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बहराइच के कैसरगंज क्षेत्र में एक युवक का शव उसके घर में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटकता मिला। मृतक अक्षय कुमार के परिवार में कोहराम मच गया है, जबकि मौत के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर सभी पहलुओं पर जांच शुरू कर दी है।
Mohd Aamir
बहराइच के कैसरगंज क्षेत्र में एक युवक का शव उसके घर में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटकता मिला। मृतक अक्षय कुमार के परिवार में कोहराम मच गया है, जबकि मौत के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर सभी पहलुओं पर जांच शुरू कर दी है।
- User6525Mihinpurwa Motipur, Bahraich👌on 17 May
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- बहराइच जिले के सरवा गाँव में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ अपने घर के बरामदे में सो रहे मजदूर पिंटू मौर्या पर जानलेवा हमला किया गया। पीड़ित परिजनों ने गाँव के ही अजय मौर्या पर धारदार किसी चीज से हमला करने का आरोप लगाया है। पिंटू मौर्या ने बताया कि जब वे सो रहे थे, तभी अजय मौर्या ने उन पर हमला कर दिया। इस घटना के पीछे दो बिस्वा जमीन का एक पुराना विवाद बताया जा रहा है, जिसे लेकर आरोपी पहले भी पिंटू को जान से मारने की धमकी दे चुका था। हमले के बाद चीख-पुकार सुनकर जब तक लोग इकट्ठा हुए, आरोपी मौके से फरार हो गया। हमले में गंभीर रूप से घायल पिंटू मौर्या को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने पीड़ित के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी अजय मौर्या की तलाश शुरू कर दी है।1
- एक व्यक्ति ने बताया है कि वह सूरत शहर में रहते हैं और अपने एक मित्र के साथ दूध लेने के लिए जा रहे हैं।1
- बाराबंकी के रामनगर कोतवाली क्षेत्र से दवा लेने गई एक युवती संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई है। युवती की मां की तहरीर पर पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। युवती के परिजनों ने गांव के ही एक युवक पर गंभीर आरोप लगाया है कि वह उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। पुलिस को दी गई तहरीर में महिला ने बताया कि 17 मई को उसकी तबीयत अचानक खराब हो गई थी। पेट में तेज दर्द होने के कारण वह अपनी बेटी और दामाद के साथ रानी बाजार दवा लेने गई थी। रास्ते में जब महिला शौच के लिए रुकी और कुछ देर बाद वापस लौटी, तो उसकी बेटी वहां से गायब थी। काफी खोजबीन के बाद भी युवती का कोई पता नहीं चल सका। पीड़िता की मां ने यह भी आरोप लगाया कि जिस युवक पर उन्हें संदेह है, वह पहले भी उनकी बेटी को अपने साथ ले जा चुका था, जिसके बाद दोनों पक्षों में समझौता कराया गया था। इस मामले में रामनगर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस युवती की तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है और आसपास के क्षेत्रों में भी लोगों से पूछताछ की जा रही है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक ललित कुमार को सौंपी गई है। थाना प्रभारी अरुण प्रताप सिंह ने बताया कि महिला की शिकायत के आधार पर जांच जारी है, और युवती की सकुशल बरामदगी तथा आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीमों को सक्रिय किया गया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है।1
