logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

गौशाला या गौवंशों की बदहाली का अड्डा? कदौरा ब्लॉक की इमिलिया राम गौशाला से सामने आया कथित लापरवाही का ऐसा मंजर, जिसने गौ संरक्षण की व्यवस्थाओं पर खड़े कर दिए बड़े सवाल सरकार गौवंशों के संरक्षण और उनकी देखभाल के लिए लगातार योजनाएं चला रही है, लेकिन कदौरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत इमिलिया स्थित राम गौशाला से सामने आए वायरल वीडियो ने जमीनी हकीकत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में गौशाला परिसर में मृत गौवंश पड़े दिखाई देने का दावा किया जा रहा है, वहीं कुछ स्थानों पर कौवों के शवों को नोंचने के दृश्य भी नजर आने की बात सामने आई है। केयरटेकर कहां है? ग्रामीणों का आरोप है कि गौशाला में गौवंशों की नियमित देखभाल के लिए जिम्मेदार केयरटेकर मौके पर मौजूद नहीं रहता। ऐसे में सवाल उठता है कि जब गौशाला में जिम्मेदार कर्मचारी ही मौजूद नहीं होगा तो भूखे-प्यासे और बीमार गौवंशों की देखभाल कौन करेगा? मृत गौवंशों के शव खुले में क्यों? वायरल वीडियो में मृत गौवंशों के शव पड़े होने का दावा किया जा रहा है। यदि यह दृश्य वास्तविक है तो सवाल बेहद गंभीर है—मौत के बाद भी क्या गौवंशों को सम्मानजनक तरीके से निस्तारित करने की व्यवस्था नहीं है? कौवे नोंच रहे शव, जिम्मेदारों को दिखाई नहीं देता? वीडियो में शवों के आसपास कौवे दिखाई देने की बात सामने आई है। यह दृश्य गौशाला की साफ-सफाई और निगरानी व्यवस्था पर सीधे सवाल खड़े करता है। कागजों में चारा, जमीन पर बदहाली? स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि गौवंशों को पर्याप्त हरा चारा, चुनी-चोकर और पौष्टिक आहार नहीं मिल रहा। ग्रामीणों का दावा है कि कई बार व्यवस्थाएं केवल कागजों तक सीमित नजर आती हैं। अगर गौवंशों के लिए पर्याप्त बजट और चारे की व्यवस्था है तो उसका लाभ धरातल पर क्यों नहीं दिखाई दे रहा? हर महीने खर्च होने वाली रकम का हिसाब कौन देगा? गौशाला की व्यवस्था पर सरकारी धन खर्च होता है। ऐसे में जनता का सीधा सवाल है कि गौवंशों की संख्या, चारा, पानी, दवा, सफाई और देखभाल का वास्तविक रिकॉर्ड क्या है? क्या जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण किया जाता है? सबसे बड़ा सवाल—अगर वायरल वीडियो में दिख रहे हालात सही हैं तो इतनी बड़ी लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है? ग्रामीणों का कहना है कि इससे पहले भी गौशाला से जुड़ी समस्याओं को लेकर वीडियो और शिकायतें सामने आती रही हैं। बावजूद इसके यदि हालात में सुधार नहीं हुआ तो सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब होगी? क्या ब्लॉक स्तर से लेकर जिला स्तर तक गौशालाओं की निगरानी सिर्फ कागजी रिपोर्टों तक सीमित है? क्या मौके पर जाकर यह देखा जाता है कि गौवंशों को वास्तव में पर्याप्त चारा-पानी और उपचार मिल रहा है या नहीं? अब जरूरत है कि जिला प्रशासन वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर मौके पर जांच कराए, गौवंशों की वास्तविक संख्या और मृत्यु का रिकॉर्ड मिलाए, चारा-पानी की व्यवस्था की जांच करे तथा लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारी तय करे। गौवंशों के नाम पर योजनाएं और बजट तभी सार्थक हैं, जब उनका असर गौशाला के अंदर दिखाई दे। सवाल सिर्फ एक गौशाला का नहीं, बल्कि उस व्यवस्था का है जिसके भरोसे बेजुबान गौवंशों की जिंदगी है। अब जनता पूछ रही है—क्या इमिलिया राम गौशाला की हकीकत की निष्पक्ष जांच होगी? क्या जिम्मेदारों की जवाबदेही तय होगी? या फिर बेजुबान गौवंशों की आवाज हमेशा की तरह फाइलों के नीचे दब जाएगी? महत्वपूर्ण नोट: यह खबर वायरल वीडियो एवं स्थानीय ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर तैयार की गई है। वीडियो की स्वतंत्र/आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। संबंधित ग्राम पंचायत, ब्लॉक प्रशासन अथवा अन्य जिम्मेदार अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाएगा।

8 hrs ago
user_सोनू महाराज पत्रकार
