सोनभद्र जनपद के रायपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक महिला को शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने के आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई तब की गई जब 29 मई 2026 को एक महिला ने थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि अभियुक्त ने उसे शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं, विशेष रूप से बीएनएस (BNS) के तहत मुकदमा दर्ज किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए रायपुर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अगले ही दिन, यानी 30 मई 2026 को सुबह करीब 07:05 बजे आरोपी को नकटुवा चौराहा के पास से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए अभियुक्त की पहचान रतनलाल पुत्र रामाकान्त के रूप में हुई है, जो ग्राम गोटीबांध, थाना रायपुर, जनपद सोनभद्र का निवासी है। गिरफ्तारी के बाद उसे माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस गिरफ्तारी अभियान में उपनिरीक्षक शमशेर यादव, रिक्रूट आरक्षी अखिलेश कुमार, सचिन सिंह और सौरभ कुमार समेत रायपुर थाना पुलिस की टीम शामिल थी।
सोनभद्र जनपद के रायपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक महिला को शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने के आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई तब की गई जब 29 मई 2026 को एक महिला ने थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि अभियुक्त ने उसे शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं, विशेष रूप से बीएनएस (BNS) के तहत मुकदमा दर्ज किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए रायपुर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अगले ही दिन, यानी 30 मई 2026 को सुबह करीब 07:05 बजे आरोपी को नकटुवा चौराहा के पास से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए अभियुक्त की पहचान रतनलाल पुत्र रामाकान्त के रूप में हुई है, जो ग्राम गोटीबांध, थाना रायपुर, जनपद सोनभद्र का निवासी है। गिरफ्तारी के बाद उसे माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस गिरफ्तारी अभियान में उपनिरीक्षक शमशेर यादव, रिक्रूट आरक्षी अखिलेश कुमार, सचिन सिंह और सौरभ कुमार समेत रायपुर थाना पुलिस की टीम शामिल थी।
- उत्तर प्रदेश में, योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि किसी भी गरीब व्यक्ति को विस्थापित नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि यदि कोई किसी गरीब को हटाने का प्रयास करता है, तो उसकी संपत्ति जब्त कर ली जाएगी।1
- उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले से एक चिंताजनक घटना सामने आई है, जहाँ थाना रामपुर बर्कोनिया के धर्मदासपुर गांव में अराजकतत्वों ने एक मंदिर पर हमला किया है। इस हमले में उपद्रवियों ने हनुमानजी की मूर्ति को तोड़कर नाली में फेंक दिया। हमलावरों ने मंदिर को भी काफी नुकसान पहुँचाया है। उन्होंने मंदिर के शिखर को क्षत-विक्षत कर दिया और मंदिर में लगे घंटे तथा झंडे को निकालकर खेत में फेंक दिया। यह हनुमानजी की मूर्ति शीतला मंदिर के प्रांगण में रखी गई थी। यह भी बताया गया है कि पूर्व में भी सोनभद्र के कई अलग-अलग इलाकों में मंदिरों पर हमले हो चुके हैं।4
- सोनभद्र जिले के बालू टोला के ग्रामीण पिछले 17 दिनों से बिजली संकट से जूझ रहे हैं। 13 मई को आई आंधी के कारण ट्रांसफार्मर और बिजली के खंभे गिरने के बाद से बालू टोला के दर्जनों परिवार अंधेरे में जीवन बिताने को मजबूर हैं, जिससे भीषण गर्मी में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। ग्रामीणों ने विभागीय लापरवाही पर गंभीर सवाल उठाए हैं, क्योंकि नया ट्रांसफार्मर पहुंच जाने के बावजूद उसकी स्थापना नहीं की गई है और न ही क्षतिग्रस्त बिजली के खंभों को बदला गया है। इस गंभीर मुद्दे पर ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर तत्काल बिजली बहाली की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे।1
- सोनभद्र के रामपुर बरकोनिया थाना क्षेत्र के धर्मदासपुर गांव में शनिवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब शीतला माता मंदिर परिसर में स्थापित हनुमान जी की प्रतिमा खंडित अवस्था में मिली। अराजक तत्वों ने प्रतिमा को तोड़कर नाले में फेंक दिया और मंदिर के शिखर, घंटे तथा धार्मिक ध्वज को भी क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया। जानकारी के अनुसार, गांव के समीप स्थित दुर्गा माता मंदिर में चल रहे यज्ञ कार्यक्रम के बाद शनिवार सुबह जब श्रद्धालु शीतला माता मंदिर में पूजा के लिए पहुँचे तो मंदिर की बदहाली देखकर स्तब्ध रह गए। हनुमान जी की प्रतिमा खंडित अवस्था में थी, जबकि मंदिर के घंटे और झंडे पास के खेत में पड़े मिले। इस घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण तत्काल मंदिर परिसर में जमा हो गए। पुलिस प्रशासन भी तुरंत मौके पर पहुँचा और मामले की जाँच शुरू कर दी। पुलिस ने घटना के संबंध में चार लोगों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ भी प्रारंभ कर दी है। