालन कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। राजाराम के अनुसार, पिछले करीब एक सप्ताह से रुक-रुककर बारिश हो रही थी। मंगलवार रात करीब तीन बजे पशुओं के पास बनी मिट्टी की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। उस समय पांच बकरियां दीवार के पास बंधी थीं, जो मलबे में दब गईं। दीवार गिरने की आवाज सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने आनन-फानन में मलबा हटाकर बकरियों को बाहर निकाला। हादसे में चार बकरियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक बकरी गंभीर रूप से घायल मिली। घटना के बाद पशुपालक के परिवार में मायूसी छा गई। पीड़ित ने प्रशासन से नुकसान का आकलन कर उचित आर्थिक सहायता दिलाए जाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण गांव में कई कच्चे मकान और मिट्टी की दीवारें जर्जर हो चुकी हैं, जिससे हादसे का खतरा बना हुआ है।
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    मिट्टी की दीवार गिरने से चार बकरियों की मौत, एक घायल

बारिश के चलते रात में भरभराकर
मिट्टी की दीवार गिरने से चार बकरियों की मौत, एक घायल
बारिश के चलते रात में भरभराकर गिरी दीवार, मलबे में दब गईं पांच बकरियां
कौशांबी। मंझनपुर तहसील क्षेत्र के लोहकट गांव में मंगलवार देर रात बारिश के चलते मिट्टी की दीवार भरभराकर गिर गई। दीवार के मलबे में दबने से चार बकरियों की मौत हो गई, जबकि एक बकरी गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे में पशुपालक को हजारों रुपये का नुकसान हुआ है।
लोहकट गांव निवासी राजाराम निषाद पुत्र स्व. छेदी निषाद पशुपालन कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। राजाराम के अनुसार, पिछले करीब एक सप्ताह से रुक-रुककर बारिश हो रही थी। मंगलवार रात करीब तीन बजे पशुओं के पास बनी मिट्टी की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। उस समय पांच बकरियां दीवार के पास बंधी थीं, जो मलबे में दब गईं।
दीवार गिरने की आवाज सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने आनन-फानन में मलबा हटाकर बकरियों को बाहर निकाला। हादसे में चार बकरियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक बकरी गंभीर रूप से घायल मिली।
घटना के बाद पशुपालक के परिवार में मायूसी छा गई। पीड़ित ने प्रशासन से नुकसान का आकलन कर उचित आर्थिक सहायता दिलाए जाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण गांव में कई कच्चे मकान और मिट्टी की दीवारें जर्जर हो चुकी हैं, जिससे हादसे का खतरा बना हुआ है।
    user_संजय सिंह पत्रकार
    संजय सिंह पत्रकार
    मंझनपुर, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • राजू सेक्टर अध्यक्ष म्योहर कौशांबी बीएसपी म्योहर ग्राम पंचायत अध्यक्ष
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    राजू सेक्टर अध्यक्ष म्योहर कौशांबी बीएसपी म्योहर ग्राम पंचायत अध्यक्ष
    user_Raju
    Raju
    मंझनपुर, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • कौशांबी के तहसील सिराथू मांगूरी कला गांव में पिछले 1 महीने से जल भराव *कौशाम्बी* *एक महीने से जलभराव, आश्वासन निकला खोखला; ग्रामीणों ने डीएम से लगाई गुहार* *कौशाम्बी जनपद* के सिराथू तहसील के मोंगरीकड़ा गांव में पिछले एक महीने से जलनिकासी ठप होने के कारण पूरे गांव में गंदा पानी भरा है। हालात इतने खराब हैं कि स्कूली बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो गया है, जबकि ग्रामीण संक्रामक बीमारियों के खतरे के बीच जीवन बिताने को मजबूर हैं आरोप है कि ग्राम प्रधान और ग्राम सेवक ने कई बार आश्वासन दिया, लेकिन आज तक एक फावड़ा भी नहीं चला