*इंडोनेशिया में श्रद्दा और आस्था का सदियों बाद भव्य आयोजन - भारतीय प्रवासियों ने मनाया महाशिवरात्रि का ऐतिहासिक उत्सव* ....✍ *आज़ाद शेरवानी* इंडोनेशिया योग्याकार्ता, इंडोनेशिया के ऐतिहासिक एवं विश्वप्रसिद्ध प्रंबानन मन्दिर में 15 फरवरी को महाशिवरात्रि का दिव्य एवं भव्य उत्सव अत्यंत श्रद्धा, आस्था और सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाया गया। मधु ललित बाहेती ने बताया कि सदियों बाद इस प्राचीन शिवालय में महाशिवरात्रि का ऐसा आध्यात्मिक आयोजन होना न केवल इंडोनेशिया, बल्कि संपूर्ण विश्व के सनातन अनुयायियों के लिए गर्व और भावविभोर करने वाला क्षण रहा। कार्य संयोजक किरण अरविंद लड्ढा ने बताया कि 9 वीं शताब्दी में निर्मित यह भव्य मंदिर परिसर भगवान त्रिमूर्ति ब्रह्मा, विष्णु और महेश (शिव) को समर्पित है। लगभग 47 मीटर ऊँचा केंद्रीय शिव मंदिर इसकी अद्वितीय वास्तुकला और आध्यात्मिक भव्यता का प्रतीक है। यूनेस्को विश्व धरोहर के रूप में मान्यता प्राप्त यह स्थल आज पुनः “लिविंग मोन्यूमेंट” के रूप में जीवंत हो उठा है। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर 1008 दीप प्रज्ज्वलित कर भगवान शिव के 1008 नामों का सामूहिक उच्चारण किया गया। डमरू की पवित्र ध्वनि और शिव तांडव की भावपूर्ण प्रस्तुति ने वातावरण को दिव्यता से ओत-प्रोत कर दिया। “महा गंगा तीर्थ गमन” और अभिषेकम् जैसे वैदिक अनुष्ठानों ने समस्त विश्व के कल्याण और शांति की कामना की। 36 प्रांतों के पवित्र जल के साथ भव्य शोभायात्रा और एक हजार मीटर लंबा राष्ट्रीय ध्वज इस आयोजन का विशेष आकर्षण रहा—जो आध्यात्मिकता और राष्ट्रीय एकता का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है। यह ऐतिहासिक क्षण हाल के वर्षों में भारत सरकार एवं उससे संबद्ध सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों के सतत प्रयासों का परिणाम है। वर्ष 2022 में विविध विभागीय एवं वैधानिक प्रक्रियाओं तथा दीर्घ संघर्ष के पश्चात इस मंदिर में पुनः प्राणप्रतिष्ठा का कार्य संपन्न हुआ। इस प्रयास ने प्रम्बानन को पुनः केवल पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि जीवंत आराधना केंद्र के रूप में स्थापित किया। इंडोनेशिया सरकार, विशेषकर पर्यटन मंत्रालय, ने भी इस आयोजन को राष्ट्रीय पर्यटन के प्रमुख एजेंडा के रूप में विकसित करने का संकल्प व्यक्त किया है। यह पहल दर्शाती है कि किस प्रकार आध्यात्मिकता, संस्कृति और आधुनिक पर्यटन एक साथ मिलकर वैश्विक सद्भाव का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं। इंडोनेशिया, विशेषकर जावा, सनातन धर्म की प्राचीन जड़ों से गहराई से जुड़ा रहा है। आज यह देश बहुधार्मिक होते हुए भी अद्भुत सौहार्द और सहअस्तित्व का उदाहरण प्रस्तुत करता है। प्रम्बानन में महाशिवरात्रि का यह आयोजन इसी समरसता का प्रतीक है जहाँ विविध आस्थाएँ एक साथ शांति, सम्मान और सहयोग के साथ फल-फूल रही हैं। विश्वभर से आए श्रद्धालुओं और कलाकारों की सहभागिता ने यह स्पष्ट कर दिया कि सनातन धर्म सीमाओं से परे एक वैश्विक सांस्कृतिक चेतना है। इंडोनेशिया की धरती पर गूँजता “ॐ नमः शिवाय” का उद्घोष भारत और इंडोनेशिया के बीच हजारों वर्षों पुराने सांस्कृतिक संबंधों को पुनः सशक्त करता है। यह आयोजन न केवल अतीत की विरासत का सम्मान है, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए आध्यात्मिक और सांस्कृतिक प्रेरणा का दीपस्तंभ भी है।
