logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

जिम्मेदार कब लेंगे सड़क की सुधि वर्षो से उबड़ खाबड़ सड़क की कर रहे मरीज राहगीर सफर जोगिया ब्लॉक के केवटलिया अस्पताल जाने वाली सड़क की वर्षो से कोई सुधि लेने वाला नही है

8 hrs ago
user_Ravindra kumar Kashyap
Ravindra kumar Kashyap
नौगढ़, सिद्धार्थ नगर, उत्तर प्रदेश•
8 hrs ago
1bb7079e-32fd-4e77-8be3-3ed9d3f82262

जिम्मेदार कब लेंगे सड़क की सुधि वर्षो से उबड़ खाबड़ सड़क की कर रहे मरीज राहगीर सफर जोगिया ब्लॉक के केवटलिया अस्पताल जाने वाली सड़क की वर्षो से कोई सुधि लेने वाला नही है

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • Post by Umesh Kumar
    1
    Post by Umesh Kumar
    user_Umesh Kumar
    Umesh Kumar
    नौगढ़, सिद्धार्थ नगर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • Post by VIJAY BAHADUR कपिलवस्तु न्यूज़
    1
    Post by VIJAY BAHADUR कपिलवस्तु न्यूज़
    user_VIJAY BAHADUR कपिलवस्तु न्यूज़
    VIJAY BAHADUR कपिलवस्तु न्यूज़
    नौगढ़, सिद्धार्थ नगर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • Gill Smart Group Dubai / Gorakhpur branch + Siwan Bihar me interview hoga 4 / 4/ 2026/. call 🤙. WhatsApp .+9529465420
    1
    Gill Smart Group Dubai /  Gorakhpur branch + Siwan Bihar me interview hoga 4 / 4/ 2026/. call 🤙. WhatsApp .+9529465420
    user_Abdul Rahman
    Abdul Rahman
    Tailor नौगढ़, सिद्धार्थ नगर, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • सिद्धार्थनगर में बड़ी राहत: अब घर-घर पहुंचेगी पाइपलाइन से गैस, सिलेंडर की झंझट खत्म सिद्धार्थनगर के शहरी क्षेत्रों के लिए बड़ी खुशखबरी है। अब यहां के लोगों को गैस सिलेंडर के लिए लंबी कतारों और भागदौड़ से राहत मिलने वाली है। जिले में पाइपलाइन के जरिए सीधे रसोई गैस (PNG) की आपूर्ति शुरू की जा रही है, जिससे गैस सीधे घरों तक पहुंचेगी। पहले चरण में यह सुविधा सिद्धार्थनगर नगर मुख्यालय, बांसी और डुमरियागंज के शहरी इलाकों में लागू की जाएगी। इस योजना से करीब डेढ़ लाख परिवारों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। इसके बाद अन्य नगर पंचायतों को भी इस योजना से जोड़ा जाएगा। पीएनजी सेवा की सबसे खास बात यह है कि यह 24 घंटे उपलब्ध रहेगी। उपभोक्ता अपनी जरूरत के अनुसार कभी भी गैस का उपयोग कर सकेंगे। साथ ही, इसका बिल भी बिजली की तरह यूनिट के हिसाब से बनेगा, जिससे भुगतान प्रक्रिया आसान हो जाएगी। फिलहाल कई मोहल्लों में पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू हो चुका है। हाईवे किनारे मुख्य लाइन डाली जा रही है और घरों तक कनेक्शन पहुंचाने का काम भी तेजी से जारी है। यह परियोजना भारत पेट्रोलियम द्वारा जिला प्रशासन और पूर्ति विभाग की निगरानी में संचालित की जा रही है। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने बताया कि पहले चरण के तहत तीनों नगर निकायों में तेजी से काम चल रहा है, ताकि जल्द से जल्द लोगों को इस सुविधा का लाभ मिल सके।
