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दिल्ली जंतर-मंतर पर दंगे भड़काने की पाकिस्तान की बड़ी साजिश नाकाम, ISI समर्थित मॉड्यूल के 9 आतंकी गिरफ्तार, Paytm से हुआ भुगतान 💥 *बड़ी खबर*💥 *दिल्ली जंतर-मंतर पर दंगे भड़काने की पाकिस्तान की बड़ी साजिश नाकाम, ISI समर्थित मॉड्यूल के 9 आतंकी गिरफ्तार, Paytm से हुआ भुगतान* पंजाब पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI द्वारा समर्थित दो आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, ये आरोपी दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में चल रहे काकरोच जनता पार्टी के आंदोलन (NEET परीक्षा विवाद को लेकर) के दौरान दंगे भड़काने और पेट्रोल बम से हमला करने की बड़ी साजिश रच रहे थे। पुलिस के अनुसार, पाकिस्तान स्थित ISI हैंडलर्स ने आरोपियों को पेट्रोल बम बनाना, पुलिस और सुरक्षा प्रतिष्ठानों की रेकी करना तथा सार्वजनिक अशांति फैलाने के लिए तैयार किया था। मॉड्यूल को हवाला के जरिए भी फंडिंग उपलब्ध कराई जा रही थी।जांच में खुलासा हुआ कि एक मॉड्यूल के सदस्यों को दिल्ली के जंतर मंतर प्रदर्शन में भेजा गया था और उनकी गतिविधियों के लिए Paytm के जरिए भुगतान किया गया। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से अवैध पिस्तौल, जिंदा कारतूस, पेट्रोल बम और सीसीटीवी उपकरण बरामद किए गए हैं। इससे पहले, इसी जंतर-मंतर साजिश से जुड़े एक अन्य संदिग्ध आतंकी हमीम मंडल को शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 को पश्चिम बंगाल के पुरबा वर्धमान जिले से गिरफ्तार किया गया था।

18 hrs ago
user_शेखर तिवारी
शेखर तिवारी
Journalist गुढ़, रीवा, मध्य प्रदेश•
18 hrs ago

दिल्ली जंतर-मंतर पर दंगे भड़काने की पाकिस्तान की बड़ी साजिश नाकाम, ISI समर्थित मॉड्यूल के 9 आतंकी गिरफ्तार, Paytm से हुआ भुगतान 💥 *बड़ी खबर*💥 *दिल्ली जंतर-मंतर पर दंगे भड़काने की पाकिस्तान की बड़ी साजिश नाकाम, ISI समर्थित मॉड्यूल के 9 आतंकी गिरफ्तार, Paytm से हुआ भुगतान* पंजाब पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI द्वारा समर्थित दो आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, ये आरोपी दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में चल रहे काकरोच जनता पार्टी के आंदोलन (NEET परीक्षा विवाद को लेकर) के दौरान दंगे भड़काने और पेट्रोल बम से हमला करने की बड़ी साजिश रच रहे थे। पुलिस के अनुसार, पाकिस्तान स्थित ISI हैंडलर्स ने आरोपियों को पेट्रोल बम बनाना, पुलिस और सुरक्षा प्रतिष्ठानों की रेकी करना तथा सार्वजनिक अशांति फैलाने के लिए तैयार किया था। मॉड्यूल को हवाला के जरिए भी फंडिंग उपलब्ध कराई जा रही थी।जांच में खुलासा हुआ कि एक मॉड्यूल के सदस्यों को दिल्ली के जंतर मंतर प्रदर्शन में भेजा गया था और उनकी गतिविधियों के लिए Paytm के जरिए भुगतान किया गया। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से अवैध पिस्तौल, जिंदा कारतूस, पेट्रोल बम और सीसीटीवी उपकरण बरामद किए गए हैं। इससे पहले, इसी जंतर-मंतर साजिश से जुड़े एक अन्य संदिग्ध आतंकी हमीम मंडल को शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 को पश्चिम बंगाल के पुरबा वर्धमान जिले से गिरफ्तार किया गया था।

