पीएम एक्सीलेंस कॉलेज, श्योपुर की कार्यप्रणाली को लेकर उच्च शिक्षा आयुक्त से निष्पक्ष जांच की मांग irshad pathan श्योपुर। पीएम एक्सीलेंस कॉलेज, श्योपुर में विद्यार्थियों के साथ कथित भेदभाव, छात्र समस्याओं को लेकर सवाल उठाने पर दबाव बनाए जाने तथा विभिन्न छात्र संगठनों को कार्यक्रमों की अनुमति देने में कथित असमानता के आरोपों को लेकर विद्यार्थियों एवं छात्र नेताओं ने उच्च शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश शासन के आयुक्त के नाम शिकायत प्रस्तुत कर निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच की मांग की। शिकायत में महाविद्यालय में विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान, छात्र संगठनों को कार्यक्रमों की अनुमति, महाविद्यालय परिसर में आयोजित विभिन्न संगठनों के कार्यक्रमों तथा विद्यार्थियों द्वारा की गई शिकायतों पर प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई की जांच की मांग रखी गई है। इस दौरान छात्र नेताओं ने कहा कि महाविद्यालय किसी राजनीतिक या संगठनात्मक पक्ष का केंद्र नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य का शिक्षण संस्थान है। यहां प्रत्येक विद्यार्थी और प्रत्येक छात्र संगठन के साथ समान एवं निष्पक्ष व्यवहार होना चाहिए। यदि किसी प्रकार का भेदभाव या नियमों का उल्लंघन हुआ है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। शिकायत में महाविद्यालय की कार्यप्रणाली, विद्यार्थियों की समस्याओं के निराकरण तथा प्रशासनिक जवाबदेही की भी जांच करने की मांग की गई है। साथ ही विद्यार्थियों एवं शिक्षकों से स्वतंत्र रूप से जानकारी लेकर वास्तविक स्थिति सामने लाने का आग्रह किया गया। इस अवसर पर प्रदेश सचिव NSUI गिरिराज बढ़ोरियां, विधायक प्रतिनिधि अभिषेक मीणा बमोरी, गुरुदत्त चौहान, शिवम सिंह शिशोदिया (जिलाध्यक्ष/परिवहन अध्यक्ष), ऋतिक बंचोलिया, हनुमान प्रजापति, गोलू बमोरी, शिवम मीणा, विकास बैरवा, रामरूप बैरवा, ललित मीणा, शिव मीणा, मोहित जांगिड़ एवं हिमांशु माहौर सहित अन्य छात्र एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। छात्र नेताओं ने स्पष्ट कहा कि यह मांग किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाने के लिए नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के अधिकार, समानता, पारदर्शिता और बेहतर शैक्षणिक वातावरण के लिए है। उच्च शिक्षा विभाग से मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच एवं आवश्यक कार्रवाई की अपेक्षा की गई है। पीएम एक्सीलेंस कॉलेज, श्योपुर की कार्यप्रणाली को लेकर उच्च शिक्षा आयुक्त से निष्पक्ष जांच की मांग irshad pathan श्योपुर। पीएम एक्सीलेंस कॉलेज, श्योपुर में विद्यार्थियों के साथ कथित भेदभाव, छात्र समस्याओं को लेकर सवाल उठाने पर दबाव बनाए जाने तथा विभिन्न छात्र संगठनों को कार्यक्रमों की अनुमति देने में कथित असमानता के आरोपों को लेकर विद्यार्थियों एवं छात्र नेताओं ने उच्च शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश शासन के आयुक्त के नाम शिकायत प्रस्तुत कर निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच की मांग की। शिकायत में महाविद्यालय में विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान, छात्र संगठनों को कार्यक्रमों की अनुमति, महाविद्यालय परिसर में आयोजित विभिन्न संगठनों के कार्यक्रमों तथा विद्यार्थियों द्वारा की गई शिकायतों पर प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई की जांच की मांग रखी गई है। इस दौरान छात्र नेताओं ने कहा कि महाविद्यालय किसी राजनीतिक या संगठनात्मक पक्ष का केंद्र नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य का शिक्षण संस्थान है। यहां प्रत्येक विद्यार्थी और प्रत्येक छात्र संगठन के साथ समान एवं निष्पक्ष व्यवहार होना चाहिए। यदि किसी प्रकार का भेदभाव