सोनू महाराज पत्रकार
कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
8 hrs ago

गौशाला या गौवंशों की बदहाली का अड्डा? कदौरा ब्लॉक की इमिलिया राम गौशाला से सामने आया कथित लापरवाही का ऐसा मंजर, जिसने गौ संरक्षण की व्यवस्थाओं पर खड़े कर दिए बड़े सवाल सरकार गौवंशों के संरक्षण और उनकी देखभाल के लिए लगातार योजनाएं चला रही है, लेकिन कदौरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत इमिलिया स्थित राम गौशाला से सामने आए वायरल वीडियो ने जमीनी हकीकत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में गौशाला परिसर में मृत गौवंश पड़े दिखाई देने का दावा किया जा रहा है, वहीं कुछ स्थानों पर कौवों के शवों को नोंचने के दृश्य भी नजर आने की बात सामने आई है। केयरटेकर कहां है? ग्रामीणों का आरोप है कि गौशाला में गौवंशों की नियमित देखभाल के लिए जिम्मेदार केयरटेकर मौके पर मौजूद नहीं रहता। ऐसे में सवाल उठता है कि जब गौशाला में जिम्मेदार कर्मचारी ही मौजूद नहीं होगा तो भूखे-प्यासे और बीमार गौवंशों की देखभाल कौन करेगा? मृत गौवंशों के शव खुले में क्यों? वायरल वीडियो में मृत गौवंशों के शव पड़े होने का दावा किया जा रहा है। यदि यह दृश्य वास्तविक है तो सवाल बेहद गंभीर है—मौत के बाद भी क्या गौवंशों को सम्मानजनक तरीके से निस्तारित करने की व्यवस्था नहीं है? कौवे नोंच रहे शव, जिम्मेदारों को दिखाई नहीं देता? वीडियो में शवों के आसपास कौवे दिखाई देने की बात सामने आई है। यह दृश्य गौशाला की साफ-सफाई और निगरानी व्यवस्था पर सीधे सवाल खड़े करता है। कागजों में चारा, जमीन पर बदहाली? स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि गौवंशों को पर्याप्त हरा चारा, चुनी-चोकर और पौष्टिक आहार नहीं मिल रहा। ग्रामीणों का दावा है कि कई बार व्यवस्थाएं केवल कागजों तक सीमित नजर आती हैं। अगर गौवंशों के लिए पर्याप्त बजट और चारे की व्यवस्था है तो उसका लाभ धरातल पर क्यों नहीं दिखाई दे रहा? हर महीने खर्च होने वाली रकम का हिसाब कौन देगा? गौशाला की व्यवस्था पर सरकारी धन खर्च होता है। ऐसे में जनता का सीधा सवाल है कि गौवंशों की संख्या, चारा, पानी, दवा, सफाई और देखभाल का वास्तविक रिकॉर्ड क्या है? क्या जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण किया जाता है? सबसे बड़ा सवाल—अगर वायरल वीडियो में दिख रहे हालात सही हैं तो इतनी बड़ी लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है? ग्रामीणों का कहना है कि इससे पहले भी गौशाला से जुड़ी समस्याओं को लेकर वीडियो और शिकायतें सामने आती रही हैं। बावजूद इसके यदि हालात में सुधार नहीं हुआ तो सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब होगी? क्या ब्लॉक स्तर से लेकर जिला स्तर तक गौशालाओं की निगरानी सिर्फ कागजी रिपोर्टों तक सीमित है? क्या मौके पर जाकर यह देखा जाता है कि गौवंशों को वास्तव में पर्याप्त चारा-पानी और उपचार मिल रहा है या नहीं? अब जरूरत है कि जिला प्रशासन वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर मौके पर जांच कराए, गौवंशों की वास्तविक संख्या और मृत्यु का रिकॉर्ड मिलाए, चारा-पानी की व्यवस्था की जांच करे तथा लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारी तय करे। गौवंशों के नाम पर योजनाएं और बजट तभी सार्थक हैं, जब उनका असर गौशाला के अंदर दिखाई दे। सवाल सिर्फ एक गौशाला का नहीं, बल्कि उस व्यवस्था का है जिसके भरोसे बेजुबान गौवंशों की जिंदगी है। अब जनता पूछ रही है—क्या इमिलिया राम गौशाला की हकीकत की निष्पक्ष जांच होगी? क्या जिम्मेदारों की जवाबदेही तय होगी? या फिर बेजुबान गौवंशों की आवाज हमेशा की तरह फाइलों के नीचे दब जाएगी? महत्वपूर्ण नोट: यह खबर वायरल वीडियो एवं स्थानीय ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर तैयार की गई है। वीडियो की स्वतंत्र/आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। संबंधित ग्राम पंचायत, ब्लॉक प्रशासन अथवा अन्य जिम्मेदार अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाएगा।