बनास नदी की रपट पर मिट्टी कटाव से आवागमन बाधित होने का खतरा सारसोप। ग्राम पंचायत सारसोप के देवली गांव स्थित बनास नदी की रपट पर मिट्टी का लगातार कटाव होने से आवागमन बंद होने की स्थिति बनी हुई है। रपट के किनारे मिट्टी कटने से गहरा गड्ढा बनता जा रहा है, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते मिट्टी के कटाव को नहीं रोका गया तो रपट का रास्ता पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर आवागमन बाधित हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके का निरीक्षण करवाकर मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा एवं मरम्मत कार्य करवाया जाए, ताकि रपट से आवागमन सुचारू रूप से जारी रह सके। साथ ही संभावित अनहोनी को देखते हुए रपट पर चेतावनी संकेतक एवं सुरक्षा व्यवस्था करने की भी मांग की गई है। ग्रामीणों ने वाहन चालकों से सावधानी बरतने की अपील की है।
बनास नदी की रपट पर मिट्टी कटाव से आवागमन बाधित होने का खतरा सारसोप। ग्राम पंचायत सारसोप के देवली गांव स्थित बनास नदी की रपट पर मिट्टी का लगातार कटाव होने से आवागमन बंद होने की स्थिति बनी हुई है। रपट के किनारे मिट्टी कटने से गहरा गड्ढा बनता जा रहा है, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते मिट्टी के कटाव को नहीं रोका गया तो रपट का रास्ता पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर आवागमन बाधित हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके का निरीक्षण करवाकर मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा एवं मरम्मत कार्य करवाया जाए, ताकि रपट से आवागमन सुचारू रूप से जारी रह सके। साथ ही संभावित अनहोनी को देखते हुए रपट पर चेतावनी संकेतक एवं सुरक्षा व्यवस्था करने की भी मांग की गई है। ग्रामीणों ने वाहन चालकों से सावधानी बरतने की अपील की है।
- जिला अस्पताल मे रोशनी की व्यवस्था पर उठे सवाल, सडक पर अंधेरा और पोल की रोशनी आसमान मे सवाई माधोपुर जिला अस्पताल परिसर में रोशनी की व्यवस्था को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अस्पताल की पार्किंग के पास लगे बिजली के पोल से रोशनी सड़क की ओर पड़ने के बजाय आकाश की ओर फैल रही है, जबकि उसी पोल के आसपास सड़क पर अंधेरा पसरा हुआ है। अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीजों और उनके परिजनों का आना-जाना रहता है। ऐसे में पार्किंग परिसर के पास सड़क पर पर्याप्त रोशनी नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रात के समय अंधेरे के कारण वाहन चालकों के साथ पैदल आने-जाने वाले मरीजों और परिजनों को भी असुविधा होती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली के पोल पर लगी लाइट की दिशा सही कर दी जाए तो बिना किसी अतिरिक्त खर्च के सड़क और पार्किंग क्षेत्र को पर्याप्त रोशनी मिल सकती है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों का इस ओर ध्यान नहीं देना प्रशासन की घोर लापरवाही को दर्शाता है। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। लोगों ने जिला प्रशासन एवं अस्पताल प्रबंधन से मांग की है कि मौके का निरीक्षण करवाकर बिजली के पोल पर लगी लाइट की दिशा सड़क की ओर करवाई जाए और पार्किंग के आसपास पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि रात के समय मरीजों एवं उनके परिजनों को परेशानी का सामना न करना पड़े।1
