नागौर जिले के रियां बड़ी उपखंड क्षेत्र स्थित आलनियावास गांव में मालियों के बेरा से गांव तक जाने वाली सड़क बारिश और बजरी से भरे भारी ट्रैक्टरों की आवाजाही से पूरी तरह बदहाल हो गई है। लगातार बारिश के बाद गड्ढों में पानी भरने और भारी वाहनों की वजह से ग्रेवल सड़क कई स्थानों पर टूट चुकी है, जिससे पूरा रास्ता दलदल और कीचड़ में तब्दील हो गया है। इस वजह से दुपहिया वाहन और स्कूली बच्चों के वाहन अक्सर रास्ते में फंस जाते हैं और बच्चों को रोजाना जोखिम उठाकर पैदल ही कीचड़ से होकर स्कूल जाना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी ओमप्रकाश माली, गोपीराम माली और ताराचंद माली का कहना है कि इस मार्ग से हर दिन बड़ी संख्या में बच्चे आवागमन करते हैं, लेकिन सड़क की जर्जर हालत के कारण उनके समय पर स्कूल पहुंचने में बाधा आ रही है। ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन और खनन विभाग से मांग की है कि मानसून के दौरान बजरी से भरे ट्रैक्टरों के संचालन पर प्रभावी रोक लगाई जाए, अवैध बजरी परिवहन पर सख्ती से कार्रवाई हो और सड़क की तत्काल मरम्मत कराई जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे आंदोलन सहित अन्य लोकतांत्रिक कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे।
नागौर जिले के रियां बड़ी उपखंड क्षेत्र स्थित आलनियावास गांव में मालियों के बेरा से गांव तक जाने वाली सड़क बारिश और बजरी से भरे भारी ट्रैक्टरों की आवाजाही से पूरी तरह बदहाल हो गई है। लगातार बारिश के बाद गड्ढों में पानी भरने और भारी वाहनों की वजह से ग्रेवल सड़क कई स्थानों पर टूट चुकी है, जिससे पूरा रास्ता दलदल और कीचड़ में तब्दील हो गया है। इस वजह से दुपहिया वाहन और स्कूली बच्चों के वाहन अक्सर रास्ते में फंस जाते हैं और बच्चों को रोजाना जोखिम उठाकर पैदल ही कीचड़ से होकर स्कूल जाना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी ओमप्रकाश माली, गोपीराम माली और ताराचंद माली का कहना है कि इस मार्ग से हर दिन बड़ी संख्या में बच्चे आवागमन करते हैं, लेकिन सड़क की जर्जर हालत के कारण उनके समय पर स्कूल पहुंचने में बाधा आ रही है। ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन और खनन विभाग से मांग की है कि मानसून के दौरान बजरी से भरे ट्रैक्टरों के संचालन पर प्रभावी रोक लगाई जाए, अवैध बजरी परिवहन पर सख्ती से कार्रवाई हो और सड़क की तत्काल मरम्मत कराई जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे आंदोलन सहित अन्य लोकतांत्रिक कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे।
- मांगलियावास स्थित श्री सांवरिया सेठ धाम, दांतड़ा-डोडियाना में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा ज्ञान यज्ञ की पूर्णाहुति गुरु पूर्णिमा के अवसर पर 29 जुलाई 2026 को प्रातः 7:15 बजे होगी। इस विशेष आयोजन के तहत धाम में ज्ञान यज्ञ संपन्न कराया जाएगा। यज्ञ में यजमान बनने की इच्छा रखने वाले धर्मप्रेमी श्रद्धालु 27 जुलाई 2026 तक अपना नाम दर्ज करा सकते हैं, जिसके लिए सहयोग राशि ₹2100 निर्धारित की गई है। इसके अलावा, गुरु पूर्णिमा के इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं को महंत शत्रुघ्नदास जी महाराज से गुरु दीक्षा ग्रहण करने का भी अवसर प्राप्त होगा।1
- आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने अपने लोकप्रिय कार्यक्रम 'मन की बात' में देशवासियों से खादी अपनाने और 'वोकल फॉर लोकल' को जन-जन का संकल्प बनाने का आह्वान किया है। स्वदेशी अपनाना, स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देना और देश के कारीगरों को सशक्त बनाना विकसित भारत की मजबूत आधारशिला है। सभी लोगों से स्वदेशी को अपनाकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सहभागी बनने की अपील की गई है।1
- राजस्थान के अजमेर साइबर थाना क्षेत्र में पुष्कर निवासी एक युवती के साथ ₹5 लाख की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। व्हाट्सएप पर न्यूड फोटो वायरल करने की धमकी देकर पीड़िता को कथित तौर पर "हाउस अरेस्ट" जैसी स्थिति में रखा गया और उससे ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करवाने के साथ-साथ नकद रकम भी वसूल ली गई। पीड़िता की शिकायत मिलने के बाद साइबर थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच में जुटी है और आरोपियों की पहचान कर उन्हें पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।1
- अजमेर में दादाबाड़ी का 872वां महोत्सव उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसके बाद विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस पूरे आयोजन और शोभायात्रा में बड़ी संख्या में लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बीजेपी दक्षिण विधायक अनीता भदेल ने भी शिरकत की और सभी उपस्थित लोगों को शुभकामनाएं दीं। 25 जुलाई को भव्य जुलूस और धार्मिक आयोजनों के साथ दादाबाड़ी मेले का विधिवत समापन हुआ।1