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • गौशाला या गौवंशों की बदहाली का अड्डा? कदौरा ब्लॉक की इमिलिया राम गौशाला से सामने आया कथित लापरवाही का ऐसा मंजर, जिसने गौ संरक्षण की व्यवस्थाओं पर खड़े कर दिए बड़े सवाल सरकार गौवंशों के संरक्षण और उनकी देखभाल के लिए लगातार योजनाएं चला रही है, लेकिन कदौरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत इमिलिया स्थित राम गौशाला से सामने आए वायरल वीडियो ने जमीनी हकीकत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में गौशाला परिसर में मृत गौवंश पड़े दिखाई देने का दावा किया जा रहा है, वहीं कुछ स्थानों पर कौवों के शवों को नोंचने के दृश्य भी नजर आने की बात सामने आई है। केयरटेकर कहां है? ग्रामीणों का आरोप है कि गौशाला में गौवंशों की नियमित देखभाल के लिए जिम्मेदार केयरटेकर मौके पर मौजूद नहीं रहता। ऐसे में सवाल उठता है कि जब गौशाला में जिम्मेदार कर्मचारी ही मौजूद नहीं होगा तो भूखे-प्यासे और बीमार गौवंशों की देखभाल कौन करेगा? मृत गौवंशों के शव खुले में क्यों? वायरल वीडियो में मृत गौवंशों के शव पड़े होने का दावा किया जा रहा है। यदि यह दृश्य वास्तविक है तो सवाल बेहद गंभीर है—मौत के बाद भी क्या गौवंशों को सम्मानजनक तरीके से निस्तारित करने की व्यवस्था नहीं है? कौवे नोंच रहे शव, जिम्मेदारों को दिखाई नहीं देता? वीडियो में शवों के आसपास कौवे दिखाई देने की बात सामने आई है। यह दृश्य गौशाला की साफ-सफाई और निगरानी व्यवस्था पर सीधे सवाल खड़े करता है। कागजों में चारा, जमीन पर बदहाली? स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि गौवंशों को पर्याप्त हरा चारा, चुनी-चोकर और पौष्टिक आहार नहीं मिल रहा। ग्रामीणों का दावा है कि कई बार व्यवस्थाएं केवल कागजों तक सीमित नजर आती हैं। अगर गौवंशों के लिए पर्याप्त बजट और चारे की व्यवस्था है तो उसका लाभ धरातल पर क्यों नहीं दिखाई दे रहा? हर महीने खर्च होने वाली रकम का हिसाब कौन देगा? गौशाला की व्यवस्था पर सरकारी धन खर्च होता है। ऐसे में जनता का सीधा सवाल है कि गौवंशों की संख्या, चारा, पानी, दवा, सफाई और देखभाल का वास्तविक रिकॉर्ड क्या है? क्या जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण किया जाता है? सबसे बड़ा सवाल—अगर वायरल वीडियो में दिख रहे हालात सही हैं तो इतनी बड़ी लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है? ग्रामीणों का कहना है कि इससे पहले भी गौशाला से जुड़ी समस्याओं को लेकर वीडियो और शिकायतें सामने आती रही हैं। बावजूद इसके यदि हालात में सुधार नहीं हुआ तो सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब होगी? क्या ब्लॉक स्तर से लेकर जिला स्तर तक गौशालाओं की निगरानी सिर्फ कागजी रिपोर्टों तक सीमित है? क्या मौके पर जाकर यह देखा जाता है कि गौवंशों को वास्तव में पर्याप्त चारा-पानी और उपचार मिल रहा है या नहीं? अब जरूरत है कि जिला प्रशासन वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर मौके पर जांच कराए, गौवंशों की वास्तविक संख्या और मृत्यु का रिकॉर्ड मिलाए, चारा-पानी की व्यवस्था की जांच करे तथा लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारी तय करे। गौवंशों के नाम पर योजनाएं और बजट तभी सार्थक हैं, जब उनका असर गौशाला के अंदर दिखाई दे। सवाल सिर्फ एक गौशाला का नहीं, बल्कि उस व्यवस्था का है जिसके भरोसे बेजुबान गौवंशों की जिंदगी है। अब जनता पूछ रही है—क्या इमिलिया राम गौशाला की हकीकत की निष्पक्ष जांच होगी? क्या जिम्मेदारों की जवाबदेही तय होगी? या फिर बेजुबान गौवंशों की आवाज हमेशा की तरह फाइलों के नीचे दब जाएगी? महत्वपूर्ण नोट: यह खबर वायरल वीडियो एवं स्थानीय ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर तैयार की गई है। वीडियो की स्वतंत्र/आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। संबंधित ग्राम पंचायत, ब्लॉक प्रशासन अथवा अन्य जिम्मेदार अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाएगा।
    1
    गौशाला या गौवंशों की बदहाली का अड्डा? 