- गंगापुर सिटी से खबर आज हुई बरसात के चलते गंगापुर सिटी कृष्णा नगर में रास्ते में पानी भर गया और मुख्य सड़क पानी से तार बादल दिखाई जिसके चलते राहगीरों को पानी से गुजरने के लिए मजबूर होना पड़ा और पानी इतना भर गया कि पैदल रास्ता से करना मुश्किल हो गया ऐसे में बरसात के पानी के भरने के बाद वहां की प्रशासन की जल भराव को लेकर की गई तैयारी की पोल साफ तौर पर खुलती नजर आई है आम जनता में आक्रोश है की बरसात की पानी का निकास समय रहते किया जाए तो बरसात के मौसम में इस तरह मुख्य सड़क बरसात के पानी से इलाहाबाद नहीं हो लेकिन यहां साफ तौर पर देखा जा सकता है कि जिला प्रशासन की आने वाले मानसून को लेकर किस तरह की तैयारी रही होगी गंगापुर सिटी से खबर आज हुई बरसात के चलते गंगापुर सिटी कृष्णा नगर में रास्ते में पानी भर गया और मुख्य सड़क पानी से तार बादल दिखाई जिसके चलते राहगीरों को पानी से गुजरने के लिए मजबूर होना पड़ा और पानी इतना भर गया कि पैदल रास्ता से करना मुश्किल हो गया ऐसे में बरसात के पानी के भरने के बाद वहां की प्रशासन की जल भराव को लेकर की गई तैयारी की पोल साफ तौर पर खुलती नजर आई है आम जनता में आक्रोश है की बरसात की पानी का निकास समय रहते किया जाए तो बरसात के मौसम में इस तरह मुख्य सड़क बरसात के पानी से इलाहाबाद नहीं हो लेकिन यहां साफ तौर पर देखा जा सकता है कि जिला प्रशासन की आने वाले मानसून को लेकर किस तरह की तैयारी रही होगी1
- पर्यावरण प्रेमी ग्रुप ने मेडिकल कॉलेज परिसर में लगाए छायादार पौधे सवाई माधोपुर। श्रावण मास की पवित्र हरियाली अमावस्या के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण को समर्पित मानव सेवा प्रकृति प्रेमी ग्रुप सवाई माधोपुर के तत्वावधान में ठिंगला स्थित मेडिकल कॉलेज परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान ग्रुप के सदस्यों ने मेडिकल कॉलेज परिसर में विभिन्न प्रजातियों (आम, गुडेल, गुलमोहर, सीसम, सहतूत ) के छायादार पौधे लगाए तथा वहां के कर्मचारियों ने नियमित देखभाल एवं संरक्षण का संकल्प लिया। पर्यावरण प्रेमियों ने कहा कि पौधारोपण केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि लगाए गए पौधों की देखभाल करना भी हमारी जिम्मेदारी है। ग्रुप सदस्य शंकर लाल सैनी ने कहा कि आज के समय में पर्यावरण संरक्षण बेहद जरूरी है। पेड़-पौधे हमें स्वच्छ हवा, छाया और बेहतर पर्यावरण प्रदान करते हैं। हरियाली अमावस्या जैसे अवसरों पर अधिक से अधिक पौधे लगाकर उनके संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने आमजन से भी पौधारोपण अभियान से जुड़ने और अपने आसपास अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान ग्रुप सदस्यों ने पर्यावरण संरक्षण एवं हरियाली बढ़ाने का संदेश देते हुए कहा कि “एक पौधा आज लगाएंगे, आने वाली पीढ़ियों का भविष्य बचाएंगे।” इस अवसर पर सचिव राजेश सैनी, संगठन मंत्री रामबाबू कुमावत, रोहित गुप्ता, रूपेन्द्र सिंह सोलंकी, राजमल सैनी, प्रमोद साहू, राजेश मीणा नर्सिंग ओफिसर, सहित कई पर्यावरण प्रेमी एवं चिकित्सा कर्मचारी मौजूद रहे।4
