प्रधान बूटा सिंह के घर में निकला 10 फीट लंबा विशालकाय अजगर, दो दिन की मशक्कत के बाद वन विभाग ने दबोचा पलिया कलां-खीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व से सटे रिहायशी इलाके में 10 फुट का विशालकाय अजगर निकलने से दहशत फैल गई । बताया जा रहा है पलिया वन रेंज के ग्राम मकनपुर में प्रधान बूटा सिंह के घर में पिछले दो दिनों से डेरा जमाए एक करीब 10 फीट लंबे विशालकाय अजगर को वन विभाग की टीम ने सोमवार को कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू कर लिया।बता दें यह रेस्क्यू दो दिनों से चल चल रहा था । मिली जानकारी के अनुसार, दुधवा के जंगलों से निकलकर यह विशालकाय अजगर मकनपुर प्रधान बूटा सिंह के घर के परिसर में घुस आया था और एक सुरक्षित कोने में छिपकर बैठ गया था। हैरानी की बात यह है कि यह अजगर उस हिस्से में मौजूद था जहां निर्माण कार्य या अन्य कार्यों के लिए मजदूरों का लगातार आना-जाना बना रहता था। काम के दौरान कई बार लेबरों के पैर अजगर के बेहद करीब पड़ जाते थे, लेकिन किसी ने सोचा भी नहीं था कि वहां इतना बड़ा खतरा छिपा बैठा है। जैसे ही ग्रामीणों को इस भारी-भरकम अजगर की भनक लगी, पूरे घर में अफरा-तफरी मच गई और तत्काल वन विभाग को इसकी सूचना दी गई। वन विभाग की टीम ने रविवार को भी इसे पकड़ने की कोशिश की थी, लेकिन झाड़ियों और संकरी जगह का फायदा उठाकर वह बार-बार टीम को चकमा देकर छिप जा रहा था। सोमवार को वन विभाग की टीम ने घेराबंदी कर रेस्क्यू ऑपरेशन को दोबारा शुरू किया। घंटों की जद्दोजहद और सावधानीपूर्वक चलाए गए अभियान के बाद आखिरकार 10 फीट लंबे इस भारी-भरकम अजगर को सुरक्षित पकड़ लिया गया। अजगर के पकड़े जाने के बाद प्रधान के घर और काम कर रहे मजदूरों ने राहत की सांस ली है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पकड़े गए अजगर को वापस दुधवा के घने जंगलों में सुरक्षित छोड़ दिया गया है। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे खेतों और झाड़ियों के आसपास जाते समय सतर्क रहें।
प्रधान बूटा सिंह के घर में निकला 10 फीट लंबा विशालकाय अजगर, दो दिन की मशक्कत के बाद वन विभाग ने दबोचा पलिया कलां-खीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व से सटे रिहायशी इलाके में 10 फुट का विशालकाय अजगर निकलने से दहशत फैल गई । बताया जा रहा है पलिया वन रेंज के ग्राम मकनपुर में प्रधान बूटा सिंह के घर में पिछले दो दिनों से डेरा जमाए एक करीब 10 फीट लंबे विशालकाय अजगर को वन विभाग की टीम ने सोमवार को कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू कर लिया।बता दें यह रेस्क्यू दो दिनों से चल चल रहा था । मिली जानकारी के अनुसार, दुधवा के जंगलों से निकलकर यह विशालकाय अजगर मकनपुर प्रधान बूटा सिंह के घर के परिसर में घुस आया था और एक सुरक्षित कोने में छिपकर बैठ गया था। हैरानी की बात यह है कि यह अजगर उस हिस्से में मौजूद था जहां निर्माण कार्य या अन्य कार्यों के लिए मजदूरों का लगातार आना-जाना बना रहता था। काम के दौरान कई बार लेबरों के पैर अजगर के बेहद करीब पड़ जाते थे, लेकिन किसी ने सोचा भी नहीं था कि वहां इतना बड़ा खतरा छिपा बैठा है। जैसे ही ग्रामीणों को इस भारी-भरकम अजगर की भनक लगी, पूरे घर में अफरा-तफरी मच गई और तत्काल वन विभाग को इसकी सूचना दी गई। वन विभाग की टीम ने रविवार को भी इसे पकड़ने की कोशिश की थी, लेकिन झाड़ियों और संकरी जगह का फायदा उठाकर वह बार-बार टीम को चकमा देकर छिप जा रहा था। सोमवार को वन विभाग की टीम ने घेराबंदी कर रेस्क्यू ऑपरेशन को दोबारा शुरू किया। घंटों की जद्दोजहद और सावधानीपूर्वक चलाए गए अभियान के बाद आखिरकार 10 फीट लंबे इस भारी-भरकम अजगर को सुरक्षित पकड़ लिया गया। अजगर के पकड़े जाने के बाद प्रधान के घर और काम कर रहे मजदूरों ने राहत की सांस ली है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पकड़े गए अजगर को वापस दुधवा के घने जंगलों में सुरक्षित छोड़ दिया गया है। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे खेतों और झाड़ियों के आसपास जाते समय सतर्क रहें।
