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प्रशांत किशोर बोले-आज की जनता दल को नीतीश कुमार नहीं, अमित शाह चला रहे हैं* पटना.13 सितम्बर। PK ने बख्तियारपुर का नाम नीतीशपुर करने पर दिया बड़ा बयान, बोले- यह एक और साइन है कि बिहार में भाजपा की सरकार है, जिसमें विकास पर बात कम और नाम बदलने पर चर्चा ज्यादा होगी* *पीके ने JDU का नाम बदल जनता दल नीतीश करने की चर्चा पर दिया बयान, बोले- जनता दल यूनाइटेड का नाम JDU रहे, जनता दल नीतीश या फिर से समता पार्टी हो जाए। महत्वपूर्ण बात यह है कि आज की जनता दल को नीतीश कुमार नहीं, अमित शाह चला रहे हैं* *PK ने RJD के MLC प्रत्याशियों की लिस्ट पर कसा तंज, बोले- RJD ने जो लिस्ट जारी की है, वो RJD की लिस्ट कम और दूसरे दलों की लिस्ट ज्यादा लग रही है, जिसने जितना ज्यादा पैसा दिया, उसको टिकट मिला*
Arun Pandey ki Baat
प्रशांत किशोर बोले-आज की जनता दल को नीतीश कुमार नहीं, अमित शाह चला रहे हैं* पटना.13 सितम्बर। PK ने बख्तियारपुर का नाम नीतीशपुर करने पर दिया बड़ा बयान, बोले- यह एक और साइन है कि बिहार में भाजपा की सरकार है, जिसमें विकास पर बात कम और नाम बदलने पर चर्चा ज्यादा होगी* *पीके ने JDU का नाम बदल जनता दल नीतीश करने की चर्चा पर दिया बयान, बोले- जनता दल यूनाइटेड का नाम JDU रहे, जनता दल नीतीश या फिर से समता पार्टी हो जाए। महत्वपूर्ण बात यह है कि आज की जनता दल को नीतीश कुमार नहीं, अमित शाह चला रहे हैं* *PK ने RJD के MLC प्रत्याशियों की लिस्ट पर कसा तंज, बोले- RJD ने जो लिस्ट जारी की है, वो RJD की लिस्ट कम और दूसरे दलों की लिस्ट ज्यादा लग रही है, जिसने जितना ज्यादा पैसा दिया, उसको टिकट मिला*
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- प्रशांत किशोर बोले-आज की जनता दल को नीतीश कुमार नहीं, अमित शाह चला रहे हैं* पटना.13 सितम्बर। PK ने बख्तियारपुर का नाम नीतीशपुर करने पर दिया बड़ा बयान, बोले- यह एक और साइन है कि बिहार में भाजपा की सरकार है, जिसमें विकास पर बात कम और नाम बदलने पर चर्चा ज्यादा होगी* *पीके ने JDU का नाम बदल जनता दल नीतीश करने की चर्चा पर दिया बयान, बोले- जनता दल यूनाइटेड का नाम JDU रहे, जनता दल नीतीश या फिर से समता पार्टी हो जाए। महत्वपूर्ण बात यह है कि आज की जनता दल को नीतीश कुमार नहीं, अमित शाह चला रहे हैं* *PK ने RJD के MLC प्रत्याशियों की लिस्ट पर कसा तंज, बोले- RJD ने जो लिस्ट जारी की है, वो RJD की लिस्ट कम और दूसरे दलों की लिस्ट ज्यादा लग रही है, जिसने जितना ज्यादा पैसा दिया, उसको टिकट मिला*1
- पालीगंज अनुमंडल के सिंगोड़ी थाना में पुस्ताक के लाए गए युवक कि संदिग्ध परिस्थिति में हुई सात पालीगंज से अवनीश कुमार कि रिपोर्ट पूछताछ के लिए लाया गया आरोपी सिगोड़ी थाना परिसर में फंदे से लटका, मौत सिगोड़ी थाना परिसर में गयाजी जिले के महकार थाने के कुड़वा निवासी लालमोहन मांझी के बेटे अजय मांझी की संदिग्ध स्थिति में मौत हो गई। सूत्र से मिली जानकारी के मुताबिक अजय थाना परिसर स्थित चौकीदार के कमरे में गमछा के सहारे पंखे से लटका हुआ था। रविवार तड़के हुई इस घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आनन फानन में पुलिस कर्मियों ने मृतक के शव को एम्स पटना भेज दिया। उधर घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी पटना के कार्तिकेय शर्मा, सीटीएसपी(वेस्ट) संकेत कुमार, एसडीपीओ पालीगंज-2 पंकज शर्मा, एसडीएम चंदन कुमार दलबल के साथ सिगोड़ी थाना