मीडिया समाज का दर्पण, जागरूकता से ही बनेगा सशक्त राष्ट्र: बीके कोमल कोटा, 19 अप्रैल 2026। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम के दौरान बीके कोमल (चीफ एडिटर, मधुबन न्यूज़) ने मीडिया जागरूकता को लेकर अपना विशेष इंटरव्यू दिया। उन्होंने कहा कि मीडिया समाज का दर्पण है और इसकी जिम्मेदारी केवल खबर दिखाने तक सीमित नहीं, बल्कि समाज को सही दिशा देने की भी है। बीके कोमल ने अपने वक्तव्य में बताया कि आज के समय में सकारात्मक और सत्य आधारित पत्रकारिता की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है। मीडिया यदि जागरूक, निष्पक्ष और जिम्मेदार बने, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना संभव है। उन्होंने आगे कहा कि नकारात्मक खबरों के बीच सकारात्मक पत्रकारिता को बढ़ावा देना बेहद जरूरी है, ताकि लोगों में आशा, विश्वास और जागरूकता बनी रहे। साथ ही उन्होंने मीडिया कर्मियों से अपील की कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए समाजहित को सर्वोपरि रखें। इस विशेष इंटरव्यू के माध्यम से मीडिया की भूमिका, उसकी जिम्मेदारियों और जागरूकता के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला गया, जिसे उपस्थित पत्रकारों ने भी सराहा। आप देख रहे हैं सूचना इंडिया टीवी न्यूज चैनल पर जेबा पटेल द्वारा स्पेशल न्यूज़ इंटरव्यू
मीडिया समाज का दर्पण, जागरूकता से ही बनेगा सशक्त राष्ट्र: बीके कोमल कोटा, 19 अप्रैल 2026। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम के दौरान बीके कोमल (चीफ एडिटर, मधुबन न्यूज़) ने मीडिया जागरूकता को लेकर अपना विशेष इंटरव्यू दिया। उन्होंने कहा कि मीडिया समाज का दर्पण है और इसकी जिम्मेदारी केवल खबर दिखाने तक सीमित नहीं, बल्कि समाज को सही दिशा देने की भी है। बीके कोमल ने अपने वक्तव्य में बताया कि आज के समय में सकारात्मक और सत्य आधारित पत्रकारिता की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है। मीडिया यदि जागरूक, निष्पक्ष और जिम्मेदार बने, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना संभव है। उन्होंने आगे कहा कि नकारात्मक खबरों के बीच सकारात्मक पत्रकारिता को बढ़ावा देना बेहद जरूरी है, ताकि लोगों में आशा, विश्वास और जागरूकता बनी रहे। साथ ही उन्होंने मीडिया कर्मियों से अपील की कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए समाजहित को सर्वोपरि रखें। इस विशेष इंटरव्यू के माध्यम से मीडिया की भूमिका, उसकी जिम्मेदारियों और जागरूकता के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला गया, जिसे उपस्थित पत्रकारों ने भी सराहा। आप देख रहे हैं सूचना इंडिया टीवी न्यूज चैनल पर जेबा पटेल द्वारा स्पेशल न्यूज़ इंटरव्यू
- कोरोना के बाद एक बार फिर बड़ी संख्या में मजदूरों का पलायन शुरू हो गया है, वीडियो गुजरात के सूरत स्टेशन का है जहां घर जाने के लिए स्टेशन पर भारी भीड़।।1
- इन दिनों महंगाई और शोषण से त्रस्त मजदूर जगह-जगह आंदोलन कर रहे हैं, नोएडा में जो वबाल हुआ उसके बाद सरकार को न्यूनतम वेतन वृद्धि करनी पड़ी: राजस्थान में भी जगह-जगह वेतन और ओवर टाइम नहीं मिलने से मजदूर आंदोलन कर रहे हैं: कल नीमराना में जापान की निडेक कंपनी के बाहर धरने पर बैठे मजदूरों के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली में आए कुछ बदमाशों ने मारपीट कर दी: उसके बाद गुस्साए मजदूरों ने भी फैक्ट्री के बाहर पथराव शुरू कर दिया...1
- Post by Mahendar.merotha1
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- कोटा राजस्थान कोटा में ब्राह्मण समाज की ओर से आराध्य भगवान परशुराम का प्राकट्य महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान तलवंडी स्थित परशुराम सर्किल से विशाल ऐतिहासिक शोभायात्रा निकाली गई। परशुराम सर्किल पर भाजपा विधायक संदीप शर्मा के साथ प्रबुद्ध जनों ने भगवान परशुराम की पूजा अर्चना की और आरती के बाद शोभायात्रा रवाना हुई जो विभिन्न मार्गो से होती हुई परशुराम वाटिका पहुंचकर सभा में परिवर्तित हो गई । जगह-जगह पर पुष्प वर्षा करके शोभायात्रा का स्वागत किया गया। शोभायात्रा में झांकियां , चंग पार्टी,कच्ची घोड़ी और भजन मंडलीय आकर्षण का केंद्र रही। परशुराम वाटिका में संतों के प्रवचन के बाद 151 दीपों से महा आरती की गई और आतिशबाजी के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए । इस दौरान भामाशाहों का सम्मान भी किया गया। कार्यक्रम संयोजक शैलेंद्र भार्गव ने बताया कि अयोध्या के डॉक्टर आचार्य राजानंद शास्त्री, चंद्रशेखर आजाद के पौत्र अमित आजाद, के साथ बड़ी संख्या में साधु संत और समाज बंधु शामिल हुए। आयोजन समिति के अरुण भार्गव और महेश गौतम लल्ली ने कहा कि शोभायात्रा में मुख्य आकर्षण यूजीसी कानून विरोधी झांकी है जिसको लेकर समाज एकजुट है।5
