अजमेर और नागौर जिलों के बहाव क्षेत्र में हुई अच्छी बारिश के बाद लूणी नदी में पानी की आवक की संभावना काफी बढ़ गई है। इससे नागौर के रियां बड़ी और ब्यावर के जैतारण तहसीलों सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों के किसानों में भारी उत्साह है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि यदि इस वर्ष भी नदी में निरंतर बहाव बना रहा, तो आने वाले कई वर्षों तक क्षेत्र के कुओं का जलस्तर ऊंचा बना रहेगा। लूणी नदी का पानी पूरे क्षेत्र के लिए जीवनदायिनी माना जाता है, जिससे आसपास के 20 से 30 किलोमीटर तक स्थित कुओं और ट्यूबवेल का जलस्तर बढ़ जाता है और खरीफ व रबी दोनों फसलों के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होता है। ग्रामीणों के अनुसार गोविंदगढ़ बांध के बाद आलनियावास नदी पर बनी रफ्ट में सबसे अधिक जलभराव होता है, जहां करीब 5 से 6 किलोमीटर तक पानी जमा रहता है। यह जलभराव लंबे समय तक भूजल पुनर्भरण का कार्य करता है, जिससे भेरूंदा, थांवला और डोडियाना सहित आसपास के कई गांवों के सैकड़ों कुओं में पानी का स्तर सुधर जाता है। इससे किसानों के साथ-साथ पशुपालकों को भी बड़ी राहत मिलती है। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि पिछले वर्ष लूणी नदी में आए पानी का असर आज भी दिखाई दे रहा है और आलनियावास रफ्ट में अब भी पर्याप्त पानी मौजूद है, जिससे लाखों पशुओं को पेयजल मिल रहा है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि इस बार भी पक्के बांध की चादर चलती है और नदी में अच्छा बहाव रहता है, तो पूरे क्षेत्र में भूजल स्तर में उल्लेखनीय सुधार होगा और कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी होगी।
अजमेर और नागौर जिलों के बहाव क्षेत्र में हुई अच्छी बारिश के बाद लूणी नदी में पानी की आवक की संभावना काफी बढ़ गई है। इससे नागौर के रियां बड़ी और ब्यावर के जैतारण तहसीलों सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों के किसानों में भारी उत्साह है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि यदि इस वर्ष भी नदी में निरंतर बहाव बना रहा, तो आने वाले कई वर्षों तक क्षेत्र के कुओं का जलस्तर ऊंचा बना रहेगा। लूणी नदी का पानी पूरे क्षेत्र के लिए जीवनदायिनी माना जाता है, जिससे आसपास के 20 से 30 किलोमीटर तक स्थित कुओं और ट्यूबवेल का जलस्तर बढ़ जाता है और खरीफ व रबी दोनों फसलों के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होता है। ग्रामीणों के अनुसार गोविंदगढ़ बांध के बाद आलनियावास नदी पर बनी रफ्ट में सबसे अधिक जलभराव होता है, जहां करीब 5 से 6 किलोमीटर तक पानी जमा रहता है। यह जलभराव लंबे समय तक भूजल पुनर्भरण का कार्य करता है, जिससे भेरूंदा, थांवला और डोडियाना सहित आसपास के कई गांवों के सैकड़ों कुओं में पानी का स्तर सुधर जाता है। इससे किसानों के साथ-साथ पशुपालकों को भी बड़ी राहत मिलती है। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि पिछले वर्ष लूणी नदी में आए पानी का असर आज भी दिखाई दे रहा है और आलनियावास रफ्ट में अब भी पर्याप्त पानी मौजूद है, जिससे लाखों पशुओं को पेयजल मिल रहा है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि इस बार भी पक्के बांध की चादर चलती है और नदी में अच्छा बहाव रहता है, तो पूरे क्षेत्र में भूजल स्तर में उल्लेखनीय सुधार होगा और कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी होगी।
- नागौर जिले के थांवला पुलिस थाना परिसर में डेगाना पुलिस उपाधीक्षक अजीत पाल की अध्यक्षता में सीएलजी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कानून-व्यवस्था, यातायात सुरक्षा, नशा मुक्ति और साइबर अपराध की रोकथाम समेत कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान पुलिस उपाधीक्षक ने सीएलजी और शांति समिति के सदस्यों को राजकॉप (RajCop) ऐप डाउनलोड करवाकर इसके इस्तेमाल की जानकारी दी। साथ ही दोपहिया वाहन चालकों से हेलमेट पहनने, चारपहिया वाहन चालकों से सीट बेल्ट लगाने और नशे की हालत में वाहन न चलाने की अपील की गई। बैठक में अभिभावकों से अपने बच्चों को नशे तथा सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों से दूर रखने, साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना देने का आह्वान किया गया। इसके अलावा क्षेत्र में चोरी की घटनाओं पर लगाम कसने, किसानों के जमीनी विवादों का शांतिपूर्ण समाधान निकालने और गांवों व सार्वजनिक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने पर चर्चा हुई। पुलिस अधिकारियों ने सीएलजी, शांति समिति के सदस्यों और युवाओं से अपराध नियंत्रण व सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में सहयोग मांगा।3
