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बलरामपुर जिला सामरी एटीएम के लिए काफी दूर जाना पड़ता है बलरामपुर जिले में

14 hrs ago
user_Ali Khan
Ali Khan
बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
14 hrs ago

बलरामपुर जिला सामरी एटीएम के लिए काफी दूर जाना पड़ता है बलरामपुर जिले में

More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
  • बलरामपुर/ बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत जामवंतपुर में बीती रात आए तेज तूफान ने भारी तबाही मचा दी। अचानक आए विनाशकारी तूफान के चलते देखते ही देखते दर्जनों कच्चे और पक्के मकान क्षतिग्रस्त हो गए और कई घर मलबे के ढेर में तब्दील हो गए। तूफान के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जिन परिवारों के घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, वे अब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। प्रभावित लोगों के चेहरों पर भविष्य को लेकर गहरी चिंता और बेबसी साफ देखी जा सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि इतने बड़े नुकसान के बावजूद अभी तक प्रशासन की कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची है, जिससे लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द राहत और सहायता पहुंचाई जाए। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल राहत सामग्री, अस्थायी रहने की व्यवस्था और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि संकट की इस घड़ी में लोगों को राहत मिल सके।
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    बलरामपुर/ बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत जामवंतपुर में बीती रात आए तेज तूफान ने भारी तबाही मचा दी। अचानक आए विनाशकारी तूफान के चलते देखते ही देखते दर्जनों कच्चे और पक्के मकान क्षतिग्रस्त हो गए और कई घर मलबे के ढेर में तब्दील हो गए।
तूफान के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जिन परिवारों के घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, वे अब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। प्रभावित लोगों के चेहरों पर भविष्य को लेकर गहरी चिंता और बेबसी साफ देखी जा सकती है।
ग्रामीणों का कहना है कि इतने बड़े नुकसान के बावजूद अभी तक प्रशासन की कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची है, जिससे लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द राहत और सहायता पहुंचाई जाए।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल राहत सामग्री, अस्थायी रहने की व्यवस्था और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि संकट की इस घड़ी में लोगों को राहत मिल सके।
    user_Shoaib Siddiqui
    Shoaib Siddiqui
    Local News Reporter बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    21 hrs ago
  • किन्नरों का बधाई मांगने का एरिया (इलाका) पारंपरिक गुरु-चेला प्रथा और आपसी सहमति से निर्धारित होता है, जो पीढ़ियों से चला आ रहा है। यह एक निश्चित क्षेत्र होता है, जहाँ का 'गुरु' (प्रमुख) अपने शिष्यों को बधाई मांगने के लिए बांटता है। इसमें कोई बाहरी या दूसरा समूह हस्तक्षेप नहीं करता।  एरिया निर्धारण के मुख्य बिंदु: गुरु का अधिकार: क्षेत्र का बंटवारा उस इलाके के गुरु (या डेरे के मुखिया) द्वारा किया जाता है। परंपरा: यह व्यवस्था पुरानी परंपराओं पर आधारित है और इसे बदलना आम तौर पर मनाही है। विवाद और नियम: कई जगहों पर, मनमानी वसूली को रोकने के लिए ग्राम पंचायत या मोहल्ला कमेटी के साथ मिलकर 2100-5100 रुपये तक की बधाई (लाग) राशि भी तय की जाती है, ताकि आपसी विवाद न हो। बधाई के मौके: वे आमतौर पर शादी, बच्चे के जन्म और गृह प्रवेश जैसे मंगल अवसरों पर बधाई मांगने जाते हैं।
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    किन्नरों का बधाई मांगने का एरिया (इलाका) पारंपरिक गुरु-चेला प्रथा और आपसी सहमति से निर्धारित होता है, जो पीढ़ियों से चला आ रहा है। यह एक निश्चित क्षेत्र होता है, जहाँ का 'गुरु' (प्रमुख) अपने शिष्यों को बधाई मांगने के लिए बांटता है। इसमें कोई बाहरी या दूसरा समूह हस्तक्षेप नहीं करता। 
एरिया निर्धारण के मुख्य बिंदु:
गुरु का अधिकार: क्षेत्र का बंटवारा उस इलाके के गुरु (या डेरे के मुखिया) द्वारा किया जाता है।
परंपरा: यह व्यवस्था पुरानी परंपराओं पर आधारित है और इसे बदलना आम तौर पर मनाही है।
विवाद और नियम: कई जगहों पर, मनमानी वसूली को रोकने के लिए ग्राम पंचायत या मोहल्ला कमेटी के साथ मिलकर 2100-5100 रुपये तक की बधाई (लाग) राशि भी तय की जाती है, ताकि आपसी विवाद न हो।
बधाई के मौके: वे आमतौर पर शादी, बच्चे के जन्म और गृह प्रवेश जैसे मंगल अवसरों पर बधाई मांगने जाते हैं।
    user_Ramashankar sharma
    Ramashankar sharma
    Voice of people गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    1 hr ago
  • युद्ध विराम नहीं युद्ध पर पूर्ण विराम चाहता है ईरान... सीज़फायर के प्रस्ताव को ईरान ने खारिज किया, ईरान ने पूरी तरह जंग बंद करने की मांग की.. #Khabardar #IranUSConflict #Ceasefire #MiddleEastCrisis #NoCeasefire
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    युद्ध विराम नहीं युद्ध पर पूर्ण विराम चाहता है ईरान...