- ये इटली की प्रधानमंत्री हैं जियोर्जिया मेलोनी: आजकल सोशल मीडिया पर बस इन्हीं के चर्चे हैं, ईरान पर स्पेन के बाद इन्होंने जिस तरह खुल कर अपना स्टैंड लिया है उससे ये पूरी दुनिया और खास कर यूरोप में काफी लोकप्रिय हो गई हैं, अल्बानिया के प्रधानमंत्री रामा एडी रामा ने एक बार फिर इस तरह इनका अभिवादन किया, इसके बाद फिर सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं, इनके स्टैंड ने दूसरे यूरोपियन कंट्रीज को भी हिम्मत दी है कि वो अमेरिकी-इजरायली दादागिरी के खिलाफ खुल कर खड़े हों...1
- Post by Kishan Lal jangid1
- बकाया भुगतान की मांग को लेकर 425 वें दिन भी जारी रहा जेके मजदूरों का धरना कोटा। जेके सिंथेटिक फैक्ट्री (उद्योग नगर, कोटा) के 1997 में बंद होने के बाद पिछले 29 साल से बकाया वेतन और अन्य परिलाभ की मांग को लेकर सीटू (सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स) के बैनर तले सैकड़ों मजदूर, महिलाएं और परिजन जिला कलेक्ट्रेट गेट पर अनिश्चित कालीन धरना दे रहे हैं। शनिवार को धरने का 425वां दिन पूरा हो गया, लेकिन सरकार और प्रशासन की ओर से अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। धरने के दौरान मजदूर नेताओं ने सख्त चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द ही 500 करोड़ रुपए से अधिक के बकाया वेतन का भुगतान नहीं करती, तो मजदूर फैक्ट्री की अधिगृहीत जमीन पर कब्जा कर लेंगे। मजदूर नेताओं ने बताया कि 1997 में बंद हुई जेके सिंथेटिक फैक्ट्री के लगभग 4200 मजदूरों का मूल बकाया वेतन करीब 260 करोड़ रुपए था। सुप्रीम कोर्ट के 2023 के आदेश के अनुसार 18 प्रतिशत ब्याज जोड़ने के बाद यह राशि अब 500 करोड़ रुपए से अधिक हो चुकी है। सीटू के नेतृत्व में तीनों मजदूर यूनियनों (कामरेड हबीब खान, कामरेड उमाशंकर और कामरेड नरेंद्र सिंह) ने 18 फरवरी 2025 से धरना शुरू किया था। धरने के दबाव में सरकार ने फैक्ट्री की जमीन अधिग्रहण कर ली, लेकिन मजदूरों को बकाया वेतन का भुगतान अभी तक नहीं किया गया। मजदूरों को गुमराह कर रही सरकार धरना स्थल पर मजदूरों को संबोधित करते हुए कामरेड हबीब खान और कामरेड उमाशंकर ने कहा कि सरकार बार-बार हाईकोर्ट में चल रहे केस का हवाला देकर मजदूरों को गुमराह कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अराफात ग्रुप द्वारा दायर केस का बकाया वेतन भुगतान से कोई संबंध नहीं है। कामरेड अली मोहम्मद ने बताया कि सरकार ने जमीन अधिग्रहण मजदूरों के बकाया भुगतान की शर्त पर किया था, लेकिन अब शर्त पूरी नहीं की जा रही। मजदूर नेताओं ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश की शर्तों को लागू कर जल्द से जल्द 4200 मजदूरों का बकाया वेतन चुकाया जाए, अन्यथा हमें फैक्ट्री की जमीन पर कब्जा करने को मजबूर होना पड़ेगा। कामरेड उमाशंकर, कामरेड नरेंद्र सिंह, कामरेड अली मोहम्मद, कामरेड कालीचरण सोनी और कामरेड अशोक सिंह ने भी मजदूरों को संबोधित किया। धरने में लगातार बढ़ रही उपस्थिति यूनियन रजिस्टर में शनिवार को 870 मजदूरों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल रहीं। क्षेत्र में बढ़ती भीषण गर्मी और लू को देखते हुए मजदूरों ने सरकार से तत्काल न्याय की अपील की है।सीटू मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने कहा कि मजदूर 29 साल से अपनी मेहनत का हक मांग रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद सरकार की उदासीनता से आक्रोश बढ़ रहा है। धरने को सीटू और माकपा कार्यकर्ताओं के अलावा स्थानीय आमजन भी लगातार समर्थन दे रहे हैं। मजदूरों का कहना है कि गर्मी के बावजूद वे अपना संघर्ष जारी रखेंगे जब तक बकाया वेतन का पूरा भुगतान नहीं हो जाता।4
- Post by Mahendar.merotha1