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि अराजक तत्वों ने देर रात करीब 12 बजे के बाद लाठी-डंडों का प्रयोग कर हनुमान प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किया और मंदिर परिसर में तोड़फोड़ की। सूचना मिलने पर विश्व हिंदू परिषद के धर्म रक्षा दल के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुँचे। विश्व हिंदू परिषद के धर्म रक्षा कार्यकर्ता धर्मेंद्र पाण्डेय ने इस घटना को धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बताते हुए प्रशासन से दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस प्रकार की घटनाएँ समाज में अशांति फैलाने का प्रयास हैं, जिन्हें किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। फिलहाल, पुलिस सभी पहलुओं से घटना की जाँच कर रही है, और क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द मामले का खुलासा कर दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की है।4
- सोनभद्र के कोन क्षेत्र स्थित ग्लोबल हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर में प्रसव के दौरान एक आशा बहू की मौत के बाद शनिवार को भारी जनाक्रोश देखने को मिला। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सील कर दिया है और संचालक समेत संबंधित चिकित्सकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सिंगा-बागेसोती निवासी लगभग 38 वर्षीय सीमा देवी, जो एक आशा बहू के रूप में कार्यरत थीं, को देर रात प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों ने बताया कि उनके पहले चार प्रसव सामान्य तरीके से हुए थे, लेकिन इस बार अस्पताल पहुंचते ही ऑपरेशन की सलाह दी गई। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान सीमा देवी की तबीयत बिगड़ गई और समय पर उचित उपचार न मिलने के कारण उनकी मौत हो गई, हालांकि नवजात शिशु सुरक्षित है। परिजनों का यह भी आरोप है कि घटना के बाद अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारी अस्पताल छोड़कर चले गए, जिससे नाराज ग्रामीण बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंचकर प्रदर्शन करने लगे। सूचना मिलने पर प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। इसी अस्पताल में भर्ती एक अन्य प्रसूता, लौकवाखाड़ी बागेसोती निवासी 35 वर्षीय कुसुमरी देवी की हालत भी गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की मौजूदगी में सरकारी अस्पताल रेफर किया गया। घटना की सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी ओबरा विवेक कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और उन्होंने संबंधित लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में किसी भी अपंजीकृत अस्पताल को संचालित नहीं होने दिया जाएगा। उनकी मौजूदगी में ही अस्पताल को सील किया गया। एसीएमओ गुलाब शंकर यादव ने बताया कि इस अस्पताल के खिलाफ पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है। फिलहाल अस्पताल संचालक नसीम अंसारी और संबंधित चिकित्सकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी ओबरा विवेक कुमार सिंह, एसीएमओ डॉक्टर गुलाब शंकर यादव, डॉक्टर कृति आजाद बिंद, प्रधान संघ जिलाध्यक्ष लक्ष्मी जायसवाल, विजय शंकर यादव, भाजपा पूर्व ब्लॉक प्रमुख बंशीधर, भाजपा नेता अलख नारायण शुक्ला और जोखन यादव सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है, और ग्रामीण अवैध अस्पतालों के संचालन तथा स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।4
- मध्य प्रदेश के कटनी जिले स्थित बड़वारा में ओवरलोडिंग और नो-एंट्री नियमों के खुलेआम उल्लंघन को लेकर स्थानीय जनता का गुस्सा फूट पड़ा है। तेज रफ्तार ओवरलोड वाहनों के आतंक और लगातार मंडरा रहे हादसों के खतरे से परेशान बड़वारा के जागरूक नागरिकों और युवाओं ने एकजुट होकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए बड़वारा तहसीलदार और थाना प्रभारी को एक संयुक्त ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन सौंपते हुए, आंदोलन की अगुवाई कर रहे जय सूर्यवंशी ने स्थानीय प्रशासन और यातायात विभाग पर सीधे व गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा नो-एंट्री का समय निर्धारित करना केवल कागजी खानापूर्ति है, क्योंकि जमीनी हकीकत में भारी डंपर, ट्रक और विशालकाय ट्राले बेधड़क और पूरी रफ्तार से बस्ती के बीच से गुजर रहे हैं। जय सूर्यवंशी ने आरोप लगाया कि इन वाहनों को रोकने वाला कोई नहीं है, जिससे साफ है कि नियमों को ताक पर रखकर इन वाहन