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सत्य नाम पंथ के संस्थापक गुरु जगजीवन साहेब के जन्मोत्सव पर उन्हें कोटि कोटि नमन् करता हूं। उन्होंने गृहस्थ जीवन में भक्ति का मार्ग प्रशस्त किया उनके विचार आदर्श सदैव समाज को नई दिशा दिया उन्होंने जाति धर्म मजहब से उठकर मानवीय मूल्यों को महत्व दिया। हिन्दू मुस्लिम सभी को सत्य नाम सुमिरन से ईश्वर प्राप्ति का रास्ता दिखाया अपने पंथ में भक्ति मार्ग पर चलने का बराबर महत्व दिया आपने शिष्य बनाया एवं सामाजिक कुरीतियां छूआछूत से उपर उठकर सत्य नाम पंथ चलाया जिसमें जाति धर्म मजहब का कोई स्थान नहीं है सभी को बराबर महत्व दिया एवं जीवन शैली का रास्ता दिखाया। उन्होंने ज्ञान प्रकाश, महाप्रलय, शब्द सागर प्रमुख ग्रन्थों की रचना किया। साहेब बंदगी, जय जगजीवन साहेब। पराग प्रसाद रावत राष्ट्रीय महासचिव अखिल भारतीय राजीव गांधी विचार मंच
Parag Prasad Rawat
सत्य नाम पंथ के संस्थापक गुरु जगजीवन साहेब के जन्मोत्सव पर उन्हें कोटि कोटि नमन् करता हूं। उन्होंने गृहस्थ जीवन में भक्ति का मार्ग प्रशस्त किया उनके विचार आदर्श सदैव समाज को नई दिशा दिया उन्होंने जाति धर्म मजहब से उठकर मानवीय मूल्यों को महत्व दिया। हिन्दू मुस्लिम सभी को सत्य नाम सुमिरन से ईश्वर प्राप्ति का रास्ता दिखाया अपने पंथ में भक्ति मार्ग पर चलने का बराबर महत्व दिया आपने शिष्य बनाया एवं सामाजिक कुरीतियां छूआछूत से उपर उठकर सत्य नाम पंथ चलाया जिसमें जाति धर्म मजहब का कोई स्थान नहीं है सभी को बराबर महत्व दिया एवं जीवन शैली का रास्ता दिखाया। उन्होंने ज्ञान प्रकाश, महाप्रलय, शब्द सागर प्रमुख ग्रन्थों की रचना किया। साहेब बंदगी, जय जगजीवन साहेब। पराग प्रसाद रावत राष्ट्रीय महासचिव अखिल भारतीय राजीव गांधी विचार मंच
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- भारत का संविधान हर नागरिक को अनुच्छेद 14 (समानता), अनुच्छेद 20 (मनमानी दंड से संरक्षण) और अनुच्छेद 21 (जीवन व व्यक्तिगत स्वतंत्रता) की गारंटी देता है। जब वर्दीधारी खुद “हथियार” पकड़वाकर “रिकवरी” दिखाते हैं, तो यह ड्यू प्रोसेस ऑफ लॉ की खुली हत्या है। यह न सिर्फ निर्दोषता के सिद्धांत (Presumption of Innocence) को रौंदता है, बल्कि न्यायपालिका को गुमराह करने की साजिश भी बन जाता है। ऐसी कार्रवाई कानून-व्यवस्था नहीं, संवैधानिक अपराध है। अलीगढ़, उत्तर प्रदेश से आया ये वीडियो रोंगटे खड़े कर देने वाला है। जहां वर्दी अपराधियों पर चाकू नहीं पकड़ रही… वर्दी खुद चाकू पकड़ा रही है! वीडियो में साफ दिख रहा है पहले “हथियार” रखवाओ, फिर “रिकवरी” का ड्रामा रचो, और फिर दो बेगुनाहों को अपराधी बताकर जेल ठूंस दो। सूरज गौतम और सोनू इनका कसूर क्या था? बस इतना कि इनके हाथ में सिस्टम ने अपराध थमा दिया। ये सवाल नहीं… ये आरोप है ये पुलिसिया कार्रवाई नहीं, सबूत गढ़ने का धंधा है। ये कानून का राज नहीं, वर्दी की गुंडागर्दी है। सामाजिक दृष्टि से पुलिस समाज और नागरिक के बीच भरोसे की आख़िरी कड़ी होती है। जब वही कड़ी फर्ज़ी मामलों, झूठी बरामदगी और निर्दोषों को फँसाने का औज़ार बन जाए, तो समाज में डर, अविश्वास और आक्रोश पैदा होता है। सूरज गौतम और सोनू जैसे नाम सिर्फ व्यक्ति नहीं रह जाते—वे उस आम नागरिक का प्रतीक बन जाते हैं, जिसे कभी भी “केस” बनाकर कुचल दिया जा सकता है। यह सामाजिक ताने-बाने को तोड़ने वाली प्रवृत्ति है। नैतिक दृष्टि से वर्दी सिर्फ कपड़ा नहीं, जिम्मेदारी और मर्यादा का प्रतीक होती है। जिस हाथ को नागरिक की रक्षा करनी चाहिए, वही हाथ अगर सबूत गढ़े—तो यह नैतिक पतन की पराकाष्ठा है। यह सत्ता का दुरुपयोग है, जो बताता है कि समस्या “कुछ लोगों” की नहीं, बल्कि जवाबदेही की कमी की है। निष्कर्ष यह सवाल नहीं है—यह आरोप है। यह पुलिसिया कार्रवाई नहीं—सबूत गढ़ने का धंधा है। यह कानून का राज नहीं—वर्दी की गुंडागर्दी है। जब तक ऐसे मामलों में स्वतंत्र जांच, कड़ी सज़ा और संस्थागत सुधार नहीं होंगे, तब तक संविधान सिर्फ किताबों में और न्याय सिर्फ भाषणों में रहेगा। #RuleOfLaw #PoliceAccountability #संविधान_बचाओ #JusticeForSurajSonu1
