तूफान का कहर: जामवंतपुर में दर्जनों घर तबाह, लोग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर बलरामपुर/ बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत जामवंतपुर में बीती रात आए तेज तूफान ने भारी तबाही मचा दी। अचानक आए विनाशकारी तूफान के चलते देखते ही देखते दर्जनों कच्चे और पक्के मकान क्षतिग्रस्त हो गए और कई घर मलबे के ढेर में तब्दील हो गए। तूफान के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जिन परिवारों के घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, वे अब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। प्रभावित लोगों के चेहरों पर भविष्य को लेकर गहरी चिंता और बेबसी साफ देखी जा सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि इतने बड़े नुकसान के बावजूद अभी तक प्रशासन की कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची है, जिससे लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द राहत और सहायता पहुंचाई जाए। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल राहत सामग्री, अस्थायी रहने की व्यवस्था और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि संकट की इस घड़ी में लोगों को राहत मिल सके।
तूफान का कहर: जामवंतपुर में दर्जनों घर तबाह, लोग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर बलरामपुर/ बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत जामवंतपुर में बीती रात आए तेज तूफान ने भारी तबाही मचा दी। अचानक आए विनाशकारी तूफान के चलते देखते ही देखते दर्जनों कच्चे और पक्के मकान
क्षतिग्रस्त हो गए और कई घर मलबे के ढेर में तब्दील हो गए। तूफान के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जिन परिवारों के घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, वे अब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। प्रभावित लोगों के चेहरों पर भविष्य को लेकर गहरी
चिंता और बेबसी साफ देखी जा सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि इतने बड़े नुकसान के बावजूद अभी तक प्रशासन की कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची है, जिससे लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से
लेते हुए जल्द से जल्द राहत और सहायता पहुंचाई जाए। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल राहत सामग्री, अस्थायी रहने की व्यवस्था और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि संकट की इस घड़ी में लोगों को राहत मिल सके।
- Post by Shoaib Siddiqui1
- बलरामपुर जिले में आंधी और तूफान से कई घर उजड़ खुले आसमान के नीचे रहने के लिए मजबूर हुए ग्रामीण प्रशासन से गुहार लगाई लेकिन अभी तक कोई मदद नहीं1
- डंडई में पहली बार मनाया गया सरहुल पूजा महोत्सव,एसडीएम संजय कुमार रहे मुख्य अतिथि डंडई प्रखंड क्षेत्र के बैलाझखड़ा गांव के पिपरहवा टोला में शुक्रवार को पहली बार आदिवासी समाज के प्रमुख प्रकृतिक पर्व सरहुल पूजा महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ प्रकृति की पूजा-अर्चना की गई। कार्यक्रम में गढ़वा अनुमंडल के एसडीएम संजय कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक सरना पूजा से हुई। आदिवासी युवक-युवतियों ने पारंपरिक वेशभूषा में मांदर और नगाड़े की थाप पर सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किया, जिससे पूरा वातावरण सरहुल के उल्लास से सराबोर हो गया। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित एसडीएम संजय कुमार ने कहा कि सरहुल पर्व प्रकृति और मानव के अटूट संबंध का प्रतीक है। यह पर्व हमें प्रकृति की रक्षा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है। आदिवासी समाज सदियों से प्रकृति की पूजा कर पर्यावरण संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा देता रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक आयोजनों से समाज में आपसी भाईचारा और सामाजिक एकता मजबूत होती है। आगे कहा की यहां के युवाओं के प्रयास से सरहुल पूजा कार्यक्रम की शुरुआत प्रेरणादायक है। ये युवा अपनी संस्कृति अपनी समाज अपनी जड़ों को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। इनका कार्य काफी सराहनीय है। उन्होंने ग्रामीणों से शिक्षा, स्वच्छता और विकास योजनाओं से जुड़कर क्षेत्र के विकास में भागीदारी निभाने की अपील की। साथ ही प्रशासन की ओर से हर संभव सहयोग का भरोसा भी दिया। कार्यक्रम का आयोजन आदिवासी एकता संघ, डंडई के तत्वावधान में किया गया। मौके पर मुखिया प्रतिनिधि महेश्वर राम भाजपा नेता सांसद प्रतिनिधि अलख निरंजन प्रसाद रामप्यारी सिंह तेज बहादुर सिंह चंद्रशेखर प्रसाद सुभाष चंद्र मेहता युवा समाजसेवी विवेकानंद कुशवाहा सहित अन्य गण मान्य व्यक्ति कार्यक्रम का हिस्सा बने । सरहुल पूजा कार्यक्रम को सफल बनाने में आदिवासी सरना विकास परिषद के सचिव मुख लाल उरांव कोषाध्यक्ष उमेश उरांव लवली उरांव मनोज उरांव सहित राकेश उरांव राजेश उरांव अभय सिंह विजय उरांव देव कुमार उरांव शनि उरांव नंदलाल उरांव सुरेंद्र सिंह मनोज सिंह मृत्युंजय सिंह सहित अन्य लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई । इस मौके पर सुंदर देव यादव वीरेंद्र यादव शिक्षक अवकास कुमार डंडई थाना के ए एस आई मुनेश्वर राम विरोधी व श्रद्धालु उपस्थित थे ।1
- गढ़वा जिला में चल रहा है देह व्यापार का काला धंधा, गढ़वा के तीन होटल को किया गया सीज, फोटो के अंदर पाए गए 14 जोड़ा नाबालीक लड़के, लड़कियां।🚫⚠️📍1
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- गढ़वा के जटा गांव में जमीनी विवाद को लेकर आपस में दो परिवार के लोग उलझ गए दोनों तरफ से मार पीट शुरू हो गया सदर अस्पताल में भर्ती के बाद चल रहा है इलाज1
- किन्नरों का बधाई मांगने का एरिया (इलाका) पारंपरिक गुरु-चेला प्रथा और आपसी सहमति से निर्धारित होता है, जो पीढ़ियों से चला आ रहा है। यह एक निश्चित क्षेत्र होता है, जहाँ का 'गुरु' (प्रमुख) अपने शिष्यों को बधाई मांगने के लिए बांटता है। इसमें कोई बाहरी या दूसरा समूह हस्तक्षेप नहीं करता। एरिया निर्धारण के मुख्य बिंदु: गुरु का अधिकार: क्षेत्र का बंटवारा उस इलाके के गुरु (या डेरे के मुखिया) द्वारा किया जाता है। परंपरा: यह व्यवस्था पुरानी परंपराओं पर आधारित है और इसे बदलना आम तौर पर मनाही है। विवाद और नियम: कई जगहों पर, मनमानी वसूली को रोकने के लिए ग्राम पंचायत या मोहल्ला कमेटी के साथ मिलकर 2100-5100 रुपये तक की बधाई (लाग) राशि भी तय की जाती है, ताकि आपसी विवाद न हो। बधाई के मौके: वे आमतौर पर शादी, बच्चे के जन्म और गृह प्रवेश जैसे मंगल अवसरों पर बधाई मांगने जाते हैं।1
- बलरामपुर जिले में1