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हरदा जिले की टिमरनी तहसील के वार्ड नंबर 07 में, जो आशीष रेस्टोरेंट के पीछे स्थित है, पिछले कई सालों से नालियों की साफ-सफाई नहीं हुई है। इन नालियों की हालत बेहद खराब है; वे टूटी-फूटी पड़ी हैं और उनमें पानी ऊपर तक भरा रहता है। बताया गया है कि नालियों में दो फीट तक मलबा जमा हो गया है और कोई भी सफाईकर्मी इनकी सुध लेने नहीं आता। पिछले तीन साल से सफाई न होने के कारण ये नालियाँ पूरी तरह से चोक हो गई हैं।
Pankaj
हरदा जिले की टिमरनी तहसील के वार्ड नंबर 07 में, जो आशीष रेस्टोरेंट के पीछे स्थित है, पिछले कई सालों से नालियों की साफ-सफाई नहीं हुई है। इन नालियों की हालत बेहद खराब है; वे टूटी-फूटी पड़ी हैं और उनमें पानी ऊपर तक भरा रहता है। बताया गया है कि नालियों में दो फीट तक मलबा जमा हो गया है और कोई भी सफाईकर्मी इनकी सुध लेने नहीं आता। पिछले तीन साल से सफाई न होने के कारण ये नालियाँ पूरी तरह से चोक हो गई हैं।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- मध्य प्रदेश के इटारसी रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। भोपाल से जबलपुर जा रही इंटरसिटी एक्सप्रेस में सफर कर रही एक महिला पानी लेने के लिए स्टेशन पर उतरी थी। इसी बीच, ट्रेन चलने लगी और महिला ने अपने गोद में बच्चे को लिए हुए ही चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास किया। इस कोशिश में उसका हाथ अचानक फिसल गया और वह ट्रेन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गई। हालांकि, इस पूरे हादसे में एक चमत्कारिक पल भी देखने को मिला: जैसे ही महिला गिरी, बच्चा सुरक्षित रूप से प्लेटफॉर्म पर गिर गया। वहाँ मौजूद एक अन्य महिला ने तुरंत देवदूत बनकर बच्चे को गोद में उठा लिया और उसकी जान बचाई। घायल महिला को तत्काल नजदीकी शासकीय अस्पताल रेफर किया गया है। इस घटना के मद्देनजर, यह अपील की गई है कि लोग चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने का जोखिम बिल्कुल न उठाएं, क्योंकि जान अनमोल है।1
- आष्टा में सत्यजा सेवा संस्था द्वारा 2 जून से 8 जून तक आयोजित किए जाने वाले 11 लाख रुद्राक्ष महोत्सव और भव्य कथा कार्यक्रम को प्रशासनिक अनुमति नहीं मिलने के कारण स्थगित कर दिया गया है। पिछले दो दिनों से क्षेत्र में आई तेज आंधी और प्रतिकूल मौसम के कारण आयोजन स्थल की व्यवस्थाएं प्रभावित हुई थीं, जिसके बाद प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कार्यक्रम की अनुमति देने में अपनी असमर्थता व्यक्त की। इस विषय पर हुई एक बैठक में हिंदू उत्सव समिति, सकल समाज, मानस भवन समिति, शीतला माता समिति, व्यापार महासंघ, श्री राम मंदिर समिति और सत्यजा सेवा संस्था सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों तथा संत-महात्माओं ने विचार-विमर्श किया। जनहित और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए, सभी की सर्वसम्मति से कार्यक्रम को स्थगित करने का निर्णय लिया गया। संत-महात्माओं ने विश्वास दिलाया है कि यह आयोजन भविष्य में नई तिथियों के साथ भव्य रूप से पुनः आयोजित किया जाएगा। समिति द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, भव्य कथा कार्यक्रम अब अगले वर्ष आयोजित किया जाएगा, जबकि 11 लाख रुद्राक्ष वितरण अभियान 15 अगस्त से गांव-गांव और घर-घर पहुंचकर चलाया जाएगा। वहीं, कन्या विवाह सम्मेलन अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 8 जून को मानस भवन में आयोजित किया जाएगा। सत्यजा सेवा संस्था के अध्यक्ष संजीव सोनी ‘पांचम’ ने सभी श्रद्धालुओं, माताओं-बहनों और नगरवासियों से इस निर्णय में सहयोग देने और संस्था का समर्थन बनाए रखने की अपील की है।1