कदौरा ब्लॉक की इमिलिया राम गौशाला से सामने आया कथित लापरवाही का ऐसा मंजर, जिसने गौ संरक्षण की व्यवस्थाओं पर खड़े कर दिए बड़े सवाल
सरकार गौवंशों के संरक्षण और उनकी देखभाल के लिए लगातार योजनाएं चला रही है, लेकिन कदौरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत इमिलिया स्थित राम गौशाला से सामने आए वायरल वीडियो ने जमीनी हकीकत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 
वीडियो में गौशाला परिसर में मृत गौवंश पड़े दिखाई देने का दावा किया जा रहा है, वहीं कुछ स्थानों पर कौवों के शवों को नोंचने के दृश्य भी नजर आने की बात सामने आई है।
केयरटेकर कहां है?
ग्रामीणों का आरोप है कि गौशाला में गौवंशों की नियमित देखभाल के लिए जिम्मेदार केयरटेकर मौके पर मौजूद नहीं रहता। 
ऐसे में सवाल उठता है कि जब गौशाला में जिम्मेदार कर्मचारी ही मौजूद नहीं होगा तो भूखे-प्यासे और बीमार गौवंशों की देखभाल कौन करेगा?
मृत गौवंशों के शव खुले में क्यों?
वायरल वीडियो में मृत गौवंशों के शव पड़े होने का दावा किया जा रहा है। 
यदि यह दृश्य वास्तविक है तो सवाल बेहद गंभीर है—मौत के बाद भी क्या गौवंशों को सम्मानजनक तरीके से निस्तारित करने की व्यवस्था नहीं है?
कौवे नोंच रहे शव, जिम्मेदारों को दिखाई नहीं देता?
वीडियो में शवों के आसपास कौवे दिखाई देने की बात सामने आई है। 
यह दृश्य गौशाला की साफ-सफाई और निगरानी व्यवस्था पर सीधे सवाल खड़े करता है।
कागजों में चारा, जमीन पर बदहाली?
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि गौवंशों को पर्याप्त हरा चारा, चुनी-चोकर और पौष्टिक आहार नहीं मिल रहा। 
ग्रामीणों का दावा है कि कई बार व्यवस्थाएं केवल कागजों तक सीमित नजर आती हैं। 
अगर गौवंशों के लिए पर्याप्त बजट और चारे की व्यवस्था है तो उसका लाभ धरातल पर क्यों नहीं दिखाई दे रहा?
हर महीने खर्च होने वाली रकम का हिसाब कौन देगा?
गौशाला की व्यवस्था पर सरकारी धन खर्च होता है।
ऐसे में जनता का सीधा सवाल है कि गौवंशों की संख्या, चारा, पानी, दवा, सफाई और देखभाल का वास्तविक रिकॉर्ड क्या है? क्या जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण किया जाता है?
सबसे बड़ा सवाल—अगर वायरल वीडियो में दिख रहे हालात सही हैं तो इतनी बड़ी लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है?
ग्रामीणों का कहना है कि इससे पहले भी गौशाला से जुड़ी समस्याओं को लेकर वीडियो और शिकायतें सामने आती रही हैं। 
बावजूद इसके यदि हालात में सुधार नहीं हुआ तो सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब होगी?
क्या ब्लॉक स्तर से लेकर जिला स्तर तक गौशालाओं की निगरानी सिर्फ कागजी रिपोर्टों तक सीमित है? 
क्या मौके पर जाकर यह देखा जाता है कि गौवंशों को वास्तव में पर्याप्त चारा-पानी और उपचार मिल रहा है या नहीं?
अब जरूरत है कि जिला प्रशासन वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर मौके पर जांच कराए, गौवंशों की वास्तविक संख्या और मृत्यु का रिकॉर्ड मिलाए, चारा-पानी की व्यवस्था की जांच करे तथा लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारी तय करे।
गौवंशों के नाम पर योजनाएं और बजट तभी सार्थक हैं, जब उनका असर गौशाला के अंदर दिखाई दे। 
सवाल सिर्फ एक गौशाला का नहीं, बल्कि उस व्यवस्था का है जिसके भरोसे बेजुबान गौवंशों की जिंदगी है।
अब जनता पूछ रही है—क्या इमिलिया राम गौशाला की हकीकत की निष्पक्ष जांच होगी? क्या जिम्मेदारों की जवाबदेही तय होगी? 
या फिर बेजुबान गौवंशों की आवाज हमेशा की तरह फाइलों के नीचे दब जाएगी?