    1
    सिद्धार्थनगर में बड़ी राहत: अब घर-घर पहुंचेगी पाइपलाइन से गैस, सिलेंडर की झंझट खत्म
सिद्धार्थनगर के शहरी क्षेत्रों के लिए बड़ी खुशखबरी है। अब यहां के लोगों को गैस सिलेंडर के लिए लंबी कतारों और भागदौड़ से राहत मिलने वाली है। जिले में पाइपलाइन के जरिए सीधे रसोई गैस (PNG) की आपूर्ति शुरू की जा रही है, जिससे गैस सीधे घरों तक पहुंचेगी।
पहले चरण में यह सुविधा सिद्धार्थनगर नगर मुख्यालय, बांसी और डुमरियागंज के शहरी इलाकों में लागू की जाएगी। इस योजना से करीब डेढ़ लाख परिवारों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। इसके बाद अन्य नगर पंचायतों को भी इस योजना से जोड़ा जाएगा।
पीएनजी सेवा की सबसे खास बात यह है कि यह 24 घंटे उपलब्ध रहेगी। उपभोक्ता अपनी जरूरत के अनुसार कभी भी गैस का उपयोग कर सकेंगे। साथ ही, इसका बिल भी बिजली की तरह यूनिट के हिसाब से बनेगा, जिससे भुगतान प्रक्रिया आसान हो जाएगी।
फिलहाल कई मोहल्लों में पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू हो चुका है। हाईवे किनारे मुख्य लाइन डाली जा रही है और घरों तक कनेक्शन पहुंचाने का काम भी तेजी से जारी है।
यह परियोजना भारत पेट्रोलियम द्वारा जिला प्रशासन और पूर्ति विभाग की निगरानी में संचालित की जा रही है। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने बताया कि पहले चरण के तहत तीनों नगर निकायों में तेजी से काम चल रहा है, ताकि जल्द से जल्द लोगों को इस सुविधा का लाभ मिल सके।
    user_Sandeep kalawat
    Sandeep kalawat
    Shohratgarh, Siddharth Nagar•
    6 hrs ago
  • फरेंदा में खेत में काम करते समय भूसा मशीन से निकली एक चिंगारी ने कुछ ही मिनटों में भीषण आग का रूप ले लिया। आग ने ट्रैक्टर, भूसा मशीन, ट्रॉली और गेहूं की फसल को जलाकर राख कर दिया। तेज हवाओं ने आग को और फैलाया, जबकि ग्रामीणों और फायर ब्रिगेड ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। किसानों को भारी नुकसान हुआ है और ग्रामीण प्रशासन से मुआवजे की मांग कर रहे हैं। . #Fazenda #FarendaNews #FireAccident #KisanNews #TractorFire | Farenda News | Maharajganj News
    1
    फरेंदा में खेत में काम करते समय भूसा मशीन से निकली एक चिंगारी ने कुछ ही मिनटों में भीषण आग का रूप ले लिया। 
आग ने ट्रैक्टर, भूसा मशीन, ट्रॉली और गेहूं की फसल को जलाकर राख कर दिया। तेज हवाओं ने आग को और फैलाया, जबकि ग्रामीणों और फायर ब्रिगेड ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। 
किसानों को भारी नुकसान हुआ है और ग्रामीण प्रशासन से मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
.