- चौथ का बरवाड़ा में तेज बारिश, सड़के बनी दरिया, निचले इलाकों में भरा पानी चौथ का बरवाड़ा उपखंड मुख्यालय पर बुधवार को तेज बारिश के बाद सड़के दरिया बन गई। पता निचले इलाकों में पानी भर गया। यहां सब्जी मंडी सहित रेलवे स्टेशन पर बने मकानों में कई जगह पानी घुस गया जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।1
- बनास नदी की रपट पर मिट्टी कटाव से आवागमन बाधित होने का खतरा सारसोप। ग्राम पंचायत सारसोप के देवली गांव स्थित बनास नदी की रपट पर मिट्टी का लगातार कटाव होने से आवागमन बंद होने की स्थिति बनी हुई है। रपट के किनारे मिट्टी कटने से गहरा गड्ढा बनता जा रहा है, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते मिट्टी के कटाव को नहीं रोका गया तो रपट का रास्ता पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर आवागमन बाधित हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके का निरीक्षण करवाकर मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा एवं मरम्मत कार्य करवाया जाए, ताकि रपट से आवागमन सुचारू रूप से जारी रह सके। साथ ही संभावित अनहोनी को देखते हुए रपट पर चेतावनी संकेतक एवं सुरक्षा व्यवस्था करने की भी मांग की गई है। ग्रामीणों ने वाहन चालकों से सावधानी बरतने की अपील की है।3
- सवाई माधोपुर जाने वाली बनास नदी रपट पर बहुत बड़ा खतरा हो सकता हे बनास नदी की रपट पर मिट्टी कटाव से आवागमन बाधित होने का खतरा सारसोप। ग्राम पंचायत सारसोप के देवली गांव स्थित बनास नदी की रपट पर मिट्टी का लगातार कटाव होने से आवागमन बंद होने की स्थिति बनी हुई है। रपट के किनारे मिट्टी कटने से गहरा गड्ढा बनता जा रहा है, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते मिट्टी के कटाव को नहीं रोका गया तो रपट का रास्ता पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर आवागमन बाधित हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके का निरीक्षण करवाकर मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा एवं मरम्मत कार्य करवाया जाए, ताकि रपट से आवागमन सुचारू रूप से जारी रह सके। साथ ही संभावित अनहोनी को देखते हुए रपट पर चेतावनी संकेतक एवं सुरक्षा व्यवस्था करने की भी मांग की गई है। ग्रामीणों ने वाहन चालकों से सावधानी बरतने की अपील की है।1
- सेवा में, श्रीमान जिलाधिकारी (Collector & District Magistrate) जिला - सवाई माधोपुर, राजस्थान (प्रतिलिपि - उपखंड अधिकारी, तहसील - खंडार / विकास अधिकारी, पंचायत समिति - खंडार) विषय: ग्राम करीरा कला (ग्राम पंचायत अक्षयगढ़) में मुख्य मार्ग पर अत्यधिक कीचड़, जलभराव व खस्ताहाल सड़क की मरम्मत कराने हेतु प्रार्थना पत्र। महोदय, सविनय निवेदन है कि हम प्रार्थीगण ग्राम करीरा कला, ग्राम पंचायत अक्षयगढ़ (तहसील - खंडार, जिला - सवाई माधोपुर, राजस्थान) के निवासी हैं। हमारे गांव के मुख्य रास्ते/सड़क की स्थिति अत्यंत दयनीय एवं चिंताजनक बनी हुई है। सड़क पर उचित जल निकासी (नाली) की व्यवस्था न होने तथा सड़क कच्ची/टूटी होने के कारण संपूर्ण मार्ग पर गहरा कीचड़ और पानी भरा हुआ है। इस कारण ग्रामीणों को निम्नलिखित गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है: * आवागमन में भारी परेशानी: सड़क पर गहरे गड्ढे और दलदल जैसा कीचड़ होने के कारण बच्चों, वृद्धों और महिलाओं का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। आए दिन दोपहिया वाहन चालक फिसलकर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। * बीमारियों