मालिकों को शह दी जा रही है। उन्होंने पूर्व में हुए कई 'हृदयविदारक' और बड़े सड़क हादसों का हवाला देते हुए सवाल किया कि क्या प्रशासन किसी और बड़ी 'लाश गिरने' का इंतजार कर रहा है। उनके अनुसार, आबादी वाले क्षेत्र में इन भारी वाहनों की अमानवीय रफ्तार के कारण सड़कों पर चलने वाले स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की जान हमेशा खतरे में रहती है। ग्रामीणों ने अपनी प्रमुख मांगों में बड़वारा बस्ती के प्रवेश और निकास द्वारों पर तुरंत 'नो-एंट्री' के बड़े साइन बोर्ड लगाने, नो-एंट्री के समय को कड़ाई से लागू करवाने के लिए मुख्य चौराहों पर स्थायी पुलिस बल तैनात करने और आबादी वाले क्षेत्र में क्षमता से अधिक ओवरलोडिंग करने वाले वाहनों पर सख्त कानूनी व चालानी कार्रवाई करने की मांग की है। ज्ञापन में प्रशासन को साफ चेतावनी दी गई है कि यदि एक दिवस (२४ घंटे) के भीतर इस जानलेवा ट्रैफिक पर रोक नहीं लगी और जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं दिखी, तो बड़वारा की जनता अपनी आत्मरक्षा के लिए उग्र आंदोलन, धरना प्रदर्शन और चक्काजाम करने को मजबूर होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। इस दौरान जय सूर्यवंशी, नागेन्द्र अहिरवार, रामखिलवान, अनुज, धनेंद्र सहित भारी संख्या में स्थानीय युवा और बड़वारा बस्ती के पीड़ित नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने एकजुट होकर प्रशासन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।4
- सोनभद्र जिले के विकासखंड दुद्धि क्षेत्र की ग्राम पंचायत केवाल में ग्रामीणों ने सड़क क्षतिग्रस्त होने पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका आरोप है कि गांव-गांव से लकड़ी खरीदने और ढोने में लगे कुछ लोग लगातार भारी ट्रैक्टरों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे सड़क को गंभीर नुकसान पहुँचा है। ग्रामीणों ने बताया कि इन ट्रैक्टरों के भारी पहियों के कारण सड़क कई जगहों पर उखड़ने लगी है और बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। इस मार्ग से हर दिन बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं, और सड़क खराब होने के कारण राहगीरों, बाइक सवारों के साथ-साथ अन्य वाहन चालकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आशंका जताई कि बरसात के मौसम में यह स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। इसी को देखते हुए, ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से इस मामले की तत्काल जांच करने और सड़क को हुए नुकसान का सही आकलन करने की मांग की है। उनकी प्रमुख मांग है कि जल्द से जल्द आवश्यक मरम्मत कार्य कराया जाए, ताकि आम जनता को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।1
- सोनभद्र जनपद में स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही का एक मामला सामने आया है, जहाँ एक प्रसूता की जान चली गई। आरोप है कि सरकारी अस्पताल से रेफर की गई गर्भवती महिला को एक अवैध निजी अस्पताल पहुँचा दिया गया, जबकि उसे निर्धारित स्वास्थ्य केंद्र ले जाना था। ऑपरेशन के दौरान महिला की मौत हो गई, जिसके बाद अस्पताल से जुड़े लोग मौके से फरार हो गए। प्रशासन की जाँच में अस्पताल बिना पंजीकरण के संचालित पाया गया, जिसके फलस्वरूप उसे सील कर संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोन थाना क्षेत्र के सोना सिंगा गाँव निवासी सीमा पत्नी देवनारायण को प्रसव पीड़ा होने पर कचनरवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था। चिकित्सकीय जाँच के बाद उन्हें बेहतर उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कोन रेफर किया गया। परिजनों का आरोप है कि 108 एम्बुलेंस द्वारा प्रसूता को सीएचसी कोन ले जाने के बजाय सीधे कोन बाजार स्थित ग्लोबल हॉस्पिटल पहुँचा दिया गया। परिजनों के मुताबिक, ऑपरेशन के दौरान महिला की हालत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई और वहाँ मौजूद चिकित्सक व अन्य जिम्मेदार लोग मौके से फरार हो गए, जिससे क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया। मामले की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने तत्काल जाँच के निर्देश दिए। उपजिलाधिकारी ओबरा विवेक कुमार सिंह, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. गुलाब शंकर यादव, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. कीर्ति आजाद बिन्द एवं क्षेत्राधिकारी कोन की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुँचकर जाँच की। जाँच में सामने आया कि ग्लोबल हॉस्पिटल बिना वैध पंजीकरण के संचालित हो रहा था। इसके बाद प्रशासन ने अस्पताल को तत्काल सील कर दिया। मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए अस्पताल संचालक नसीम अहमद के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।1