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में भारतीय किसान यूनियन भदौरिया के बैनर तले किसानों का आक्रोश देखने को मिला, जब तहसील और ब्लॉक के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा उनकी मांगों को अनसुना किए जाने के बाद सैकड़ों किसान तपती धूप में सड़कों पर उतर आए। भारतीय किसान यूनियन भदौरिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर हाकिम सिंह भदौरिया और जिला अध्यक्ष ठाकुर रविंद्र कुमार सिंह के निर्देशानुसार शुरू हुए इस एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन के बाद महिलाओं और कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय की तरफ पैदल कूच कर प्रशासन की नींद उड़ा दी। यह पूरा मामला बाराबंकी के सिरौलीगौसपुर तहसील और ब्लॉक के थाना सफदरगंज क्षेत्र का है। परसा तिराहे पर जिला अध्यक्ष की अगुवाई में शुरू हुआ यह धरना-प्रदर्शन किसी एक विभाग से जुड़ी नहीं, बल्कि पूरे 10 सूत्रीय बिंदुओं पर आधारित मांगों को लेकर था। किसानों ने सीधा आरोप लगाया कि क्षेत्र में वन विभाग, बिजली विभाग, राजस्व विभाग, पुलिस और एनआरएलएम (NRLM) के अधिकारी अपनी मनमानी पर उतारू हैं, जिससे सिरौलीगौसपुर ब्लॉक और सफदरगंज इलाके की जनता त्रस्त है। धरने के दौरान जिलाध्यक्ष ने दो टूक चेतावनी दी थी कि अगर रामनगर रेंजर, बिजली विभाग के SDO और NRLM के क्लस्टर अधिकारी मौके पर आकर खुद जवाब नहीं देते, तो वे सीधे जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव करेंगे। सुबह 11 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक, लगभग ढाई घंटे तक किसान अधिकारियों का इंतजार करते रहे, लेकिन एयरकंडीशनर कमरों में बैठे कथित साहबों को धूप में बैठे किसानों की सुध लेने की फुर्सत नहीं मिली। आखिरकार किसानों के सब्र का बांध टूट गया, और जिलाध्यक्ष के एक इशारे पर सैकड़ों कार्यकर्ताओं व भारी संख्या में मौजूद महिलाओं ने परसा तिराहे से बाराबंकी जिला कार्यालय की ओर पैदल मार्च शुरू कर दिया। किसानों के इस गुस्से और पैदल मार्च की जानकारी मिलते ही सबसे पहले सफदरगंज थानाध्यक्ष अमर कुमार चौरसिया तुरंत भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और बीच रास्ते में ही किसानों को रोकने की कोशिश की। इसके बाद जैसे ही जिला मुख्यालय तक यह खबर पहुंची, प्रशासनिक अमले के हाथ-पांव फूल गए। मामले को बिगड़ता देख सिरौलीगौसपुर के उपजिलाधिकारी (SDM) और रामनगर के वन क्षेत्राधिकारी (रेंजर) को खुद दौड़ते हुए मौके पर आना पड़ा। थानाध्यक्ष अमर कुमार चौरसिया, एसडीएम सिरौलीगौसपुर और रामनगर रेंजर ने किसानों के बीच पहुंचकर उन्हें काफी समझाया-बुझाया। अधिकारियों ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई का ठोस आश्वासन दिया, जिसके बाद ही मामला शांत हो सका। हालांकि, यह सवाल अब भी कायम है कि सिरौलीगौसपुर तहसील और ब्लॉक के अधिकारी किसानों की समस्याओं को लेकर पहले ही गंभीर क्यों नहीं होते, और क्यों हर बार अन्नदाता को अपने हक के लिए सड़कों पर उतरकर पैदल मार्च करने को मजबूर होना पड़ता है। उम्मीद जताई गई है कि इस आंदोलन के बाद प्रशासन अपनी मनमानी बंद करेगा। इस दौरान संगठन में मुख्य रूप से महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष मंजू यादव, युवा जिला अध्यक्ष आकाश यादव, जिला उपाध्यक्ष तुफैल अहमद, सुनील वर्मा, करीम बक्स, अंतिम वर्मा, उमाशंकर सैनी, बृजेश वर्मा के साथ-साथ जिला मीडिया प्रभारी तिलक राम गुप्ता भी मौजूद रहे।3
- बाराबंकी के सूरतगंज क्षेत्र में बीते रविवार को एक भीषण सड़क हादसे में दो सगे भाइयों की दुखद मौत हो गई। सोमवार दोपहर बाद दोनों मृतकों को सुपुर्दे खाक किया गया। जानकारी के अनुसार, सूरतगंज के फूलपुर निवासी इखलाकुद्दीन और इकरामुद्दीन, जो हनीफ के पुत्र थे, रविवार को सूरतगंज से फतेहपुर दवा लेने जा रहे थे। रास्ते में मोहम्मदपुर खाला चौराहे पर सामने से आ रही एक ब्लोरो गाड़ी ने उनकी गाड़ी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। जब बीती रात शव घर पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। आक्रोशित परिजनों और गांव वालों ने सूरतगंज चौराहे पर शव रखकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। स्थिति को संभालने के लिए मौके पर कई थानों की पुलिस बुलाई गई। फतेहपुर के सीओ ने परिजनों को समझा-बुझाकर शव को सड़क से हटवाया और सड़क को साफ कराया। इसके बाद, कई थानों की पुलिस और सीओ फतेहपुर की मौजूदगी में शांतिपूर्वक तरीके से मिट्टी हुई।3
