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नालंदा की घटना के अपराधियों को पाताल कब भेजेंगे सम्राट चौधरी?भीड़ के सामने रेप करने की कोशिश!
THE LIVE
नालंदा की घटना के अपराधियों को पाताल कब भेजेंगे सम्राट चौधरी?भीड़ के सामने रेप करने की कोशिश!
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- Post by THE LIVE1
- अजगैवीनाथ धाम में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक बड़ा आकर्षण जुड़ने जा रहा है। यहां राज्य का दूसरा ग्लास ब्रिज बनाया जाएगा, जो राजगीर ग्लास ब्रिज के बाद बिहार में अपनी तरह का अनोखा प्रोजेक्ट होगा। यह 30 मीटर लंबा और 5 मीटर चौड़ा पुल गंगा नदी के ऊपर करीब 60 फीट की ऊंचाई पर बनेगा। लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस पुल पर एक समय में 40 लोग चल सकेंगे। श्रावणी मेला 2026 से पहले इसे पूरा करने का लक्ष्य है। इस पारदर्शी पुल से गंगा नदी, अजगैवी पहाड़ी और मंदिर का विहंगम दृश्य दिखाई देगा। साथ ही गंगा में तैरती डॉल्फिन का नजारा भी रोमांच बढ़ाएगा। सेल्फी पॉइंट, वेटिंग एरिया और टिकट काउंटर जैसी सुविधाएं इसे आधुनिक पर्यटन स्थल बनाएंगी।1
- खगड़िया जिले के गोगरी प्रखंड अंतर्गत बोरना पंचायत स्थित उर्दू मध्य विद्यालय के छात्रों द्वारा नामांकन दिवस के अवसर पर मंगलवार की सुबह करीब आठ बजे प्रभात फेरी निकाली गई। इस दौरान विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने पूरे गांव में घूम-घूमकर लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया। प्रभात फेरी के माध्यम से ग्रामीणों को अपने बच्चों का नामांकन जल्द से जल्द विद्यालय में कराने की अपील की गई। साथ ही बच्चों को पढ़ाई-लिखाई के प्रति प्रेरित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शिक्षा के महत्व को समझाया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक मोहम्मद मुस्ताक अंसारी, सहायक शिक्षक मोहम्मद असगर अली, मनोज कुमार यादव, राणा प्रताप मल, पीयूष कुमार ठाकुर, शाहबाज अंसारी सहित अन्य शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।1
- बिहार का गौरव कहे जाने वाले हेरिटेज स्थल 'मंदार' की पापहरनी सरोवर में सोमवार को एक बार फिर एक परिवार का चिराग बुझ गया। अमरपुर थाना क्षेत्र के सलेमपुर निवासी सुभाष मंडल का 21 वर्षीय पुत्र आशीष कुमार स्नान करने के दौरान पैर फिसलने से गहरे पानी में समा गया। लेकिन इस हादसे से भी ज्यादा दर्दनाक रहा घटनास्थल पर मौजूद प्रशासन का रवैया, जिसने यह साबित कर दिया कि आम आदमी की जान की कीमत सरकारी फाइलों और कुर्सियों के सामने कुछ भी नहीं है। घटना का विवरण और लापरवाही की पराकाष्ठा प्राप्त जानकारी के अनुसार, आशीष अपने दो दोस्तों के साथ मंदार घूमने आया था। दोपहर करीब 2:20 बजे पापहरनी सरोवर में स्नान के दौरान उसका पैर फिसल गया। बगल में ही थाना होने के बावजूद, किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने तत्परता नहीं दिखाई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जब लोग मदद के लिए गुहार लगा रहे थे, तब प्रशासन 'गोताखोर आने' का बहाना बनाकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ता रहा। बदहाल सिस्टम: जब रक्षक ही बन जाएं मूकदर्शक हैरानी की बात यह है कि घटनास्थल के बिल्कुल समीप थाना होने के बावजूद कोई आला अधिकारी समय पर नहीं पहुंचा। हद तो तब हो गई जब स्थानीय लोगों ने खुद जाकर अधिकारियों को सूचना दी, फिर भी टालमटोल का सिलसिला जारी रहा। * थाना प्रभारी, BDO और CO की अनुपस्थिति: घटना के घंटों बाद तक न तो प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), न ही अंचलाधिकारी (CO) और न ही थाना प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। * SDRF का गायब होना: बिहार सरकार बड़े-बड़े दावे करती है कि आपदा प्रबंधन के लिए SDRF की टीमें मुस्तैद हैं, लेकिन मंदार जैसे महत्वपूर्ण पर्यटक स्थल पर