ग्रामीणों के अनुसार करीब 15 दिन पहले ग्राम प्रधान यशवंत तिवारी और ग्राम सेवक जितेन्द्र प्रकाश त्रिपाठी ने जेसीबी से खुदाई कर एक-दो दिन में जलनिकासी शुरू कराने तथा पांच दिन के भीतर नाला निर्माण शुरू कराने का भरोसा दिया था। लेकिन समय बीतने के बावजूद न तो जेसीबी पहुंची और न ही नाला निर्माण का काम शुरू हुआ गांव की गलियों में भरे गंदे पानी से लोगों का निकलना दूभर हो गया है बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और मच्छरों व गंदगी के कारण डेंगू, मलेरिया समेत अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ गया है आक्रोशित ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था कराने और लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। *बड़ा सवाल* *जब एक महीने से गांव पानी में डूबा है, तो आखिर जिम्मेदारों के आश्वासन कागज से जमीन पर कब उतरेंगे?*
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    कौशांबी के तहसील सिराथू मांगूरी कला गांव में पिछले 1 महीने से जल भराव
*कौशाम्बी*
*एक महीने से जलभराव, आश्वासन निकला खोखला; ग्रामीणों ने डीएम से लगाई गुहार*
*कौशाम्बी जनपद* के सिराथू तहसील के मोंगरीकड़ा गांव में पिछले एक महीने से जलनिकासी ठप होने के कारण पूरे गांव में गंदा पानी भरा है। हालात इतने खराब हैं कि स्कूली बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो गया है, जबकि ग्रामीण संक्रामक बीमारियों के खतरे के बीच जीवन बिताने को मजबूर हैं आरोप है कि ग्राम प्रधान और ग्राम सेवक ने कई बार आश्वासन दिया, लेकिन आज तक एक फावड़ा भी नहीं चला
ग्रामीणों के अनुसार करीब 15 दिन पहले ग्राम प्रधान यशवंत तिवारी और ग्राम सेवक जितेन्द्र प्रकाश त्रिपाठी ने जेसीबी से खुदाई कर एक-दो दिन में जलनिकासी शुरू कराने तथा पांच दिन के भीतर नाला निर्माण शुरू कराने का भरोसा दिया था। लेकिन समय बीतने के बावजूद न तो जेसीबी पहुंची और न ही नाला निर्माण का काम शुरू हुआ गांव की गलियों में भरे गंदे पानी से लोगों का निकलना दूभर हो गया है बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और मच्छरों व गंदगी के कारण डेंगू, मलेरिया समेत अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ गया है आक्रोशित ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था कराने और लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
*बड़ा सवाल*
*जब एक महीने से गांव पानी में डूबा है, तो आखिर जिम्मेदारों के आश्वासन कागज से जमीन पर कब उतरेंगे?*
    user_Pankaj Kumar
    Pankaj Kumar
    Security Guard मंझनपुर, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • कौशाम्बी। जनपद के विद्युत उपकेंद्र दारानगर से नगर पंचायत दारानगर होते हुए नवावा गांव को जाने वाली 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन पर मूसलाधार बारिश के दौरान महुआ का पेड़ गिर गया। पेड़ के विद्युत तारों पर गिरने से नवावा गांव की बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई और ग्रामीणों को रातभर अंधेरे में रहना पड़ा। सुबह विद्युत आपूर्ति बाधित होने की सूचना विद्युत उपकेंद्र दारानगर में मौजूद कर्मचारियों को दी गई। सूचना मिलते ही लाइनमैन जय सिंह और अमित त्रिपाठी मौके पर पहुंचे और विद्युत लाइन में आई खराबी को दुरुस्त करने का कार्य शुरू किया। विद्युत कर्मियों की तत्परता से पेड़ को हटाकर लाइन को ठीक कराया गया, जिसके बाद नवावा गांव की बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से बहाल हो सकी।