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  • काशी बनारस का वह सुनहरा दृश्य सावन माह और काशी विश्वनाथ के कठिन दर्शन काशी बनारस का वह सुनहरा दृश्य सावन माह और काशी विश्वनाथ के कठिन दर्शन
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    काशी बनारस का वह सुनहरा दृश्य सावन माह और काशी विश्वनाथ के कठिन दर्शन 
काशी बनारस का वह सुनहरा दृश्य सावन माह और काशी विश्वनाथ के कठिन दर्शन
    user_शेखर तिवारी
    शेखर तिवारी
    Journalist गुढ़, रीवा, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • रीवा सर्किट हाउस में गौधाम, नशामुक्ति और हवाई सेवाओं को लेकर महत्वपूर्ण बैठक
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    रीवा सर्किट हाउस में गौधाम, नशामुक्ति और हवाई सेवाओं को लेकर महत्वपूर्ण बैठक
    user_Avi Standing with the truth
    Avi Standing with the truth
    Yoga instructor Mangawan, Rewa•
    12 hrs ago
  • श्री लक्ष्मी नारायण नमो नमः 🙏🌹🌹🪴
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    श्री लक्ष्मी नारायण नमो नमः 🙏🌹🌹🪴
    user_Damodar kushwaha
    Damodar kushwaha
    Farmer Rampur Naikin, Sidhi•
    19 hrs ago
  • राजस्व अधिकारियों की तानाशाही 12 साल पुरानी सड़क पर गड़वा दिए लोहे के एंगल राजस्व अधिकारियों की तानाशाही 12 साल पुरानी सड़क पर गड़वा दिए लोहे के एंगल रीवा जिले के छिरेहटा निवासी किसान का आरोप— रास्ता रोक गाड़े एंगल, परिवार हुआ बंधक रीवा राजस्व विभाग की खुली मनमानी ​15 जून के बाद बैन थी सीमांकन की प्रक्रिया, फिर किसकी शह पर आधी-अधूरी नाप के नाम पर रोक दिया किसान का रास्ता , रीवा जिले के गुढ़ विधनसभा के ग्राम पंचायत छीरेहटा थाना गोविन्द गढ़ में राजस्व विभाग की सीमांकन कार्यवाही के दौरान बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पीड़ित किसान संजय मिश्रा पिता रामशरण मिश्रा ने राजस्व अमले पर नियम-कायदों को ताक पर रखकर एकतरफा कार्यवाही करने और 12 वर्षो से बने निजी रास्ते पर लोहे के एंगल गड़वाकर पूरे परिवार को घर में बंधक बना देने का गंभीर आरोप लगाया है। ग्राम छीरेहटा निवासी संजय मिश्रा के अनुसार, पड़ोसी जितेन्द्र पांडे के आवेदन पर सीमांकन के लिए पटवारियों की टीम, दो आरआई बिगत सप्ताह भर पहले पहुचे थे। संजय मिश्रा ने बताया कि उनकी खसरा नंबर 512 (रकबा 1 एकड़ 38 डिसमिल) की जमीन पड़ोसी जितेंद्र पांडेय से सटी हुई है। क्षेत्र का भू-नक्शा त्रुटिपूर्ण है और मामला पहले से ही सिविल कोर्ट में विचाराधीन है। पीड़ित का आरोप है कि धारा 129 के तहत चारों तरफ की सीमाओं का नाप करने के बजाय, अमले ने एकतरफा कार्यवाही करते हुए उनके आने-जाने के मुख्य रास्ते पर लोहे के एंगल गड़वा दिए। उन्होंने सवाल उठाया कि मध्य प्रदेश शासन के निर्देशानुसार 15 जून के बाद बारिश के दौरान सीमांकन की कार्यवाही स्थगित रहती है, फिर भी इस तरह की जल्दबाजी क्यों दिखाई गई। पीडिटी लगातार राजस्व विभाग के अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट रहा है मगर पीड़ित को कहीं से न्याय नहीं दिख रहा है पीड़ित लगातार रीवा जिला प्रशासन से मीडिया के माध्यम से मांग कर रहा है कि उसके घर के जाने वाले रास्ते में गड़े एंगल को हटवाया जाए उसका रास्ता चालू करवाया जाए क्योंकि बरसात का महीना शुरू है चारों तरफ खेतों में लबालब पानी भरा हुआ है आने जाने बाले रास्ते में बल पूर्वक एंगल गाड़ दिया गया है अक्सर देखा जाता है कि राजस्व विभाग के भ्रस्ट अधिकारियों के चलते राजस्व मामले विवादित रहते हैं या तो पेंडिंग छोड़ दिए जाते हैं ।
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    राजस्व अधिकारियों की तानाशाही 12 साल पुरानी सड़क पर गड़वा दिए लोहे के एंगल 




