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गांव ग्राम घोरहा देवतालाब शिवा मंदिर देवतालाब महानगरी है देवतालाब शिवा मंदिर महानगरी

7 hrs ago
user_Rajesh Saket
Rajesh Saket
मऊगंज, रीवा, मध्य प्रदेश•
7 hrs ago

गांव ग्राम घोरहा देवतालाब शिवा मंदिर देवतालाब महानगरी है देवतालाब शिवा मंदिर महानगरी

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • बरसते पानी में सड़क निर्माण! एमपीआरटीसी और ठेकेदार की मनमानी से करोड़ों रुपये दांव पर, जिम्मेदारों पर उठे सवाल *बरसते पानी में सड़क निर्माण! एमपीआरटीसी और ठेकेदार की मनमानी से करोड़ों रुपये दांव पर, जिम्मेदारों पर उठे सवाल* मनगवां। नेशनल हाईवे-130 पर मनगवां से हनुमना मार्ग में लगातार बारिश के बीच सड़क निर्माण कार्य जारी रहने से निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि एमपीआरटीसी के अधिकारी और संबंधित ठेकेदार बारिश में भी निर्माण कार्य कराकर सरकारी धन की खुली बर्बादी कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों द्वारा इसे "टेंपरेरी कार्य" बताकर उच्च अधिकारियों और प्रशासन को गुमराह किया जा रहा है, जबकि बरसात में किया गया निर्माण भविष्य में सड़क की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। लोगों का आरोप है कि करोड़ों रुपये की लागत से बनने वाली सड़क का कार्य तकनीकी मानकों की अनदेखी कर किया जा रहा है, जिससे सरकारी राशि पानी की तरह बहाई जा रही है क्षेत्रवासियों ने सवाल उठाया है कि आखिर एमपीआरटीसी और संबंधित ठेकेदार को बारिश के दौरान सड़क निर्माण की अनुमति किस आधार पर दी गई। यदि निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं है तो इसकी जिम्मेदारी कौन तय करेगा? स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) तथा संबंधित विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, निर्माण कार्य की गुणवत्ता की तकनीकी जांच करवाने और दोषी अधिकारियों व ठेकेदार के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस मामले पर ध्यान नहीं दिया गया तो सार्वजनिक धन की हानि के साथ-साथ आम जनता को भी भविष्य में खराब सड़क का खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
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    बरसते पानी में सड़क निर्माण! एमपीआरटीसी और ठेकेदार की मनमानी से करोड़ों रुपये दांव पर, जिम्मेदारों पर उठे सवाल
*बरसते पानी में सड़क निर्माण! एमपीआरटीसी और ठेकेदार की मनमानी से करोड़ों रुपये दांव पर, जिम्मेदारों पर उठे सवाल*
मनगवां। नेशनल हाईवे-130 पर मनगवां से हनुमना मार्ग में लगातार बारिश के बीच सड़क निर्माण कार्य जारी रहने से निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि एमपीआरटीसी के अधिकारी और संबंधित ठेकेदार बारिश में भी निर्माण कार्य कराकर सरकारी धन की खुली बर्बादी कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों द्वारा इसे "टेंपरेरी कार्य" बताकर उच्च अधिकारियों और प्रशासन को गुमराह किया जा रहा है, जबकि बरसात में किया गया निर्माण भविष्य में सड़क की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। लोगों का आरोप है कि करोड़ों रुपये की लागत से बनने वाली सड़क का कार्य तकनीकी मानकों की अनदेखी कर किया जा रहा है, जिससे सरकारी राशि पानी की तरह बहाई जा रही है क्षेत्रवासियों ने सवाल उठाया है कि आखिर एमपीआरटीसी और संबंधित ठेकेदार को बारिश के दौरान सड़क निर्माण की अनुमति किस आधार पर दी गई। यदि निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं है तो इसकी जिम्मेदारी कौन तय करेगा?
