उत्तर प्रदेश सरकार के खाद्य रसद एवं नागरिक आपूर्ति राज्य मंत्री तथा बलरामपुर जनपद के प्रभारी मंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने मीडिया प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण 'मीडिया संवाद' कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सफल 12 वर्ष (2014-2026) पूरे होने पर, सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को समर्पित ऐतिहासिक उपलब्धियों का ब्यौरा साझा किया। प्रभारी मंत्री ने जोर दिया कि ये 12 वर्ष नए भारत के निर्माण और 140 करोड़ नागरिकों के जीवन में आए सकारात्मक तथा क्रांतिकारी बदलावों के साक्षी रहे हैं, और मीडिया के माध्यम से जनकल्याणकारी नीतियों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना ही सुशासन की पहचान है। मंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने खाद्य रसद विभाग के कार्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश में 'प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना' के तहत करोड़ों पात्र परिवारों को निरंतर मुफ्त खाद्यान्न वितरित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कोटे की दुकानों पर ई-पीओएस (इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल) मशीनों के शत-प्रतिशत उपयोग से राशन वितरण प्रणाली में भ्रष्टाचार पर पूरी तरह लगाम लगी है और लीकेज बंद हुआ है। संवाद में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की योगी सरकार का एकमात्र ध्येय 'अंत्योदय' है, जिसकी शीर्ष प्राथमिकता समाज के सबसे पिछड़े और वंचित व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाना है। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना (मुफ्त स्वास्थ्य कवच), जल जीवन मिशन (हर घर नल से जल), पीएम आवास योजना (हर गरीब को पक्का मकान), और उज्ज्वला योजना (धुआं मुक्त रसोई) जैसी योजनाओं से गरीबों को मिल रहे सीधे लाभ का उल्लेख किया। प्रभारी मंत्री ने बीते 12 वर्षों को देश के बुनियादी स्तंभों के सशक्तिकरण का कालखंड बताया। उन्होंने कहा कि 'लखपति दीदी' योजना और 'स्वयं सहायता समूहों' के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया गया है, जबकि 'स्टार्टअप इंडिया' और 'कौशल विकास मिशन' जैसी योजनाओं ने युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के असीम अवसर खोले हैं। किसानों के लिए 'पीएम किसान सम्मान निधि' के जरिए सीधे उनके खातों में आर्थिक सहायता भेजकर आय बढ़ाने और उन्हें संबल देने के ऐतिहासिक प्रयास हुए हैं। सतीश चंद्र शर्मा ने कहा कि 2014 से 2026 तक का यह सफर सिर्फ सरकारी नीतियों और योजनाओं में बदलाव का नहीं रहा, बल्कि इसने देश के नागरिकों के व्यवहार और सोच में भी बड़ा परिवर्तन किया है, जिससे प्रत्येक भारतीय में आत्मनिर्भरता का आत्मविश्वास जगा है। पूरा देश एकजुट होकर साल 2047 तक भारत को एक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने के महासंकल्प की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। प्रभारी मंत्री ने अपने विशेष संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में भारत ने विकास, तकनीक और जनकल्याण के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों को छुआ है, और मीडिया के माध्यम से इन धरातलीय उपलब्धियों को जनता तक पहुँचाना सरकार की पारदर्शिता और जनता के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है। प्रेसवार्ता के समापन पर यह निष्कर्ष साझा किया गया कि ऐसे सीधे संवाद कार्यक्रमों से न केवल सरकार के कामकाज में पारदर्शिता बढ़ती है, बल्कि आम जनता और प्रशासन के बीच विश्वास भी सुदृढ़ होता है, जिससे राष्ट्र निर्माण के इस महायज्ञ में प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो रही है। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष रवि मिश्र, सदर विधायक पल्टूराम, कैलाश नाथ शुक्ल, राम प्रताप वर्मा, चेयरमैन डॉ. धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरू और कार्यक्रम संयोजक आद्या सिंह पिंकी मीडिया प्रभारी डीपी सिंह बैंस उपस्थित रहे।