राजस्व अधिकारियों की तानाशाही 12 साल पुरानी सड़क पर गड़वा दिए लोहे के एंगल 
रीवा जिले के छिरेहटा निवासी  किसान का आरोप—  रास्ता रोक गाड़े एंगल, परिवार हुआ बंधक रीवा राजस्व विभाग की खुली मनमानी ​15 जून के बाद बैन थी सीमांकन की प्रक्रिया, फिर किसकी शह पर आधी-अधूरी नाप के नाम पर रोक दिया किसान का रास्ता , रीवा जिले के गुढ़ विधनसभा के ग्राम पंचायत छीरेहटा थाना गोविन्द गढ़ में राजस्व विभाग की सीमांकन  कार्यवाही के दौरान बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। 
पीड़ित किसान संजय मिश्रा पिता रामशरण मिश्रा ने राजस्व अमले पर नियम-कायदों को ताक पर रखकर एकतरफा कार्यवाही करने और 12 वर्षो से बने निजी रास्ते पर लोहे के एंगल गड़वाकर पूरे परिवार को घर में बंधक बना देने का गंभीर आरोप लगाया है।
ग्राम छीरेहटा निवासी संजय मिश्रा के अनुसार, पड़ोसी जितेन्द्र पांडे के आवेदन पर सीमांकन के लिए पटवारियों की टीम, दो आरआई बिगत सप्ताह भर पहले पहुचे थे। संजय मिश्रा ने बताया कि उनकी खसरा नंबर 512 (रकबा 1 एकड़ 38 डिसमिल) की जमीन पड़ोसी जितेंद्र पांडेय से सटी हुई है। क्षेत्र का भू-नक्शा त्रुटिपूर्ण है और मामला पहले से ही सिविल कोर्ट में विचाराधीन है।
पीड़ित का आरोप है कि धारा 129 के तहत चारों तरफ की सीमाओं का नाप करने के बजाय, अमले ने एकतरफा कार्यवाही करते हुए उनके आने-जाने के मुख्य रास्ते पर लोहे के एंगल  गड़वा दिए। उन्होंने सवाल उठाया कि मध्य प्रदेश शासन के निर्देशानुसार 15 जून के बाद बारिश के दौरान सीमांकन की कार्यवाही स्थगित रहती है, फिर भी इस तरह की जल्दबाजी क्यों दिखाई गई। पीडिटी लगातार राजस्व विभाग के अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट रहा है मगर पीड़ित को कहीं से न्याय नहीं दिख रहा है पीड़ित लगातार रीवा जिला प्रशासन से मीडिया के माध्यम से मांग कर रहा है कि उसके घर के जाने वाले रास्ते में गड़े एंगल को हटवाया जाए उसका रास्ता चालू करवाया जाए क्योंकि बरसात का महीना शुरू है चारों तरफ खेतों में लबालब पानी भरा हुआ है आने जाने बाले रास्ते  में बल पूर्वक एंगल गाड़ दिया गया है  अक्सर देखा जाता है कि राजस्व विभाग के भ्रस्ट अधिकारियों के चलते राजस्व मामले विवादित रहते हैं या तो पेंडिंग छोड़ दिए जाते हैं ।
    user_हरित प्रवाह न्यूज़
    हरित प्रवाह न्यूज़
    हुजूर नगर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • *गुढ़ की राजनीति निर्णायक मोड़ पर: 13 पार्षदों के सामूहिक इस्तीफे की अटकलों से मचा सियासी हड़कंप* *नगर परिषद से लेकर विधानसभा तक हलचल, नाराजगी के बीच बड़े राजनीतिक घटनाक्रम की चर्चाएं तेज* ब्यूरो चीफ रीवा अभिषेक पांडे गुढ़ (रीवा)। नगर परिषद गुढ़ की राजनीति इन दिनों एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है, जहां हर दिन बदलते घटनाक्रम नई चर्चाओं को जन्म दे रहे हैं। क्षेत्र के राजनीतिक गलियारों में इस समय सबसे अधिक चर्चा इस बात की है कि यदि मौजूदा हालात में कोई सकारात्मक समाधान नहीं निकला, तो नगर परिषद के सभी 13 पार्षद सामूहिक रूप से अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन लगातार हो रही बैठकों, पार्षदों की बढ़ती नाराजगी और उनके तेवरों ने इस संभावना को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। सूत्रों के मुताबिक नगर परिषद के भीतर लंबे समय से विभिन्न प्रशासनिक, विकास कार्यों और परिषद संचालन से जुड़े मुद्दों को लेकर असंतोष का माहौल बना हुआ है। पार्षदों का आरोप है कि जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों और स्थानीय समस्याओं को अपेक्षित गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। यही वजह है कि अब सभी पार्षद एकजुट होकर सामूहिक इस्तीफे जैसे बड़े कदम पर विचार कर रहे हैं। विश्वसनीय सूत्रों की मानें तो पार्षदों के बीच इस विषय को लेकर कई दौर की चर्चाएं हो चुकी हैं। अधिकांश पार्षदों का मानना है कि यदि उनकी मांगों और समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो सामूहिक इस्तीफा ही लोकतांत्रिक विरोध का सबसे प्रभावी माध्यम होगा। हालांकि अंतिम निर्णय अभी होना बाकी है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे लेकर चर्चाओं का दौर लगातार जारी है। यदि सभी 13 पार्षद वास्तव में सामूहिक इस्तीफा देते हैं, तो यह केवल नगर परिषद तक सीमित मामला नहीं रहेगा, बल्कि इसका सीधा असर पूरे गुढ़ क्षेत्र की राजनीति और विधानसभा स्तर के राजनीतिक समीकरणों पर भी पड़ सकता है। स्थानीय निकाय की कार्यप्रणाली प्रभावित होने के साथ-साथ नए राजनीतिक समीकरण बनने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि किसी नगर परिषद के सभी निर्वाचित पार्षदों का एक साथ इस्तीफा देना बेहद असाधारण स्थिति होगी। इससे शासन-प्रशासन पर भी हालात की समीक्षा कर समाधान निकालने का दबाव बढ़ सकता है। यही कारण है कि पूरे क्षेत्र में इस संभावित घटनाक्रम को लेकर उत्सुकता बनी हुई है और राजनीतिक दल भी परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं स्थानीय नागरिकों के बीच भी इस मुद्दे को लेकर व्यापक चर्चा है। लोगों का कहना है कि यदि विवाद का समय रहते समाधान नहीं हुआ तो इसका असर नगर परिषद के विकास कार्यों पर पड़ सकता है। आमजन चाहते हैं कि संवाद और सकारात्मक पहल के माध्यम से विवाद का समाधान निकले, ताकि विकास कार्य प्रभावित न हों। फिलहाल नगर परिषद गुढ़ में सियासी माहौल पूरी तरह गर्म है। पार्षदों की अगली रणनीति क्या होगी और शासन-प्रशासन इस पूरे घटनाक्रम पर क्या रुख अपनाता है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। आने वाले कुछ दिन गुढ़ की राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं और इन्हीं दिनों यह स्पष्ट होगा कि मामला बातचीत से सुलझेगा या फिर नगर परिषद में कोई बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिलेगा। *नोट: 13 पार्षदों के सामूहिक इस्तीफे की बात फिलहाल राजनीतिक चर्चाओं, सूत्रों और संभावनाओं पर आधारित है। संबंधित पक्षों की ओर से आधिकारिक पुष्टि होने तक इसे अंतिम निर्णय नहीं माना जाना चाहिए।*
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    *गुढ़ की राजनीति निर्णायक मोड़ पर: 13 पार्षदों के सामूहिक इस्तीफे की अटकलों से मचा सियासी हड़कंप* 