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) तथा संबंधित विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, निर्माण कार्य की गुणवत्ता की तकनीकी जांच करवाने और दोषी अधिकारियों व ठेकेदार के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस मामले पर ध्यान नहीं दिया गया तो सार्वजनिक धन की हानि के साथ-साथ आम जनता को भी भविष्य में खराब सड़क का खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
    user_BST news prayagraj
    BST news prayagraj
    मंडी एजेंट बारा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • मध्य प्रदेश सरकार ने बसों मेंदो रुपए पर किलोमीटर बढ़ाया किरायाएसी नॉन एसी बसों में 25 से 75 प्रतिशत की हुई बढ़ोतरी रीवा मध्य प्रदेश राज्य शासन द्वारा सड़क परिवहन निगम को लेकर मध्य प्रदेश में चलने वाली सभी बसों में किराया की वृद्धि की गई है बताया गया है कि कई साल पहले मध्य सरकार द्वारा किराए की वृद्धि की गई थी बस एसोसिएशन द्वारा कई सालों से लगातार किराए को लेकर प्रशासन से मांग कर रही थी जहां प्रदेश सरकार द्वारा मध्य प्रदेश में चलने वाले समस्त बस में किराए बढ़ाने का निर्देश दिया गया मोटर मालिकों द्वारा राज्य शासन के आदेशों का स्वागत करते हुए कहा कि देश में डीजल की कीमत टोल प्लाजा बीमा ऑटो पार्ट्स महंगे हो गए थे जिसको लेकर प्रदेश की मोटर मालिक परेशान हो रहे थे किराया साधारण बसों में ₹2 पर किलोमीटर बढ़ाया गया है तो वहीं स्लीपर बसों में 25% की वृद्धि की गई है एक एवं सुपर डीलक्स बसों में 40 से 75% किराया में बढ़ोतरी की गई है बस स्टैंड में किराया बढ़ाने को लेकर कई यात्रियों को बस परिचालक और मोटर मालिकों के बीच कहां सुनी हो रही है कांग्रेस नेता अधिवक्ता संदीप पटेल अधिवक्ता इरफान खान तथा आम जनमानस का कथन है कि महंगाई को देखते हुए राज्य शासन ने किराया बढ़ाया है वह तो स्वागत के योग्य लेकिन अगर सोचा जाए मध्यम वर्ग की परिवार और किसान बेरोजगार युवक इस किराया वृद्धि में कितना परेशान होंगे या बजट उनके लिए उपयोगी नहीं है राज्य शासन को अगर गरीब परिवार और बेरोजगार युवक और किसान का ख्याल रखिए किराया की जगह डीजल की कीमत अगर काम कर देते तो आम लोगों को यात्रा करने में परेशानियों का सामना न करना पड़ता
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    मध्य प्रदेश सरकार ने बसों मेंदो रुपए पर किलोमीटर बढ़ाया किरायाएसी नॉन एसी बसों में 25 से 75 प्रतिशत की हुई बढ़ोतरी
रीवा मध्य प्रदेश राज्य शासन द्वारा सड़क परिवहन निगम को लेकर मध्य प्रदेश में चलने वाली सभी बसों में किराया की वृद्धि की गई है बताया गया है कि कई साल पहले मध्य सरकार द्वारा किराए की वृद्धि की गई थी बस एसोसिएशन द्वारा कई सालों से लगातार किराए को लेकर प्रशासन से मांग कर रही थी जहां प्रदेश सरकार द्वारा मध्य प्रदेश में चलने वाले समस्त बस में किराए बढ़ाने का निर्देश दिया गया मोटर मालिकों द्वारा राज्य शासन के आदेशों का स्वागत करते हुए कहा कि देश में डीजल की कीमत टोल प्लाजा बीमा ऑटो पार्ट्स महंगे हो गए थे जिसको लेकर प्रदेश की मोटर मालिक परेशान हो रहे थे किराया साधारण बसों में ₹2 पर किलोमीटर बढ़ाया गया है तो वहीं स्लीपर बसों में 25% की वृद्धि की गई है एक एवं सुपर डीलक्स बसों में 40 से 75% किराया में बढ़ोतरी की गई है बस स्टैंड में किराया बढ़ाने को लेकर कई यात्रियों