- कमालगंज बाजार में हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा (30,01,2026) दिया शुक्रवार को सभी हिन्दू भाई बहनों को आमंत्रित किया गया है सभी हिन्दू भाई बहन ज्यादा से ज्यादा लोग पहुंचे 🙏🚩 जय श्री राम1
- रायबरेली में 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस का उत्साहपूर्ण आयोजन नए मतदाताओं को कैप पहनाकर सम्मानित, बीएलओ-सुपरवाइजर को किया गया पुरस्कृत रायबरेली: भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार यहां 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस का भव्य समारोह शहर के जीआईसी ग्राउंड में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने की। इस अवसर पर मतदाताओं के लिए आकर्षक सेल्फी प्वाइंट बनाया गया, जिससे युवा उत्साह से भाग लेते नजर आए। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) में उत्कृष्ट कार्य करने वाले ब्लॉक लेवल ऑफिसर (बीएलओ) और सुपरवाइजरों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मौजूद सभी अधिकारियों, कर्मचारियों तथा बड़ी संख्या में उपस्थित छात्र-छात्राओं को राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शपथ दिलाई गई। इसके पश्चात जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने पहली बार मतदाता बने युवा छात्र-छात्राओं को कैप पहनाकर सम्मानित किया और उन्हें लोकतंत्र में भागीदारी के लिए प्रेरित किया। यह आयोजन मतदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और नए मतदाताओं को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण साबित होगा।1
- Post by Shyamu Patel3
- सत्य नाम पंथ के संस्थापक गुरु जगजीवन साहेब के जन्मोत्सव पर उन्हें कोटि कोटि नमन् करता हूं। उन्होंने गृहस्थ जीवन में भक्ति का मार्ग प्रशस्त किया उनके विचार आदर्श सदैव समाज को नई दिशा दिया उन्होंने जाति धर्म मजहब से उठकर मानवीय मूल्यों को महत्व दिया। हिन्दू मुस्लिम सभी को सत्य नाम सुमिरन से ईश्वर प्राप्ति का रास्ता दिखाया अपने पंथ में भक्ति मार्ग पर चलने का बराबर महत्व दिया आपने शिष्य बनाया एवं सामाजिक कुरीतियां छूआछूत से उपर उठकर सत्य नाम पंथ चलाया जिसमें जाति धर्म मजहब का कोई स्थान नहीं है सभी को बराबर महत्व दिया एवं जीवन शैली का रास्ता दिखाया। उन्होंने ज्ञान प्रकाश, महाप्रलय, शब्द सागर प्रमुख ग्रन्थों की रचना किया। साहेब बंदगी, जय जगजीवन साहेब। पराग प्रसाद रावत राष्ट्रीय महासचिव अखिल भारतीय राजीव गांधी विचार मंच2
- तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से बाइक सवार छात्र की मौत, मामा गंभीर एंकर, रायबरेली के मिल एरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत शारदा नहर के पास एक भीषण सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार ट्रक ने मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका मामा गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक की पहचान सालिब पुत्र मकबूल हसन, उम्र करीब 18 वर्ष, निवासी इमामगंज थाना महाराजगंज के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार सालिब अपने मामा मोहम्मद नसरत के साथ मोटरसाइकिल से रायबरेली शहर स्थित विद्यालय में इंटरमीडिएट की प्रैक्टिकल परीक्षा देने जा रहा था। जैसे ही वे शारदा नहर के पास पहुंचे, सामने से आ रहे ट्रक ने बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि सालिब की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। ट्रक चालक की तलाश की जा रही है और मामले की जांच जारी है।1