*नगर परिषद से लेकर विधानसभा तक हलचल, नाराजगी के बीच बड़े राजनीतिक घटनाक्रम की चर्चाएं तेज* 

ब्यूरो चीफ रीवा 
अभिषेक पांडे
गुढ़ (रीवा)। नगर परिषद गुढ़ की राजनीति इन दिनों एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है, जहां हर दिन बदलते घटनाक्रम नई चर्चाओं को जन्म दे रहे हैं। क्षेत्र के राजनीतिक गलियारों में इस समय सबसे अधिक चर्चा इस बात की है कि यदि मौजूदा हालात में कोई सकारात्मक समाधान नहीं निकला, तो नगर परिषद के सभी 13 पार्षद सामूहिक रूप से अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन लगातार हो रही बैठकों, पार्षदों की बढ़ती नाराजगी और उनके तेवरों ने इस संभावना को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है।

सूत्रों के मुताबिक नगर परिषद के भीतर लंबे समय से विभिन्न प्रशासनिक, विकास कार्यों और परिषद संचालन से जुड़े मुद्दों को लेकर असंतोष का माहौल बना हुआ है। पार्षदों का आरोप है कि जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों और स्थानीय समस्याओं को अपेक्षित गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। यही वजह है कि अब सभी पार्षद एकजुट होकर सामूहिक इस्तीफे जैसे बड़े कदम पर विचार कर रहे हैं।