सीज़फायर के प्रस्ताव को ईरान ने खारिज किया, ईरान ने पूरी तरह जंग बंद करने की मांग की..
#Khabardar #IranUSConflict #Ceasefire #MiddleEastCrisis #NoCeasefire
    user_Anit tiwary
    Anit tiwary
    Electrician गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    9 hrs ago
  • गढ़वा में रेक्स रैकेट का भंडाफोड़ कर दिया गया है पुलिस को जानकारी मिली थी कि गढ़वा के/ कई होटलों में देह व्यापार किया जाता है। 4 होटलों में रेड किया गया जिसमें 3 होटलों को सील कर दिया गया है 1. SNC 2. RDS रेलवे स्टेशन रोड़ 3. तिवारी रेस्ट हाउस रंका रोड़
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    गढ़वा में रेक्स रैकेट का भंडाफोड़ कर दिया गया है पुलिस को जानकारी मिली थी कि गढ़वा के/ कई होटलों में देह व्यापार किया जाता है। 4 होटलों में रेड किया गया जिसमें 3 होटलों को सील कर दिया गया है 1. SNC 2. RDS रेलवे स्टेशन रोड़ 3. तिवारी रेस्ट हाउस रंका रोड़
    user_Green Line News, Md Mostaque
    Green Line News, Md Mostaque
    पत्रकार गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    10 hrs ago
  • हजारों वक्फ जमीनों पर कब्जा उजागर! 5723 मामलों में नोटिस, CBI एंट्री तय छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने फैसला किया है कि अब पूरे प्रदेश की वक्फ की संपत्तियों को लेकर सीबीआई जांच का प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजा जाएगा। रायपुर। छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने फैसला किया है कि अब पूरे प्रदेश की वक्फ की संपत्तियों को लेकर सीबीआई जांच का प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजा जाएगा। पहले महज रायपुर जिले की 500 करोड़ की संपत्तियों पर कब्जे की जांच का प्रस्ताव भेजने का फैसला किया गया था, लेकिन अब फैसला बदल दिया गया है। वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज के मुताबिक प्रदेश भर में वक्फ की 5723 संपत्तियों पर अवैध कब्जा है। इन संपत्तियों की कीमत पांच हजार करोड़ है। इसमें से करीब दो हजार संपत्तियां ऐसी हैं जिन पर किराएदार काबिज हैं, लेकिन किराया नहीं दे रहे हैं। किराए से ही सालाना दो सौ करोड़ मिल सकते हैं, लेकिन इस समय महज पांच लाख मिल रहे हैं। वक्फ के संशोधित कानून के बाद अपने प्रदेश में भी वक्फ बोर्ड ने बीते साल से एक्शन प्रारंभ किया है। प्रदेश भर में वक्फ की संपत्तियों की जांच करके देखा गया है कि कहां पर कौन काबिज है। पूरे प्रदेश में वक्फ की संपत्तियों पर कब्जा करने की जानकारी सामने आई है। बहुत ही संपत्तियों को फर्जी तरीके से बेचे जाने की भी जानकारी मिली है। वक्फ की संपत्तियों को कब्जा मुक्त कराने के लिए लगातार कब्जाधारियों को वक्फ बोर्ड द्वारा नोटिस दिया जा रहा है। वक्फ अध्यक्ष डा. सलीम राज का कहना किसी भी हाल में वक्फ की संपत्ति पर किसी को कब्जा करने नहीं दिया जाएगा। वक्फ की एक-एक जमीन को कब्जा मुक्त कराएंगे। जो भी लोग संपत्ति वक्फ की न होने का दावा कर रहे हैं, वो गलत है। हमने सारे दस्तावेज देखने के बाद ही नोटिस जारी किए हैं। बन रहा है सीबीआई जांच के लिए प्रस्ताव बोर्ड ने पहले रायपुर जिले की 500 करोड़ की संपत्ति की सीबीआई जांच कराने के लिए प्रस्ताव तैयार करने का काम प्रारंभ किया था, लेकिन अब पूरे प्रदेश भर की संपत्ति को लेकर प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। डा. सलीम राज का कहना है कि 5723 संपत्तियों को लेकर प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इसमें थोड़ा वक्त लगेगा, लेकिन सभी संपत्तियों की जांच कराने का प्रदेश सरकार के पास प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा। प्रदेश सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार के पास प्रस्ताव जाएगा। इसके बाद सीबीआई जांच प्रारंभ होगी। सलीम राज ने कहा-किया है फर्जीवाड़ा इस मामले में वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज का कहना है, रायपुर के दुकानदारों के साथ ही प्रदेश भर से जिनके भी जवाब आए हैं, उन जवाबों से बोर्ड संतुष्ट नहीं है। फर्जीवाड़ा करके जमीन पर कब्जा किया गया है। उन्होंने बताया, जो खुद किराएदार रहे हैं वो भला कैसे किसी को जमीन बेच सकते हैं। पूरी तरह से फर्जीवाड़ा करके वक्फ की संपत्ति को बेचने का काम किया गया है। उन्होंने कहा, प्रदेश में जहां-जहां भी वक्फ की जमीन पर कब्जा है, उसको मुक्त कराया जाएगा।
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    हजारों वक्फ जमीनों पर कब्जा उजागर! 5723 मामलों में नोटिस, CBI एंट्री तय
छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने फैसला किया है कि अब पूरे प्रदेश की वक्फ की संपत्तियों को लेकर सीबीआई जांच का प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजा जाएगा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने फैसला किया है कि अब पूरे प्रदेश की वक्फ की संपत्तियों को लेकर सीबीआई जांच का प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजा जाएगा। पहले महज रायपुर जिले की 500 करोड़ की संपत्तियों पर कब्जे की जांच का प्रस्ताव भेजने का फैसला किया गया था, लेकिन अब फैसला बदल दिया गया है। वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज के मुताबिक प्रदेश भर में वक्फ की 5723 संपत्तियों पर अवैध कब्जा है। इन संपत्तियों की कीमत पांच हजार करोड़ है। इसमें से करीब दो हजार संपत्तियां ऐसी हैं जिन पर किराएदार काबिज हैं, लेकिन किराया नहीं दे रहे हैं। किराए से ही सालाना दो सौ करोड़ मिल सकते हैं, लेकिन इस समय महज पांच लाख मिल रहे हैं। वक्फ के संशोधित कानून के बाद अपने प्रदेश में भी वक्फ बोर्ड ने बीते साल से एक्शन प्रारंभ किया है।
प्रदेश भर में वक्फ की संपत्तियों की जांच करके देखा गया है कि कहां पर कौन काबिज है। पूरे प्रदेश में वक्फ की संपत्तियों पर कब्जा करने की जानकारी सामने आई है। बहुत ही संपत्तियों को फर्जी तरीके से बेचे जाने की भी जानकारी मिली है। वक्फ की संपत्तियों को कब्जा मुक्त कराने के लिए लगातार कब्जाधारियों को वक्फ बोर्ड द्वारा नोटिस दिया जा रहा है। वक्फ अध्यक्ष डा. सलीम राज का कहना किसी भी हाल में वक्फ की संपत्ति पर किसी को कब्जा करने नहीं दिया जाएगा। वक्फ की एक-एक जमीन को कब्जा मुक्त कराएंगे। जो भी लोग संपत्ति वक्फ की न होने का दावा कर रहे हैं, वो गलत है। हमने सारे दस्तावेज देखने के बाद ही नोटिस जारी किए हैं।
बन रहा है सीबीआई जांच के लिए प्रस्ताव
बोर्ड ने पहले रायपुर जिले की 500 करोड़ की संपत्ति की सीबीआई जांच कराने के लिए प्रस्ताव तैयार करने का काम प्रारंभ किया था, लेकिन अब पूरे प्रदेश भर की संपत्ति को लेकर प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। डा. सलीम राज का कहना है कि 5723 संपत्तियों को लेकर प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इसमें थोड़ा वक्त लगेगा, लेकिन सभी संपत्तियों की जांच कराने का प्रदेश सरकार के पास प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा। प्रदेश सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार के पास प्रस्ताव जाएगा। इसके बाद सीबीआई जांच प्रारंभ होगी।
सलीम राज ने कहा-किया है फर्जीवाड़ा