को बस परिचालक और मोटर मालिकों के बीच कहां सुनी हो रही है कांग्रेस नेता अधिवक्ता संदीप पटेल अधिवक्ता इरफान खान तथा आम जनमानस का कथन है कि महंगाई को देखते हुए राज्य शासन ने किराया बढ़ाया है वह तो स्वागत के योग्य लेकिन अगर सोचा जाए मध्यम वर्ग की परिवार और किसान बेरोजगार युवक इस किराया वृद्धि में कितना परेशान होंगे या बजट उनके लिए उपयोगी नहीं है राज्य शासन को अगर गरीब परिवार और बेरोजगार युवक और किसान का ख्याल रखिए किराया की जगह डीजल की कीमत अगर काम कर देते तो आम लोगों को यात्रा करने में परेशानियों का सामना न करना पड़ता
    user_शेखर तिवारी
    शेखर तिवारी
    Journalist गुढ़, रीवा, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • Gandi nali sadak
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    Gandi nali sadak
    user_Rk singh
    Rk singh
    बारा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • चाकघाट में विकास की धारा सड़कों से बह रही, आम जनजीवन अस्त व्यस्त
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    चाकघाट में विकास की धारा सड़कों से बह रही, आम जनजीवन अस्त व्यस्त
    user_चन्दन भइया
    चन्दन भइया
    Local News Reporter त्योंथर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • गांव की पीड़ा कैमरे में कैद, अब प्रशासन की परीक्षा — प्रधान, सचिव और जिम्मेदार व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल* *पहली ही बारिश में डूबा विकास! जगदीशपुर का रास्ता बना दलदल, वीडियो ने खोली ज़मीनी हकीकत* *गांव की पीड़ा कैमरे में कैद, अब प्रशासन की परीक्षा — प्रधान, सचिव और जिम्मेदार व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल* जगदीशपुर,बारा/प्रयागराज। यमुनानगर क्षेत्र की बारा तहसील अंतर्गत ग्राम सभा जगदीशपुर से सामने आई तस्वीरें किसी प्राकृतिक आपदा की नहीं, बल्कि विकास के उन दावों की हकीकत बयां कर रही हैं जो पहली ही बरसात में पानी- पानी होते दिखाई दे रहे हैं। हल्की बारिश के बाद गांव का प्रमुख आवागमन मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो गया। सड़क की पहचान तक मिट गई। चारों ओर कीचड़, पानी और फिसलन का ऐसा आलम है कि पैदल चलना भी किसी जोखिम से कम नहीं। बच्चे स्कूल जाएं तो कैसे, बुजुर्ग निकलें तो किस सहारे और रोजमर्रा के कामकाज के लिए ग्रामीण आखिर किस रास्ते से जाएं? यह सवाल अब पूरे गांव की जुबान पर है। मौके से सामने आया वीडियो स्वयं इस बात की गवाही दे रहा है कि बरसात की शुरुआत में ही हालात इतने भयावह हैं तो यदि लगातार मूसलाधार वर्षा हुई, तब इस गांव की तस्वीर कैसी होगी, इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि रास्ता जलभराव की चपेट में है और ग्रामीणों का आवागमन गंभीर रूप से प्रभावित हो चुका है। यह केवल पानी भरने की घटना नहीं, बल्कि वर्षों से लंबित समस्या की जीवंत तस्वीर है, जो हर बारिश में गांव के लोगों की मुश्किलें बढ़ा देती है। जब यह मामला मीडिया के संज्ञान में आया तो प्रशासन का पक्ष जानने के लिए उपजिलाधिकारी बारा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन किसी कारणवश उनका मोबाइल स्विच ऑफ मिला। इसके बाद तहसीलदार बारा से वार्ता की गई। तहसीलदार ने स्पष्ट किया कि मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं था। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शुक्रवार को स्वयं मौके का निरीक्षण कराया जाएगा और जो भी आवश्यक कार्रवाई होगी, वह नियमानुसार सुनिश्चित की जाएगी। इससे ग्रामीणों में उम्मीद जगी है कि अब उनकी वर्षों पुरानी समस्या केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि धरातल पर भी समाधान की दिशा में कदम बढ़ेंगे। इस पूरे घटनाक्रम ने ग्राम पंचायत व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। यदि यह समस्या वर्षों से चली आ रही है तो क्या ग्राम प्रधान ने समय रहते इसकी जानकारी संबंधित विभागों तक पहुंचाई? यदि किसी स्तर पर चूक हुई तो ग्राम पंचायत सचिव ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन क्यों नहीं किया। क्या विकास योजनाओं की समीक्षा केवल कागजों तक सीमित रह गई? आखिर वह कौन-सी कड़ी है जहां से व्यवस्था कमजोर पड़ जाती है और उसका खामियाजा हर साल ग्रामीणों को भुगतना पड़ता है? अब गांव के लोगों की निगाहें शुक्रवार पर टिकी हैं। सभी को इंतजार है कि अधिकारी मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का आकलन करें, जिम्मेदारी तय करें और वर्षों से चली आ रही इस समस्या का स्थायी समाधान निकालें। मीडिया भी इस पूरे प्रकरण की हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है। शुक्रवार को मौके पर जो दिखाई देगा, जो सुना जाएगा और जिस स्तर पर कार्रवाई होगी, वही बिना किसी लाग-लपेट के जनता के सामने रखा जाएगा। क्योंकि कैमरा कभी झूठ नहीं बोलता और पहली ही बरसात में सामने आई यह तस्वीरें अपने आप में बहुत कुछ कह रही हैं।
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    गांव की पीड़ा कैमरे में कैद, अब प्रशासन की परीक्षा — प्रधान, सचिव और जिम्मेदार व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल*
*पहली ही बारिश में डूबा विकास! जगदीशपुर का रास्ता बना दलदल, वीडियो ने खोली ज़मीनी हकीकत*
*गांव की पीड़ा कैमरे में कैद, अब प्रशासन की परीक्षा — प्रधान, सचिव और जिम्मेदार व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल*
जगदीशपुर,बारा/प्रयागराज। यमुनानगर क्षेत्र की बारा तहसील अंतर्गत ग्राम सभा जगदीशपुर से सामने आई तस्वीरें किसी प्राकृतिक आपदा की नहीं, बल्कि विकास के उन दावों की हकीकत बयां कर रही हैं जो पहली ही बरसात में पानी- पानी होते दिखाई दे रहे हैं। हल्की बारिश के बाद गांव का प्रमुख आवागमन मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो गया। सड़क की पहचान तक मिट गई। चारों ओर कीचड़, पानी और फिसलन का ऐसा आलम है कि पैदल चलना भी किसी जोखिम से कम नहीं। बच्चे स्कूल जाएं तो कैसे, बुजुर्ग निकलें तो किस सहारे और रोजमर्रा के कामकाज के लिए ग्रामीण आखिर किस रास्ते से जाएं? यह सवाल अब पूरे गांव की जुबान पर है। मौके से सामने आया वीडियो स्वयं इस बात की गवाही दे रहा है कि बरसात की शुरुआत में ही हालात इतने भयावह हैं तो यदि लगातार मूसलाधार वर्षा हुई, तब इस गांव की तस्वीर कैसी होगी, इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि रास्ता जलभराव की चपेट में है और ग्रामीणों का आवागमन गंभीर रूप से प्रभावित हो चुका है। यह केवल पानी भरने की घटना नहीं, बल्कि वर्षों से लंबित समस्या की जीवंत तस्वीर है, जो हर बारिश में गांव के लोगों की मुश्किलें बढ़ा देती है। जब यह मामला मीडिया के संज्ञान में आया तो प्रशासन का पक्ष जानने के लिए उपजिलाधिकारी बारा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन किसी कारणवश उनका मोबाइल स्विच ऑफ मिला। इसके बाद तहसीलदार बारा से वार्ता की गई। तहसीलदार ने स्पष्ट किया कि मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं था। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शुक्रवार को स्वयं मौके का निरीक्षण कराया जाएगा और जो भी आवश्यक कार्रवाई होगी, वह नियमानुसार सुनिश्चित की जाएगी। इससे ग्रामीणों में उम्मीद जगी है कि अब उनकी वर्षों पुरानी समस्या केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि धरातल पर भी समाधान की दिशा में कदम बढ़ेंगे। इस पूरे घटनाक्रम ने ग्राम पंचायत व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। यदि यह समस्या वर्षों से चली आ रही है तो क्या ग्राम प्रधान ने समय रहते इसकी जानकारी संबंधित विभागों तक पहुंचाई? यदि किसी स्तर पर चूक हुई तो ग्राम पंचायत सचिव ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन क्यों नहीं किया। क्या विकास योजनाओं की समीक्षा केवल कागजों तक सीमित रह गई? आखिर वह कौन-सी कड़ी है जहां से व्यवस्था कमजोर पड़ जाती है और उसका खामियाजा हर साल ग्रामीणों को भुगतना पड़ता है? अब गांव के लोगों की निगाहें शुक्रवार पर टिकी हैं। सभी को इंतजार है कि अधिकारी मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का आकलन करें, जिम्मेदारी तय करें और वर्षों से चली आ रही इस समस्या का स्थायी समाधान निकालें। मीडिया भी इस पूरे प्रकरण की हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है। शुक्रवार को मौके पर जो दिखाई देगा, जो सुना जाएगा और जिस स्तर पर कार्रवाई होगी, वही बिना किसी लाग-लपेट के जनता के सामने रखा जाएगा। क्योंकि कैमरा कभी झूठ नहीं बोलता और पहली ही बरसात में सामने आई यह तस्वीरें अपने आप में बहुत कुछ कह रही हैं।
    user_BST news prayagraj
    BST news prayagraj
    मंडी एजेंट बारा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • बारा विकसित भारत के दावो के बीच खुले आसमान के नीचे गुजर रही जिंदगी मदरहा रेलवे स्टेशन के आसपास बेघरों की मजबूरी बारा प्रयागराज, एक तरफ सरकार विकसित भारत की बात कर रही है,वहीं बारा तहसील क्षेत्र में आज भी सैकड़ों लोग बुनियादी सुविधाओं के अभाव में खुले आसमान के नीचे जीवन जीने को मजबूर हैं।सबसे बदतर हालत मदरहा रेलवे स्टेशन के आसपास देखने को मिल रही है। यहां पटरी के किनारे, प्लेटफार्म और स्टेशन परिसर के बाहर दर्जनों परिवार टेंट, तिरपाल और प्लास्टिक लगाकर रहते हैं। न पक्का छत, न शौचालय, न पीने के साफ पानी की व्यवस्था।सरकार की योजनाएं हम तक नहीं पहुंची यहां रहने वाले लोगों का कहना है,हम मजदूरी करके पेट पालते हैं। प्रधान और लेखपाल से कई बार आवास के लिए कहा, लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ। बरसात में तिरपाल भी नहीं बचता। बच्चे बीमार पड़ जाते हैं। एक महिला ने बताया, रात में सांप-बिच्छू का डर लगा रहता है। ठंड और गर्मी दोनों में यही खुले में सोना पड़ता है। आधार कार्ड, राशन कार्ड सब है, फिर भी आवास नहीं मिला। विकास के दावे vs जमीनी हकीकत सरकार द्वारा हर गरीब को पक्का मकान देने का दावा किया जाता है। प्रधानमंत्री आवास योजना के बैनर हर जगह लगे हैं। लेकिन मदरसा स्टेशन के आसपास की तस्वीर कुछ और ही कहानी बता