बाराबंकी से सांसद तनुज पुनिया ने महोबा जनपद की एक दलित छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म, अमानवीय यातनाओं और प्रदेश की बदहाल कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने जिलाधिकारी बाराबंकी (अतिरिक्त मजिस्ट्रेट शिव कुमार वर्मा) के माध्यम से महामहिम राज्यपाल उत्तर प्रदेश, लखनऊ को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में कहा गया है कि कोचिंग से लौटते समय उक्त दलित छात्रा का अपहरण कर उसे 16 दिनों तक प्रयागराज में बंधक बनाकर रखा गया, जहां उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया और सिगरेट से जलाकर अमानवीय यातनाएं दी गईं, साथ ही जबरन शादी कराने की भी कोशिश की गई। सांसद पुनिया ने इस घटना को अत्यंत हृदय विदारक और शर्मनाक बताते हुए आरोप लगाया कि पूरे प्रदेश में आए दिन ऐसी घटनाएं घटित हो रही हैं, जो मानवता को झकझोर रही हैं। उन्होंने प्रदेश की कानून व्यवस्था को 'दयनीय' करार देते हुए कहा कि बलात्कार, डकैती और हत्या जैसी घटनाएं लगातार किसी न किसी जिले में हो रही हैं, और कानून व्यवस्था को ताक पर रखकर आम जनता के साथ ऐसे अपराध हो रहे हैं। ज्ञापन में यह भी दावा किया गया कि पूरे प्रदेश में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। कांग्रेस ने महोबा की इस गंभीर घटना पर कई मांगें रखी हैं: दोषियों पर त्वरित और कठोर कार्रवाई करते हुए उन्हें अविलंब गिरफ्तार किया जाए और फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर कठोरतम सजा दिलाई जाए। इसके अतिरिक्त, पीड़ित छात्रा और उसके परिवार को तत्काल प्रभाव से पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था प्रदान की जाए ताकि उन्हें किसी भी प्रकार का भय न रहे। साथ ही, पीड़ित को शारीरिक और मानसिक आघात से उबरने के लिए सरकार की ओर से सर्वोत्तम मुफ्त चिकित्सा और परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा सहायता प्रदान की जाए। सांसद तनुज पुनिया ने कानून व्यवस्था में सुधार के तहत प्रदेश में महिलाओं और बेटियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर अंकुश लगाने और प्रशासन को कड़े निर्देश जारी करने की बात कही। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द से जल्द इन अपराधियों पर कोई कार्रवाई नहीं होती है, तो कांग्रेस इस लड़ाई को सड़क से सदन तक लड़ने पर विवश होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपने वालों में पूर्व सांसद ए.पी. गौतम, जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहम्मद मोहसिन, पूर्व प्रवक्ता सरजू शर्मा सहित कई अन्य कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बाराबंकी से सांसद तनुज पुनिया ने महोबा जनपद की एक दलित छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म, अमानवीय यातनाओं और प्रदेश की बदहाल कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने जिलाधिकारी बाराबंकी (अतिरिक्त मजिस्ट्रेट शिव कुमार वर्मा) के माध्यम से महामहिम राज्यपाल उत्तर प्रदेश, लखनऊ को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में कहा गया है कि कोचिंग से लौटते समय उक्त दलित छात्रा का अपहरण कर उसे 16 दिनों तक प्रयागराज में बंधक बनाकर रखा गया, जहां उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया और सिगरेट से जलाकर अमानवीय यातनाएं दी गईं, साथ ही जबरन शादी कराने की भी कोशिश की गई। सांसद पुनिया ने इस घटना को अत्यंत हृदय विदारक और शर्मनाक बताते हुए आरोप लगाया कि पूरे प्रदेश में आए दिन ऐसी घटनाएं घटित हो रही हैं, जो मानवता को झकझोर रही हैं। उन्होंने प्रदेश की कानून व्यवस्था को 'दयनीय' करार देते हुए कहा कि बलात्कार, डकैती और हत्या जैसी घटनाएं लगातार किसी न किसी जिले में हो रही हैं, और कानून व्यवस्था को ताक पर रखकर आम जनता के साथ ऐसे अपराध हो रहे हैं। ज्ञापन में यह भी दावा किया गया कि पूरे प्रदेश में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। कांग्रेस ने महोबा की इस गंभीर घटना पर कई मांगें रखी हैं: दोषियों पर त्वरित और कठोर कार्रवाई करते हुए उन्हें अविलंब गिरफ्तार किया जाए और फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर कठोरतम सजा दिलाई जाए। इसके अतिरिक्त, पीड़ित छात्रा और उसके परिवार को तत्काल प्रभाव से पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था प्रदान की जाए ताकि उन्हें किसी भी प्रकार का भय न रहे। साथ ही, पीड़ित को शारीरिक और मानसिक आघात से उबरने के लिए सरकार की ओर से सर्वोत्तम मुफ्त चिकित्सा और परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा सहायता प्रदान की जाए। सांसद तनुज पुनिया ने कानून व्यवस्था में सुधार के तहत प्रदेश में महिलाओं और बेटियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर अंकुश लगाने और प्रशासन को कड़े निर्देश जारी करने की बात कही। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द से जल्द इन अपराधियों पर कोई कार्रवाई नहीं होती है, तो कांग्रेस इस लड़ाई को सड़क से सदन तक लड़ने पर विवश होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपने वालों में पूर्व सांसद ए.पी. गौतम, जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहम्मद मोहसिन, पूर्व प्रवक्ता सरजू शर्मा सहित कई अन्य कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
- बाराबंकी से सांसद तनुज पुनिया ने महोबा जनपद की एक दलित छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म, अमानवीय यातनाओं और प्रदेश की बदहाल कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने जिलाधिकारी बाराबंकी (अतिरिक्त मजिस्ट्रेट शिव कुमार वर्मा) के माध्यम से महामहिम राज्यपाल उत्तर प्रदेश, लखनऊ को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में कहा गया है कि कोचिंग से लौटते समय उक्त दलित छात्रा का अपहरण कर उसे 16 दिनों तक प्रयागराज में बंधक बनाकर रखा गया, जहां उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया और सिगरेट से जलाकर अमानवीय यातनाएं दी गईं, साथ ही जबरन शादी कराने की भी कोशिश की गई। सांसद पुनिया ने इस घटना को अत्यंत हृदय विदारक और शर्मनाक बताते हुए आरोप लगाया कि पूरे प्रदेश में आए दिन ऐसी घटनाएं घटित हो रही हैं, जो मानवता को झकझोर रही हैं। उन्होंने प्रदेश की कानून व्यवस्था को 'दयनीय' करार देते हुए कहा कि बलात्कार, डकैती और हत्या जैसी घटनाएं लगातार किसी न किसी जिले में हो रही हैं, और कानून व्यवस्था को ताक पर रखकर आम जनता के साथ ऐसे अपराध हो रहे हैं। ज्ञापन में यह भी दावा किया गया कि पूरे प्रदेश में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। कांग्रेस ने महोबा की इस गंभीर घटना पर कई मांगें रखी हैं: दोषियों पर त्वरित और कठोर कार्रवाई करते हुए उन्हें अविलंब गिरफ्तार किया जाए और फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर कठोरतम सजा दिलाई जाए। इसके अतिरिक्त, पीड़ित छात्रा और उसके परिवार को तत्काल प्रभाव से पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था प्रदान की जाए ताकि उन्हें किसी भी प्रकार का भय न रहे। साथ ही, पीड़ित को शारीरिक और मानसिक आघात से उबरने के लिए सरकार की ओर से सर्वोत्तम मुफ्त चिकित्सा और परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा सहायता प्रदान की जाए। सांसद तनुज पुनिया ने कानून व्यवस्था में सुधार के तहत प्रदेश में महिलाओं और बेटियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर अंकुश लगाने और प्रशासन को कड़े निर्देश जारी करने की बात कही। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द से जल्द इन अपराधियों पर कोई कार्रवाई नहीं होती है, तो कांग्रेस इस लड़ाई को सड़क से सदन तक लड़ने पर विवश होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपने वालों में पूर्व सांसद ए.पी. गौतम, जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहम्मद मोहसिन, पूर्व प्रवक्ता सरजू शर्मा सहित कई अन्य कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- बाराबंकी के सूरतगंज क्षेत्र में बीते रविवार को एक भीषण सड़क हादसे में दो सगे भाइयों की दुखद मौत हो गई। सोमवार दोपहर बाद दोनों मृतकों को सुपुर्दे खाक किया गया। जानकारी के अनुसार, सूरतगंज के फूलपुर निवासी इखलाकुद्दीन और इकरामुद्दीन, जो हनीफ के पुत्र थे, रविवार को सूरतगंज से फतेहपुर दवा लेने जा रहे थे। रास्ते में मोहम्मदपुर खाला चौराहे पर सामने से आ रही एक ब्लोरो गाड़ी ने उनकी गाड़ी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। जब बीती रात शव घर पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। आक्रोशित परिजनों और गांव वालों ने सूरतगंज चौराहे पर शव रखकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। स्थिति को संभालने के लिए मौके पर कई थानों की पुलिस बुलाई गई। फतेहपुर के सीओ ने परिजनों को समझा-बुझाकर शव को सड़क से हटवाया और सड़क को साफ कराया। इसके बाद, कई थानों की पुलिस और सीओ फतेहपुर की मौजूदगी में शांतिपूर्वक तरीके से मिट्टी हुई।3
