उदयपुर जिले की झाड़ोल थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास के एक मामले में त्वरित और बड़ी कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। यह घटना 21 मई 2026 को हुई थी, जब गोराणा निवासी केशी बाई के बेटे मोहनलाल और उनकी पुत्रवधू गोपीबाई अपने खेत से घर लौट रहे थे। इसी दौरान, आरोपियों ने उन पर जानलेवा हमला किया, जिससे दंपति को गंभीर चोटें आईं। पीड़िता की शिकायत के आधार पर, पुलिस ने बीएनएस 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देशन तथा झाड़ोल थानाधिकारी फैलीराम मीणा के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी सहायता और मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में गोराणा निवासी 65 वर्षीय भंवरलाल और चांगला निवासी 28 वर्षीय नारूलाल उर्फ नरेश शामिल हैं। पुलिस टीम में थानाधिकारी सहित सहायक उपनिरीक्षक दिनेश कुमार, सतीशचन्द्र, शंकरलाल और अन्य कॉन्स्टेबल भी शामिल थे। फिलहाल, झाड़ोल पुलिस इस मामले में आगे की कानूनी अनुसंधान कार्रवाई कर रही है।
उदयपुर जिले की झाड़ोल थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास के एक मामले में त्वरित और बड़ी कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। यह घटना 21 मई 2026 को हुई थी, जब गोराणा निवासी केशी बाई के बेटे मोहनलाल और उनकी पुत्रवधू गोपीबाई अपने खेत से घर लौट रहे थे। इसी दौरान, आरोपियों ने उन पर जानलेवा हमला किया, जिससे दंपति को गंभीर चोटें आईं। पीड़िता की शिकायत के आधार पर, पुलिस ने बीएनएस 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देशन तथा झाड़ोल थानाधिकारी फैलीराम मीणा के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी सहायता और मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में गोराणा निवासी 65 वर्षीय भंवरलाल और चांगला निवासी 28 वर्षीय नारूलाल उर्फ नरेश शामिल हैं। पुलिस टीम में थानाधिकारी सहित सहायक उपनिरीक्षक दिनेश कुमार, सतीशचन्द्र, शंकरलाल और अन्य कॉन्स्टेबल भी शामिल थे। फिलहाल, झाड़ोल पुलिस इस मामले में आगे की कानूनी अनुसंधान कार्रवाई कर रही है।
- उदयपुर जिले की झाड़ोल थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास के एक मामले में त्वरित और बड़ी कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। यह घटना 21 मई 2026 को हुई थी, जब गोराणा निवासी केशी बाई के बेटे मोहनलाल और उनकी पुत्रवधू गोपीबाई अपने खेत से घर लौट रहे थे। इसी दौरान, आरोपियों ने उन पर जानलेवा हमला किया, जिससे दंपति को गंभीर चोटें आईं। पीड़िता की शिकायत के आधार पर, पुलिस ने बीएनएस 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देशन तथा झाड़ोल थानाधिकारी फैलीराम मीणा के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी सहायता और मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में गोराणा निवासी 65 वर्षीय भंवरलाल और चांगला निवासी 28 वर्षीय नारूलाल उर्फ नरेश शामिल हैं। पुलिस टीम में थानाधिकारी सहित सहायक उपनिरीक्षक दिनेश कुमार, सतीशचन्द्र, शंकरलाल और अन्य कॉन्स्टेबल भी शामिल थे। फिलहाल, झाड़ोल पुलिस इस मामले में आगे की कानूनी अनुसंधान कार्रवाई कर रही है।1
- प्रो. सारंगदेवोत ने योग को लेकर एक महत्वपूर्ण बात कही है। उनके अनुसार, योग केवल आंतरिक पूर्णता प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह पंच तत्वों को संतुलित करने की एक क्रिया भी है।1
- उदयपुर जिले के मावली, फतहनगर सहित विभिन्न गांवों और कस्बों में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। मावली में उपखंड स्तरीय योग दिवस कार्यक्रम खास तौर पर आयोजित हुआ, जिसमें उपखंड अधिकारी रमेश सीरवी के साथ विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। इस दौरान भाजपा नेता और विधानसभा प्रभारी कृष्ण गोपाल पालीवाल ने भी क्षेत्र के अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर योग दिवस कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया। फतहनगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी योग के प्रति लोगों का उत्साह उल्लेखनीय रहा। कुल मिलाकर, मावली और फतहनगर के साथ-साथ जिले के विभिन्न गांवों और कस्बों में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर तरह-तरह के कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किए गए, जिनमें जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की महत्वपूर्ण उपस्थिति दर्ज की गई।1
- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बिलर गांव पहुँचे, जहाँ उन्होंने गौतम ऋषि ट्रस्ट सिरोही-पाली-जालौर मीणा समाज के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय उमाराम मीणा को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस श्रद्धांजलि सभा में समाजबंधु, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। अशोक गहलोत ने स्वर्गीय उमाराम मीणा के सामाजिक योगदान को याद करते हुए उन्हें समाज का प्रेरणास्रोत बताया। कार्यक्रम में मौजूद अन्य लोगों ने भी पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।1