महत्वपूर्ण नोट: यह खबर वायरल वीडियो एवं स्थानीय ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर तैयार की गई है। वीडियो की स्वतंत्र/आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। संबंधित ग्राम पंचायत, ब्लॉक प्रशासन अथवा अन्य जिम्मेदार अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाएगा।
    user_सोनू महाराज पत्रकार
    सोनू महाराज पत्रकार
    कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • सम्वाददाता:आशुतोष (उरई)जालौन बहु के तानों से आहत वृद्धा ने कालपी यमुना पुल से लगाई छलांग, मछुआरों ने बचाया पारिवारिक कलह से परेशान होकर उठाया कदम, पुलिस ने सीएचसी में कराया भर्ती सब दिखाते हैं खबर हम दिखाते हकीकत आशुतोष की कलम से कालपी (जालौन)। पारिवारिक कलह से आहत एक वृद्ध महिला ने शनिवार दोपहर कालपी के यमुना पुल से नदी में छलांग लगाकर जान देने का प्रयास किया। महिला को नदी में कूदता देख कुछ दूरी पर नाव से मछली पकड़ रहे मछुआरों ने तत्परता दिखाते हुए उसे डूबने से बचा लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। जानकारी के अनुसार कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बरही निवासी नीता पत्नी स्व. वीरेंद्र (करीब 60 वर्ष) का शनिवार को अपनी बहू से विवाद हो गया था। आरोप है कि बहू ने महिला से दोबारा मुंह न दिखाने की बात कही। इससे आहत होकर महिला घर से इलाज कराने की बात कहकर कालपी आई और यमुना पुल पर पहुंच गई। बताया गया कि पुल पर पहुंचने के बाद महिला ने यमुना नदी में छलांग लगा दी। महिला को नदी में गिरते ही पास में नाव से मछली पकड़ रहे मछुआरों की नजर उस पर पड़ गई। उन्होंने तत्काल नाव लेकर महिला को नदी से बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को उपचार के लिए सीएचसी ले गई। पुलिस के अनुसार महिला ने पारिवारिक कलह से परेशान होकर यह कदम उठाने की बात बताई है। आत्महत्या की घटनाओं को लेकर चर्चा में रहता है यमुना पुल कालपी का यमुना पुल लंबे समय से नदी में छलांग लगाने की घटनाओं को लेकर चर्चा में रहा है। नगर के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी लोग यहां पहुंचकर नदी में छलांग लगाने का प्रयास कर चुके हैं। कई मामलों में लोगों को समय रहते बचा लिया गया, जबकि कुछ घटनाओं में जान भी जा चुकी है। लगातार हो रही घटनाओं को देखते हुए पुल पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग भी उठती रही है। क्षेत्रीय विधायक विनोद चतुर्वेदी हाईवे के दोनों पुलों पर सुरक्षा जाली लगाए जाने के लिए पत्र लिख चुके हैं। प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से भी एनएचएआई को प्रस्ताव भेजे जाने की बात सामने आई है, लेकिन अभी तक सुरक्षा जाली लगाने की कार्रवाई नहीं हुई है। इससे पुल से छलांग लगाने की घटनाओं को रोकने को लेकर चिंता बनी हुई है।
    1
    सम्वाददाता:आशुतोष (उरई)जालौन 
बहु के तानों से आहत वृद्धा ने कालपी यमुना पुल से लगाई छलांग, मछुआरों ने बचाया

पारिवारिक कलह से परेशान होकर उठाया कदम, पुलिस ने सीएचसी में कराया भर्ती
सब दिखाते हैं खबर हम दिखाते हकीकत 
आशुतोष की कलम से 
कालपी (जालौन)। पारिवारिक कलह से आहत एक वृद्ध महिला ने शनिवार दोपहर कालपी के यमुना पुल से नदी में छलांग लगाकर जान देने का प्रयास किया। महिला को नदी में कूदता देख कुछ दूरी पर नाव से मछली पकड़ रहे मछुआरों ने तत्परता दिखाते हुए उसे डूबने से बचा लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बरही निवासी नीता पत्नी स्व. वीरेंद्र (करीब 60 वर्ष) का शनिवार को अपनी बहू से विवाद हो गया था। आरोप है कि बहू ने महिला से दोबारा मुंह न दिखाने की बात कही। इससे आहत होकर महिला घर से इलाज कराने की बात कहकर कालपी आई और यमुना पुल पर पहुंच गई।