उत्तर प्रदेश सरकार के खाद्य रसद एवं नागरिक आपूर्ति राज्य मंत्री तथा बलरामपुर जनपद के प्रभारी मंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने मीडिया प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण 'मीडिया संवाद' कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सफल 12 वर्ष (2014-2026) पूरे होने पर, सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को समर्पित ऐतिहासिक उपलब्धियों का ब्यौरा साझा किया। प्रभारी मंत्री ने जोर दिया कि ये 12 वर्ष नए भारत के निर्माण और 140 करोड़ नागरिकों के जीवन में आए सकारात्मक तथा क्रांतिकारी बदलावों के साक्षी रहे हैं, और मीडिया के माध्यम से जनकल्याणकारी नीतियों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना ही सुशासन की पहचान है। मंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने खाद्य रसद विभाग के कार्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश में 'प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना' के तहत करोड़ों पात्र परिवारों को निरंतर मुफ्त खाद्यान्न वितरित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कोटे की दुकानों पर ई-पीओएस (इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल) मशीनों के शत-प्रतिशत उपयोग से राशन वितरण प्रणाली में भ्रष्टाचार पर पूरी तरह लगाम लगी है और लीकेज बंद हुआ है। संवाद में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की योगी सरकार का एकमात्र ध्येय 'अंत्योदय' है, जिसकी शीर्ष प्राथमिकता समाज के सबसे पिछड़े और वंचित व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाना है। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना (मुफ्त स्वास्थ्य कवच), जल जीवन मिशन (हर घर नल से जल), पीएम आवास योजना (हर गरीब को पक्का मकान), और उज्ज्वला योजना (धुआं मुक्त रसोई) जैसी योजनाओं से गरीबों को मिल रहे सीधे लाभ का उल्लेख किया। प्रभारी मंत्री ने बीते 12 वर्षों को देश के बुनियादी स्तंभों के सशक्तिकरण का कालखंड बताया। उन्होंने कहा कि
'लखपति दीदी' योजना और 'स्वयं सहायता समूहों' के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया गया है, जबकि 'स्टार्टअप इंडिया' और 'कौशल विकास मिशन' जैसी योजनाओं ने युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के असीम अवसर खोले हैं। किसानों के लिए 'पीएम किसान सम्मान निधि' के जरिए सीधे उनके खातों में आर्थिक सहायता भेजकर आय बढ़ाने और उन्हें संबल देने के ऐतिहासिक प्रयास हुए हैं। सतीश चंद्र शर्मा ने कहा कि 2014 से 2026 तक का यह सफर सिर्फ सरकारी नीतियों और योजनाओं में बदलाव का नहीं रहा, बल्कि इसने देश के नागरिकों के व्यवहार और सोच में भी बड़ा परिवर्तन किया है, जिससे प्रत्येक भारतीय में आत्मनिर्भरता का आत्मविश्वास जगा है। पूरा देश एकजुट होकर साल 2047 तक भारत को एक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने के महासंकल्प की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। प्रभारी मंत्री ने अपने विशेष संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में भारत ने विकास, तकनीक और जनकल्याण के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों को छुआ है, और मीडिया के माध्यम से इन धरातलीय उपलब्धियों को जनता तक पहुँचाना सरकार की पारदर्शिता और जनता के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है। प्रेसवार्ता के समापन पर यह निष्कर्ष साझा किया गया कि ऐसे सीधे संवाद कार्यक्रमों से न केवल सरकार के कामकाज में पारदर्शिता बढ़ती है, बल्कि आम जनता और प्रशासन के बीच विश्वास भी सुदृढ़ होता है, जिससे राष्ट्र निर्माण के इस महायज्ञ में प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो रही है। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष रवि मिश्र, सदर विधायक पल्टूराम, कैलाश नाथ शुक्ल, राम प्रताप वर्मा, चेयरमैन डॉ. धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरू और कार्यक्रम संयोजक आद्या सिंह पिंकी मीडिया प्रभारी डीपी सिंह बैंस उपस्थित रहे।