रही है। स्थानीय समाजसेवियों का कहना है कि सर्वे में इन परिवारों का नाम ही नहीं चढ़ता। कुछ का नाम है तो पैसा नहीं आता। दलाल बीच में पैसे मांगते हैं। लोगों की मांग तत्काल आवास पात्र बेघरों को पीएम आवास का लाभ तुरंत दिया जाए मूलभूत सुविधा स्टेशन के पास शौचालय, पीने का पानी और बिजली की व्यवस्था हो जांच आवास योजना में हो रही धांधली की जांच हो प्रशासन से सवाल है कि जब रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थान के पास लोग इस तरह रहने को मजबूर हैं तो विकसित भारत का सपना कैसे साकार होगा इस संबंध में बारा एसडीएम और बीडीओ से बात करने का प्रयास किया गया।
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    बारा विकसित भारत के दावो के बीच खुले आसमान के नीचे गुजर रही जिंदगी मदरहा रेलवे स्टेशन के आसपास बेघरों की मजबूरी 
बारा 
प्रयागराज, 
एक तरफ सरकार विकसित भारत की बात कर रही है,वहीं बारा तहसील क्षेत्र में आज भी सैकड़ों लोग बुनियादी सुविधाओं के अभाव में खुले आसमान के नीचे जीवन जीने को मजबूर हैं।सबसे बदतर हालत मदरहा रेलवे स्टेशन के आसपास देखने को मिल रही है। यहां पटरी के किनारे, प्लेटफार्म और स्टेशन परिसर के बाहर दर्जनों परिवार टेंट, तिरपाल और प्लास्टिक लगाकर रहते हैं। न पक्का छत, न शौचालय, न पीने के साफ पानी की व्यवस्था।सरकार की योजनाएं हम तक नहीं पहुंची यहां रहने वाले लोगों का कहना है,हम मजदूरी करके पेट पालते हैं। प्रधान और लेखपाल से कई बार आवास के लिए कहा, लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ। बरसात में तिरपाल भी नहीं बचता। बच्चे बीमार पड़ जाते हैं। एक महिला ने बताया, रात में सांप-बिच्छू का डर लगा रहता है। ठंड और गर्मी दोनों में यही खुले में सोना पड़ता है। आधार कार्ड, राशन कार्ड सब है, फिर भी आवास नहीं मिला। विकास के दावे vs जमीनी हकीकत सरकार द्वारा हर गरीब को पक्का मकान देने का दावा किया जाता है। प्रधानमंत्री आवास योजना के बैनर हर जगह लगे हैं। लेकिन मदरसा स्टेशन के आसपास की तस्वीर कुछ और ही कहानी बता रही है। स्थानीय समाजसेवियों का कहना है कि सर्वे में इन परिवारों का नाम ही नहीं चढ़ता। कुछ का नाम है तो पैसा नहीं आता। दलाल बीच में पैसे मांगते हैं।
लोगों की मांग तत्काल आवास पात्र बेघरों को पीएम आवास का लाभ तुरंत दिया जाए मूलभूत सुविधा स्टेशन के पास शौचालय, पीने का पानी और बिजली की व्यवस्था हो जांच आवास योजना में हो रही धांधली की जांच हो प्रशासन से सवाल है कि जब रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थान के पास लोग इस तरह रहने को मजबूर हैं तो विकसित भारत का सपना कैसे साकार होगा इस संबंध में बारा एसडीएम और बीडीओ से बात करने का प्रयास किया गया।
    user_राकेश पटेल सी न्यूज़
    राकेश पटेल सी न्यूज़
    Voice of people बारा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • दिल्ली जंतर-मंतर पर दंगे भड़काने की पाकिस्तान की बड़ी साजिश नाकाम, ISI समर्थित मॉड्यूल के 9 आतंकी गिरफ्तार, Paytm से हुआ भुगतान 💥 *बड़ी खबर*💥 *दिल्ली जंतर-मंतर पर दंगे भड़काने की पाकिस्तान की बड़ी साजिश नाकाम, ISI समर्थित मॉड्यूल के 9 आतंकी गिरफ्तार, Paytm से हुआ भुगतान* पंजाब पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI द्वारा समर्थित दो आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, ये आरोपी दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में चल रहे काकरोच जनता पार्टी के आंदोलन (NEET परीक्षा विवाद को लेकर) के दौरान दंगे भड़काने और पेट्रोल बम से हमला करने की बड़ी साजिश रच रहे थे। पुलिस के अनुसार, पाकिस्तान स्थित ISI हैंडलर्स ने आरोपियों को पेट्रोल बम बनाना, पुलिस और सुरक्षा प्रतिष्ठानों की रेकी करना तथा सार्वजनिक अशांति फैलाने के लिए तैयार किया था। मॉड्यूल को हवाला के जरिए भी फंडिंग उपलब्ध कराई जा रही थी।