- जयपुर स्थित अभिनंदन महेश्वरी समाज जन उपयोगी भवन में आगामी 2 अगस्त को श्री गुर्जरगौड़ ब्राह्मण समाज प्रबुद्ध जन सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस सम्मेलन का समय प्रातः 10 बजे तय किया गया है। कार्यक्रम को लेकर गुर्जर गौड़ ब्राह्मण समाज के सभी पदाधिकारियों, सदस्यों, वरिष्ठजनों और गणमान्य नागरिकों से समय का ध्यान रखते हुए कार्यक्रम स्थल पर समय से पूर्व पहुँचने की अपील की गई है, ताकि बैठक को निर्धारित समय पर शुरू किया जा सके।2
- ब्यावर जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जिला कलक्टर कमल राम मीना समीक्षा बैठक लेते नजर आए।1
- अजमेर और नागौर जिलों के बहाव क्षेत्र में हुई अच्छी बारिश के बाद लूणी नदी में पानी की आवक की संभावना काफी बढ़ गई है। इससे नागौर के रियां बड़ी और ब्यावर के जैतारण तहसीलों सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों के किसानों में भारी उत्साह है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि यदि इस वर्ष भी नदी में निरंतर बहाव बना रहा, तो आने वाले कई वर्षों तक क्षेत्र के कुओं का जलस्तर ऊंचा बना रहेगा। लूणी नदी का पानी पूरे क्षेत्र के लिए जीवनदायिनी माना जाता है, जिससे आसपास के 20 से 30 किलोमीटर तक स्थित कुओं और ट्यूबवेल का जलस्तर बढ़ जाता है और खरीफ व रबी दोनों फसलों के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होता है। ग्रामीणों के अनुसार गोविंदगढ़ बांध के बाद आलनियावास नदी पर बनी रफ्ट में सबसे अधिक जलभराव होता है, जहां करीब 5 से 6 किलोमीटर तक पानी जमा रहता है। यह जलभराव लंबे समय तक भूजल पुनर्भरण का कार्य करता है, जिससे भेरूंदा, थांवला और डोडियाना सहित आसपास के कई गांवों के सैकड़ों कुओं में पानी का स्तर सुधर जाता है। इससे किसानों के साथ-साथ पशुपालकों को भी बड़ी राहत मिलती है। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि पिछले वर्ष लूणी नदी में आए पानी का असर आज भी दिखाई दे रहा है और आलनियावास रफ्ट में अब भी पर्याप्त पानी मौजूद है, जिससे लाखों पशुओं को पेयजल मिल रहा है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि इस बार भी पक्के बांध की चादर चलती है और नदी में अच्छा बहाव रहता है, तो पूरे क्षेत्र में भूजल स्तर में उल्लेखनीय सुधार होगा और कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी होगी।1
- आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने अपने लोकप्रिय कार्यक्रम 'मन की बात' में भारत की समृद्ध वाद्य परंपरा की गौरवशाली विरासत पर विशेष चर्चा की है। संबोधन के दौरान उन्होंने देशवासियों और विशेष रूप से युवाओं से अपनी सांस्कृतिक धरोहर तथा पारंपरिक वाद्य यंत्रों से जुड़ने का आग्रह किया है।1
- राजस्थान के अजमेर में किशनगढ़ क्षेत्र स्थित खोड़ा गणेश के पास बूबानी गांव में रविवार सुबह भालू के आ जाने से हड़कंप मच गया। खेतों में काम कर रहे आधा दर्जन से अधिक किसानों पर भालू ने अचानक हमला कर दिया, जिससे चार लोग घायल हो गए और पूरे इलाके में अफरा-तफरी व दहशत का माहौल बन गया। घटना की जानकारी ग्रामीण महेंद्र सिंह मीणा ने फोन के माध्यम से गेगल थाना और वन विभाग को दी। सूचना के बाद अजमेर, किशनगढ़ और नसीराबाद रेंज के वन अधिकारी मौके पर पहुंचे। गेगल थाने से एएसआई छोटेलाल पुलिस टीम के साथ पहुंचे और ग्रामीणों को सतर्क रहने व प्रशासन का सहयोग करने की समझाइश दी। वन विभाग की ओर से नसीराबाद रेंज के क्षेत्रीय वन अधिकारी हरेंद्र सिंह नाथावत के नेतृत्व में सुरेश रैगर, जितेंद्र नेगी, हरपाल सिंह, भागचंद गुर्जर, विशाल चावला और हुगमराज पहुंचे। वहीं किशनगढ़ रेंज से क्षेत्रीय वन अधिकारी राकेश चौधरी के नेतृत्व में वनपाल नंदलाल, सहायक वनपाल हीरालाल, वन रक्षक मंजीत, कैलाश तथा वन मित्र त्रिलोक अभियान में शामिल हुए। इसके अलावा कोबरा टीम राजस्थान के संस्थापक सुखदेव भट्ट को भी मौके पर बुलाया गया। रेस्क्यू और बचाव कार्य के दौरान बूबानी निवासी प्रकाश सिंह रावत, महेंद्र सिंह रावत, मोखम सिंह रावत और विजय सिंह रावत ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर प्रशासन और वन विभाग का सहयोग किया। वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों से आबादी व खेतों में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कहीं भी भालू या अन्य वन्य जीव दिखाई दे, तो लोग स्वयं उसे पकड़ने या भगाने का प्रयास न करें और तत्काल वन विभाग या स्थानीय पुलिस को सूचना दें।2