विश्वसनीय सूत्रों की मानें तो पार्षदों के बीच इस विषय को लेकर कई दौर की चर्चाएं हो चुकी हैं। अधिकांश पार्षदों का मानना है कि यदि उनकी मांगों और समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो सामूहिक इस्तीफा ही लोकतांत्रिक विरोध का सबसे प्रभावी माध्यम होगा। हालांकि अंतिम निर्णय अभी होना बाकी है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे लेकर चर्चाओं का दौर लगातार जारी है।

यदि सभी 13 पार्षद वास्तव में सामूहिक इस्तीफा देते हैं, तो यह केवल नगर परिषद तक सीमित मामला नहीं रहेगा, बल्कि इसका सीधा असर पूरे गुढ़ क्षेत्र की राजनीति और विधानसभा स्तर के राजनीतिक समीकरणों पर भी पड़ सकता है। स्थानीय निकाय की कार्यप्रणाली प्रभावित होने के साथ-साथ नए राजनीतिक समीकरण बनने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि किसी नगर परिषद के सभी निर्वाचित पार्षदों का एक साथ इस्तीफा देना बेहद असाधारण स्थिति होगी। इससे शासन-प्रशासन पर भी हालात की समीक्षा कर समाधान निकालने का दबाव बढ़ सकता है। यही कारण है कि पूरे क्षेत्र में इस संभावित घटनाक्रम को लेकर उत्सुकता बनी हुई है और राजनीतिक दल भी परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए हैं।

वहीं स्थानीय नागरिकों के बीच भी इस मुद्दे को लेकर व्यापक चर्चा है। लोगों का कहना है कि यदि विवाद का समय रहते समाधान नहीं हुआ तो इसका असर नगर परिषद के विकास कार्यों पर पड़ सकता है। आमजन चाहते हैं कि संवाद और सकारात्मक पहल के माध्यम से विवाद का समाधान निकले, ताकि विकास कार्य प्रभावित न हों।

फिलहाल नगर परिषद गुढ़ में सियासी माहौल पूरी तरह गर्म है। पार्षदों की अगली रणनीति क्या होगी और शासन-प्रशासन इस पूरे घटनाक्रम पर क्या रुख अपनाता है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। आने वाले कुछ दिन गुढ़ की राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं और इन्हीं दिनों यह स्पष्ट होगा कि मामला बातचीत से सुलझेगा या फिर नगर परिषद में कोई बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिलेगा।