पहुंचे। सिटीएसपी(वेस्ट) संकेत कुमार ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि मृतक का थानाक्षेत्र के बऊआं स्थित ईंट भट्ठा मालिक के साथ पैसे की लेनदेन के साथ विवाद चल रहा था। इसी मामले में भट्ठा मालिक ने उसके विरुद्ध थाने में आवेदन दिया था। इस सिलसिले में शनिवार को पूछताछ के लिए रंजन कुमार, विष्णु दयाल और अजय मांझी को थाने लाया गया। रात होने के कारण तीनों युवकों को थाना परिसर में ही एक कमरे में रखा गया था। रविवार को करीब चार बजे सुबह चौकीदार ने थानाध्यक्ष को सूचना दी कि आरोपी अजय मांझी गमछा के सहारे पंखे से लटका हुआ है। पुलिस के जवानों ने उसे पंखे से उतारा और इलाज के लिए एम्स पटना पहुंचाया। वहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि घटनास्थल की जांच के लिए एफएसएल टीम को भी बुला लिया गया है। जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में मृतक की पत्नी काजल देवी ने पुलिस पर भट्ठा मालिक के साथ मिलकर पति की हत्या कर देने का आरोप लगाते हुए बताया कि चार बजे भोर में सिगोड़ी थाना से कॉल आया कि उसके पति की तबियत काफी खराब है, पटना पहुंचिए। जब पटना पहुंचे तो देखा कि उसके पति की मृत्यु हो चुकी है और उसका शव जमीन पर पड़ा है। मृतक की पत्नी ने बताया कि उसका पति सिगोड़ी थाने के बऊआं ईंट भट्ठा से जुड़ा हुआ था। वह भट्ठा पर मजदूर उपलब्ध करता था। इसके एवज में भट्ठा मालिक श्याम कुमार उसे पैसा देता था। उसके पति के पास भट्ठा मालिक का कुछ पैसा रह गया था। मृतक की मां नागो देवी ने बताया कि भट्ठा मालिक इसी सिलसिले में उसके बेटे को बुलाया और उसे पुलिस के हवाले कर दिया। मृतक की मां ने आशंका व्यक्त करते हुए बताया कि पैसे की लेनदेन को लेकर हुए विवाद में भट्ठा मालिक ने पुलिस के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम दिया है।1
- 🇮🇳 आखिरी सांस के बाद भी जारी रही देशसेवा, जवान का दिल बना किसी की नई जिंदगी एक भारतीय सेना अधिकारी ने अपनी आखिरी सांस के बाद भी मानवता और सेवा की मिसाल कायम कर दी। उनके निधन के बाद उनके परिवार ने उनका दिल दान करने का फैसला लिया। यह दिल नोएडा के एक 50 वर्षीय मरीज को प्रत्यारोपित किया गया, जिससे उसे जिंदगी की नई उम्मीद मिली। एक सैनिक का जीवन देश की रक्षा और सेवा के लिए समर्पित होता है, लेकिन इस अधिकारी की सेवा उनके जाने के बाद भी जारी रही। उनके अंगदान के फैसले ने न सिर्फ एक परिवार को नई जिंदगी की उम्मीद दी, बल्कि समाज के सामने मानवता और त्याग की एक प्रेरणादायक मिसाल भी पेश की। यह घटना बताती है कि सच्ची सेवा का अंत आखिरी सलामी के साथ नहीं होता। कभी-कभी एक इंसान के जाने के बाद भी उसका योगदान किसी दूसरे की जिंदगी में सांस बनकर जीवित रहता है। भारतीय सेना के इस अधिकारी को देश और समाज हमेशा सम्मान के साथ याद रखेगा।1
- उफनती गंगा में लाइव रेस्क्यू डूब रहे व्यक्ति को ssb की टीम ने सुरक्षित बचाया। स्टोरी:- LIVE रेस्क्यू , पटना में उफनती गंगा में डूब रहे व्यक्ति को SSB की टीम ने सुरक्षित बचाया ! एंकर:- पटना में पिछले कुछ दिनों से गंगा नदी के जलस्तर में धीमी गति से कमी दर्ज की जा रही है लेकिन खतरा अभी भी बरकरार है। ऐसे में गंगा नदी में स्नान करना कभी भी भारी पड़ सकता है वही जिला प्रशासन भी लोगो को अभी सतर्क बरतने की अपील कर रह है। वही पटना के भद्र घाट पर गंगा स्नान करने पहुँचे एक व्यक्ति तेज धारा में बहने लगा जहां मौजूद स्थानीय लोगों ने व्यक्ति को डूबता देख शोर मचाने लगे। वही पर मौजूद SSB की