जांच में खुलासा हुआ कि एक मॉड्यूल के सदस्यों को दिल्ली के जंतर मंतर प्रदर्शन में भेजा गया था और उनकी गतिविधियों के लिए Paytm के जरिए भुगतान किया गया। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से अवैध पिस्तौल, जिंदा कारतूस, पेट्रोल बम और सीसीटीवी उपकरण बरामद किए गए हैं। इससे पहले, इसी जंतर-मंतर साजिश से जुड़े एक अन्य संदिग्ध आतंकी हमीम मंडल को शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 को पश्चिम बंगाल के पुरबा वर्धमान जिले से गिरफ्तार किया गया था।
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    दिल्ली जंतर-मंतर पर दंगे भड़काने की पाकिस्तान की बड़ी साजिश नाकाम, ISI समर्थित मॉड्यूल के 9 आतंकी गिरफ्तार, Paytm से हुआ भुगतान
💥 *बड़ी खबर*💥
*दिल्ली जंतर-मंतर पर दंगे भड़काने की पाकिस्तान की बड़ी साजिश नाकाम, ISI समर्थित मॉड्यूल के 9 आतंकी गिरफ्तार, Paytm से हुआ भुगतान*
पंजाब पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI द्वारा समर्थित दो आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, ये आरोपी दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में चल रहे काकरोच जनता पार्टी के आंदोलन (NEET परीक्षा विवाद को लेकर) के दौरान दंगे भड़काने और पेट्रोल बम से हमला करने की बड़ी साजिश रच रहे थे। पुलिस के अनुसार, पाकिस्तान स्थित ISI हैंडलर्स ने आरोपियों को पेट्रोल बम बनाना, पुलिस और सुरक्षा प्रतिष्ठानों की रेकी करना तथा सार्वजनिक अशांति फैलाने के लिए तैयार किया था। मॉड्यूल को हवाला के जरिए भी फंडिंग उपलब्ध कराई जा रही थी।जांच में खुलासा हुआ कि एक मॉड्यूल के सदस्यों को दिल्ली के जंतर मंतर प्रदर्शन में भेजा गया था और उनकी गतिविधियों के लिए Paytm के जरिए भुगतान किया गया। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से अवैध पिस्तौल, जिंदा कारतूस, पेट्रोल बम और सीसीटीवी उपकरण बरामद किए गए हैं। इससे पहले, इसी जंतर-मंतर साजिश से जुड़े एक अन्य संदिग्ध आतंकी हमीम मंडल को शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 को पश्चिम बंगाल के पुरबा वर्धमान जिले से गिरफ्तार किया गया था।
    user_शेखर तिवारी
    शेखर तिवारी
    Journalist गुढ़, रीवा, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • अतीक अहमद के बेटे आबान समेत दो की मौत, तीन घायल; जेल में बंद भाई अली से मिलने जा रहे थे अतीक अहमद के बेटे आबान समेत दो की मौत, तीन घायल; जेल में बंद भाई अली से मिलने जा रहे थे झांसी। उत्तर प्रदेश के झांसी में गुरुवार को हुए भीषण सड़क हादसे में माफिया अतीक अहमद के छोटे बेटे आबान अहमद समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी प्रयागराज से कार द्वारा झांसी जेल में बंद अतीक के बड़े बेटे अली अहमद से मिलने जा रहे थे। हादसा झांसी-कानपुर हाईवे पर पूछ थाना क्षेत्र के खिल्ली