*इंडोनेशिया में श्रद्दा और आस्था का सदियों बाद भव्य आयोजन - भारतीय प्रवासियों ने मनाया महाशिवरात्रि का ऐतिहासिक उत्सव* ....✍ *आज़ाद शेरवानी* इंडोनेशिया योग्याकार्ता, इंडोनेशिया के ऐतिहासिक एवं विश्वप्रसिद्ध प्रंबानन मन्दिर में 15 फरवरी को महाशिवरात्रि का दिव्य एवं भव्य उत्सव अत्यंत श्रद्धा, आस्था और सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाया गया। मधु ललित बाहेती ने बताया कि सदियों बाद इस प्राचीन शिवालय में महाशिवरात्रि का ऐसा आध्यात्मिक आयोजन होना न केवल इंडोनेशिया, बल्कि संपूर्ण विश्व के सनातन अनुयायियों के लिए गर्व और भावविभोर करने वाला क्षण रहा। कार्य संयोजक किरण अरविंद लड्ढा ने बताया कि 9 वीं शताब्दी में निर्मित यह भव्य मंदिर परिसर भगवान त्रिमूर्ति ब्रह्मा, विष्णु और महेश (शिव) को समर्पित है। लगभग 47 मीटर ऊँचा केंद्रीय शिव
मंदिर इसकी अद्वितीय वास्तुकला और आध्यात्मिक भव्यता का प्रतीक है। यूनेस्को विश्व धरोहर के रूप में मान्यता प्राप्त यह स्थल आज पुनः “लिविंग मोन्यूमेंट” के रूप में जीवंत हो उठा है। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर 1008 दीप प्रज्ज्वलित कर भगवान शिव के 1008 नामों का सामूहिक उच्चारण किया गया। डमरू की पवित्र ध्वनि और शिव तांडव की भावपूर्ण प्रस्तुति ने वातावरण को दिव्यता से ओत-प्रोत कर दिया। “महा गंगा तीर्थ गमन” और अभिषेकम् जैसे वैदिक अनुष्ठानों ने समस्त विश्व के कल्याण और शांति की कामना की। 36 प्रांतों के पवित्र जल के साथ भव्य शोभायात्रा और एक हजार मीटर लंबा राष्ट्रीय ध्वज इस आयोजन का विशेष आकर्षण रहा—जो आध्यात्मिकता और राष्ट्रीय एकता का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है। यह
ऐतिहासिक क्षण हाल के वर्षों में भारत सरकार एवं उससे संबद्ध सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों के सतत प्रयासों का परिणाम है। वर्ष 2022 में विविध विभागीय एवं वैधानिक प्रक्रियाओं तथा दीर्घ संघर्ष के पश्चात इस मंदिर में पुनः प्राणप्रतिष्ठा का कार्य संपन्न हुआ। इस प्रयास ने प्रम्बानन को पुनः केवल पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि जीवंत आराधना केंद्र के रूप में स्थापित किया। इंडोनेशिया सरकार, विशेषकर पर्यटन मंत्रालय, ने भी इस आयोजन को राष्ट्रीय पर्यटन के प्रमुख एजेंडा के रूप में विकसित करने का संकल्प व्यक्त किया है। यह पहल दर्शाती है कि किस प्रकार आध्यात्मिकता, संस्कृति और आधुनिक पर्यटन एक साथ मिलकर वैश्विक सद्भाव का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं। इंडोनेशिया, विशेषकर जावा, सनातन धर्म की प्राचीन जड़ों से गहराई से
जुड़ा रहा है। आज यह देश बहुधार्मिक होते हुए भी अद्भुत सौहार्द और सहअस्तित्व का उदाहरण प्रस्तुत करता है। प्रम्बानन में महाशिवरात्रि का यह आयोजन इसी समरसता का प्रतीक है जहाँ विविध आस्थाएँ एक साथ शांति, सम्मान और सहयोग के साथ फल-फूल रही हैं। विश्वभर से आए श्रद्धालुओं और कलाकारों की सहभागिता ने यह स्पष्ट कर दिया कि सनातन धर्म सीमाओं से परे एक वैश्विक सांस्कृतिक चेतना है। इंडोनेशिया की धरती पर गूँजता “ॐ नमः शिवाय” का उद्घोष भारत और इंडोनेशिया के बीच हजारों वर्षों पुराने सांस्कृतिक संबंधों को पुनः सशक्त करता है। यह आयोजन न केवल अतीत की विरासत का सम्मान है, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए आध्यात्मिक और सांस्कृतिक प्रेरणा का दीपस्तंभ भी है।
- Post by Kishan Lal jangid1
- नई दिल्ली / ढाका; 17 फरवरी, 2026: लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने आज ढाका में प्रधानमंत्री श्री तारिक रहमान के नेतृत्व में गठित बांग्लादेश की नई सरकार के शपथ-ग्रहण समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर श्री बिरला ने भारत की जनता की ओर से श्री तारिक रहमान को हार्दिक बधाई दी। लोकसभा अध्यक्ष ने ढाका में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री श्री तारिक रहमान से भेंट भी की तथा उन्हें प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का व्यक्तिगत पत्र सौंपा, जिसमें प्रधानमंत्री श्री रहमान को सुविधानुसार शीघ्र भारत यात्रा के लिए आमंत्रित किया गया है। श्री बिरला ने पुनः दोहराया कि भारत बांग्लादेश के लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और समावेशी राष्ट्र निर्माण के प्रयासों में सहयोग हेतु सदैव तत्पर है। उन्होंने दोनों पड़ोसी देशों के बीच स्थायी और सुदृढ़ साझेदारी को और गहरा करने की भारत की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की। समारोह के अवसर पर श्री बिरला ने मालदीव के राष्ट्रपति महामहिम डॉ. मोहम्मद मुइज्जू तथा भूटान के प्रधानमंत्री महामहिम श्री शेरिंग तोबगे सहित अन्य नेताओं से भेंट की।1