#Fazenda #FarendaNews #FireAccident #KisanNews #TractorFire | Farenda News | Maharajganj News
    user_Aapan Maharajganj
    Aapan Maharajganj
    Newspaper publisher नौतनवा, महाराजगंज, उत्तर प्रदेश•
    47 min ago
  • आज KKR और SRH में से किसका खुलेगा जीत का खाता? टॉस बनाएगा बॉस
    1
    आज KKR और SRH में से किसका खुलेगा जीत का खाता? टॉस बनाएगा बॉस
    user_VIJAY CHAURASIYA
    VIJAY CHAURASIYA
    नौतनवा, महाराजगंज, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • ✍️ADSP इरफान नासिर खान की कलम से....✍️ मेरे प्यारे साथियों, आज मैं आपके सामने किसी बड़े अधिकारी की तरह नहीं, बल्कि उसी गाँव के एक साधारण बेटे की तरह खड़ा हूँ, जिसने इसी मिट्टी में खेलना सीखा, इसी मिट्टी से अपने सपनों को ताकत दी और इसी मिट्टी की खुशबू से अपने जीवन की दिशा पाई। आज का दिन मेरे लिए बहुत भावुक क्षण है। क्योंकि जब इंसान अपनी यात्रा को पीछे मुड़कर देखता है, तो उसे एहसास होता है कि उसकी सफलता केवल उसकी अपनी नहीं होती। उसके पीछे उसके माता-पिता का संघर्ष, परिवार का त्याग, दोस्तों का साथ और गाव समाज का आशीर्वाद होता है। मैं भी एक बिल्कुल साधारण और बहुत ही बदमाश छात्र था। गाँव के घर में मेरा बचपन बीता। मेरे माता-पिता ने हमें हमेशा एक ही बात सिखाई – “ईमानदारी से मेहनत करो, बाकी सब ऊपरवाला देख लेगा।” मेरे जीवन की सबसे बड़ी पूँजी वही संस्कार थे जो मुझे अपने माता-पिता परिवार और संघर्ष के साथियो से मिले। जब मैं छोटा था, तब गाँव में जब भी कोई पुलिस अधिकारी आता था, तो उसे देखकर मेरे मन में भी एक अलग ही भावना पैदा होती थी। जैसा कि सभी लोगों के साथ भी सामन्यतः यही होता है वर्दी की गरिमा, अनुशासन और समाज के लिए खड़े होने का साहस मुझे बहुत प्रेरित करता था। तभी से सपना जन्मा जिसे माँ बाप भाइयों और बहनों ने साकार करने में सक्षम बनाया लेकिन दोस्तों सपना देखना आसान होता है, उसे सच करना आसान नहीं होता। पढ़ाई करते समय भी कई कठिनाइयाँ भटकाव सामने आएं। लेकिन उन परिस्थितियों ने मुझे कमजोर नहीं बनाया, बल्कि मजबूत बनाया। लेकिन जीवन की राह में चुनौतियाँ भी कम नहीं थीं। पहली बार परीक्षा दी — असफलता मिली। दूसरी बार तीसरी बार......— फिर असफलता। उस समय बहुत निराशा हुई। कई लोगों ने कहा कि यह रास्ता आसान नहीं है, और शायद यह मेरे बस की बात भी नहीं है। लेकिन उसी समय मेरे माता-पिता भैया ने और संघर्ष के दोस्तों ( सभी का नाम लेना चाहते हैं लेकिन सम्भव नहीं फिर कभी)ने मुझे संभाला। उन्होंने कहा — “अगर हार मान ली तो कहानी यहीं खत्म हो जाएगी।” उनके शब्द मेरे लिए नई ऊर्जा बन गए। मैंने फिर से मेहनत शुरू की। दिन-रात की मेहनत, संघर्ष और विश्वास ने आखिरकार रंग दिखाया। एक दिन वह भी आया जब मुझे पता चला कि मेरा चयन DSP के पद पर हो गया है। उस दिन की खुशी शब्दों में बयान करना मुश्किल है। जब मैंने पहली बार वर्दी पहनी, तो मेरे मन में गर्व भी था और जिम्मेदारी का एहसास भी। वर्दी केवल सम्मान नहीं देती, बल्कि जिम्मेदारी भी देती है। उस दिन मैंने खुद से एक वादा किया कि मैं इस वर्दी की गरिमा को हमेशा