या नियमों का उल्लंघन हुआ है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। शिकायत में महाविद्यालय की कार्यप्रणाली, विद्यार्थियों की समस्याओं के निराकरण तथा प्रशासनिक जवाबदेही की भी जांच करने की मांग की गई है। साथ ही विद्यार्थियों एवं शिक्षकों से स्वतंत्र रूप से जानकारी लेकर वास्तविक स्थिति सामने लाने का आग्रह किया गया। इस अवसर पर प्रदेश सचिव NSUI गिरिराज बढ़ोरियां, विधायक प्रतिनिधि अभिषेक मीणा बमोरी, गुरुदत्त चौहान, शिवम सिंह शिशोदिया (जिलाध्यक्ष/परिवहन अध्यक्ष), ऋतिक बंचोलिया, हनुमान प्रजापति, गोलू बमोरी, शिवम मीणा, विकास बैरवा, रामरूप बैरवा, ललित मीणा, शिव मीणा, मोहित जांगिड़ एवं हिमांशु माहौर सहित अन्य छात्र एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। छात्र नेताओं ने स्पष्ट कहा कि यह मांग किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाने के लिए नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के अधिकार, समानता, पारदर्शिता और बेहतर शैक्षणिक वातावरण के लिए है। उच्च शिक्षा विभाग से मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच एवं आवश्यक कार्रवाई की अपेक्षा की गई है।
पीएम एक्सीलेंस कॉलेज, श्योपुर की कार्यप्रणाली को लेकर उच्च शिक्षा आयुक्त से निष्पक्ष जांच की मांग irshad pathan श्योपुर। पीएम एक्सीलेंस कॉलेज, श्योपुर में विद्यार्थियों के साथ कथित भेदभाव, छात्र समस्याओं को लेकर सवाल उठाने पर दबाव बनाए जाने तथा विभिन्न छात्र संगठनों को कार्यक्रमों की अनुमति देने में कथित असमानता के आरोपों को लेकर विद्यार्थियों एवं छात्र नेताओं ने उच्च शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश शासन के आयुक्त के नाम शिकायत प्रस्तुत कर निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच की मांग की। शिकायत में महाविद्यालय में विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान, छात्र संगठनों को कार्यक्रमों की अनुमति, महाविद्यालय परिसर में आयोजित विभिन्न संगठनों के कार्यक्रमों तथा विद्यार्थियों द्वारा की गई शिकायतों पर प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई की जांच की मांग रखी गई है। इस दौरान छात्र नेताओं ने कहा कि महाविद्यालय किसी राजनीतिक या संगठनात्मक पक्ष का केंद्र नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य का शिक्षण संस्थान है। यहां प्रत्येक विद्यार्थी और प्रत्येक छात्र संगठन के साथ समान एवं निष्पक्ष व्यवहार होना चाहिए।
यदि किसी प्रकार का भेदभाव या नियमों का उल्लंघन हुआ है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। शिकायत में महाविद्यालय की कार्यप्रणाली, विद्यार्थियों की समस्याओं के निराकरण तथा प्रशासनिक जवाबदेही की भी जांच करने की मांग की गई है। साथ ही विद्यार्थियों एवं शिक्षकों से स्वतंत्र रूप से जानकारी लेकर वास्तविक स्थिति सामने लाने का आग्रह किया गया। इस अवसर पर प्रदेश सचिव NSUI गिरिराज बढ़ोरियां, विधायक प्रतिनिधि अभिषेक मीणा बमोरी, गुरुदत्त चौहान, शिवम सिंह शिशोदिया (जिलाध्यक्ष/परिवहन अध्यक्ष), ऋतिक बंचोलिया, हनुमान प्रजापति, गोलू बमोरी, शिवम मीणा, विकास बैरवा, रामरूप बैरवा, ललित मीणा, शिव मीणा, मोहित जांगिड़ एवं हिमांशु माहौर सहित अन्य छात्र एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। छात्र नेताओं ने स्पष्ट कहा कि यह मांग किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाने के लिए नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के अधिकार, समानता, पारदर्शिता और बेहतर शैक्षणिक वातावरण के लिए है। उच्च शिक्षा विभाग से मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच एवं आवश्यक कार्रवाई की अपेक्षा की गई है। पीएम एक्सीलेंस
