छत्तीसगढ़ में सरकारी राशन के लिए अब उपभोक्ताओं को लंबी कतारों में लगने और दुकानों के खुलने का इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी। राज्य सरकार और वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के संयुक्त प्रयास से प्रदेश में जल्द ही ग्रेन एटीएम (अनाज एटीएम) की सुविधा शुरू होने जा रही है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत इस आधुनिक व्यवस्था की शुरुआत बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग में की जा रही है, जिसके जरिए राशन कार्डधारक शुरुआती दौर में अपनी सुविधा के अनुसार 12 घंटे सरकारी राशन प्राप्त कर सकेंगे। बिलासपुर के सीपत रोड स्थित पटवारी प्रशिक्षण केंद्र के पास इस एटीएम को लगाने का काम अंतिम चरण में है। इस मशीन का उपयोग बैंक एटीएम की तरह ही होगा। हितग्राहियों को मशीन में केवल अपना राशन कार्ड नंबर या आधार नंबर दर्ज करना होगा और बायोमेट्रिक सत्यापन पूरा होते ही उनके हिस्से का निर्धारित अनाज मशीन से बाहर आ जाएगा। बिलासपुर के फूड कंट्रोलर अमृत कुजूर ने इस नई व्यवस्था की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि इस नई प्रणाली से सार्वजनिक वितरण प्रणाली और अधिक पारदर्शी तथा सुविधाजनक बनेगी। यदि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो भविष्य में इसे छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा जिससे उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी।
छत्तीसगढ़ में सरकारी राशन के लिए अब उपभोक्ताओं को लंबी कतारों में लगने और दुकानों के खुलने का इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी। राज्य सरकार और वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के संयुक्त प्रयास से प्रदेश में जल्द ही ग्रेन एटीएम (अनाज एटीएम) की सुविधा शुरू होने जा रही है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत इस आधुनिक व्यवस्था की शुरुआत बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग में की जा रही है, जिसके जरिए राशन कार्डधारक शुरुआती दौर में अपनी सुविधा के अनुसार 12 घंटे सरकारी राशन प्राप्त कर सकेंगे। बिलासपुर के सीपत रोड स्थित पटवारी प्रशिक्षण केंद्र के पास इस एटीएम को लगाने का काम अंतिम चरण में है। इस मशीन का उपयोग बैंक एटीएम की तरह ही होगा। हितग्राहियों को मशीन में केवल अपना राशन कार्ड नंबर या आधार नंबर दर्ज करना होगा और बायोमेट्रिक सत्यापन पूरा होते ही उनके हिस्से का निर्धारित अनाज मशीन से बाहर आ जाएगा। बिलासपुर के फूड कंट्रोलर अमृत कुजूर ने इस नई व्यवस्था की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि इस नई प्रणाली से सार्वजनिक वितरण प्रणाली और अधिक पारदर्शी तथा सुविधाजनक बनेगी। यदि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो भविष्य में इसे छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा जिससे उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी।
- बिलासपुर में अपोलो हॉस्पिटल के खिलाफ कांग्रेस ने जमकर हंगामा किया है। कांग्रेस ने अस्पताल प्रबंधन पर एक मरीज की शिफ्टिंग के दौरान गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।1
- छत्तीसगढ़ के कोरबा में अपोलो अस्पताल के खिलाफ कांग्रेस ने जमकर हंगामा किया है। कांग्रेस की ओर से अस्पताल पर एक मरीज की शिफ्टिंग में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए गए हैं। मरीज की शिफ्टिंग के दौरान हुई इसी लापरवाही के विरोध में कांग्रेस द्वारा यह हंगामा किया गया।1
- छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के उदयपुर क्षेत्र में आज मौसम का तापमान काफी अधिक है और तेज धूप निकली हुई है। ऐसी भीषण धूप को लेकर चिंता जताई जा रही है कि यदि दो-चार दिन और ऐसी ही स्थिति रही, तो खेतों में लगाई जा रही धान की फसल पूरी तरह मुरझा जाएगी और जमीन सूख जाएगी। हालांकि, अत्यधिक तापमान और इस भीषण धूप के बीच यह संभावना भी जताई जा रही है कि कुछ समय में बारिश हो सकती है।1
- बिलासपुर रेंज साइबर थाना पुलिस को डिजिटल अरेस्ट के नाम पर एक बुजुर्ग महिला से ₹1.04 करोड़ 80 हजार की बड़ी साइबर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसके बाद इस हाई-प्रोफाइल ठगी मामले में गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या बढ़कर 8 हो गई है। यह मामला 20 अप्रैल 2026 का है, जब बिलासपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के शांतिनगर, मंगला चौक की रहने वाली 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला को व्हाट्सएप मैसेज और वीडियो कॉल के जरिए ठगों ने संपर्क किया था। आरोपियों ने खुद को केंद्रीय जांच एजेंसी का अधिकारी बताते हुए महिला को डराया कि उनका नाम एक आतंकी संगठन से जुड़ा है और उन पर मनी ट्रांसफर करने का आरोप है। गिरफ्तारी और जेल भेजने का भय दिखाकर बुजुर्ग महिला को करीब 2 घंटे 16 मिनट तक तथाकथित "डिजिटल अरेस्ट" में रखा गया और मानसिक दबाव बनाकर उनसे अलग-अलग बैंक खातों में कुल ₹1,04,80,000 ट्रांसफर करा लिए गए। शिकायत मिलने के बाद रेंज साइबर थाना बिलासपुर ने तकनीकी जांच, बैंकिंग ट्रेल और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई शुरू की। पहले छह आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मिले नए सबूतों के आधार पर पुलिस ने महाराष्ट्र के नागपुर से दो और आरोपियों को दबोचा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 38 वर्षीय राहुल प्रकाश कामडी (निवासी ताजेश्वर नगर, हुडकेश्वर नाका, नागपुर) और 27 वर्षीय गौरव रमाकांत मिश्रा (निवासी वसंत नगर, अंजनी, नागपुर) के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है और पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। यह पूरी कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह और नोडल अधिकारी आईपीएस गगन कुमार के मार्गदर्शन में रेंज साइबर थाना बिलासपुर की टीम ने की, जिसमें निरीक्षक कामिल हक और प्रभारी प्रसाद सिन्हा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बिलासपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि कोई भी सरकारी एजेंसी, पुलिस, सीबीआई, ईडी, एनसीबी या न्यायालय कभी भी फोन या वीडियो कॉल के जरिए "डिजिटल अरेस्ट" नहीं करती। यदि कोई व्यक्ति सरकारी अधिकारी बनकर पैसे मांगता है, तो तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।1
- बिलासपुर में कॉलेज छात्र पीयूष गंगवानी से कथित लूट के मामले में पुलिस ने कथित बिल्डर नरेंद्र मोटवानी को गिरफ्तार कर लिया है। SSP रजनेश सिंह के निर्देश पर पचपेड़ी पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया है। अब पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेजने की तैयारी कर रही है। आरोपी का पुराना रिकॉर्ड भी रहा है और उसके खिलाफ पहले से ही चार FIR दर्ज हैं। इसके अलावा, पुलिस के खिलाफ आरोपी का एक कथित आपत्तिजनक ऑडियो भी पहले वायरल हो चुका है।1
- बिलासपुर में लोकतंत्र सेनानी सुरेंद्र ढोड़ी को अंतिम विदाई दी गई, जिसके बाद पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।1
- छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के मालखरौदा में स्कूल से लौट रहे छात्रों पर हमला हुआ है। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद से हड़कंप मच गया है। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।1