- नागौर जिले के रियां बड़ी उपखंड क्षेत्र स्थित आलनियावास गांव में मालियों के बेरा से गांव तक जाने वाली सड़क बारिश और बजरी से भरे भारी ट्रैक्टरों की आवाजाही से पूरी तरह बदहाल हो गई है। लगातार बारिश के बाद गड्ढों में पानी भरने और भारी वाहनों की वजह से ग्रेवल सड़क कई स्थानों पर टूट चुकी है, जिससे पूरा रास्ता दलदल और कीचड़ में तब्दील हो गया है। इस वजह से दुपहिया वाहन और स्कूली बच्चों के वाहन अक्सर रास्ते में फंस जाते हैं और बच्चों को रोजाना जोखिम उठाकर पैदल ही कीचड़ से होकर स्कूल जाना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी ओमप्रकाश माली, गोपीराम माली और ताराचंद माली का कहना है कि इस मार्ग से हर दिन बड़ी संख्या में बच्चे आवागमन करते हैं, लेकिन सड़क की जर्जर हालत के कारण उनके समय पर स्कूल पहुंचने में बाधा आ रही है। ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन और खनन विभाग से मांग की है कि मानसून के दौरान बजरी से भरे ट्रैक्टरों के संचालन पर प्रभावी रोक लगाई जाए, अवैध बजरी परिवहन पर सख्ती से कार्रवाई हो और सड़क की तत्काल मरम्मत कराई जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे आंदोलन सहित अन्य लोकतांत्रिक कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे।1
- अजमेर में गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की मांग को लेकर गौभक्तों और विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से एक विशाल जन-जागरण रैली निकाली गई। शहर में आयोजित इस जन-जागरण रैली में बड़ी संख्या में लोग और सामाजिक संगठन एकजुट होकर शामिल हुए। गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग को लेकर यह विशाल रैली बजरंगगढ़ चौराहे से शुरू हुई। इसके बाद रैली फव्वारा सर्किल और आगरा गेट होते हुए जिला कलेक्ट्रेट पंहुची, जहां गौभक्तों ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।1
- अनाहत सिंह ने विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है और वह इस प्रतिष्ठित खिताब को अपने नाम करने वाली पहली भारतीय बन गई हैं। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने पूरे देश का मान बढ़ाया है और करोड़ों देशवासियों को गौरवान्वित किया है। इस शानदार सफलता पर अनाहत को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए यह मंगलकामना की गई है कि वह भविष्य में भी इसी तरह अपनी अद्भुत प्रतिभा और उत्कृष्ट प्रदर्शन से भारत का गौरव बढ़ाती रहें।1
- रियां बड़ी के ग्राम बडायली में पिछले चार वर्षों से सेवारत पटवारी गजराज मीणा का अपने गृह क्षेत्र के निकट तबादला होने पर ग्रामीणों द्वारा एक भव्य एवं भावभीनी विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर गांव के बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हें साफा पहनाकर, माल्यार्पण कर और स्मृति चिन्ह भेंट करके उनके कार्यकाल की सराहना की तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। समारोह को संबोधित करते हुए ग्राम पंचायत बडायली के सरपंच ठाकुर अभय सिंह राठौड़ ने कहा कि पटवारी गजराज मीणा ने अपने चार वर्ष के कार्यकाल के दौरान पूरी ईमानदारी, निष्पक्षता और लगन के साथ राजस्व विभाग से जुड़े कार्यों का निष्पादन किया। उन्होंने हमेशा आमजन की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए समय पर समाधान का प्रयास किया और अपने सरल स्वभाव, विनम्र व्यवहार तथा पारदर्शी कार्यप्रणाली से ग्रामीणों का विश्वास जीता। ग्रामीणों ने भी उनके कार्यों की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने हर व्यक्ति के साथ समान व्यवहार किया और राजस्व संबंधी कार्यों में हमेशा सहयोगात्मक भूमिका निभाई। इस कार्यक्रम में उप जिला प्रमुख शोभाराम जयपाल, कृषि सुपरवाइजर रामलाल मेघवाल, शिवकरण गोदारा, पटवारी धर्मेंद्र गौड़, राजेश गोदारा, अनिल गोदारा, तेजू सेन, श्रवण कुमार गोदारा, हनुमान राव, रोशन खान, पारस भाटी, गोविंग भाटी, राजेश नाथ, मोहन नाथ और संजय मेघवाल सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे। विदाई समारोह के अंत में भावुक माहौल के बीच पटवारी गजराज मीणा ने ग्रामीणों के स्नेह और सम्मान के लिए सभी का आभार व्यक्त किया और कहा कि बडायली में बिताए गए चार वर्ष उनके जीवन के यादगार पल रहेंगे।1
- पीसांगन थाना क्षेत्र के गोविंदगढ़ में शाम के समय 10 वर्षीय नाबालिग बच्चे को उठाकर ले जाने के प्रयास से सनसनी फैल गई। गांव निवासी पोलूराम जांगिड़ का पुत्र नक्ष उर्फ नानू जांगिड़ जब अपने घर के पास खेल रहा था, तभी एक युवक उसे उठाकर लाडपुरा रोड की तरफ ले जाने लगा। खुद को ब्यावर जिले के कुड़की का निवासी सहदेव बताने वाले इस युवक की हरकत को लाडपुरा रोड निवासी विष्णु सेन ने देख लिया। विष्णु सेन ने मामले की गंभीरता को समझते हुए नक्ष को पहचाना और युवक के चंगुल से छुड़वा लिया। इसके बाद उन्होंने घटना की जानकारी ग्रामीणों और पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पीसांगन पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी युवक को डिटेन कर गोविंदगढ़ से थाने के लिए रवाना हो गई।1