पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी के निर्देश पर चतरा में मादक पदार्थों, विशेषकर अफीम और गांजा के खिलाफ एक बड़ा जागरूकता अभियान चलाया गया। गुरुवार को राजपुर पुलिस और चतरा एनडीपीएस थाना के संयुक्त तत्वावधान में बीके+2 उच्च विद्यालय कान्हाचट्टी में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान के तहत, सहायक पुलिस के जवानों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से छात्रों और शिक्षकों को नशे के शारीरिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर, अंचल अधिकारी कान्हाचट्टी मनोज कुमार गोप ने अपने संबोधन में कहा कि नशा केवल शरीर को ही नहीं, बल्कि पूरे समाज को खोखला कर रहा है। उन्होंने बच्चों को देश का भविष्य बताते हुए यह भी कहा कि नशे के चंगुल में फंसे लोगों को जागरूक करना उनका नैतिक दायित्व है। राजपुर थाना प्रभारी रूपेश कुमार ने उपस्थित ग्रामीणों से विशेष अपील की कि यदि उन्हें अपने आसपास कहीं भी अफीम या गांजा की खेती दिखाई दे, तो वे तत्काल इसकी सूचना थाना प्रभारी या अंचल अधिकारी को दें। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में अजीत मेहता, अरविंद कुमार, गौतम कुमार, सबिता कुमारी, करिश्मा कुमारी सहित कई शिक्षक और छात्र उपस्थित रहे। अभियान के समापन पर, कान्हाचट्टी स्थित बीके+2 स्कूल के बच्चों ने मादक पदार्थों से दूर रहने और समाज को जागरूक करने की शपथ ली।
पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी के निर्देश पर चतरा में मादक पदार्थों, विशेषकर अफीम और गांजा के खिलाफ एक बड़ा जागरूकता अभियान चलाया गया। गुरुवार को राजपुर पुलिस और चतरा एनडीपीएस थाना के संयुक्त तत्वावधान में बीके+2 उच्च विद्यालय कान्हाचट्टी में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान के तहत, सहायक पुलिस के जवानों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से छात्रों और शिक्षकों को नशे के शारीरिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर, अंचल अधिकारी कान्हाचट्टी मनोज कुमार गोप ने अपने संबोधन में कहा कि नशा केवल शरीर को ही नहीं, बल्कि पूरे समाज को खोखला कर रहा है। उन्होंने बच्चों को देश का भविष्य बताते हुए यह भी कहा कि नशे के चंगुल में फंसे लोगों को जागरूक करना उनका नैतिक दायित्व है। राजपुर थाना प्रभारी रूपेश कुमार ने उपस्थित ग्रामीणों से विशेष अपील की कि यदि उन्हें अपने आसपास कहीं भी अफीम या गांजा की खेती दिखाई दे, तो वे तत्काल इसकी सूचना थाना प्रभारी या अंचल अधिकारी को दें। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में अजीत मेहता, अरविंद कुमार, गौतम कुमार, सबिता कुमारी, करिश्मा कुमारी सहित कई शिक्षक और छात्र उपस्थित रहे। अभियान के समापन पर, कान्हाचट्टी स्थित बीके+2 स्कूल के बच्चों ने मादक पदार्थों से दूर रहने और समाज को जागरूक करने की शपथ ली।
- गया जिले के बाराचट्टी में वन विभाग की टीम ने अवैध रूप से जंगली लकड़ी ले जा रहे चार टेंपो को जब्त कर लिया है। विभाग ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए टेंपो चालकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।1
- पलामू जिले के हुसैनाबाद प्रखंड में मुखिया और पंचायत सचिव के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन के दौरान लोगों ने नाम लेकर 'मुर्दाबाद' के नारे लगाए, जिसमें मुखिया और पंचायत सचिव को निशाना बनाया गया।1