गांव के पास हुआ। जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 10:30 बजे प्रयागराज से झांसी की ओर जा रही तेज रफ्तार क्रेटा कार के सामने अचानक एक जानवर आ गया। चालक ने उसे बचाने का प्रयास किया, जिससे कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए। हादसे में आगे की सीट पर बैठे आबान अहमद और सोनू खान के सिर में गंभीर चोटें आईं, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं कार में सवार अहजम निवासी बादशाही मंडी, मोहम्मद जैद निवासी कोतवाली तथा उमर अहमद निवासी पूरामुफ्ती गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों को पुलिस ने तत्काल मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज जारी है। सूचना मिलते ही पूछ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहन को हाईवे से हटवाकर यातायात सामान्य कराया। हादसे की सूचना मृतकों के परिजनों को भी दे दी गई, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। झांसी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मृतक की पहचान माफिया अतीक अहमद के पुत्र आबान अहमद के रूप में हुई है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और अचानक सामने आए जानवर को हादसे की वजह माना जा रहा है।
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    अतीक अहमद के बेटे आबान समेत दो की मौत, तीन घायल; जेल में बंद भाई अली से मिलने जा रहे थे
अतीक अहमद के बेटे आबान समेत दो की मौत, तीन घायल; जेल में बंद भाई अली से मिलने जा रहे थे
झांसी। उत्तर प्रदेश के झांसी में गुरुवार को हुए भीषण सड़क हादसे में माफिया अतीक अहमद के छोटे बेटे आबान अहमद समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी प्रयागराज से कार द्वारा झांसी जेल में बंद अतीक के बड़े बेटे अली अहमद से मिलने जा रहे थे। हादसा झांसी-कानपुर हाईवे पर पूछ थाना क्षेत्र के खिल्ली गांव के पास हुआ।
जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 10:30 बजे प्रयागराज से झांसी की ओर जा रही तेज रफ्तार क्रेटा कार के सामने अचानक एक जानवर आ गया। चालक ने उसे बचाने का प्रयास किया, जिससे कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए।
हादसे में आगे की सीट पर बैठे आबान अहमद और सोनू खान के सिर में गंभीर चोटें आईं, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं कार में सवार अहजम निवासी बादशाही मंडी, मोहम्मद जैद निवासी कोतवाली तथा उमर अहमद निवासी पूरामुफ्ती गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों को पुलिस ने तत्काल मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज जारी है।
सूचना मिलते ही पूछ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहन को हाईवे से हटवाकर यातायात सामान्य कराया। हादसे की सूचना मृतकों के परिजनों को भी दे दी गई, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया।
झांसी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मृतक की पहचान माफिया अतीक अहमद के पुत्र आबान अहमद के रूप में हुई है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और अचानक सामने आए जानवर को हादसे की वजह माना जा रहा है।
    user_राम सिंह कबीर
    राम सिंह कबीर
    बारा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
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