बताया गया कि पुल पर पहुंचने के बाद महिला ने यमुना नदी में छलांग लगा दी। महिला को नदी में गिरते ही पास में नाव से मछली पकड़ रहे मछुआरों की नजर उस पर पड़ गई। उन्होंने तत्काल नाव लेकर महिला को नदी से बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को उपचार के लिए सीएचसी ले गई। पुलिस के अनुसार महिला ने पारिवारिक कलह से परेशान होकर यह कदम उठाने की बात बताई है।
आत्महत्या की घटनाओं को लेकर चर्चा में रहता है यमुना पुल
कालपी का यमुना पुल लंबे समय से नदी में छलांग लगाने की घटनाओं को लेकर चर्चा में रहा है। नगर के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी लोग यहां पहुंचकर नदी में छलांग लगाने का प्रयास कर चुके हैं। कई मामलों में लोगों को समय रहते बचा लिया गया, जबकि कुछ घटनाओं में जान भी जा चुकी है।
लगातार हो रही घटनाओं को देखते हुए पुल पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग भी उठती रही है। क्षेत्रीय विधायक विनोद चतुर्वेदी हाईवे के दोनों पुलों पर सुरक्षा जाली लगाए जाने के लिए पत्र लिख चुके हैं। प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से भी एनएचएआई को प्रस्ताव भेजे जाने की बात सामने आई है, लेकिन अभी तक सुरक्षा जाली लगाने की कार्रवाई नहीं हुई है। इससे पुल से छलांग लगाने की घटनाओं को रोकने को लेकर चिंता बनी हुई है।
    user_Ashutosh jalaun ripotar
    Ashutosh jalaun ripotar
    कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • जालौन जालौन में दो बाइकों की आमने-सामने हुई जोरदार टक्कर, जालौन जालौन में दो बाइकों की आमने-सामने हुई जोरदार टक्कर, हादसे में एक महिला समेत 5 लोग हुए घायल, तीन लोगों की हालत गंभीर, एम्बुलेंस की मदद से घायलों को सीएचसी कालपी में कराया गया भर्ती, सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस हादसे की जांच पड़ताल में जुटी, कालपी कोतवाली क्षेत्र के मदारीपुर रोड स्थित बैरई गांव के पास का हादसा।
    1
    जालौन
जालौन में दो बाइकों की आमने-सामने हुई जोरदार टक्कर,
जालौन
जालौन में दो बाइकों की आमने-सामने हुई जोरदार टक्कर,
हादसे में एक महिला समेत 5 लोग हुए घायल, तीन लोगों की हालत गंभीर,
एम्बुलेंस की मदद से घायलों को सीएचसी कालपी में कराया गया भर्ती,
सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस हादसे की जांच पड़ताल में जुटी,
कालपी कोतवाली क्षेत्र के मदारीपुर रोड स्थित बैरई गांव के पास का हादसा।
    user_Dev Patel
    Dev Patel
    Local News Reporter कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • दुकान में घुसकर मारपीट-तोड़फोड़ का आरोप, CCTV में कैद हुई पूरी घटना! कोंच कोतवाली क्षेत्र के तीतरा खलीलपुर गांव में जनरल स्टोर की दुकान में घुसकर मारपीट और तोड़फोड़ का मामला सामने आया है। दुकानदार ने गांव के ही तीन युवकों पर मारपीट करने, काउंटर और CCTV मॉनीटर तोड़ने का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, विरोध करने पर दुकानदार के साथ गला दबाने और लात-घूसों से मारपीट की गई। घटना दुकान में लगे CCTV कैमरे में कैद होने का दावा किया गया है। दुकानदार ने CCTV फुटेज के साथ पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस जांच के बाद ही घटना और आरोपों की पुष्टि हो सकेगी। नोट: खबर शिकायतकर्ता के आरोप और उपलब्ध जानकारी के आधार पर है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस/प्रशासन का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
    2
    दुकान में घुसकर मारपीट-तोड़फोड़ का आरोप, CCTV में कैद हुई पूरी घटना!