- *चकला में धरना प्रदर्शन के दौरान पत्रकार से उलझे कंपनी प्रतिनिधि, वीडियो बनाने से रोकने का आरोप* चंदवा संवाददाता बाना चकला स्थित रेशमी मेटालिक्स कंपनी के मुख्य द्वार पर पुराने मैनपावर कर्मियों द्वारा रोजगार की मांग को लेकर जारी धरना-प्रदर्शन के दौरान गुरुवार को उस समय विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब समाचार संकलन के लिए पहुंचे पत्रकार और कंपनी के प्रतिनिधि अनुज मुखर्जी के बीच बहस हो गई।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार,पत्रकार धरना-प्रदर्शन से संबंधित दृश्य और धरनारत कर्मियों की प्रतिक्रियाएं रिकॉर्ड कर रहे थे। इसी दौरान कंपनी प्रतिनिधि अनुज मुखर्जी वार्ता के लिए धरना स्थल पहुंचे। पत्रकारों का आरोप है कि जब उन्होंने कंपनी का पक्ष जानने के लिए वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू की,तो अनुज मुखर्जी ने रिकॉर्डिंग पर आपत्ति जताई और वीडियो बनाने से रोकने का प्रयास किया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच कुछ देर तक बहस होती रही।हालांकि, बाद में स्थिति सामान्य हो गई और पत्रकारों ने अपना समाचार संकलन कार्य जारी रखा।धरनारत कर्मियों ने कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से चल रहा है तथा मीडिया को घटनास्थल की वास्तविक स्थिति जनता तक पहुंचाने का पूरा अधिकार है।इस मामले में कंपनी प्रबंधन की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी थी।घटना को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है।1
- गया नगर निगम द्वारा गया शहर के चौक-चौराहों पर गुंबद और विभिन्न आकृतियों का निर्माण कार्य किया जा रहा है, जिनमें से कुछ स्थानों पर ये संरचनाएँ पहले ही बन चुकी हैं। ये सभी गुंबद और आकृतियाँ विशेष रंग-बिरंगी लाइटों से सजाई गई हैं, जो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का एक प्रमुख केंद्र बन रही हैं। शहर के काशीनाथ मोड़, पीर मंसूर मोड़, सर्किट हाउस के पास, जयप्रकाश झरना के पास, टावर चौक और देवघाट जैसे कई प्रमुख स्थानों पर ये निर्माण कार्य किए गए हैं। इन गुंबदों और आकृतियों के बनने से गया शहर की पहचान बदल रही है और ये आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होंगे।1
- कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत को एक पत्र लिखकर राज्य में संगठन की गतिविधियों की कानूनी वैधता पर सवाल उठाया है। खड़गे ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि राज्य में आरएसएस द्वारा यूनिफॉर्म पहनकर 500 से ज़्यादा मार्च आयोजित किए जाते हैं और 4000 से ज़्यादा 'शाखाएं' लगती हैं। उन्होंने सीधे तौर पर पूछा है कि जब आरएसएस एक पंजीकृत संगठन नहीं है, तो वह किस कानून के तहत इस तरह की गतिविधियां संचालित कर रहा है।1
- बिहार के कृषि मंत्री सह गया जिले के प्रभारी मंत्री, माननीय श्री विजय कुमार सिन्हा ने आज दिनांक 18 जून 2026 को कृषि विज्ञान केंद्र, मानपुर, गया के प्रशिक्षण भवन, सभागार में 'खेत बचाओ अभियान -सह- कृषि जन कल्याण चौपाल एवं संवाद' का दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया। इस अवसर पर वजीरगंज के विधायक माननीय श्री बीरेन्द्र सिंह और गया के जिला पदाधिकारी श्री शशांक शुभंकर भी मंच पर उपस्थित रहे। मंत्री सिन्हा ने सभागार में उपस्थित 400 से अधिक किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों को अपनी खेतों की मिट्टी की नियमित जांच करानी चाहिए और मृदा स्वास्थ्य कार्ड की अनुशंसा के अनुसार ही उर्वरकों का संतुलित उपयोग करना चाहिए, जिससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनी रहे तथा खेती की लागत घटे। उन्होंने एल नीनो के कारण कम वर्षा के पूर्वानुमान को देखते हुए धान की सीधी बुआई को प्राथमिकता देने और इस विधि का अधिक प्रशिक्षण कराने पर जोर दिया। मंत्री ने यह भी सुझाव दिया कि जिन किसानों ने पूर्व में सीधी बुआई से खेती की है, उनके खेतों में अन्य किसानों का परिभ्रमण कराकर उन्हें इसके लाभ की जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि कैंसर और अन्य असाध्य