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ईरान युद्ध को 1 महीना पूरा अमेरिका का लक्ष्य अभी अधूरा? क्या विश्वयुद्ध की तैयारी हो रही है?
Sunita Jain
ईरान युद्ध को 1 महीना पूरा अमेरिका का लक्ष्य अभी अधूरा? क्या विश्वयुद्ध की तैयारी हो रही है?
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- लव जिहाद का एक और मामला रणजीत पुर से सामने आया है। मुस्लिम लड़का एक हिन्दू लड़की को बहला फुसला कर ले जाने का आरोप.. हिन्दू संगठनों और हिन्दू समाज के लोगो ने रणजीत पुर अनाज मंडी मे इकट्ठा होकर 15 सदस्य की कमेटी बनाई है। कमेटी ने मिलकर फैसला लिया की अगर प्रसाशन ने 29 मार्च 2026 सुबह 10 बजे तक लड़की को परिवार के हवाले ना किया तो, बोहत बड़ा प्रदर्शन होगा।1
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- मुजफ्फरनगर: मासूम की मौत पर बवाल, अस्पताल सील 📍 मुजफ्फरनगर इलाज में लापरवाही का आरोप, परिजनों का हंगामा मुजफ्फरनगर के थाना सिविल लाइन क्षेत्र में उसे समय हालात बिगड़ गए, जब न्यू लाइट हॉस्पिटल में इलाज के दौरान एक मासूम बच्चे की मौत हो गई। घटना से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए।3
- Post by Rajkumar mehra press reporter1
- ✍️ स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ की कलम से आस्था के सबसे बड़े तीर्थ पर अतिक्रमण का साम्राज्य विश्व विख्यात हर की पैड़ी पर अवैध प्लास्टिक, फूल फरोशी और सैकड़ों फड़ — क्या नगर निगम मौन है या मेहरबान? हरिद्वार। धर्म और आस्था की राजधानी कही जाने वाली आज एक गंभीर विडंबना का प्रतीक बनती जा रही है। जहां देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु की पवित्र धारा में स्नान करने आते हैं, वहीं उसी पावन घाट पर अवैध अतिक्रमण, प्लास्टिक सामग्री और फूल-फरोशी के सैकड़ों फड़ खुलेआम लगे हुए हैं। जिस स्थान को सनातन आस्था का सबसे पवित्र केंद्र माना जाता है, वहीं आज अव्यवस्था और अवैध व्यापार का ऐसा जाल फैल चुका है, जो तीर्थ की गरिमा और पवित्रता दोनों को चुनौती देता दिखाई दे रहा है। पवित्र गंगा तट पर ‘अवैध बाजार’ का कब्ज़ा विश्व विख्यात केवल एक घाट नहीं बल्कि करोड़ों हिंदुओं की श्रद्धा का प्रतीक है। लेकिन विडंबना देखिए कि प्रतिबंधित क्षेत्र होने के बावजूद यहां— प्लास्टिक केनियों की खुलेआम बिक्री अवैध फूल-फरोशी के फड़ अस्थायी दुकानों की लंबी कतार घाटों के आसपास अवैध क्रय-विक्रय धड़ल्ले से जारी है। ऐसे में यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है कि क्या इस पवित्र तीर्थ की मर्यादा से बड़ा यह अवैध कारोबार हो गया है? अखबारों की सुर्खियाँ बनी समस्या, लेकिन कार्रवाई शून्य स्थानीय समाचार पत्र, समाजसेवी और जागरूक नागरिक लंबे समय से इस समस्या को उठाते रहे हैं। अखबारों में लगातार यह सवाल उठता रहा है कि आखिर हर की पैड़ी पर अतिक्रमण कब हटेगा? लेकिन हैरानी की बात यह है कि प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं देती। नगर निगम के अधिकारी हर बार कार्रवाई के दावे तो करते हैं, लेकिन जमीन पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। गली में सख्ती, गंगा तट पर खामोशी हाल ही में एक रोचक और चिंताजनक स्थिति सामने आई। हरिद्वार-ज्वालापुर के वार्ड नंबर 42 के एक पार्षद द्वारा अतिक्रमण हटाने की मांग उठाई गई। इसके अगले ही दिन नगर निगम की गाड़ी गलियों में माइक से लोगों से अतिक्रमण हटाने की अपील करती हुई घूमती दिखाई दी। लेकिन सवाल यह है— जब गलियों में अतिक्रमण हटाने के लिए इतनी तत्परता दिखाई जा सकती है, तो विश्व विख्यात हर की पैड़ी पर वर्षों से जमे अवैध फड़ों को हटाने में वही प्रशासन मौन क्यों है? क्या भ्रष्टाचार के कारण बौना हो गया प्रशासन? तीर्थ नगरी के लोगों के बीच अब यह चर्चा खुलकर होने लगी है कि यदि प्रशासन चाहे तो एक दिन में यह अतिक्रमण हट सकता है। लेकिन जब बार-बार शिकायतों और खबरों के बावजूद कार्रवाई नहीं होती, तो यह संदेह गहराता है कि कहीं कुछ भ्रष्ट अधिकारी इस अवैध कारोबार से अपनी जेब तो नहीं भर रहे। यदि ऐसा है तो यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि सनातन आस्था और तीर्थ की मर्यादा के साथ विश्वासघात है। आस्था का केंद्र या अव्यवस्था का अड्डा? धर्मनगरी हरिद्वार की पहचान सदियों से की पवित्र धारा और सनातन संस्कृति से रही है। लेकिन यदि उसी पवित्र धारा के किनारे अवैध व्यापार और अतिक्रमण फलता-फूलता रहे, तो यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। प्रशासन को यह समझना होगा कि हर की पैड़ी केवल एक पर्यटन स्थल नहीं बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। तीर्थ की गरिमा बचाने के लिए कब जागेगा प्रशासन? आज सबसे बड़ा सवाल यही है— क्या की पवित्रता बचाने के लिए प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा? या फिर यह पवित्र घाट भी अवैध फड़ों और अतिक्रमण के बोझ तले अपनी पहचान खो देगा? यदि समय रहते कठोर कदम नहीं उठाए गए, तो यह केवल एक प्रशासनिक चूक नहीं बल्कि धर्म और आस्था के साथ गंभीर अन्याय माना जाएगा।3
- मुजफ्फरनगर में मासूम की मौत पर बवाल मुजफ्फरनगर के सिविल लाइन क्षेत्र में एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मासूम बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। गुस्साए लोगों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं, वहीं शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि जांच में दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। संवाददाता: शफीक राजपूत1