का खतरा: रुके हुए गंदे पानी और कीचड़ के कारण भीषण दुर्गंध और मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है, जिससे डेंगू, मलेरिया जैसी संक्रामक बीमारियां फैलने का अंदेशा है। * स्कूल एवं आपातकालीन सेवाएं बाधित: स्कूली बच्चों को स्कूल जाने में तथा मरीजों को अस्पताल तक ले जाने के लिए एम्बुलेंस/वाहन लाने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। संलग्न तस्वीर में गांव करीरा कला के इस मार्ग की वास्तविक व दयनीय स्थिति को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। अतः आपसे नम्र निवेदन है कि गांव करीरा कला की इस मुख्य सड़क का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों (PWD / पंचायत समिति) को त्वरित सड़क निर्माण/मरम्मत एवं जल निकासी (नाली निर्माण) हेतु आवश्यक निर्देश जारी करने की कृपा करें। आपकी इस जनहितैषी कार्रवाई के लिए समस्त ग्रामवासी सदैव आपके आभारी रहेंगे। संलग्नक: सड़क की वर्तमान स्थिति की फोटो। दिनांक: 9 अगस्त 2026 भवदीय, समस्त ग्रामवासी ग्राम: करीरा कला ग्राम पंचायत: अक्षयगढ़ तहसील: खंडार जिला: सवाई माधोपुर (राजस्थान) (यहाँ ग्रामवासियों के हस्ताक्षर / अंगूठे के निशान करें) प्रतिलिपि (सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित): * श्रीमान उपखंड अधिकारी (SDM), तहसील - खंडार, जिला - सवाई माधोपुर (राजस्थान)। * श्रीमान विकास अधिकारी (BDO), पंचायत समिति - खंडार, जिला - सवाई माधोपुर। * श्रीमान अधिशासी अभियंता (XEN), लोक निर्माण विभाग (PWD), जिला - सवाई माधोपुर। * सरपंच / ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अक्षयगढ़, तहसील - खंडार।1
- पर्यावरण प्रेमी ग्रुप ने मेडिकल कॉलेज परिसर में लगाए छायादार पौधे सवाई माधोपुर श्रावण मास की पवित्र हरियाली अमावस्या के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण को समर्पित मानव सेवा प्रकृति प्रेमी ग्रुप सवाई माधोपुर के तत्वावधान में ठिंगला स्थित मेडिकल कॉलेज परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान ग्रुप के सदस्यों ने मेडिकल कॉलेज परिसर में विभिन्न प्रजातियों (आम, गुडेल, गुलमोहर, सीसम, सहतूत ) के छायादार पौधे लगाए तथा वहां के कर्मचारियों ने नियमित देखभाल एवं संरक्षण का संकल्प लिया। पर्यावरण प्रेमियों ने कहा कि पौधारोपण केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि लगाए गए पौधों की देखभाल करना भी हमारी जिम्मेदारी है। ग्रुप सदस्य शंकर लाल सैनी ने कहा कि आज के समय में पर्यावरण संरक्षण बेहद जरूरी है। पेड़-पौधे हमें स्वच्छ हवा, छाया और बेहतर पर्यावरण प्रदान करते हैं। हरियाली अमावस्या जैसे अवसरों पर अधिक से अधिक पौधे लगाकर उनके संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने आमजन से भी पौधारोपण अभियान से जुड़ने और अपने आसपास अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान ग्रुप सदस्यों ने पर्यावरण संरक्षण एवं हरियाली बढ़ाने का संदेश देते हुए कहा कि “एक पौधा आज लगाएंगे, आने वाली पीढ़ियों का भविष्य बचाएंगे।” इस अवसर पर सचिव राजेश सैनी, संगठन मंत्री रामबाबू कुमावत, रोहित गुप्ता, रूपेन्द्र सिंह सोलंकी, राजमल सैनी, प्रमोद साहू, राजेश मीणा नर्सिंग ओफिसर, सहित कई पर्यावरण प्रेमी एवं चिकित्सा कर्मचारी मौजूद रहे।2