बीमारियाँ प्रकृति के साथ छेड़छाड़ के कारण आम हो गई हैं, इनसे बचाव के लिए किसानों को अपने कम से कम एक चौथाई खेतों में प्राकृतिक खेती अपनानी चाहिए। मंत्री ने जीवामृत, बीजामृत, नीमास्त्र, आच्छादन जैसी विधियों का उपयोग कर खेत तथा पर्यावरण को बचाने और प्रकृति के साथ संतुलन बनाए रखने की अपील की। उन्होंने प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को सम्मानित करने का आश्वासन भी दिया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने किसानों से एग्री स्टैक योजना के तहत अपना फार्मर आईडी बनवाने और यदि उनकी जमीन का परिमार्जन नहीं हुआ है, तो प्रत्येक दूसरे एवं चौथे को लगने वाले सहयोग-सह-जन कल्याण शिविर में आवेदन कर अपनी जमीन का परिमार्जन कराने का आग्रह किया। इस दौरान, वजीरगंज के विधायक श्री बीरेन्द्र सिंह ने स्वयं को मूलतः किसान बताते हुए अपने 25 प्रतिशत खेतों में प्राकृतिक तरीके से खेती करने का संकल्प लिया। किसानों द्वारा सब्जियों का उचित मूल्य नहीं मिलने की समस्या पर, जिला पदाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने घोषणा की कि गया जिले के 14 प्रखंडों में जल्द ही सब्जी प्रसंस्करण इकाइयाँ बनकर तैयार होंगी, जिनमें कोल्ड स्टोरेज की भी व्यवस्था होगी, जिससे किसानों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य मिल सकेगा। कार्यक्रम में कृषि मंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री प्रशांत कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी सह परियोजना निदेशक, आत्मा श्री संजीव कुमार, वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान कृषि विज्ञान केंद्र, मानपुर ई॰ मनोज कुमार राय सहित कई अन्य अधिकारी और वैज्ञानिक भी उपस्थित थे।1
- चतरा जिले के कान्हाचट्टी प्रखंड की चारु पंचायत के आरुगड़ा इस्लामपुर गांव में एक सरकारी चापानल को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। गांव के मोहम्मद वाहिद नामक व्यक्ति ने इस चापानल में अपना निजी मोटर लगाकर पानी का उपयोग कर रहा था, जिसके कारण गांव के करीब 20 परिवार पीने के पानी की सुविधा से वंचित हो रहे थे। इस मामले की खबर पब्लिक ऐप पर प्रकाशित होने के तुरंत बाद प्रशासन हरकत में आया। चतरा अनुमंडल पदाधिकारी जहूर आलम और कान्हाचट्टी के BDO सुनील प्रकाश ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चापानल से अवैध मोटर को हटवाया और सरकारी संपत्ति को अतिक्रमण से मुक्त कराया। इस कार्रवाई के बाद, ग्रामीणों ने प्रशासन की तत्परता की सराहना की और आभार व्यक्त किया। अब गांव के सभी 20 परिवारों को पीने के पानी की सुविधा सुचारू रूप से मिल रही है।1
- कभी नक्सल प्रभावित रहे दुरुप ग्राम पंचायत को अब मूलभूत समस्याओं ने घेर लिया है। लातेहार जिले के महुआडार प्रखंड के अंतर्गत, शृंखलाबद्ध पहाड़ियों, नदी-नालों और घने जंगलों के बीच स्थित इस पंचायत के कई गांवों और टोलों तक पहुँचने के लिए कोई सड़क नहीं है। इसके साथ ही, गांव में नल-जल योजना के तहत बनाए गए आधे से अधिक जल मीनार केवल खड़े शोपीस बने हुए हैं, जिससे ग्रामीणों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। शाम होते ही पूरे गांव में अंधेरा छा जाता है, क्योंकि यहाँ बिजली की कोई व्यवस्था नहीं है, जो यहाँ के लोगों के जीवन को और कठिन बना देती है।1
- शिक्षा मंत्री जी ने आज बक्सर से एक बार फिर स्पष्ट किया है कि शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर महत्वपूर्ण प्रक्रिया तय समय-सीमा में पूरी की जाएगी। उनके अनुसार, 24 जून को स्थानांतरण नियमावली जारी कर दी जाएगी और 30 जून तक स्थानांतरण की पूरी प्रक्रिया समाप्त कर ली जाएगी। इसके बाद, 1 जुलाई से सभी शिक्षक अपने नए विद्यालयों में योगदान देना शुरू करेंगे।1