- बलरामपुर जनपद के थाना कोतवाली नगर क्षेत्र अंतर्गत डिब्बा पुल के पास रात के अंधेरे में धड़ल्ले से अवैध खनन किए जाने का आरोप है, जिससे जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह खनन कार्य देर रात तक जारी रहता है, जिसके कारण क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही काफी बढ़ गई है। इससे आसपास रहने वाले लोगों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों को इस अवैध गतिविधि की सूचना दी है, लेकिन अब तक इस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से इस पूरे मामले की तत्काल जांच कर अवैध खनन पर रोक लगाने और इसमें शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि, इस विषय पर प्रशासनिक अधिकारियों का पक्ष अभी सामने नहीं आया है। यदि खनन की यह शिकायत सही पाई जाती है, तो इसे राजस्व के नुकसान और पर्यावरण पर पड़ने वाले गंभीर प्रभाव, दोनों के लिए एक चिंताजनक विषय माना जाएगा। फिलहाल, क्षेत्र में रात के समय हो रही इन खनन गतिविधियों को लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है और वे प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।1
- बलरामपुर जनपद के थाना कोतवाली नगर क्षेत्र अंतर्गत डिब्बा पुल के पास रात के अंधेरे में कथित रूप से धड़ल्ले से खनन किए जाने की चर्चा तेज़ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि देर रात तक यह खनन कार्य जारी रहता है, जिसके कारण क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ गई है। इससे आसपास के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों को इस अवैध खनन की जानकारी दी है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। इस स्थिति से अधिकारियों की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस मामले की जांच कर अवैध खनन पर तुरंत रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं, इस विषय पर प्रशासनिक अधिकारियों का पक्ष अभी सामने नहीं आया है। यह भी कहा गया है कि यदि खनन की शिकायत सही पाई जाती है, तो यह राजस्व और पर्यावरण दोनों के लिए एक गंभीर विषय होगा। फिलहाल, क्षेत्र में रात के समय हो रही खनन गतिविधियों को लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है और वे प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा कर रहे हैं।1
- विधायक राकेश यादव ने एक बयान में कहा है कि विकास कार्यों को आरोपों की राजनीति से रोका नहीं जा सकता है।1
- बलरामपुर जिले के गरम गनवरिया कला, लखौरा, हरैया और सतघरवा क्षेत्रों में सड़कों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इन सड़कों को भरवाने या उनकी मरम्मत कराने की जिम्मेदारी कोई नहीं ले रहा है, जिससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- उत्तर प्रदेश में चल रहा एंटी-भूमाफिया अभियान बलरामपुर जिले में पूरी तरह विफल साबित हुआ है, जहाँ शिकायतकर्ता फतेह बहादुर और अवधेश कुमार ने बयान व सबूतों के साथ इसकी पोल खोली है। बलरामपुर के ग्राम पंचायत लाल नगर सिपहिया में भू-माफिया कागजों पर तो 'बेदखल' हैं, लेकिन हकीकत में सरकारी जमीन पर धड़ल्ले से उनकी दुकानें चल रही हैं। यह स्थिति बलरामपुर में अधिकारियों को भू-माफियाओं की खुली चुनौती के रूप में सामने आई है, जहाँ कोर्ट के सख्त आदेशों के बावजूद प्रशासन पस्त नजर आ रहा है और दबंगों के हौसले बुलंद हैं। सरकारी जमीन पर पैसे और रसूख के दम पर अवैध किले खड़े किए गए हैं, और कोर्ट से बेदखली का आदेश होने के बावजूद प्रशासन बुलडोजर नहीं चला पाया। बलरामपुर के ग्राम पंचायत लाल नगर सिपहिया में सिस्टम के