इस मामले में वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज का कहना है, रायपुर के दुकानदारों के साथ ही प्रदेश भर से जिनके भी जवाब आए हैं, उन जवाबों से बोर्ड संतुष्ट नहीं है। फर्जीवाड़ा करके जमीन पर कब्जा किया गया है। उन्होंने बताया, जो खुद किराएदार रहे हैं वो भला कैसे किसी को जमीन बेच सकते हैं। पूरी तरह से फर्जीवाड़ा करके वक्फ की संपत्ति को बेचने का काम किया गया है। उन्होंने कहा, प्रदेश में जहां-जहां भी वक्फ की जमीन पर कब्जा है, उसको मुक्त कराया जाएगा।
    user_Jarif Khan
    Jarif Khan
    अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    12 hrs ago
  • रामनवमी के कुछ यादे किस तरह से राम भक्त के अंदर था जुनून
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    रामनवमी के कुछ यादे किस तरह से राम भक्त के अंदर था जुनून
    user_Active line News
    Active line News
    Court reporter गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    16 hrs ago
  • न्याय की धुन: जब हाई कोर्ट के आदेश पर बैंड-बाजे के साथ धान बेचने पहुंचा किसानबलरामपुर, छत्तीसगढ़ ​शादी-ब्याह में तो आपने बैंड-बाजे और जश्न का माहौल कई बार देखा होगा, लेकिन छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में एक अनोखा नजारा देखने को मिला। यहाँ एक किसान अपनी मेहनत की फसल बेचने के लिए बैंड-बाजे की धुन पर थिरकते हुए धान खरीदी केंद्र पहुंचा। यह जश्न किसी शादी का नहीं, बल्कि व्यवस्था के खिलाफ मिली एक बड़ी जीत' का था। ​क्या है पूरा मामला? बीओ01.....​ग्राम चितविश्रामपुर बनोर के किसान राजदेव मिंज का करीब 525 बोरा धान प्रशासनिक पेचीदगियों के कारण संकट में फंस गया था। ऑनलाइन टोकन न कट पाने की वजह से वे समय पर अपनी फसल नहीं बेच पाए थे। जब वे प्रशासन के पास गुहार लगाने पहुंचे, तो समय सीमा समाप्त होने का हवाला देकर अधिकारियों ने धान खरीदने से साफ इनकार कर दिया। ​ बीओ02.....​हार मानने के बजाय राजदेव मिंज ने न्यायपालिका पर भरोसा जताया और छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता और किसान की स्थिति को देखते हुए उनके पक्ष में फैसला सुनाया और प्रशासन को तत्काल धान खरीदने का आदेश दिया। ​न्याय के सम्मान में बजे नगाड़े ​कोर्ट के आदेश के बाद राजदेव मिंज ने इसे सिर्फ अपनी जीत नहीं, बल्कि 'न्याय की जीत' माना। वे ग्रामीणों और गाजे-बाजे के साथ बरदर धान खरीदी केंद्र पहुंचे। किसान ने भावुक होकर कहा ​बीओ03....यह बैंड-बाजा मेरी खुशी के साथ-साथ माननीय न्यायालय के सम्मान में बज रहा है। अगर न्यायालय का साथ न मिलता, तो मेरी साल भर की मेहनत बर्बाद हो जाती।" ​सियासी समर्थन भी मिला ​इस मौके पर खुशी साझा करने के लिए कांग्रेस जिलाध्यक्ष हरिहर प्रसाद यादव भी अपने कार्यकर्ताओं के साथ केंद्र पहुंचे। उन्होंने किसान का समर्थन करते हुए इसे किसानों के हक की जीत बताया। बीओ04.. कांग्रेस के जिला अध्यक्ष हरिहर यादव और किसान राजदेव मिंज नायब तहसीलदार रवि भोजवानी पर गंभीर आरोप लगाए हैं उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारियों को निलंबित होना चाहिए या तो ट्रांसफर होना चाहिए जो लापरवाही से कम करें हमारे जिला प्रशासन तत्काल उनको निलंबित करना चाहिए ब्यूरो रिपोर्ट बलरामपुर अली खान
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    न्याय की धुन: जब हाई कोर्ट के आदेश पर बैंड-बाजे के साथ धान बेचने पहुंचा किसानबलरामपुर, छत्तीसगढ़
​शादी-ब्याह में तो आपने बैंड-बाजे और जश्न का माहौल कई बार देखा होगा, लेकिन छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में एक अनोखा नजारा देखने को मिला। यहाँ एक किसान अपनी मेहनत की फसल बेचने के लिए बैंड-बाजे की धुन पर थिरकते हुए धान खरीदी केंद्र पहुंचा। यह जश्न किसी शादी का नहीं, बल्कि व्यवस्था के खिलाफ मिली एक बड़ी जीत' का था।
​क्या है पूरा मामला?