- पलिया कलां-खीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व से सटे रिहायशी इलाके में 10 फुट का विशालकाय अजगर निकलने से दहशत फैल गई । बताया जा रहा है पलिया वन रेंज के ग्राम मकनपुर में प्रधान बूटा सिंह के घर में पिछले दो दिनों से डेरा जमाए एक करीब 10 फीट लंबे विशालकाय अजगर को वन विभाग की टीम ने सोमवार को कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू कर लिया।बता दें यह रेस्क्यू दो दिनों से चल चल रहा था । मिली जानकारी के अनुसार, दुधवा के जंगलों से निकलकर यह विशालकाय अजगर मकनपुर प्रधान बूटा सिंह के घर के परिसर में घुस आया था और एक सुरक्षित कोने में छिपकर बैठ गया था। हैरानी की बात यह है कि यह अजगर उस हिस्से में मौजूद था जहां निर्माण कार्य या अन्य कार्यों के लिए मजदूरों का लगातार आना-जाना बना रहता था। काम के दौरान कई बार लेबरों के पैर अजगर के बेहद करीब पड़ जाते थे, लेकिन किसी ने सोचा भी नहीं था कि वहां इतना बड़ा खतरा छिपा बैठा है। जैसे ही ग्रामीणों को इस भारी-भरकम अजगर की भनक लगी, पूरे घर में अफरा-तफरी मच गई और तत्काल वन विभाग को इसकी सूचना दी गई। वन विभाग की टीम ने रविवार को भी इसे पकड़ने की कोशिश की थी, लेकिन झाड़ियों और संकरी जगह का फायदा उठाकर वह बार-बार टीम को चकमा देकर छिप जा रहा था। सोमवार को वन विभाग की टीम ने घेराबंदी कर रेस्क्यू ऑपरेशन को दोबारा शुरू किया। घंटों की जद्दोजहद और सावधानीपूर्वक चलाए गए अभियान के बाद आखिरकार 10 फीट लंबे इस भारी-भरकम अजगर को सुरक्षित पकड़ लिया गया। अजगर के पकड़े जाने के बाद प्रधान के घर और काम कर रहे मजदूरों ने राहत की सांस ली है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पकड़े गए अजगर को वापस दुधवा के घने जंगलों में सुरक्षित छोड़ दिया गया है। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे खेतों और झाड़ियों के आसपास जाते समय सतर्क रहें।1
- पलिया कलां खीरी चन्दन चौकी के बलेरा गांव में मासूम बच्चियों के साथ हुई घिनौनी वारदात को लेकर सियासत गरमा गई है पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे संपूर्णानगर ने कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल को पुलिस ने गांव से निकलने से पहले ही रोक दिया। आदिवासी बेटियों के साथ हुई दरिंदगी के खिलाफ आवाज उठाना और पीड़ित परिवार को सांत्वना देना लोकतंत्र में अपराध नहीं है। नेताओं का कहना है कि प्रशासन अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए तानाशाही पर उतारू है1
- Post by Firdosh journalist1
- मझगई। थाना क्षेत्र के नौगवां कस्बे से 300 मीटर दूर नौगवां से विशनुपुर जाने वाले सम्पर्क मार्ग पर एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में देर शाम शव मिला है। परिजनों ने धारदार हथियार से हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है संवाददाता निर्वेन्द्र कुमार गुप्ता मझगई थाना क्षेत्र के नौगवां कस्बे से 300 मीटर दूर नौगवां से विशनुपुर जाने वाले सम्पर्क म्राग पर घटना को अंजाम दिया गया। नौग़वां से विष्णुपुर रोड पर स्थित एक मैरिज हॉल के पास देर शाम युवक का शव मिला परिजनो ने हत्या किए जाने का आरोप लगाया । मृतक की पहचान मझगई थाना क्षेत्र के कोठिया गांव निवासी 28 वर्षीय रमेश कुमार चौहान पुत्र जितेंद्र के रूप में हुई है। उसके शरीर और चेहरे पर चोट के निशान पाए गए हैं।