- आज दिनांक 25.05.26 को आगामी बकरीद त्योहार को ध्यान में रखते हुए थाना कोतवाली में एक पीस कमेटी की बैठक का आयोजन किया गया।1
- बाराबंकी जनपद के थाना लोनी कटरा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव में चोरी की घटना सामने आई है। बताया गया है कि जब परिवार के सदस्य भागवत कथा सुनने के लिए बाहर गए हुए थे, तब चोरों ने दो घरों को अपना निशाना बनाया और वहां से सामान लेकर फरार हो गए। इस घटना को लेकर पुलिस ने तहरीर प्राप्त कर ली है और संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।1
- बाराबंकी से सांसद तनुज पुनिया ने महोबा जनपद की एक दलित छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म, अमानवीय यातनाओं और प्रदेश की बदहाल कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने जिलाधिकारी बाराबंकी (अतिरिक्त मजिस्ट्रेट शिव कुमार वर्मा) के माध्यम से महामहिम राज्यपाल उत्तर प्रदेश, लखनऊ को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में कहा गया है कि कोचिंग से लौटते समय उक्त दलित छात्रा का अपहरण कर उसे 16 दिनों तक प्रयागराज में बंधक बनाकर रखा गया, जहां उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया और सिगरेट से जलाकर अमानवीय यातनाएं दी गईं, साथ ही जबरन शादी कराने की भी कोशिश की गई। सांसद पुनिया ने इस घटना को अत्यंत हृदय विदारक और शर्मनाक बताते हुए आरोप लगाया कि पूरे प्रदेश में आए दिन ऐसी घटनाएं घटित हो रही हैं, जो मानवता को झकझोर रही हैं। उन्होंने प्रदेश की कानून व्यवस्था को 'दयनीय' करार देते हुए कहा कि बलात्कार, डकैती और हत्या जैसी घटनाएं लगातार किसी न किसी जिले में हो रही हैं, और कानून व्यवस्था को ताक पर रखकर आम जनता के साथ ऐसे अपराध हो रहे हैं। ज्ञापन में यह भी दावा किया गया कि पूरे प्रदेश में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। कांग्रेस ने महोबा की इस गंभीर घटना पर कई मांगें रखी हैं: दोषियों पर त्वरित और कठोर कार्रवाई करते हुए उन्हें अविलंब गिरफ्तार किया जाए और फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर कठोरतम सजा दिलाई जाए। इसके अतिरिक्त, पीड़ित छात्रा और उसके परिवार को तत्काल प्रभाव से पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था प्रदान की जाए ताकि उन्हें किसी भी प्रकार का भय न रहे। साथ ही, पीड़ित को शारीरिक और मानसिक आघात से उबरने के लिए सरकार की ओर से सर्वोत्तम मुफ्त चिकित्सा और परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा सहायता प्रदान की जाए। सांसद तनुज पुनिया ने कानून व्यवस्था में सुधार के तहत प्रदेश में महिलाओं और बेटियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर अंकुश लगाने और प्रशासन को कड़े निर्देश जारी करने की बात कही। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द से जल्द इन अपराधियों पर कोई कार्रवाई नहीं होती है, तो कांग्रेस इस लड़ाई को सड़क से सदन तक लड़ने पर विवश होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपने वालों में पूर्व सांसद ए.पी. गौतम, जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहम्मद मोहसिन, पूर्व प्रवक्ता सरजू शर्मा सहित कई अन्य कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद रहे।1