- समापन समारोह एवं पुरस्कार वितरण डलमऊ रायबरेली पंचामृत चेतना केंद्र समिति द्वारा समापन एवं पुरस्कार वितरण का आयोजन किया गया तीन दिन चले कार्यक्रम का समापन हो गया डलमऊ के संतोषी माता मंदिर पर आयोजित कार्यक्रम में विशेष स्वास्थ्य सचिव अनिल सिंह जेल अधीक्षक प्रभात सिंह, होमगार्ड कमांडेंट संजय शर्मा सहित अन्य लोगों ने प्रतिभा किया स्वर्गीय रमेश कुमार श्रीवास्तव की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता वाद-विवाद एवं खेलकूद प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया गया दूरदराज से आए गरीब व असहाय लोगों को समिति की ओर से कंबल वितरण किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत रमेश श्रीवास्तव के चित्र पर दीप प्रचलित कर की गई पंचामृत चेतना केंद्र के समिति प्रदीप श्रीवास्तव एवं चंद्र प्रकाश शुक्ला ने अतिथियों का स्वागत किया कार्यक्रम मे सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया फूलों की होली एवं गंगा मैया के गीतों पर नृत्य कार्यक्रम आयोजित किए गए जिस पर दर्शकों ने खूब तालियां बजाई इस मौके पर बड़ा मठ स्वामी दिव्यानंद गिरि कोतवाली प्रभारी डलमऊ राघवन कुमार सिंह, निलय श्रीवास्तव, संजय शुक्ला पुरुषोत्तम शुक्ला, आशीष सोनी, सोहराब अली बड़ी संख्या में डलमऊ कस्बे वासी उपस्थित रहे।1
- **सवर्ण समाज को शिक्षा से वंचित करने का नियोजित प्रयास? UGC इक्विटी व्यवस्था के विरोध में ‘घर-घर चलो अभियान’ तेज** रायबरेली/लखनऊ। राष्ट्रीय सवर्ण परिषद ने घोषणा की है कि वह सवर्णों एवं सनातन समाज की आवाज को घर-घर तक पहुँचाने के अपने संकल्प पर पहले की तरह अडिग है और भविष्य में भी इसे और मजबूती से उठाती रहेगी। परिषद का आरोप है कि केंद्र सरकार द्वारा विश्वविद्यालयीय व्यवस्था में “समानता” के नाम पर लागू की जा रही UGC इक्विटी नीति वास्तव में समान अवसर नहीं, बल्कि पक्षपातपूर्ण विशेषाधिकार व्यवस्था है, जिससे सवर्ण समाज को योजनाबद्ध तरीके से उच्च शिक्षा से वंचित किया जा रहा है। परिषद के पदाधिकारियों का कहना है कि शिक्षा संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) और अनुच्छेद 15 (भेदभाव निषेध) की मूल भावना पर आधारित होनी चाहिए, न कि ऐसी नीतियों पर जो सामाजिक संतुलन को बिगाड़ें। उनका आरोप है कि वर्तमान नीति सामाजिक न्याय की आड़ में राजनीतिक तुष्टिकरण को बढ़ावा दे रही है, जिससे विश्वविद्यालयों में योग्यता, प्रतिस्पर्धा और समान अवसर की अवधारणा कमजोर हो रही है। इसी के विरोध में राष्ट्रीय सवर्ण परिषद एवं उसके सहयोगी संगठनों द्वारा “घर-घर चलो अभियान” का आगाज किया गया है। इस अभियान के माध्यम से आम जनमानस को बताया जा रहा है कि UGC की यह इक्विटी व्यवस्था किस प्रकार संवैधानिक मर्यादाओं, नीति-नियमों और नैतिक मूल्यों के विपरीत है तथा कैसे यह भारतीय समाज के पारंपरिक सामाजिक ताने-बाने को झकझोरने का काम कर रही है। परिषद का कहना है कि वे किसी भी समाज के विरोध में नहीं, बल्कि समान अधिकारों की निष्पक्ष व्यवस्था के पक्षधर हैं। संगठन ने केंद्र सरकार से मांग की है कि वह UGC इक्विटी नीति पर पुनर्विचार करे, सभी वर्गों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करे और शिक्षा को सामाजिक प्रयोगशाला बनने से रोके। राष्ट्रीय सवर्ण परिषद ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने जनभावनाओं की अनदेखी जारी रखी, तो यह आंदोलन जनांदोलन का रूप ले सकता है और इसे लोकतांत्रिक व संवैधानिक तरीके से देशव्यापी स्तर पर आगे बढ़ाया जाएगा।4