रेस्क्यू के नाम पर शून्य व्यवस्था दिखी। "बिना पैसे के नहीं हिलता सिस्टम" – पीड़ितों का आरोप मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि "सिस्टम पूरी तरह से करप्ट हो चुका है, जब तक जेब गरम न की जाए, प्रशासन के कान पर जूं तक नहीं रेंगती।" आशीष, जो तीन भाइयों और दो बहनों में सबसे बड़ा था, उस घर की उम्मीद था। आज उस उम्मीद को प्रशासन की सुस्ती और संवेदनहीनता ने गहरे पानी में दफन कर दिया। स्थानीय गोताखोर बने सहारा, प्रशासन रहा नाकाम जिस शव को निकालने के लिए प्रशासन SDRF और सरकारी अमले का इंतजार कर रहा था, उसे अंततः क्षेत्रीय और स्थानीय गोताखोरों ने अपनी जान जोखिम में डालकर बाहर निकाला। यह जिला प्रशासन और बांसी अंचल के अधिकारियों के मुंह पर करारा तमाचा है कि जिस काम के लिए उन्हें वेतन मिलता है, उसे आम जनता को खुद के संसाधनों से करना पड़ा। मंदार 24 न्यूज़ के तीखे सवाल: * बांका जिला प्रशासन और बिहार सरकार से सवाल है कि क्या मंदार जैसे पवित्र और भीड़भाड़ वाले स्थल पर परमानेंट गोताखोरों या रेस्क्यू टीम की व्यवस्था क्यों नहीं है? * BDO और CO की जिम्मेदारी क्या केवल कागजों तक सीमित है? क्या किसी की जान जाने पर घटनास्थल पर पहुंचना उनकी प्राथमिकता में नहीं आता? * क्या प्रशासन केवल वीआईपी दौरों के लिए सुरक्षित रहता है? आम जनता की पुकार पर "गोताखोर आएगा तब निकालेंगे" जैसे गैर-जिम्मेदाराना जवाब देने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई कब होगी? निष्कर्ष: अब जागने का वक्त है यह घटना महज एक हादसा नहीं, बल्कि 'प्रशासनिक हत्या' है। अगर समय रहते स्थानीय पुलिस और प्रशासन सक्रिय होता, तो शायद आशीष की जान बचाई जा सकती थी। मंदार 24 न्यूज़ मांग करता है कि इस घोर लापरवाही के लिए जिम्मेदार थाना प्रभारी, BDO और CO पर तत्काल उच्चस्तरीय जांच बैठाई जाए और उन्हें निलंबित किया जाए। यदि आज कार्रवाई नहीं हुई, तो कल फिर कोई मां अपना बेटा खोएगी और प्रशासन फिर से 'गोताखोर' का इंतजार करेगा। माननीय मुख्यमंत्री और जिला पदाधिकारी महोदय, क्या आप इस सोए हुए तंत्र को जगाएंगे? रिपोर्ट: मंदार 24 न्यूज़ टीम1
- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के स्तीफा देने की चर्चा के साथ ही बिहार की राजनीती गरमा गई है , विपक्ष अब इस माममे में बीजेपी पर हमलावर है । आज मोतिहारीं पहुचे बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष सह राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री पद के लिए भजपा रेखा गुप्ता और मोहन यादव जैसे लोगो को बिहार में लाकर बैठाने के लिए खोज शुरू कर दिया है । उदय नारायण चौधरी ने यह भी कहा कि नितीश जी को जबरन राज्यसभा भेजा जा रहा है । क्योंकि इस चुनाव में एनडीए का नारा था 25 से 30 फिर से नितीश । अब क्या होगा उस नारे का , बीजेपी बेचैन है कि किसी तरह अनान फानन में नीतीश जी को हटाकर सत्ता पर काबिज हो जाना ।1
- Post by Gaurav Kumar Mishra1
- Post by THE LIVE1
- सुल्तानगंज थाना क्षेत्र में पुलिस ने शराब के नशे में हंगामा कर रहे दो युवकों को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, नई सुल्तानगंज थाना क्षेत्र के कृष्णगढ़ चौक के समीप दोनों युवक नशे की हालत में उत्पात मचा रहे थे। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को मौके से पकड़ लिया और थाना ले आई। थाने में लाने के बाद दोनों की ब्रेथ एनालाइजर से जांच की गई, जिसमें शराब पीने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ बिहार मद्य निषेध कानून के तहत मामला दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई की। थाना अध्यक्ष संयम रजा ने बताया कि गिरफ्तार युवकों की पहचान मो. इंतखाब (साजौर निवासी) और शाहनवाज आलम (काशीमपुर निवासी) के रूप में हुई है। दोनों को न्यायिक हिरासत में भागलपुर भेज दिया गया है।1
- दरोगा ने अपने सर्विस रिवॉल्वर से खुद को मारी गोली, मौके पर हुई मौत3