कोंच कोतवाली क्षेत्र के तीतरा खलीलपुर गांव में जनरल स्टोर की दुकान में घुसकर मारपीट और तोड़फोड़ का मामला सामने आया है। दुकानदार ने गांव के ही तीन युवकों पर मारपीट करने, काउंटर और CCTV मॉनीटर तोड़ने का आरोप लगाया है।
शिकायत के अनुसार, विरोध करने पर दुकानदार के साथ गला दबाने और लात-घूसों से मारपीट की गई। घटना दुकान में लगे CCTV कैमरे में कैद होने का दावा किया गया है।
दुकानदार ने CCTV फुटेज के साथ पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस जांच के बाद ही घटना और आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।
नोट: खबर शिकायतकर्ता के आरोप और उपलब्ध जानकारी के आधार पर है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस/प्रशासन का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
    user_पत्रकार विकाश सिंह
    पत्रकार विकाश सिंह
    कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • दिल्ली में वकीलों ने शुरू किया EVM हटाओ आंदोलन बहुत भारी संख्या मे पहुँचे वकील दिल्ली में वकीलों ने शुरू किया EVM हटाओ आंदोलन
    1
    दिल्ली में वकीलों ने शुरू किया EVM हटाओ आंदोलन बहुत भारी संख्या मे पहुँचे वकील 
दिल्ली में वकीलों ने शुरू किया EVM हटाओ आंदोलन
    user_Radha Kishan
    Radha Kishan
    अकबरपुर, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • *जिलाधिकारी ने संपूर्ण समाधान दिवस सिकन्दरा में सुनीं जनसमस्याएं, त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के दिए निर्देश।* *शिकायतों का निर्धारित समयसीमा के भीतर करें गुणवत्तापूर्ण निस्तारणः जिलाधिकारी* *जिलाधिकारी ने तहसील सिकन्दरा अन्तर्गत स्थित गौशालाओं का निरीक्षण करने हेतु अधिकारियों को दिये निर्देश* जनपद की समस्त तहसीलों में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। जिला स्तरीय संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी कपिल सिंह एवं पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय ने तहसील सिकन्दरा में आमजन की समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुना तथा संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण के त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। तहसील सिकन्दरा में आयोजित समाधान दिवस के दौरान कुल 81 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिस पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों का निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा शिकायतकर्ता की संतुष्टि को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत का मौके पर जाकर परीक्षण किया जाए और समाधान के उपरांत शिकायतकर्ता से वार्ता कर उसका फीडबैक भी लिया जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा उदासीनता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने भूमि विवाद से जुड़े मामलों में राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही मुख्यमंत्री संदर्भ, जनप्रतिनिधियों के संदर्भ, आईजीआरएस तथा तहसील दिवस में प्राप्त सभी शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण पर विशेष बल दिया। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने कार्यालयों में प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक नियमित जनसुनवाई करें, शिकायत पंजिका का संधारण करें, प्रकरणों की नियमित समीक्षा करें तथा आमजन के साथ संवेदनशील एवं शिष्ट व्यवहार सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने तहसील दिवस में प्रतिभाग करने वाले जिला स्तरीय अधिकारियों को सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत तहसील सिकंदरा क्षेत्र में संचालित गौशालाओं का चेकलिस्ट के अनुसार स्थलीय सत्यापन कर निरीक्षण आख्या निर्धारित प्रारूप पर फोटोग्राफ सहित सायंकाल तक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जनपद की अन्य तहसीलों में भी प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित कर शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को सुना गया तथा उनके निस्तारण हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) दिग्विजय सिंह, ज्वॉइंट मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी सिकन्दरा रिदम आनन्द, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 जयगोविन्द, क्षेत्राधिकारी, जिला विकास अधिकारी सुनील तिवारी सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
    1
    *जिलाधिकारी ने संपूर्ण समाधान दिवस सिकन्दरा में सुनीं जनसमस्याएं, त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के दिए निर्देश।*

*शिकायतों का निर्धारित समयसीमा के भीतर करें गुणवत्तापूर्ण निस्तारणः जिलाधिकारी*

*जिलाधिकारी ने तहसील सिकन्दरा अन्तर्गत स्थित गौशालाओं का निरीक्षण करने हेतु अधिकारियों को दिये निर्देश*
जनपद की समस्त तहसीलों में  संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। जिला स्तरीय संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी कपिल सिंह एवं पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय ने तहसील सिकन्दरा में आमजन की समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुना तथा संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण के त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए।
तहसील सिकन्दरा में आयोजित समाधान दिवस के दौरान कुल 81 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिस पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों का निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा शिकायतकर्ता की संतुष्टि को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत का मौके पर जाकर परीक्षण किया जाए और समाधान के उपरांत शिकायतकर्ता से वार्ता कर उसका फीडबैक भी लिया जाए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा उदासीनता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। 
उन्होंने भूमि विवाद से जुड़े मामलों में राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही मुख्यमंत्री संदर्भ, जनप्रतिनिधियों के संदर्भ, आईजीआरएस तथा तहसील दिवस में प्राप्त सभी शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण पर विशेष बल दिया।