- नाले में उतरे पूर्व पार्षद, खुद की सफाई कोटा के जवाहर नगर में पुखराज मल्टी का नाला जाम, 7–8 दिन से शिकायत के बाद भी नहीं हुई सुनवाई। गंदा पानी सड़क पर फैलने से परेशान होकर पूर्व पार्षद देवेंद्र चौधरी खुद नाले में उतर गए। मशीन के साथ आए कर्मचारियों ने नाले में उतरने से मना कर दिया। स्वास्थ्य अधिकारी रिचा गौतम और निरीक्षक सतीश कुमार को मौके पर बुलाया गया, लेकिन कोई निर्णय नहीं हुआ। आखिरकार पूर्व पार्षद ने निजी लेबर बुलाकर खुद नाले की सफाई करवाई। #kota #rajasthannews #पार्षद #kotacitydigital #नगरनिगम1
- Post by VKH NEWS1
- युवक ने एक बार में नींद की 30 टेबलेट खाली युवक ने गोलियां खाने से पहले दो वीडियो बनाए जिनमें से एक वीडियो पुलिस कर्मी के भी भेजा घटना देर रात की है फिलहाल युवक का न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है कांस्टेबल पर 50 हजार मांगने के आरोप लगाए युवक ने नींद की गोलियो के साथ 2 मिनट 46 सेकंड का वीडियो रिकॉर्ड किया है जिसमें युवक कह रहा है- भैया (कांस्टेबल )आपने मुझे ज्यादा परेशान कर दिया मैं मेरी जिंदगी से बहुत ज्यादा परेशान हो गया मैं नींद की गोली खाने जा रहा हूं मेरी मौत के जिम्मेदार आप ही हो, ठीक है भैया कॉन्स्टेबल नरेंद्र का कहना है मनोज (गोलू) हमारे थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसकी 2 साल से एचएस खुली हुई है। वो थाने पर नहीं आ रहा। कई बार घर पर गए। लेकिन वो थाने पर नहीं आ रहा। सोमवार को गोलू बाइक छोड़कर फरार हो गया। गोलू बदमाश है, स्मैक बेचता और पीता है। वो तो कुछ भी कह सकता है। वो एमडी गांजा बेच रहा है। हाल ही 5-6 महीने पहले विज्ञान नगर थाने में गांजे के केस में फरार चल रहा है।1
- कोटा *वेस्टपिकर्स का सर्वे अब 28 फरवरी तक* -नमस्ते योजना के तहत हो रही प्रोफाइलिंग कोटा। केंद्र सरकार की नमस्ते योजना (नेशनल एक्शन फॉर मैकेनाइज्ड सैनिटेशन इकोसिस्टम) के अंतर्गत नगर निगम अनौपचारिक श्रेणी के वेस्ट पिकर्स का सर्वे एवं प्रोफाइलिंग कार्य अब 28 फरवरी तक किया जाएगा। पूर्व में इसके लिए 17 फरवरी तक का समय निर्धारित था। आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि इस सर्वे में शहर के ऐसे महिला-पुरुष वेस्ट पिकर्स शामिल किए जा रहे हैं, जिन्हें भविष्य निधि (पीएफ) एवं कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं प्राप्त नहीं हैं। सर्वे के अंतर्गत कचरा पॉइंट से कचरा बीनने वाले, कबाड़ संग्रह करने वाले, डंपिंग यार्ड में कूड़ा-कचरा एकत्र करने वाले तथा निगम क्षेत्र में कचरा संग्रहण का कार्य करने वाले व्यक्तियों की प्रोफाइल नमस्ते योजना से लिंक की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस सर्वे से जुड़ने के लिए हितग्राहियों को स्वयं का आधार कार्ड, बैंक पासबुक तथा आधार से लिंक मोबाइल नंबर साथ लाना अनिवार्य होगा। नगर निगम क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर कचरा बीनने का कार्य करने वाले व्यक्ति नगर निगम कार्यालय के कमरा नंबर 310 में संपर्क कर सकते हैं, ताकि अधिकृत संस्था द्वारा उनका सर्वे किया जा सके।10
- अपने हमशक्ल नरेश सिंधी से मिलकर क्या बोले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा...1
- Post by Kishan Lal jangid1