*नोट: 13 पार्षदों के सामूहिक इस्तीफे की बात फिलहाल राजनीतिक चर्चाओं, सूत्रों और संभावनाओं पर आधारित है। संबंधित पक्षों की ओर से आधिकारिक पुष्टि होने तक इसे अंतिम निर्णय नहीं माना जाना चाहिए।*
    user_Abhishek Pandey
    Abhishek Pandey
    Huzur, Rewa•
    17 hrs ago
  • गांव ग्राम घोरहा देवतालाब शिवा मंदिर देवतालाब महानगरी है देवतालाब शिवा मंदिर महानगरी
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    गांव ग्राम घोरहा देवतालाब शिवा मंदिर देवतालाब महानगरी है 
देवतालाब शिवा मंदिर महानगरी
    user_Rajesh Saket
    Rajesh Saket
    मऊगंज, रीवा, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • मध्य प्रदेश सरकार ने बसों मेंदो रुपए पर किलोमीटर बढ़ाया किरायाएसी नॉन एसी बसों में 25 से 75 प्रतिशत की हुई बढ़ोतरी रीवा मध्य प्रदेश राज्य शासन द्वारा सड़क परिवहन निगम को लेकर मध्य प्रदेश में चलने वाली सभी बसों में किराया की वृद्धि की गई है बताया गया है कि कई साल पहले मध्य सरकार द्वारा किराए की वृद्धि की गई थी बस एसोसिएशन द्वारा कई सालों से लगातार किराए को लेकर प्रशासन से मांग कर रही थी जहां प्रदेश सरकार द्वारा मध्य प्रदेश में चलने वाले समस्त बस में किराए बढ़ाने का निर्देश दिया गया मोटर मालिकों द्वारा राज्य शासन के आदेशों का स्वागत करते हुए कहा कि देश में डीजल की कीमत टोल प्लाजा बीमा ऑटो पार्ट्स महंगे हो गए थे जिसको लेकर प्रदेश की मोटर मालिक परेशान हो रहे थे किराया साधारण बसों में ₹2 पर किलोमीटर बढ़ाया गया है तो वहीं स्लीपर बसों में 25% की वृद्धि की गई है एक एवं सुपर डीलक्स बसों में 40 से 75% किराया में बढ़ोतरी की गई है बस स्टैंड में किराया बढ़ाने को लेकर कई यात्रियों को बस परिचालक और मोटर मालिकों के बीच कहां सुनी हो रही है कांग्रेस नेता अधिवक्ता संदीप पटेल अधिवक्ता इरफान खान तथा आम जनमानस का कथन है कि महंगाई को देखते हुए राज्य शासन ने किराया बढ़ाया है वह तो स्वागत के योग्य लेकिन अगर सोचा जाए मध्यम वर्ग की परिवार और किसान बेरोजगार युवक इस किराया वृद्धि में कितना परेशान होंगे या बजट उनके लिए उपयोगी नहीं है राज्य शासन को अगर गरीब परिवार और बेरोजगार युवक और किसान का ख्याल रखिए किराया की जगह डीजल की कीमत अगर काम कर देते तो आम लोगों को यात्रा करने में परेशानियों का सामना न करना पड़ता
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    मध्य प्रदेश सरकार ने बसों मेंदो रुपए पर किलोमीटर बढ़ाया किरायाएसी नॉन एसी बसों में 25 से 75 प्रतिशत की हुई बढ़ोतरी
रीवा मध्य प्रदेश राज्य शासन द्वारा सड़क परिवहन निगम को लेकर मध्य प्रदेश में चलने वाली सभी बसों में किराया की वृद्धि की गई है बताया गया है कि कई साल पहले मध्य सरकार द्वारा किराए की वृद्धि की गई थी बस एसोसिएशन द्वारा कई सालों से लगातार किराए को लेकर प्रशासन से मांग कर रही थी जहां प्रदेश सरकार द्वारा मध्य प्रदेश में चलने वाले समस्त बस में किराए बढ़ाने का निर्देश दिया गया मोटर मालिकों द्वारा राज्य शासन के आदेशों का स्वागत करते हुए कहा कि देश में डीजल की कीमत टोल प्लाजा बीमा ऑटो पार्ट्स महंगे हो गए थे जिसको लेकर प्रदेश की मोटर मालिक परेशान हो रहे थे किराया साधारण बसों में ₹2 पर किलोमीटर बढ़ाया गया है तो वहीं स्लीपर बसों में 25% की वृद्धि की गई है एक एवं सुपर डीलक्स बसों में 40 से 75% किराया में बढ़ोतरी की गई है बस स्टैंड में किराया बढ़ाने को लेकर कई यात्रियों को बस परिचालक और मोटर मालिकों के बीच कहां सुनी हो रही है कांग्रेस नेता अधिवक्ता संदीप पटेल अधिवक्ता इरफान खान तथा आम जनमानस का कथन है कि महंगाई को देखते हुए राज्य शासन ने किराया बढ़ाया है वह तो स्वागत के योग्य लेकिन अगर सोचा जाए मध्यम वर्ग की परिवार और किसान बेरोजगार युवक इस किराया वृद्धि में कितना परेशान होंगे या बजट उनके लिए उपयोगी नहीं है राज्य शासन को अगर गरीब परिवार और बेरोजगार युवक और किसान का ख्याल रखिए किराया की जगह डीजल की कीमत अगर काम कर देते तो आम लोगों को यात्रा करने में परेशानियों का सामना न करना पड़ता
    user_शेखर तिवारी
    शेखर तिवारी
    Journalist गुढ़, रीवा, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • मऊगंज में आधी रात हाईवे पर पुलिस और तस्करों के बीच फिल्मी अंदाज में कई किलोमीटर तक पीछा, डिवाइडर से टकराई नशीली कफ सिरप से लदी स्कॉर्पियो, 8 लाख की खेप जब्त, तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार! दीपक सिंह गहरवार विस्तार न्यूज़ मऊगंज ✍️ मो.8965074130
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    मऊगंज में आधी रात हाईवे पर पुलिस और तस्करों के बीच फिल्मी अंदाज में कई किलोमीटर तक पीछा, डिवाइडर से टकराई नशीली कफ सिरप से लदी स्कॉर्पियो, 8 लाख की खेप जब्त, तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार!
दीपक सिंह गहरवार 
विस्तार न्यूज़ मऊगंज ✍️ 
मो.8965074130
    user_Lavkesh singh
    Lavkesh singh
    Voice of people मऊगंज, रीवा, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
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