बीओ01.....​ग्राम चितविश्रामपुर बनोर के किसान राजदेव मिंज का करीब 525 बोरा धान प्रशासनिक पेचीदगियों के कारण संकट में फंस गया था। ऑनलाइन टोकन न कट पाने की वजह से वे समय पर अपनी फसल नहीं बेच पाए थे। जब वे प्रशासन के पास गुहार लगाने पहुंचे, तो समय सीमा समाप्त होने का हवाला देकर अधिकारियों ने धान खरीदने से साफ इनकार कर दिया।
​
बीओ02.....​हार मानने के बजाय राजदेव मिंज ने न्यायपालिका पर भरोसा जताया और छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता और किसान की स्थिति को देखते हुए उनके पक्ष में फैसला सुनाया और प्रशासन को तत्काल धान खरीदने का आदेश दिया।
​न्याय के सम्मान में बजे नगाड़े
​कोर्ट के आदेश के बाद राजदेव मिंज ने इसे सिर्फ अपनी जीत नहीं, बल्कि 'न्याय की जीत' माना। वे ग्रामीणों और गाजे-बाजे के साथ बरदर धान खरीदी केंद्र पहुंचे। किसान ने भावुक होकर कहा
​बीओ03....यह बैंड-बाजा मेरी खुशी के साथ-साथ माननीय न्यायालय के सम्मान में बज रहा है। अगर न्यायालय का साथ न मिलता, तो मेरी साल भर की मेहनत बर्बाद हो जाती।"
​सियासी समर्थन भी मिला
​इस मौके पर खुशी साझा करने के लिए कांग्रेस जिलाध्यक्ष हरिहर प्रसाद यादव भी अपने कार्यकर्ताओं के साथ केंद्र पहुंचे। उन्होंने किसान का समर्थन करते हुए इसे किसानों के हक की जीत बताया।
बीओ04.. कांग्रेस के जिला अध्यक्ष हरिहर यादव और किसान राजदेव मिंज नायब तहसीलदार रवि भोजवानी पर गंभीर आरोप लगाए हैं उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारियों को निलंबित होना चाहिए या तो ट्रांसफर होना चाहिए जो लापरवाही से कम करें हमारे जिला प्रशासन तत्काल उनको निलंबित करना चाहिए 
ब्यूरो रिपोर्ट बलरामपुर अली खान
    user_Ali Khan
    Ali Khan
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    14 hrs ago
  • समाज में एक पत्नी का दूसरे पुरुष से संबंध बनाने के पीछे भावनात्मक असंतोष, शारीरिक अतृप्ति, या आपसी समझ की कमी जैसे कारण हो सकते हैं। यह अक्सर भरोसे की कमी, अकेलेपन, या नए अनुभवों की तलाश के कारण होता है। ऐसे मामले व्यक्तिगत असंतोष या अनसुलझे वैवाहिक मुद्दों के कारण समय-समय पर सामने आते रहते हैं।  दूसरे पुरुष से संबंध बनाने के मुख्य कारण: भावात्मक और शारीरिक असंतोष: यदि पति-पत्नी के बीच प्यार, सम्मान, या शारीरिक संतुष्टि की कमी है, तो महिला भावनात्मक समर्थन या शारीरिक जरूरतों के लिए दूसरे पुरुष की ओर आकर्षित हो सकती है। धोखाधड़ी और अनबन: वैवाहिक जीवन में लगातार झगड़े, उपेक्षा, या साथी के साथ अस्वस्थ व्यवहार (abuse) के कारण भी रिश्ते में दरार आ सकती है। नए अनुभवों की तलाश: कुछ मामलों में, एकरसता से बचने या नए अनुभवों के लिए भी ऐसे संबंध बन सकते हैं। आर्थिक कारण: कुछ मामलों में, अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए भी महिलाएं गैर-पुरुष से संबंध बना सकती हैं।  कब से बना रही है? यह कोई नई घटना नहीं है, यह व्यवहार जब से विवाह संस्था मौजूद है, तब से ही मौजूद हो सकता है। हालांकि, आधुनिक जीवनशैली, सोशल मीडिया, और बढ़ते हुए वैवाहिक कलह के कारण ऐसे मामलों का पता चलना अब अधिक आसान हो गया है।  निष्कर्ष विवाह में विश्वास, आपसी समझ, और सम्मान की कमी ही इन संबंधों का मुख्य कारण बनती है। यह अक्सर व्यक्तिगत असंतोष और रिश्ते में आ रही दूरियों का नतीजा होता है।