मृतक के परिजनों का आरोप है कि रमेश की धारदार हथियार से गर्दन, मुंह और छाती पर हमला कर हत्या की गई है। परिजनों ने बताया कि रमेश बाहर काम करता था और होली के त्योहार के चलते दो दिन पहले ही गांव आया था। मृतक की मोटरसाइकिल शव से लगभग 50 मीटर दूर खेत में पड़ी मिली। ग्रामीणों ने परिजनों को रमेश की मृत्यु की सूचना दी, जिसके बाद घर में मातम छा गया। मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव देखकर पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मौका मुआयना किया। थाना प्रभारी राजू राव ने बताया कि मृतक के शरीर पर चोट और जख्म के निशान मिले हैं, प्रथम दृश्यता में एक्सिडेंट की घटना प्रतीत हो रही है। पुलिस ने मृतक की भाभी रामरती की तहरीर पर मामला दर्ज कर लिया है और चार लोगों को हिरासत में लेकर पूंछताछ की जा रही है।पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर घटना की सच्चाई सामने आ सकेगी। पुलिस विभिन्न पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। वही मौके पर फार्मेसिंक टीम भी पहुंची फार्मेसिंक टीम ने भी मौका मुआयना किया और हर एगंल से जांच की और साक्ष्य जुटाए मृतक लगभग डेढ़ साल से अपनी बहन के यहा रहता था मृतक अपनी पत्नी संध्या और एक चार माह के बच्चे को अपने फिछे रोता छोड़ गया है।1
- *ईसानगर से बड़ी खबर* ईसानगर थाना क्षेत्र के ईसानगर हसनपुर कटौली मार्ग पर तेज रफ्तार बस और मोटरसाइकिल की जबरदस्त टक्कर, मोटरसाइकिल सवार एक युवक की मौके पर मौत एक गंभीर घायल, भीषण टक्कर के बाद बस बनी आग का गोला, पीआरवी के साथ ईसानगर पुलिस और फायर ब्रिगेड मौके पर।1
- हमें बदनाम करने में उन्हीं लोगों का नाम आया, जिनके लिए हम आधी रात को भी काम आया। 🔥 कुछ लोग एहसान भूल जाते हैं, लेकिन वक्त सब याद रखता है। 😎 अगर आपको भी रॉयल एटीट्यूड और दमदार शायरी पसंद है तो वीडियो को Like 👍 Share 🔥 और Subscribe 🔔 जरूर करें।1
- Post by यूपी समाचार1
- पलिया कलां-खीरी। होली के पावन पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। इसी क्रम में सोमवार को भारत-नेपाल सीमा से सटे थाना गौरीफंटा क्षेत्र के बनगांव और स्थानीय मार्केट में कोतवाली पुलिस ने एसएसबी (SSB) के जवानों के साथ मिलकर संयुक्त फ्लैग मार्च किया। इस दौरान सुरक्षा बलों ने ग्रामीणों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया और हुड़दंगियों को सख्त संदेश दिया कि त्योहार की खुशियों में खलल डालने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। कोतवाली गौरीफंटा पुलिस और सशस्त्र सीमा बल के जवानों ने बनगांव की गलियों से लेकर मुख्य बाजार तक मार्च निकालकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण पुलिस प्रशासन बेहद सतर्क नजर आ रहा है। फ्लैग मार्च के दौरान अधिकारियों ने स्थानीय दुकानदारों और ग्रामीणों से संवाद किया और उनसे अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। पुलिस बल ने संवेदनशील इलाकों में विशेष नजर रखने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि होली के दौरान नशे की हालत में हुड़दंग करने वालों, स्टंट दिखाने वाले बाइक सवारों और शांति भंग करने की कोशिश करने वाले तत्वों पर पैनी नजर रखी जा रही है। विशेष रूप से बनगांव मार्केट जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में सादी वर्दी में भी पुलिस बल तैनात रहेगा। इस फ्लैग मार्च में गौरीफंटा थाना प्रभारी के साथ भारी संख्या में पुलिसकर्मी और एसएसबी के जांबाज शामिल रहे। सुरक्षा बलों के इस कदम से ग्रामीणों में सुरक्षा की भावना जगी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि त्योहार के दौरान सीमा पार से होने वाली आवाजाही पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की अवांछनीय घटना को रोका जा सके।1