बड़े खेल का खुलासा हुआ है, जहाँ मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत के बावजूद नवीन परती भूमि पर भू-माफिया का कब्जा बरकरार है। यहां की जमीनी हकीकत कागजी कार्रवाई से बिल्कुल उलट है, जहाँ बेदखली के आदेश को ठेंगा दिखाया जा रहा है और ग्रामीण 'बुल्डोजर बाबा' से गुहार लगा रहे हैं। इस पूरे मामले ने यूपी में माफिया राज पर प्रहार के दावों पर गंभीर प्रशासनिक सवाल खड़े कर दिए हैं। बलरामपुर में लेखपाल की फर्जी रिपोर्ट और अधिकारियों की चुप्पी ने बेखौफ भू-माफियाओं को सरकारी जमीन निगलने का मौका दिया है। रामकिशुन और अशोक कुमार की दो पीढ़ियों का सरकारी जमीन पर कब्जा है, और कोर्ट के सख्त आदेश भी बेअसर साबित हुए हैं। श्रावस्ती टाइम्स के ग्राउंड रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि सरकारी जमीन 29 लोगों को बेच दी गई है और तुलसीपुर प्रशासन कोर्ट के बेदखली आदेशों को 'रद्दी' समझ रहा है।4
- केंद्र में भाजपा (NDA) सरकार के सफल 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी देश भर में बड़े स्तर पर जश्न मना रही है, जिसके तहत जनपद सिद्धार्थनगर के बांसी विकास खंड परिसर में तीन दिवसीय जनकल्याण शिविर और स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सांसद जगदंबिका पाल और विशिष्ट अतिथि पूर्व कैबिनेट मंत्री व विधायक जयप्रताप सिंह ने किया। पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की उपलब्धियों को घर-घर जनसंपर्क कर लोगों तक पहुंचा रही है। 26 मई 2014 को पहली बार शपथ लेने के बाद, पीएम मोदी ने निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में लगातार सबसे लंबे समय तक सेवा करने का एक नया रिकॉर्ड भी बनाया है। इस ऐतिहासिक अवसर पर, भाजपा ने सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल को 'सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण' को समर्पित बताया है। भाजपा देश भर में "विकसित भारत संकल्प सम्मेलन" और मीडिया संवाद आयोजित कर रही है, साथ ही सरकार की इन बड़ी उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के लिए 5 विशेष बुकलेट भी जारी की गई हैं। पार्टी का संकल्प है कि इन नीतियों को आधार बनाकर साल 2047 तक भारत को एक 'विकसित राष्ट्र' बनाया जाए। सिद्धार्थनगर के बांसी में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे सांसद और विधायक का जिलाधिकारी व खंड विकास अधिकारी कृतिका अवस्थी ने पुष्पगुच्छ देकर सम्मान किया। इस दौरान, सांसद और विधायक ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए केंद्र और प्रदेश सरकार की उपलब्धियों को साझा किया। ब्लाक परिसर में स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, सिंचाई आदि विभागों द्वारा स्टाल भी लगाए गए, जिनका उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने अवलोकन किया। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को सांसद व विधायक ने आवास की चाभी भी सौंपी। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी रजत चौरसिया, खंड विकास अधिकारी बांसी कृतिका अवस्थी, पंचायत अधिकारी अजय राय सहित ब्लाक व जिला के अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।1
- सिद्धार्थनगर जिले के ढेबरूआ थाना क्षेत्र के रामनगर गाँव में जल निकासी की गंभीर समस्या से ग्रामीण जूझ रहे हैं। गाँव में बनी नाली का आगे कोई निकास न होने के कारण घरों में पानी भर रहा है, जिससे वहाँ की जनता भारी परेशानी का सामना कर रही है। इस समस्या को लेकर सोशल मीडिया के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की बात कही गई है।1
- बहराइच के शंकरपुर में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के कार्यक्रम में असदुद्दीन ओवैसी की सभा भारी भीड़ और अव्यवस्था के माहौल में संपन्न हुई। इस आयोजन में प्रबंधन का स्पष्ट अभाव देखा गया, जिसके कारण सभा के दौरान कई तरह की अनियमितताएं देखने को मिलीं।1