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    कौशाम्बी। जनपद के विद्युत उपकेंद्र दारानगर से नगर पंचायत दारानगर होते हुए नवावा गांव को जाने वाली 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन पर मूसलाधार बारिश के दौरान महुआ का पेड़ गिर गया। पेड़ के विद्युत तारों पर गिरने से नवावा गांव की बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई और ग्रामीणों को रातभर अंधेरे में रहना पड़ा।
सुबह विद्युत आपूर्ति बाधित होने की सूचना विद्युत उपकेंद्र दारानगर में मौजूद कर्मचारियों को दी गई। सूचना मिलते ही लाइनमैन जय सिंह और अमित त्रिपाठी मौके पर पहुंचे और विद्युत लाइन में आई खराबी को दुरुस्त करने का कार्य शुरू किया। विद्युत कर्मियों की तत्परता से पेड़ को हटाकर लाइन को ठीक कराया गया, जिसके बाद नवावा गांव की बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से बहाल हो सकी।
    user_कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज
    कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज
    सिराथू, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • अझुवा–टांडा रोड पर टूटी सड़क बनी हादसे का खतरा, ससुर खदेरी नदी पुल पर बड़े हादसे का इंतजार! अझुवा कौशाम्बी👉👉 अझुवा से टांडा रोड होते हुए नादेमई जाने वाले मार्ग पर ससुर खदेरी नदी के पुल के पास सड़क टूट जाने से आवागमन करने वाले लोगों के लिए खतरा बढ़ गया है। सड़क का क्षतिग्रस्त हिस्सा राहगीरों और वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। खासकर रात और बारिश के दौरान स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है, क्योंकि टूटे हिस्से का सही अंदाजा वाहन चालकों को समय रहते नहीं हो पाता।स्थानीय लोगों का कहना है कि मार्ग पर लगातार वाहनों का आवागमन रहता है, बावजूद इसके जिम्मेदार विभाग द्वारा क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत नहीं कराई जा रही है। यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं हुई तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों और राहगीरों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से मौके का निरीक्षण कराकर तत्काल सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है। लोगों का सवाल है कि आखिर जिम्मेदार विभाग किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेगा या उससे पहले ही सुरक्षा के इंतजाम किए जाएंगे?
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    अझुवा–टांडा रोड पर टूटी सड़क बनी हादसे का खतरा, ससुर खदेरी नदी पुल पर बड़े हादसे का इंतजार!

अझुवा कौशाम्बी👉👉 अझुवा से टांडा रोड होते हुए नादेमई जाने वाले मार्ग पर ससुर खदेरी नदी के पुल के पास सड़क टूट जाने से आवागमन करने वाले लोगों के लिए खतरा बढ़ गया है। सड़क का क्षतिग्रस्त हिस्सा राहगीरों और वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। खासकर रात और बारिश के दौरान स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है, क्योंकि टूटे हिस्से का सही अंदाजा वाहन चालकों को समय रहते नहीं हो पाता।स्थानीय लोगों का कहना है कि मार्ग पर लगातार वाहनों का आवागमन रहता है, बावजूद इसके जिम्मेदार विभाग द्वारा क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत नहीं कराई जा रही है। यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं हुई तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों और राहगीरों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से मौके का निरीक्षण कराकर तत्काल सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है। लोगों का सवाल है कि आखिर जिम्मेदार विभाग किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेगा या उससे पहले ही सुरक्षा के इंतजाम किए जाएंगे?
