कौशांबी: फर्जी मार्कशीट के आधार पर नौकरी करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की सेवा समाप्त कौशांबी जिले के मंझनपुर तहसील क्षेत्र अंतर्गत रहीमपुर मौलानी गांव में तैनात आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। विभागीय जांच में शैक्षिक अभिलेख फर्जी पाए जाने के बाद संबंधित कार्यकर्ता की सेवा समाप्त कर दी गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रहीमपुर मौलानी गांव में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कुलसुम फातिमा वर्ष 1991 से मानदेय के आधार पर सेवाएं दे रही थीं। आरोप है कि उन्होंने नौकरी प्राप्त करने के लिए कक्षा आठ की फर्जी मार्कशीट का उपयोग किया था। वर्ष 2023 में गांव के निवासी अली अब्बास को इस मामले की जानकारी हुई, जिसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर विभाग ने जांच शुरू की। जांच में पाया गया कि प्रस्तुत शैक्षिक अभिलेखों में हेराफेरी की गई है। अभिलेखों में जन्मतिथि 14 जून 1969 दर्ज थी, जबकि संबंधित विद्यालय के रिकॉर्ड में जन्मतिथि 14 जून 1974 पाई गई। दोनों अभिलेखों में स्पष्ट अंतर मिलने के बाद विभाग ने इसे गंभीर अनियमितता माना। जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) सुरेश कुमार गुप्ता ने बताया कि जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके आधार पर 28 अगस्त को कुलसुम फातिमा की सेवा समाप्त कर दी गई। वहीं, इस मामले में यह भी सामने आया है कि शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप है कि उनकी छवि खराब करने के उद्देश्य से विपक्षी द्वारा भ्रामक खबरें चलाई जा रही हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि वह वन विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं और उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर मामले को लेकर कार्रवाई हो चुकी है, वहीं आपसी विवाद और आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला अभी जारी है।
कौशांबी: फर्जी मार्कशीट के आधार पर नौकरी करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की सेवा समाप्त कौशांबी जिले के मंझनपुर तहसील क्षेत्र अंतर्गत रहीमपुर मौलानी गांव में तैनात आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। विभागीय जांच में शैक्षिक अभिलेख फर्जी पाए जाने के बाद संबंधित कार्यकर्ता की सेवा समाप्त कर दी गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रहीमपुर मौलानी गांव में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कुलसुम फातिमा वर्ष 1991 से मानदेय के आधार पर सेवाएं दे रही थीं। आरोप है कि उन्होंने नौकरी प्राप्त करने के लिए कक्षा आठ की फर्जी मार्कशीट का उपयोग किया था। वर्ष 2023 में गांव के निवासी अली अब्बास को इस मामले की जानकारी हुई, जिसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर विभाग ने जांच शुरू की। जांच में पाया गया कि प्रस्तुत शैक्षिक अभिलेखों में हेराफेरी की गई है। अभिलेखों में जन्मतिथि 14 जून 1969 दर्ज थी, जबकि संबंधित विद्यालय के रिकॉर्ड में जन्मतिथि 14 जून 1974 पाई गई। दोनों अभिलेखों में स्पष्ट अंतर मिलने के बाद विभाग ने इसे गंभीर अनियमितता माना। जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) सुरेश कुमार गुप्ता ने बताया कि जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके आधार पर 28 अगस्त को कुलसुम फातिमा की सेवा समाप्त कर दी गई। वहीं, इस मामले में यह भी सामने आया है कि शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप है कि उनकी छवि खराब करने के उद्देश्य से विपक्षी द्वारा भ्रामक खबरें चलाई जा रही हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि वह वन विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं और उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर मामले को लेकर कार्रवाई हो चुकी है, वहीं आपसी विवाद और आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला अभी जारी है।
- Post by प्रदुम कुमार मीडिया कौशाम्बी1
- Post by D.D.NEWS UTTER PRADESH1
- Post by कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज1
- Post by Ram singh passi ⚔️1
- ‘धुरंधर 2’ ने न केवल ब्लॉकबस्टर ओपनिंग की है बल्कि इसने 113 साल की हर हिंदी फिल्मों का रिकॉर्ड तोड़ने के साथ ही पुष्पा 2 को छोड़कर हर पैन इंडिया फिल्म के ओपनिंग डे को मात दे दी है. 'बाहुबली', 'KGF 2' और 'पुष्पा 2' जैसी ज़बरदस्त फ़िल्मों ने अपने रिलीज़ के पहले ही दिन 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार किया. अब, आखिरकार बॉलीवुड ने भी इतिहास रच दिया है. धुरंधर 2 के साथ हिंदी सिनेमा की फिल्म ने भी 100 करोड़ की ओपनिंग का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है1
- शुभम पांडेय ब्यूरो चीफ़ श्रेय टीवी कौशाम्बी आज दिनांक 20.03.2026 को पुलिस कार्यालय कौशाम्बी में पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार द्वारा आम जनमानस की समस्याओं के प्रभावी निस्तारण हेतु जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस दौरान जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादियों ने अपनी समस्याओं से संबंधित प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए, जिन्हें पुलिस अधीक्षक द्वारा अत्यंत ध्यानपूर्वक सुना गया। मामलों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने संबंधित थाना प्रभारियों एवं शाखा प्रभारियों को मौके पर जाकर त्वरित और निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी न होकर गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए, जिससे पीड़ित व्यक्ति को वास्तविक न्याय और राहत मिल सके। सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत को समयबद्ध तरीके से निस्तारित किया जाए।1
- ऊँचाहार, रायबरेली। एनटीपीसी (NTPC) ऊँचाहार परियोजना में कार्यरत आउटसोर्सिंग श्रमिकों ने पिछले कई महीनों से वेतन न मिलने पर गहरा रोष व्यक्त किया है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में श्रमिकों ने एकत्र होकर अपनी मांगों के संबंध में एनटीपीसी के 'उप महाप्रबंधक (मानव संसाधन विभाग)' को एक सामूहिक प्रार्थना पत्र सौंपा। चार माह से नहीं मिला मेहनताना श्रमिकों द्वारा सौंपे गए पत्र के अनुसार, वे 'ऐश हैंडलिंग विभाग' (Ash Handling Department) में इंटरप्राइजेज (ठेकेदार: रमेश चंद्र गुप्ता) के माध्यम से कार्यरत हैं। श्रमिकों का आरोप है कि उन्हें 26 नवंबर 2025 से अब तक का वेतन नहीं दिया गया है। करीब चार महीने बीत जाने के बाद भी वेतन न मिलने से श्रमिकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। परिवार के भरण-पोषण का संकट श्रमिकों ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि वेतन के अभाव में उन्हें दैनिक जरूरतों, बच्चों की फीस और दवाओं के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित कर्मचारियों ने बताया कि ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों से बार-बार गुहार लगाने के बावजूद उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहा है। श्रमिकों की मांग पत्र में तेज सिंह, उमेश, देवेन्द्र मिश्रा, आनंद तिवारी समेत दर्जनों श्रमिकों के हस्ताक्षर हैं। इन्होंने प्रबंधन से विनम्र निवेदन किया है कि मामले का संज्ञान लेकर जल्द से जल्द बकाया वेतन का भुगतान कराया जाए। श्रमिकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान जल्द नहीं हुआ, तो वे आगे की रणनीति बनाने को विवश होंगे।1
- Post by प्रदुम कुमार मीडिया कौशाम्बी1