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दारू: दलित अर्जुन भुइया का दर्द... दारू: दलित अर्जुन भुइया का रहने का आवास नहीं सरकारी स्कूल में रहने को मजबुर लागा रहे गुहार...
BaरKaट्ठा Ki आwaज
दारू: दलित अर्जुन भुइया का दर्द... दारू: दलित अर्जुन भुइया का रहने का आवास नहीं सरकारी स्कूल में रहने को मजबुर लागा रहे गुहार...
- BaरKaट्ठा Ki आwaजBarkatha, Hazaribagh😢1 hr ago
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- Post by BaरKaट्ठा Ki आwaज1
- #sachtakjharkhandnews #nonfollower #sonu_mehta #bishnugarh #hazaribagh #jharkhand1
- हजारीबाग भारत माता चौक के समीप हुई बड़ी दुर्घटना, घटना की सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना पुलिस अपने जीप में ही दूसरे गंभीर व्यक्ति को खुद से ले जाकर एडमिट करवाया, प्रत्यक्ष दर्शियों ने कहा नेशनल हाईवे के द्वारा सड़क काट दिए जाने के कारण लापरवाही से मांडू की ओर से आ रही टू व्हीलर वाहन सवार एक की मौत दूसरा क्षितिज हॉस्पिटल में इलाजरत, वहीं प्रत्यक्षदर्शियों ने यह भी कहा कि मोटरसाइकिल और छोटी फोर व्हीलर वाहन में टक्कर हुई, प्रत्यक्ष दर्शियों ने सांसद और विधायक को भी खूब कोसा, कहा यह जो दुर्घटना घटी है यह कोई आम दुर्घटना नहीं है पूर्व में भी इस रोड में कई बार दुर्घटनाएं घट चुकी हैं मगर कोई सुध लेने वाला नहीं है बेटा हर किसी का हो सकता है सोचिए उसे घर में आज कैसा माहौल होगा जब वह अपने पुत्र की दुर्घटना में मौत की खबर सुनेगा जबकि नेशनल हाईवे के द्वारा कई दिनों से सड़क काटकर छोड़ दिया गया है पूर्व में भी कई दुर्घटनाएं घट चुकी है मगर नेशनल हाईवे कान में तेल डालकर सोया हुआ हैआय दिन दुर्घटनाएं घट रही है लोग मर रहे हैं कोई सुध लेने वाला नहीं है।1
- परसाबाद में ग्रामीणों ने बच्चा चोर समझकर एक युवक की कर दी पिटाई, पुलिस ने इलाज के लिए लाया स्वास्थ्य केंद्र, लेकिन रात्रि में डॉक्टर नहीं रहने के कारण ले जाना पड़ा सदर #कोडरमा1
- Post by BITTU JOURNALIST1
- 📍 हजारीबाग के जामा मस्जिद रोड, इमामबाड़ा के पास रमजान के महीने में इमरती की दुकान पर हर शाम लगता है खरीदारों का जन सैलाब। इफ्तार से पहले गरमा-गरम इमरती और जलेबी लेने के लिए लोगों की लंबी कतारें इस बात का सबूत हैं कि रमजान में मिठास की अपनी अलग ही अहमियत है। 🍥 इमरती और जलेबी — दिखने में एक जैसी, लेकिन स्वाद में अलग पहचान 🔸 बनाने का तरीका: जलेबी मैदे के घोल से बनाई जाती है, जबकि इमरती बिना छिलके वाली उड़द दाल के पेस्ट से तैयार होती है। 🔸 बनावट और स्वाद: मैदे की वजह से जलेबी बाहर से कुरकुरी (Crispy) और हल्की खट्टी होती है, क्योंकि इसमें खमीर (Fermentation) होता है। वहीं दाल से बनी इमरती मुलायम, स्पंजी और रसीली होती है। 🔸 आकार: जलेबी का आकार टेढ़ा-मेढ़ा (Chaotic swirls) होता है, जबकि इमरती को फूल जैसे सुंदर गोल छल्लों के डिजाइन में बनाया जाता है। 🔸 उत्पत्ति: जलेबी की जड़ें पर्शिया (ईरान) से जुड़ी हैं, जहाँ इसे “जुलाबिया” कहा जाता था। जबकि इमरती पूरी तरह भारतीय मिठाई है, जिसे मुगल काल में भारत में ही विकसित किया गया। 🔸 सेहत के नजरिए से: इमरती में दाल होने के कारण प्रोटीन और फाइबर की मात्रा थोड़ी अधिक होती है, जबकि जलेबी में फाइबर नहीं के बराबर होता है। ✨ रमजान के इस पवित्र महीने में इफ्तार की थाली हो और उसमें गरमा-गरम इमरती या जलेबी न हो, ऐसा कैसे हो सकता है? आप इफ्तार में क्या पसंद करते हैं — इमरती ❤️ या जलेबी 💛? कमेंट में जरूर बताएं! #hazaribagh #ramzan2026 #imarti #jalebi #iftarspecial #hazaribaghnews #ramzannews #love #fyp1
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- Post by BaरKaट्ठा Ki आwaज1