    user_सन्त लाल मौर्य पत्रकार
    सन्त लाल मौर्य पत्रकार
    Media and information sciences faculty सिराथू, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • लगातार बारिश से कनैली महंगूपुर दाढ़ी धरमपुर समेत कई गांवों में किसानों की बढ़ी मुसीबत, फसलें लगातार बारिश से दाढ़ी, धरमपुर समेत कई गांवों में किसानों की बढ़ी मुसीबत, फसलें नुकसान की कगार पर कौशांबी। जनपद में लगातार हो रही बारिश से दाढ़ी, धरमपुर आदि गांवों में किसानों की चिंता बढ़ गई है। कई इलाकों में खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान हो रहा है। लगातार बारिश जारी रही तो तैयार हो रही फसलों पर इसका बड़ा असर पड़ने की आशंका है। किसानों का दर्द: किसानों का कहना है कि खेती में पहले ही खाद, बीज और सिंचाई पर भारी खर्च हो चुका है। अब लगातार बारिश से खेतों में जलभराव हो रहा है। अगर फसल खराब हुई तो किसानों के सामने लागत निकालना भी मुश्किल हो जाएगा। किसानों ने प्रशासन से तत्काल खेतों का सर्वे कराकर नुकसान का आकलन कराने की मांग की है। प्रशासन से सवाल: लगातार बारिश से प्रभावित किसानों के खेतों का सर्वे कब शुरू होगा? नुकसान की वास्तविक रिपोर्ट कौन तैयार करेगा? क्या प्रभावित किसानों को फसल नुकसान का मुआवजा मिलेगा? और जलभराव वाले खेतों से पानी निकासी के लिए प्रशासन क्या कदम उठाएगा?
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    लगातार बारिश से कनैली महंगूपुर दाढ़ी धरमपुर समेत कई गांवों में किसानों की बढ़ी मुसीबत, फसलें
लगातार बारिश से दाढ़ी, धरमपुर समेत कई गांवों में किसानों की बढ़ी मुसीबत, फसलें नुकसान की कगार पर
कौशांबी। जनपद में लगातार हो रही बारिश से दाढ़ी, धरमपुर आदि गांवों में किसानों की चिंता बढ़ गई है। कई इलाकों में खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान हो रहा है। लगातार बारिश जारी रही तो तैयार हो रही फसलों पर इसका बड़ा असर पड़ने की आशंका है।
किसानों का दर्द: किसानों का कहना है कि खेती में पहले ही खाद, बीज और सिंचाई पर भारी खर्च हो चुका है। अब लगातार बारिश से खेतों में जलभराव हो रहा है। अगर फसल खराब हुई तो किसानों के सामने लागत निकालना भी मुश्किल हो जाएगा। किसानों ने प्रशासन से तत्काल खेतों का सर्वे कराकर नुकसान का आकलन कराने की मांग की है।
प्रशासन से सवाल: लगातार बारिश से प्रभावित किसानों के खेतों का सर्वे कब शुरू होगा? नुकसान की वास्तविक रिपोर्ट कौन तैयार करेगा? क्या प्रभावित किसानों को फसल नुकसान का मुआवजा मिलेगा? और जलभराव वाले खेतों से पानी निकासी के लिए प्रशासन क्या कदम उठाएगा?
    user_संजय सिंह पत्रकार
    संजय सिंह पत्रकार
    मंझनपुर, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • कौशाम्बी.....मनौरी पटाखा फैक्ट्री विस्फोट अपडेट.... दूसरे दिन आरोपी के घर चला बुलडोजर, शासन प्रशासन की बड़ी कार्यवाही। बता दु की अब तक पटाखा फैक्ट्री विस्फोट में 13 लोगों की मृत्यु हो गई है और कई लोग घायल हुए थे जिन्हें एसआरएन हॉस्पिटल भर्ती कराया गया था। ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत खबर हिन्दी दैनिक PRIME 18 NEWS
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    कौशाम्बी.....मनौरी पटाखा फैक्ट्री विस्फोट अपडेट.... दूसरे दिन आरोपी के घर चला बुलडोजर, शासन प्रशासन की बड़ी कार्यवाही। बता दु की अब तक पटाखा फैक्ट्री विस्फोट में 13 लोगों की मृत्यु हो गई है और कई लोग घायल हुए थे जिन्हें एसआरएन हॉस्पिटल भर्ती कराया गया था।
ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत खबर हिन्दी दैनिक PRIME 18 NEWS
    user_जर्नलिस्ट सुनील साहू PRIME 18 NEWS वैधयत ख़बर
    जर्नलिस्ट सुनील साहू PRIME 18 NEWS वैधयत ख़बर
    रिपोर्टर मंझनपुर, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
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