टीम ने बिना देरी किए गंगा नदी में छलांग लगा दी और डूब रहे व्यक्ति को लाइफ जैकेट के माध्यम से सुरक्षित बचाकर बाहर निकाल लिया। वही डूब रहे व्यक्ति की पहचान झारखंड निवासी 57 वर्षीय राज कुमार सिंह के रूप में हुई जहाँ उन्होंने पूछताछ में बताया कि रामकृष्ण मिशन आश्रम पटना में आए हुए थे वही घूमने के दौरान आज भद्र घाट पर गंगा स्नान कर रहे थें। जहाँ तेज बहाव और गहरे पानी मे जाने से डूब रहे थे गनीमत रही कि SSB की टीम में तैनात रौशन कुमार ने बिना देरी किए गंगा में छलांग लगाकर जान बचा ली।2
- लगातार कई महीनो से मिल रहे हैं थ्रेड कॉल. लगातार कई महीनो से मिल रहे हैं थ्रेड कॉल से परेशान रामकृष्ण नगर के संजय कुमार.... क्या कुछ कहा जानते हैं...।।।1
- सहरसा मेडिकल अस्पताल में रिपोटर के साथ डॉक्टर ने की मारपिट1
- बिहार बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए पहुंचे Physics Wallah के फाउंडर Alakh Pandey Sir, लोगों ने कहा—सलाम है! बिहार में बाढ़ की मार झेल रहे लोगों की मदद के लिए अब सामाजिक सहयोग भी सामने आने लगा है। इसी कड़ी में Physics Wallah यानी PW के फाउंडर Alakh Pandey Sir बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच पहुंचे और उनकी परेशानियों को करीब से समझा। उन्होंने जरूरतमंद परिवारों से मुलाकात की और राहत एवं मदद से जुड़ी गतिविधियों में सहयोग किया। बाढ़ के कारण कई इलाकों में लोगों का जनजीवन प्रभावित है और बड़ी संख्या में परिवार मुश्किल परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे समय में Alakh Pandey का लोगों के बीच पहुंचना चर्चा का विषय बना हुआ है। सोशल मीडिया पर भी उनके इस कदम की तारीफ की जा रही है। लोगों का कहना है कि मुश्किल समय में जरूरतमंदों के साथ खड़ा होना ही सच्ची इंसानियत है। Alakh Pandey Sir के इस प्रयास से बाढ़ पीड़ित परिवारों को न सिर्फ मदद मिली, बल्कि उनके बीच उम्मीद और हौसले का संदेश भी पहुंचा।1
- आखिर गुंडे डॉक्टर को कौन ठीक करेगा माननीय मंत्री निशांत कुमार जी...? सहरसा सदर अस्पताल में प्रभात खबर डिजिटल के पत्रकार अभिषेक को देखकर डॉक्टर और स्टॉफ भगाने लगते हैं। जब पत्रकार अभिषेक फिर भी रूकने की कोशिश करते हैं । तब एक डॉक्टर आगे आता है और कहता है डॉ एसके आजाद तुम्हारा बाप है। फिर गंदे तरीके से पत्रकार अभिषेक की मेडिकल स्टॉफ पिटाई करने लगते हैं और अस्पताल से बाहर निकाल देते हैं। पत्रकार को अस्पताल के अंदर देख डॉक्टरों की बेचैनी इतनी क्यों बढ़ गई ? वो बस एक ही मिशन में लग गए, इसे बाहर निकालो। डॉक्टर चाहते तो इस पुरे मामले को दूसरे तरीके से हैंडल किया जा सकता था। डॉ एसके आजाद थाने को फोन कर सकते थे। पुलिस को बुला सकते थे। पर पत्रकार को देखकर डॉक्टर और पारा मेडिकल स्टॉप गुंडे क्यों बन गए? आखिर कौन सी सच्चाई को छुपाई जा रही है? मैं उम्मीद करता हु कि वायरल वीडियो स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार तक जरूर पहुंची होगी। अब सवाल ये है कि डॉक्टर और पारा मेडिकल स्टॉप पर कोई कार्रवाई होगी या पत्रकार को दोषी ठहरा दिया जाएगा। दरअसल पूरा मामला बच्चों से जुड़ा हुआ है। अस्पताल में कई बच्चे मध्याह्न भोजन खाने के बाद बीमार पड़ गए थे, जिसकी रिपोर्टिंग करने के लिए पत्रकार अभिषेक सदर अस्पताल पहुंचे थे। फिलहाल पत्रकार अभिषेक ने एलान किया है कि पीटने वाले डॉक्टर और स्टॉफ की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक वो सहरसा डीएम ऑफिस के सामने अनशन पर बैठेंगे।1