कॉलेज, श्योपुर की कार्यप्रणाली को लेकर उच्च शिक्षा आयुक्त से निष्पक्ष जांच की मांग irshad pathan श्योपुर। पीएम एक्सीलेंस कॉलेज, श्योपुर में विद्यार्थियों के साथ कथित भेदभाव, छात्र समस्याओं को लेकर सवाल उठाने पर दबाव बनाए जाने तथा विभिन्न छात्र संगठनों को कार्यक्रमों की अनुमति देने में कथित असमानता के आरोपों को लेकर विद्यार्थियों एवं छात्र नेताओं ने उच्च शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश शासन के आयुक्त के नाम शिकायत प्रस्तुत कर निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच की मांग की। शिकायत में महाविद्यालय में विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान, छात्र संगठनों को कार्यक्रमों की अनुमति, महाविद्यालय परिसर में आयोजित विभिन्न संगठनों के कार्यक्रमों तथा विद्यार्थियों द्वारा की गई शिकायतों पर प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई की जांच की मांग रखी गई है। इस दौरान छात्र नेताओं ने कहा कि महाविद्यालय किसी राजनीतिक या संगठनात्मक पक्ष का केंद्र नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य का शिक्षण संस्थान है। यहां प्रत्येक विद्यार्थी और प्रत्येक छात्र संगठन के साथ समान एवं निष्पक्ष व्यवहार होना चाहिए। यदि किसी
प्रकार का भेदभाव या नियमों का उल्लंघन हुआ है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। शिकायत में महाविद्यालय की कार्यप्रणाली, विद्यार्थियों की समस्याओं के निराकरण तथा प्रशासनिक जवाबदेही की भी जांच करने की मांग की गई है। साथ ही विद्यार्थियों एवं शिक्षकों से स्वतंत्र रूप से जानकारी लेकर वास्तविक स्थिति सामने लाने का आग्रह किया गया। इस अवसर पर प्रदेश सचिव NSUI गिरिराज बढ़ोरियां, विधायक प्रतिनिधि अभिषेक मीणा बमोरी, गुरुदत्त चौहान, शिवम सिंह शिशोदिया (जिलाध्यक्ष/परिवहन अध्यक्ष), ऋतिक बंचोलिया, हनुमान प्रजापति, गोलू बमोरी, शिवम मीणा, विकास बैरवा, रामरूप बैरवा, ललित मीणा, शिव मीणा, मोहित जांगिड़ एवं हिमांशु माहौर सहित अन्य छात्र एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। छात्र नेताओं ने स्पष्ट कहा कि यह मांग किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाने के लिए नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के अधिकार, समानता, पारदर्शिता और बेहतर शैक्षणिक वातावरण के लिए है। उच्च शिक्षा विभाग से मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच एवं आवश्यक कार्रवाई की अपेक्षा की गई है।
- पोस्ट मैट्रिक हॉस्टल की छत का प्लास्टर गिरा, बड़ी दुर्घटना टली श्योपुर। जिले में स्टेडियम के पीछे स्थित पोस्ट मैट्रिक हॉस्टल, ढेंगदा की जर्जर हालत को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। बुधवार दोपहर करीब 3 से 4 बजे के बीच हॉस्टल की छत का प्लास्टर अचानक गिर गया। गनीमत रही कि इस दौरान कोई छात्र इसकी चपेट में नहीं आया और बड़ी दुर्घटना होने से टल गई। बताया जा रहा है कि हॉस्टल भवन की छत से कई जगह सरिया बाहर निकल रही हैं। वहीं बारिश के दौरान जगह-जगह पानी टपकने की समस्या भी सामने आ रही है। भवन में अन्य कई समस्याएं होने के बावजूद मरम्मत की दिशा में शासन-प्रशासन की ओर से पर्याप्त ध्यान नहीं दिए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता जर्जर भवन में रह रहे छात्रों की सुरक्षा को लेकर अब चिंता बढ़ गई है। यदि समय रहते भवन की मरम्मत नहीं कराई गई तो भविष्य में कोई गंभीर हादसा हो सकता है। हॉस्टल की मौजूदा स्थिति को देखते हुए भवन का तकनीकी निरीक्षण कराकर उसकी वास्तविक स्थिति सामने लाने की जरूरत है। भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी ने की जांच की मांग भीम आर्मी एवं आजाद समाज पार्टी ने जिला कलेक्टर से मामले को तत्काल संज्ञान में लेने की मांग की है। संगठनों का कहना है कि जिले के सभी छात्रावासों का निरीक्षण कराया जाए और जो भवन जर्जर स्थिति में हैं, उनकी शीघ्र मरम्मत कराकर छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। संगठनों ने मांग की है कि हॉस्टल भवन की स्थिति की जांच कराकर आवश्यकतानुसार मरम्मत अथवा अन्य सुरक्षा इंतजाम तत्काल किए जाएं, ताकि किसी अनहोनी से बचा जा सके। संवाददाता — इरशाद पठान पोस्ट मैट्रिक हॉस्टल की छत का प्लास्टर गिरा, बड़ी दुर्घटना टली श्योपुर। जिले में स्टेडियम के पीछे स्थित पोस्ट मैट्रिक हॉस्टल, ढेंगदा की जर्जर हालत को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। बुधवार दोपहर करीब 3 से 4 बजे के बीच हॉस्टल की छत का प्लास्टर अचानक गिर गया। गनीमत रही कि इस दौरान कोई छात्र इसकी चपेट में नहीं आया और बड़ी दुर्घटना होने से टल गई। बताया जा रहा है कि हॉस्टल भवन की छत से कई जगह सरिया बाहर निकल रही हैं। वहीं बारिश के दौरान जगह-जगह पानी टपकने की समस्या भी सामने आ रही है। भवन में अन्य कई समस्याएं होने के बावजूद मरम्मत की दिशा में शासन-प्रशासन की ओर से पर्याप्त ध्यान नहीं दिए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता जर्जर भवन में रह रहे छात्रों की सुरक्षा को लेकर अब चिंता बढ़ गई है। यदि समय रहते भवन की मरम्मत नहीं कराई गई तो भविष्य में कोई गंभीर हादसा हो सकता है। हॉस्टल की मौजूदा स्थिति को देखते हुए भवन का तकनीकी निरीक्षण कराकर उसकी वास्तविक स्थिति सामने लाने की जरूरत है। भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी ने की जांच की मांग भीम आर्मी एवं आजाद समाज पार्टी ने जिला कलेक्टर से मामले को तत्काल संज्ञान में लेने की मांग की है। संगठनों का कहना है कि जिले के सभी छात्रावासों का निरीक्षण कराया जाए और जो भवन जर्जर स्थिति में हैं, उनकी शीघ्र मरम्मत कराकर छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। संगठनों ने मांग की है कि हॉस्टल भवन की स्थिति की जांच कराकर आवश्यकतानुसार मरम्मत अथवा अन्य सुरक्षा इंतजाम तत्काल किए जाएं, ताकि किसी अनहोनी से बचा जा सके। संवाददाता — इरशाद पठान3
- सेवा में, श्रीमान जिलाधिकारी (Collector & District Magistrate) जिला - सवाई माधोपुर, राजस्थान (प्रतिलिपि - उपखंड अधिकारी, तहसील - खंडार / विकास अधिकारी, पंचायत समिति - खंडार) विषय: ग्राम करीरा कला (ग्राम पंचायत अक्षयगढ़) में मुख्य मार्ग पर अत्यधिक कीचड़, जलभराव व खस्ताहाल सड़क की मरम्मत कराने हेतु प्रार्थना पत्र। महोदय, सविनय निवेदन है कि हम प्रार्थीगण ग्राम करीरा कला, ग्राम पंचायत अक्षयगढ़ (तहसील - खंडार, जिला - सवाई माधोपुर, राजस्थान) के निवासी हैं। हमारे गांव के मुख्य रास्ते/सड़क की स्थिति अत्यंत दयनीय एवं चिंताजनक बनी हुई है। सड़क पर उचित जल निकासी (नाली) की व्यवस्था न होने तथा सड़क कच्ची/टूटी होने के कारण संपूर्ण मार्ग पर गहरा कीचड़ और पानी भरा हुआ है। इस कारण ग्रामीणों को निम्नलिखित गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है: * आवागमन में भारी परेशानी: सड़क पर गहरे गड्ढे और दलदल जैसा कीचड़ होने के कारण बच्चों, वृद्धों और महिलाओं का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। आए दिन दोपहिया वाहन चालक फिसलकर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। * बीमारियों का खतरा: रुके हुए गंदे पानी और कीचड़ के कारण भीषण दुर्गंध और मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है, जिससे डेंगू, मलेरिया जैसी संक्रामक बीमारियां फैलने का अंदेशा है। * स्कूल एवं आपातकालीन सेवाएं बाधित: स्कूली बच्चों को स्कूल जाने में तथा मरीजों को अस्पताल तक ले जाने के लिए एम्बुलेंस/वाहन लाने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। संलग्न तस्वीर में गांव करीरा कला के इस मार्ग की वास्तविक व दयनीय स्थिति को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। अतः आपसे नम्र निवेदन है कि गांव करीरा कला की इस मुख्य सड़क का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों (PWD / पंचायत समिति) को त्वरित सड़क निर्माण/मरम्मत एवं जल निकासी (नाली निर्माण) हेतु आवश्यक निर्देश जारी करने की कृपा करें। आपकी इस जनहितैषी कार्रवाई के लिए समस्त ग्रामवासी सदैव आपके आभारी रहेंगे। संलग्नक: सड़क की वर्तमान स्थिति की फोटो। दिनांक: 9 अगस्त 2026 भवदीय, समस्त ग्रामवासी ग्राम: करीरा कला ग्राम पंचायत: अक्षयगढ़ तहसील: खंडार जिला: सवाई माधोपुर (राजस्थान) (यहाँ ग्रामवासियों के हस्ताक्षर / अंगूठे के निशान करें) प्रतिलिपि (सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित): * श्रीमान उपखंड अधिकारी (SDM), तहसील - खंडार, जिला - सवाई माधोपुर (राजस्थान)। * श्रीमान विकास अधिकारी (BDO), पंचायत समिति - खंडार, जिला - सवाई माधोपुर। * श्रीमान अधिशासी अभियंता (XEN), लोक निर्माण विभाग (PWD), जिला - सवाई माधोपुर। * सरपंच / ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अक्षयगढ़, तहसील - खंडार।1
- चौथ का बरवाड़ा में तेज बारिश, सड़के बनी दरिया, निचले इलाकों में भरा पानी चौथ का बरवाड़ा उपखंड मुख्यालय पर बुधवार को तेज बारिश के बाद सड़के दरिया बन गई। पता निचले इलाकों में पानी भर गया। यहां सब्जी मंडी सहित रेलवे स्टेशन पर बने मकानों में कई जगह पानी घुस गया जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।1
- बनास नदी की रपट पर मिट्टी कटाव से आवागमन बाधित होने का खतरा सारसोप। ग्राम पंचायत सारसोप के देवली गांव स्थित बनास नदी की रपट पर मिट्टी का लगातार कटाव होने से आवागमन बंद होने की स्थिति बनी हुई है। रपट के किनारे मिट्टी कटने से गहरा गड्ढा बनता जा रहा है, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते मिट्टी के कटाव को नहीं रोका गया तो रपट का रास्ता पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर आवागमन बाधित हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके का निरीक्षण करवाकर मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा एवं मरम्मत कार्य करवाया जाए, ताकि रपट से आवागमन सुचारू रूप से जारी रह सके। साथ ही संभावित अनहोनी को देखते हुए रपट पर चेतावनी संकेतक एवं सुरक्षा व्यवस्था करने की भी मांग की गई है। ग्रामीणों ने वाहन चालकों से सावधानी बरतने की अपील की है।3
- सवाई माधोपुर जाने वाली बनास नदी रपट पर बहुत बड़ा खतरा हो सकता हे बनास नदी की रपट पर मिट्टी कटाव से आवागमन बाधित होने का खतरा सारसोप। ग्राम पंचायत सारसोप के देवली गांव स्थित बनास नदी की रपट पर मिट्टी का लगातार कटाव होने से आवागमन बंद होने की स्थिति बनी हुई है। रपट के किनारे मिट्टी कटने से गहरा गड्ढा बनता जा रहा है, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते मिट्टी के कटाव को नहीं रोका गया तो रपट का रास्ता पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर आवागमन बाधित हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके का निरीक्षण करवाकर मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा एवं मरम्मत कार्य करवाया जाए, ताकि रपट से आवागमन सुचारू रूप से जारी रह सके। साथ ही संभावित अनहोनी को देखते हुए रपट पर चेतावनी संकेतक एवं सुरक्षा व्यवस्था करने की भी मांग की गई है। ग्रामीणों ने वाहन चालकों से सावधानी बरतने की अपील की है।1
- हमारे यहां पर कोई पानी पीने की सुविधा नहीं है आसपास के जो भी मकान है निजी बोरिंग है सरकारी कोई बोरिंग नहीं है इसलिए आम आदमी को परेशानी हो रही है इसलिए कोई हेड पंप कोई बोरिंग लगाई जाए कौशल मीणा गांव हिंगोनिया तहसील मांगरोल जिला बारा हमारे यहां पर पानी पीने की कोई सुविधा नहीं है इसलिए पानी पीने की एक हेड पंप लगाया जाए और हमारे यहां पर नाली निर्माण नहीं हुआ अभी तक नाली बनाई जाए1
- श्योपुर में बच्चों की जान से खिलवाड़,ड्राइवर ने उफनती पुलिया पर डाल दी बस और वाहन,वीडियो हुआ वायरल1