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने कार्यालयों में प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक नियमित जनसुनवाई करें, शिकायत पंजिका का संधारण करें, प्रकरणों की नियमित समीक्षा करें तथा आमजन के साथ संवेदनशील एवं शिष्ट व्यवहार सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने तहसील दिवस में प्रतिभाग करने वाले जिला स्तरीय अधिकारियों को सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत तहसील सिकंदरा क्षेत्र में संचालित गौशालाओं का चेकलिस्ट के अनुसार स्थलीय सत्यापन कर निरीक्षण आख्या निर्धारित प्रारूप पर फोटोग्राफ सहित सायंकाल तक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। 
जनपद की अन्य तहसीलों में भी प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित कर शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को सुना गया तथा उनके निस्तारण हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) दिग्विजय सिंह, ज्वॉइंट मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी सिकन्दरा रिदम आनन्द, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 जयगोविन्द, क्षेत्राधिकारी, जिला विकास अधिकारी सुनील तिवारी सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
    user_Arvind sharma kanpur dehat
    Arvind sharma kanpur dehat
    Local News Reporter अकबरपुर, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • जालौन के कोंच तहसील में नवागंतुक डीएम समीर का पहला संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित हुआ। जालौन के कोंच तहसील में नवागंतुक डीएम समीर का पहला संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित हुआ। डीएम समीर और एसपी विनय कुमार सिंह ने समाधान दिवस में पहुंचकर फरियादियों की शिकायतें सुनीं। संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 62 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 7 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष शिकायतों के निस्तारण को लेकर डीएम और एसपी ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। कोंच तहसील सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जिले के आला अधिकारी और पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
    1
    जालौन के कोंच तहसील में नवागंतुक डीएम समीर का पहला संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित हुआ।
जालौन के कोंच तहसील में नवागंतुक डीएम समीर का पहला संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित हुआ।
डीएम समीर और एसपी विनय कुमार सिंह ने समाधान दिवस में पहुंचकर फरियादियों की शिकायतें सुनीं।
संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 62 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 7 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया।
शेष शिकायतों के निस्तारण को लेकर डीएम और एसपी ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।
कोंच तहसील सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जिले के आला अधिकारी और पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
    user_Dev Patel
    Dev Patel
    Local News Reporter कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • कानपुर देहात से सनसनीखेज मामला खेत की नली में कपड़े में लैपटॉप मिला नवजात इलाके में मचा हड़कंप 📰 कानपुर देहात: खेत की नाली में कपड़े में लिपटा मिला नवजात, इलाके में मचा हड़कंप कानपुर देहात। गजनेर थाना क्षेत्र के मंगटा गांव में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब खेत की नाली में कपड़े में लिपटा एक नवजात शिशु मिला। नवजात के रोने की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। जानकारी के मुताबिक, गांव निवासी रोशन पुत्र सैफ अली खेत के पास अपनी बकरियां चरा रहे थे। इसी दौरान उन्हें नाली की ओर से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। पास जाकर देखा तो कपड़े में लिपटा नवजात अकेला पड़ा था। मामले की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई। रोशन की पत्नी ने तत्परता दिखाते हुए नवजात को अपनी गोद में उठाया और उसे संभाला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही गजनेर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और नवजात को रोशन की पत्नी के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। डॉक्टरों की टीम ने बच्चे का स्वास्थ्य परीक्षण किया। पुलिस के अनुसार नवजात को सुरक्षित अस्पताल पहुंचा दिया गया है। बच्चा खेत की नाली में किन परिस्थितियों में पहुंचा और उसे वहां कौन छोड़ गया, इसकी जानकारी जुटाने के लिए पुलिस स्थानीय लोगों से पूछताछ कर रही है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और नवजात के परिजनों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
    1
    कानपुर देहात से सनसनीखेज मामला खेत की नली में कपड़े में लैपटॉप मिला नवजात इलाके में मचा हड़कंप
📰 कानपुर देहात: खेत की नाली में कपड़े में लिपटा मिला नवजात, इलाके में मचा हड़कंप
कानपुर देहात। गजनेर थाना क्षेत्र के मंगटा गांव में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब खेत की नाली में कपड़े में लिपटा एक नवजात शिशु मिला। नवजात के रोने की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।
जानकारी के मुताबिक, गांव निवासी रोशन पुत्र सैफ अली खेत के पास अपनी बकरियां चरा रहे थे। इसी दौरान उन्हें नाली की ओर से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। पास जाकर देखा तो कपड़े में लिपटा नवजात अकेला पड़ा था।
मामले की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई। रोशन की पत्नी ने तत्परता दिखाते हुए नवजात को अपनी गोद में उठाया और उसे संभाला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही गजनेर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और नवजात को रोशन की पत्नी के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। डॉक्टरों की टीम ने बच्चे का स्वास्थ्य परीक्षण किया।
पुलिस के अनुसार नवजात को सुरक्षित अस्पताल पहुंचा दिया गया है। बच्चा खेत की नाली में किन परिस्थितियों में पहुंचा और उसे वहां कौन छोड़ गया, इसकी जानकारी जुटाने के लिए पुलिस स्थानीय लोगों से पूछताछ कर रही है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और नवजात के परिजनों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
    user_Kuldeep Kumar
    Kuldeep Kumar
    Journalist 9260920347 Bhognipur, Kanpur Dehat•
    13 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.