- आज नागपुर से इटारसी जा रही गोरखपुर एक्सप्रेस की स्लीपर क्लास में कुछ यात्रियों को बेहद लापरवाही से यात्रा करते देखा गया। ये यात्री ट्रेन की खिड़की से दरवाजे तक बिजली का कनेक्शन लेकर आए थे और दरवाजे पर ही अपने मोबाइल फोन चार्ज कर रहे थे, जिससे उनकी जान को गंभीर खतरा हो सकता था। यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब ट्रेनों में यात्रियों द्वारा अपनी जान जोखिम में डालने और इसी लापरवाही के चलते कई लोगों के असमय मौत का शिकार होने के मामले अक्सर देखे जाते हैं, लेकिन फिर भी यात्री इन जोखिमों को नजरअंदाज करते रहते हैं। मौके पर उन्हें समझाने का प्रयास भी किया गया, किंतु सभी युवा अपनी मस्ती में मस्त रहे और उन्होंने बात नहीं मानी। ऐसे यात्रियों पर रेलवे सुरक्षा अधिकारियों द्वारा तत्काल और सख्त कार्यवाही करने की आवश्यकता है, क्योंकि इस तरह की लापरवाही न केवल उनकी अपनी जान को खतरे में डालती है, बल्कि दूसरों के लिए भी जोखिम पैदा कर सकती है। यात्री आखिर कब समझेंगे कि जब जान ही दांव पर लगी हो तो इतना जोखिम क्यों उठाना।1
- मध्य प्रदेश के सारनी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के एक बयान पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। अपनी इसी नाराजगी के चलते कांग्रेसियों ने मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया।1
- भारतीय रेलवे ने जबलपुर-नई दिल्ली श्रीधाम एक्सप्रेस (12191/12192) में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है, जिसके तहत ट्रेन के पुराने आईसीएफ (ICF) कोचों को हटाकर अब आधुनिक एलएचबी (LHB) कोच लगाए गए हैं। यह कदम यात्रियों के लिए खुशखबरी लेकर आया है, क्योंकि इससे उन्हें बेहतर और सुरक्षित यात्रा अनुभव मिलेगा। नए एलएचबी कोच कई मायनों में फायदेमंद हैं। सुरक्षा के लिहाज से, इनमें एंटी-टेलीस्कोपिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे दुर्घटना की स्थिति में डिब्बे एक-दूसरे पर नहीं चढ़ते। यात्रियों के लिए सफर को अधिक आरामदायक बनाने हेतु एयर सस्पेंशन तकनीक का प्रयोग किया गया है, जिससे यात्रा के दौरान झटके कम महसूस होते हैं। इसके अतिरिक्त, इन कोचों की बेहतर रफ्तार के कारण समय की भी बचत होगी; उदाहरण के तौर पर, भोपाल से दिल्ली तक की यात्रा के समय में करीब 58 मिनट की कमी आई है। नए रैक में कुल 22 कोच शामिल किए गए हैं, जिनमें फर्स्ट एसी, सेकेंड एसी, थर्ड एसी, इकोनॉमी, स्लीपर और सामान्य श्रेणी के डिब्बे उपलब्ध हैं।1
- पुनासा बांगरदा में खंडवा-मूंदी मार्ग पर एक पेड़ गिरने के कारण करीब 20 से 25 मिनट तक यातायात बाधित रहा। पेड़ गिरने से सड़क पर लंबा जाम लग गया, जिससे वाहनों की आवाजाही थम गई। बाद में, जेसीबी की मदद से गिरे हुए पेड़ को रास्ते से हटाया गया, जिसके उपरांत मार्ग पर वाहनों का आवागमन फिर से सामान्य रूप से चालू हो सका।1
- जीतू पटवारी के एक बयान पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रवक्ता सनव्वर पटेल ने तीखा पलटवार किया है। पटेल ने जीतू पटवारी को सीधा निशाना बनाते हुए कहा कि उन्हें 'पहले अपने गिरेबान में झांककर देखना चाहिए'। यह टिप्पणी पटवारी के उस बयान के जवाब में आई है, जिसके बाद बीजेपी ने उन पर पलटवार किया है।1
- इटारसी जंक्शन पर एक बड़ा और हृदयविदारक हादसा हो गया, जहाँ एक चलती इंटरसिटी ट्रेन में चढ़ने की कोशिश में एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। इस घटना में महिला के दोनों पैर कट गए। बताया गया है कि महिला अपने 3 साल के मासूम बेटे के साथ ट्रेन पकड़ रही थी, तभी वह फिसलकर ट्रैक में जा गिरी, जिससे इंटरसिटी ट्रेन उसके लिए काल बन गई। रेलवे स्टाफ ने महिला को ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच फंसा हुआ देखकर उसकी जान बचाई, जिसके बाद उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस दौरान इटारसी स्टेशन पर चीख-पुकार मच गई। यह दुर्घटना कुछ सेकंड की जल्दबाजी का नतीजा थी, जब महिला ने चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास किया। गनीमत रही कि उसके साथ रहा बच्चा इस हादसे में बाल-बाल बच गया।1