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    समाज में एक पत्नी का दूसरे पुरुष से संबंध बनाने के पीछे भावनात्मक असंतोष, शारीरिक अतृप्ति, या आपसी समझ की कमी जैसे कारण हो सकते हैं। यह अक्सर भरोसे की कमी, अकेलेपन, या नए अनुभवों की तलाश के कारण होता है। ऐसे मामले व्यक्तिगत असंतोष या अनसुलझे वैवाहिक मुद्दों के कारण समय-समय पर सामने आते रहते हैं। 
दूसरे पुरुष से संबंध बनाने के मुख्य कारण:
भावात्मक और शारीरिक असंतोष: यदि पति-पत्नी के बीच प्यार, सम्मान, या शारीरिक संतुष्टि की कमी है, तो महिला भावनात्मक समर्थन या शारीरिक जरूरतों के लिए दूसरे पुरुष की ओर आकर्षित हो सकती है।
धोखाधड़ी और अनबन: वैवाहिक जीवन में लगातार झगड़े, उपेक्षा, या साथी के साथ अस्वस्थ व्यवहार (abuse) के कारण भी रिश्ते में दरार आ सकती है।
नए अनुभवों की तलाश: कुछ मामलों में, एकरसता से बचने या नए अनुभवों के लिए भी ऐसे संबंध बन सकते हैं।
आर्थिक कारण: कुछ मामलों में, अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए भी महिलाएं गैर-पुरुष से संबंध बना सकती हैं। 
कब से बना रही है?
यह कोई नई घटना नहीं है, यह व्यवहार जब से विवाह संस्था मौजूद है, तब से ही मौजूद हो सकता है। हालांकि, आधुनिक जीवनशैली, सोशल मीडिया, और बढ़ते हुए वैवाहिक कलह के कारण ऐसे मामलों का पता चलना अब अधिक आसान हो गया है। 
निष्कर्ष
विवाह में विश्वास, आपसी समझ, और सम्मान की कमी ही इन संबंधों का मुख्य कारण बनती है। यह अक्सर व्यक्तिगत असंतोष और रिश्ते में आ रही दूरियों का नतीजा होता है।
    user_Ramashankar sharma
    Ramashankar sharma
    Voice of people गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    1 hr ago
  • जिले के 4 होटलों में गढ़वा SDM के नेतृत्व में छाप हमारी की गई जिसमें से तीन होटल को सील कर दिया गया है 1. Hotel SNC शिव मंदिर रोड़ 2. Hotel RDS रेलवे स्टेशन रोड़ 3. Hotel Tiwari INN 4. अज्ञात है?
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    जिले के 4 होटलों में गढ़वा SDM के नेतृत्व में छाप हमारी की गई जिसमें से तीन होटल को सील कर दिया गया है 
1. Hotel SNC शिव मंदिर रोड़ 
2. Hotel RDS रेलवे स्टेशन रोड़
3. Hotel Tiwari INN 
4. अज्ञात है?
    user_Green Line News, Md Mostaque
    Green Line News, Md Mostaque
    पत्रकार गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    12 hrs ago
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