- सिरोही जिले के ग्राम पंचायत वासा के अखरिया वास में स्वच्छता अभियान के दावों की धज्जियां उड़ रही हैं। यहाँ एक सदियों पुराने गौ-आश्रय स्थल पर भारी मात्रा में गंदा पानी और कचरा जमा हो गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में बदहाली का आलम है। इस गंभीर स्थिति के कारण गौवंश को मजबूरन प्लास्टिक का सेवन करना पड़ रहा है, जिससे उनके स्वास्थ्य और जीवन पर खतरा मंडरा रहा है। इस मामले में पंचायती राज विभाग राजस्थान, सिरोही कलेक्टर और राजस्थान सरकार के साथ-साथ प्रधानमंत्री कार्यालय से भी तत्काल संज्ञान लेकर दोषी अधिकारियों और ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई करने का विनम्र आग्रह किया गया है।1
- डूंगरपुर जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत मंडावा खापरड़ा गांव में रविवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहां बकरियां चराने गईं दो बालिकाओं की तालाब में बने एक गहरे पानी से भरे गड्ढे में डूबने से मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और सिविल डिफेंस की टीम मौके पर पहुंची, जिन्होंने ग्रामीणों की सहायता से दोनों बालिकाओं को तालाब से बाहर निकाला और उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, चिकित्सकों ने वहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार, मंडावा खापरड़ा निवासी 12 वर्षीय उषा, जो राजू कोटेड की पुत्री थीं, और नैना, जो दशरथ कटारा की पुत्री थीं, गांव के पास स्थित घाटी तालाब पर बकरियां चराने गई थीं। इसी दौरान, वे दोनों बालिकाएं तालाब में बने लगभग 15 फीट गहरे पानी से भरे गड्ढे में गिर गईं और डूब गईं। हादसे की जानकारी मिलने पर कोतवाली पुलिस और सिविल डिफेंस के रवि परमार अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से बालिकाओं को पानी से बाहर निकालने के बाद, उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने जांच के उपरांत उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने दोनों शवों को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई है।1
- माननीय राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के एक्शन प्लान 2026-27 के अनुसरण में तथा श्रीमती दीपा गुर्जर, अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (जिला एवं सेशन न्यायाधीश), डूंगरपुर के दिशा-निर्देशानुसार, 21 जून 2026 (रविवार) को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का भव्य एवं गरिमापूर्ण आयोजन किया गया। न्यायालय परिसर डूंगरपुर सहित सागवाड़ा, सीमलवाड़ा और आसपुर की ताल्लुका विधिक सेवा समितियों के न्यायालयों में भी यह आयोजन सफल रहा। इस वर्ष 'स्वस्थ आयु के लिए योग' (Yoga for Healthy Ageing) की विशेष थीम पर आधारित यह कार्यक्रम प्रातः 06:30 बजे सामूहिक योगाभ्यास से आरंभ हुआ। इस गरिमापूर्ण कार्यक्रम में जिला न्यायक्षेत्र के समस्त न्यायिक अधिकारीगण, अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश श्री प्रवीण कुमार, न्यायालय के प्रशासनिक एवं न्यायिक स्टाफ ने पूरी ऊर्जा और उत्साह के साथ सक्रिय भागीदारी की। मुख्य योग शिक्षक श्री चंद्रकांत जी द्वारा उपस्थित सभी अधिकारीगण, अधिवक्तागण एवं कर्मचारीगण को विभिन्न आसन और प्राणायाम का अभ्यास कराया गया। इस विशेष अवसर पर, उपस्थित सभी न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों और आमजन को शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग करने का संकल्प दिलाया गया, साथ ही 'विधिक सहायता' (Legal Aid) का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया गया। आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार के आयोजनों से न्याय विभाग से जुड़े सभी घटकों में एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। कार्यक्रम की सफलता में योगदान देने के लिए अंत में उपस्थित सभी जजों, बार एसोसिएशन के सदस्यों और न्यायिक कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया गया।2
- चित्तौड़गढ़ जिले के डूंगला में अफीम किसानों ने अपनी मांगों को लेकर एक बड़ा आंदोलन शुरू करने का ऐलान कर दिया है। अफीम किसान संघ राजस्थान-मध्यप्रदेश की बैठक में किसानों ने डोडा चूरा नष्टीकरण के आदेशों, पिछले वर्षों के डोडा चूरा की अपनी मांग और पट्टे रोकने की चेतावनियों के प्रति कड़ा विरोध जताया। किसानों ने सरकार की नीतियों पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। इस आंदोलन के तहत, अफीम किसान संघ के अध्यक्ष दुर्गेश जोशी ने 23 जून को सुबह 10 बजे डूंगला से एक अफीम किसान जागृति रैली निकालने का आह्वान किया है। यह रैली डूंगला, बड़ीसादड़ी, कानोड़, वल्लभनगर, मावली, भूपालसागर, कपासन, राशमी, भदेसर, निम्बाहेड़ा, बेगूं, गंगरार और भीलवाड़ा सहित कई क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। यह रैली 26 जून को चित्तौड़गढ़ कलेक्ट्रेट पहुंचेगी, जहाँ किसान अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपेंगे और एक महापड़ाव शुरू करेंगे। किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा। महापड़ाव में अलग-अलग तहसीलों के किसान क्रमवार भाग लेंगे। इसके साथ ही, जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों और आमजन से भी इस आंदोलन को समर्थन देने की अपील की गई है।1