    1
    ✍️ADSP इरफान नासिर खान की कलम से....✍️
मेरे प्यारे साथियों,
आज मैं आपके सामने किसी बड़े अधिकारी की तरह नहीं, बल्कि उसी गाँव के एक साधारण बेटे की तरह खड़ा हूँ, जिसने इसी मिट्टी में खेलना सीखा, इसी मिट्टी से अपने सपनों को ताकत दी और इसी मिट्टी की खुशबू से अपने जीवन की दिशा पाई।
आज का दिन मेरे लिए बहुत भावुक क्षण है। क्योंकि जब इंसान अपनी यात्रा को पीछे मुड़कर देखता है, तो उसे एहसास होता है कि उसकी सफलता केवल उसकी अपनी नहीं होती। उसके पीछे उसके माता-पिता का संघर्ष, परिवार का त्याग, दोस्तों का साथ और गाव समाज का आशीर्वाद होता है।
मैं भी एक बिल्कुल साधारण और बहुत ही बदमाश छात्र था। गाँव के घर में मेरा बचपन बीता।  
मेरे माता-पिता ने हमें हमेशा एक ही बात सिखाई –
“ईमानदारी से मेहनत करो, बाकी सब ऊपरवाला देख लेगा।”
मेरे जीवन की सबसे बड़ी पूँजी वही संस्कार थे जो मुझे अपने माता-पिता परिवार और संघर्ष  के साथियो से मिले।
जब मैं छोटा था, तब गाँव में जब भी कोई पुलिस अधिकारी आता था, तो उसे देखकर मेरे मन में भी एक अलग ही भावना पैदा होती थी।  जैसा कि सभी लोगों के साथ भी सामन्यतः यही होता है वर्दी की गरिमा, अनुशासन और समाज के लिए खड़े होने का साहस मुझे बहुत प्रेरित करता था।
तभी से सपना जन्मा जिसे माँ बाप भाइयों  और बहनों ने साकार करने में सक्षम बनाया 
लेकिन दोस्तों  सपना देखना आसान होता है, उसे सच करना आसान नहीं होता।
पढ़ाई करते समय भी कई कठिनाइयाँ भटकाव सामने आएं। 
लेकिन उन परिस्थितियों ने मुझे कमजोर नहीं बनाया, बल्कि मजबूत बनाया।
लेकिन जीवन की राह में चुनौतियाँ भी कम नहीं थीं।
पहली बार परीक्षा दी — असफलता मिली।
दूसरी बार तीसरी बार......— फिर असफलता।
उस समय बहुत निराशा हुई।
कई लोगों ने कहा कि यह रास्ता आसान नहीं है, और शायद यह मेरे बस की बात भी नहीं है।
लेकिन उसी समय मेरे माता-पिता भैया ने  और संघर्ष के दोस्तों ( सभी का नाम लेना चाहते हैं लेकिन सम्भव नहीं फिर कभी)ने मुझे संभाला।
उन्होंने कहा —
“अगर हार मान ली तो कहानी यहीं खत्म हो जाएगी।”
उनके शब्द मेरे लिए नई ऊर्जा बन गए।
मैंने फिर से मेहनत शुरू की।
दिन-रात की मेहनत, संघर्ष और विश्वास ने आखिरकार रंग दिखाया।
एक दिन वह भी आया जब मुझे पता चला कि मेरा चयन DSP के पद पर हो गया है।
उस दिन की खुशी शब्दों में बयान करना मुश्किल है।
जब मैंने पहली बार वर्दी पहनी, तो मेरे मन में गर्व भी था और जिम्मेदारी का एहसास भी।
वर्दी केवल सम्मान नहीं देती, बल्कि जिम्मेदारी भी देती है।
उस दिन मैंने खुद से एक वादा किया कि मैं इस वर्दी की गरिमा को हमेशा
    user_INDIA TIMES NEWS AGENCY SDR Riyaj khan journalist
    INDIA TIMES NEWS AGENCY SDR Riyaj khan journalist
    इटवा, सिद्धार्थ नगर, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • Post by Umesh Kumar
    1
    Post by Umesh Kumar
    user_Umesh Kumar
    Umesh Kumar
    नौगढ़, सिद्धार्थ नगर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.