- सूरत स्टेशन के ठीक सामने स्थित जयपुर रेस्टोरेंट में रहने वाले लोगों ने सोशल मीडिया पर पाठकों से उन्हें फॉलो करने का आग्रह किया है।1
- बाराबंकी जिले में सोमवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सतरिख थाना क्षेत्र के गेहेंदवर गांव के पास एक खेत में लगे चिलवल के पेड़ से एक प्रेमी युगल के शव लटके हुए मिले। इस सूचना के तुरंत बाद सतरिख पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मौजूदगी में दोनों शवों को नीचे उतरवाया। पुलिस ने सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर पंचनामा भरा और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक युवक की पहचान गेहेंदवर गांव के निवासी रोहित के रूप में हुई है। हालांकि, युवती की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है, लेकिन बताया जा रहा है कि वह लोनीकटरा थाना क्षेत्र की रहने वाली थी। ग्रामीणों के अनुसार, मृतक रोहित की शादी लगभग एक वर्ष पहले ही हुई थी, जिसने इस घटना को और अधिक चर्चा का विषय बना दिया है। इस हृदय विदारक घटना के बाद दोनों परिवारों में गहरा कोहराम मचा हुआ है, और पूरे इलाके में इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं, जिससे सनसनी का माहौल बना हुआ है। पुलिस इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और हर पहलू पर गौर कर रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा।4
- बाराबंकी जनपद में चल रही सड़क चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण परियोजनाओं का जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने रविवार, 25 मई को स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और सड़क सुरक्षा मानकों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि शेष कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए। जिलाधिकारी ने सबसे पहले लखनऊ-कुर्सी-महमूदाबाद मार्ग के किलोमीटर 19 से 51 तक चल रहे दो लेन पेव्ड शोल्डर और चार लेन चौड़ीकरण कार्य का जायजा लिया। करीब 33 किलोमीटर लंबी इस परियोजना में नाले एवं नहरों पर बन रहे सेतु कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए, साथ ही परियोजना से जुड़े सभी शेष कार्यों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा गया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने मौके पर कार्यरत श्रमिकों की संख्या का सत्यापन कराया और निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए श्रमिकों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्युत पोल शिफ्टिंग, वृक्ष पातन और मिट्टी पटाई जैसे लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने को भी कहा। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देते हुए, जिलाधिकारी ने आरओडब्ल्यू क्षेत्र में अधूरे छोड़े गए छोटे कार्यों पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सड़क सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए और संभावित ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई समय पर की जाए। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने विकास खंड निन्दूरा क्षेत्र में बद्दुपुर-खिजना मोड़ से मल्लावा मार्ग तक चल रहे चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्यों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान पुलिया निर्माण, ड्रेनेज व्यवस्था और अन्य निर्माण गतिविधियों की समीक्षा की गई। निरीक्षण के समय पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड-3 के अधिशासी अभियंता राजीव राय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।3
- बहराइच जिले के सरवा गाँव में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ अपने घर के बरामदे में सो रहे मजदूर पिंटू मौर्या पर जानलेवा हमला किया गया। पीड़ित परिजनों ने गाँव के ही अजय मौर्या पर धारदार किसी चीज से हमला करने का आरोप लगाया है। पिंटू मौर्या ने बताया कि जब वे सो रहे थे, तभी अजय मौर्या ने उन पर हमला कर दिया। इस घटना के पीछे दो बिस्वा जमीन का एक पुराना विवाद बताया जा रहा है, जिसे लेकर आरोपी पहले भी पिंटू को जान से मारने की धमकी दे चुका था। हमले के बाद चीख-पुकार सुनकर जब तक लोग इकट्ठा हुए, आरोपी मौके से फरार हो गया। हमले में गंभीर रूप से घायल पिंटू मौर्या को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने पीड़ित के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी अजय मौर्या की तलाश शुरू कर दी है।1
- बाराबंकी जनपद के असंद्रा बाजार में सोमवार को आयोजित विशाल जनचौपाल में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य सत्येंद्र कुमार बारी "बीनू" ने हजारों ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही त्वरित एवं प्रभावी समाधान के कड़े निर्देश दिए। जनचौपाल में लोगों की समस्याओं का तत्काल निस्तारण होते देख ग्रामीणों में विशेष उत्साह और विश्वास देखने को मिला, जिससे "न्याय अब जनता के द्वार" का संदेश साकार हुआ। अपने संबोधन में सत्येंद्र कुमार बारी ने कहा कि उनका संकल्प है कि प्रदेश का कोई भी पीड़ित, वंचित और जरूरतमंद व्यक्ति न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर न हो, क्योंकि जनता की सेवा ही उनका सर्वोच्च दायित्व है। इसी क्रम में, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा चलाए जा रहे "आयोग आपके द्वार" अभियान के तहत प्रदेश के विभिन्न जनपदों में जन सहायता केंद्र और जन संपर्क कार्यालय स्थापित किए जा रहे हैं। बाराबंकी प्रदेश का 30वां जनपद बना, जहाँ असंद्रा बाजार में जन संपर्क कार्यालय की स्थापना की गई, जिसका उद्देश्य ग्रामीण एवं पिछड़े वर्ग के लोगों को स्थानीय स्तर पर ही सहायता और न्याय उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए राजधानी या आयोग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इस जनचौपाल में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों की बड़ी भागीदारी रही, जिनमें विधायक दिनेश रावत, ब्लॉक प्रमुख आरती रावत, मंडल अध्यक्ष शशांक, उप जिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी सहित कई थाना अध्यक्ष, खंड विकास अधिकारी, बिजली विभाग एवं पीआरडी विभाग के अधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, लेखपाल और ग्राम सचिव उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने सड़क, बिजली, राजस्व, पेंशन, आवास, भूमि विवाद और सामाजिक योजनाओं से जुड़ी समस्याएं रखीं, जिनके समाधान के लिए संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। यह जनचौपाल वास्तव में जनसमस्याओं के समाधान का एक बड़ा और प्रभावी मंच सिद्ध हुई।1
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के बहुचर्चित माती चौकी बवाल कांड में आखिरकार 11 साल बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाया है। चौकी में आगजनी, लूटपाट, पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में कोर्ट ने 22 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को 7-7 साल कैद की सजा सुनाई है। इस फैसले के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। यह मामला वर्ष 2015 का है, जब जमीन के पैसों के विवाद में देवा थाने के सिपाही प्रभुनाथ यादव पर सुभाष राजवंशी की बेरहमी से पिटाई करने का आरोप लगा था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। सुभाष की मौत की खबर फैलते ही लोगों का गुस्सा भड़क उठा और भारी भीड़ ने माती चौकी का घेराव कर दिया। विरोध प्रदर्शन जल्द ही हिंसक हो गया, और भीड़ ने चौकी में तोड़फोड़ की, आगजनी की और लूटपाट शुरू कर दी। इस दौरान पुलिसकर्मियों पर भी हमला किया गया और सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया गया। पुलिस ने इस मामले में आईपीसी की कई गंभीर धाराओं के साथ-साथ सीएलए एक्ट और लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया था। कुल 24 लोगों को नामजद किया गया था, जबकि लगभग 150 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया था। सुनवाई के लंबे दौर और गवाहों के बयानों के बाद, जिसमें दो आरोपियों की मौत भी हो चुकी है, अदालत ने अंततः 22 आरोपियों को दोषी करार देते हुए उन्हें सजा सुनाई।2