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बिलासपुर रेंज साइबर थाना पुलिस को डिजिटल अरेस्ट के नाम पर एक बुजुर्ग महिला से ₹1.04 करोड़ 80 हजार की बड़ी साइबर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसके बाद इस हाई-प्रोफाइल ठगी मामले में गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या बढ़कर 8 हो गई है। यह मामला 20 अप्रैल 2026 का है, जब बिलासपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के शांतिनगर, मंगला चौक की रहने वाली 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला को व्हाट्सएप मैसेज और वीडियो कॉल के जरिए ठगों ने संपर्क किया था। आरोपियों ने खुद को केंद्रीय जांच एजेंसी का अधिकारी बताते हुए महिला को डराया कि उनका नाम एक आतंकी संगठन से जुड़ा है और उन पर मनी ट्रांसफर करने का आरोप है। गिरफ्तारी और जेल भेजने का भय दिखाकर बुजुर्ग महिला को करीब 2 घंटे 16 मिनट तक तथाकथित "डिजिटल अरेस्ट" में रखा गया और मानसिक दबाव बनाकर उनसे अलग-अलग बैंक खातों में कुल ₹1,04,80,000 ट्रांसफर करा लिए गए। शिकायत मिलने के बाद रेंज साइबर थाना बिलासपुर ने तकनीकी जांच, बैंकिंग ट्रेल और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई शुरू की। पहले छह आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मिले नए सबूतों के आधार पर पुलिस ने महाराष्ट्र के नागपुर से दो और आरोपियों को दबोचा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 38 वर्षीय राहुल प्रकाश कामडी (निवासी ताजेश्वर नगर, हुडकेश्वर नाका, नागपुर) और 27 वर्षीय गौरव रमाकांत मिश्रा (निवासी वसंत नगर, अंजनी, नागपुर) के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है और पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। यह पूरी कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह और नोडल अधिकारी आईपीएस गगन कुमार के मार्गदर्शन में रेंज साइबर थाना बिलासपुर की टीम ने की, जिसमें निरीक्षक कामिल हक और प्रभारी प्रसाद सिन्हा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बिलासपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि कोई भी सरकारी एजेंसी, पुलिस, सीबीआई, ईडी, एनसीबी या न्यायालय कभी भी फोन या वीडियो कॉल के जरिए "डिजिटल अरेस्ट" नहीं करती। यदि कोई व्यक्ति सरकारी अधिकारी बनकर पैसे मांगता है, तो तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।

3 hrs ago
user_Sheikh Sarfaraz Ahamad
Sheikh Sarfaraz Ahamad
Newspaper publisher बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
3 hrs ago

बिलासपुर रेंज साइबर थाना पुलिस को डिजिटल अरेस्ट के नाम पर एक बुजुर्ग महिला से ₹1.04 करोड़ 80 हजार की बड़ी साइबर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसके बाद इस हाई-प्रोफाइल ठगी मामले में गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या बढ़कर 8 हो गई है। यह मामला 20 अप्रैल 2026 का है, जब बिलासपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के शांतिनगर, मंगला चौक की रहने वाली 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला को व्हाट्सएप मैसेज और वीडियो कॉल के जरिए ठगों ने संपर्क किया था। आरोपियों ने खुद को केंद्रीय जांच एजेंसी का अधिकारी बताते हुए महिला को डराया कि उनका नाम एक आतंकी संगठन से जुड़ा है और उन पर मनी ट्रांसफर करने का आरोप है। गिरफ्तारी और जेल भेजने का भय दिखाकर बुजुर्ग महिला को करीब 2 घंटे 16 मिनट तक तथाकथित "डिजिटल अरेस्ट" में रखा गया और मानसिक दबाव बनाकर उनसे अलग-अलग बैंक खातों में कुल ₹1,04,80,000 ट्रांसफर करा लिए गए। शिकायत मिलने के बाद रेंज साइबर थाना बिलासपुर ने तकनीकी जांच, बैंकिंग ट्रेल और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई शुरू की। पहले छह आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मिले नए सबूतों के आधार पर पुलिस ने महाराष्ट्र के नागपुर से दो और आरोपियों को दबोचा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 38 वर्षीय राहुल प्रकाश कामडी (निवासी ताजेश्वर नगर, हुडकेश्वर नाका, नागपुर) और 27 वर्षीय गौरव रमाकांत मिश्रा (निवासी वसंत नगर, अंजनी, नागपुर) के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है और पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। यह पूरी कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह और नोडल अधिकारी आईपीएस गगन कुमार के मार्गदर्शन में रेंज साइबर थाना बिलासपुर की टीम ने की, जिसमें निरीक्षक कामिल हक और प्रभारी प्रसाद सिन्हा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बिलासपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि कोई भी सरकारी एजेंसी, पुलिस, सीबीआई, ईडी, एनसीबी या न्यायालय कभी भी फोन या वीडियो कॉल के जरिए "डिजिटल अरेस्ट" नहीं करती। यदि कोई व्यक्ति सरकारी अधिकारी बनकर पैसे मांगता है, तो तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।

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  • बिलासपुर रेंज साइबर थाना पुलिस को डिजिटल अरेस्ट के नाम पर एक बुजुर्ग महिला से ₹1.04 करोड़ 80 हजार की बड़ी साइबर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसके बाद इस हाई-प्रोफाइल ठगी मामले में गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या बढ़कर 8 हो गई है। यह मामला 20 अप्रैल 2026 का है, जब बिलासपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के शांतिनगर, मंगला चौक की रहने वाली 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला को व्हाट्सएप मैसेज और वीडियो कॉल के जरिए ठगों ने संपर्क किया था। आरोपियों ने खुद को केंद्रीय जांच एजेंसी का अधिकारी बताते हुए महिला को डराया कि उनका नाम एक आतंकी संगठन से जुड़ा है और उन पर मनी ट्रांसफर करने का आरोप है। गिरफ्तारी और जेल भेजने का भय दिखाकर बुजुर्ग महिला को करीब 2 घंटे 16 मिनट तक तथाकथित "डिजिटल अरेस्ट" में रखा गया और मानसिक दबाव बनाकर उनसे अलग-अलग बैंक खातों में कुल ₹1,04,80,000 ट्रांसफर करा लिए गए। शिकायत मिलने के बाद रेंज साइबर थाना बिलासपुर ने तकनीकी जांच, बैंकिंग ट्रेल और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई शुरू की। पहले छह आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मिले नए सबूतों के आधार पर पुलिस ने महाराष्ट्र के नागपुर से दो और आरोपियों को दबोचा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 38 वर्षीय राहुल प्रकाश कामडी (निवासी ताजेश्वर नगर, हुडकेश्वर नाका, नागपुर) और 27 वर्षीय गौरव रमाकांत मिश्रा (निवासी वसंत नगर, अंजनी, नागपुर) के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है और पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। यह पूरी कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह और नोडल अधिकारी आईपीएस गगन कुमार के मार्गदर्शन में रेंज साइबर थाना बिलासपुर की टीम ने की, जिसमें निरीक्षक कामिल हक और प्रभारी प्रसाद सिन्हा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बिलासपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि कोई भी सरकारी एजेंसी, पुलिस, सीबीआई, ईडी, एनसीबी या न्यायालय कभी भी फोन या वीडियो कॉल के जरिए "डिजिटल अरेस्ट" नहीं करती। यदि कोई व्यक्ति सरकारी अधिकारी बनकर पैसे मांगता है, तो तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।
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    बिलासपुर रेंज साइबर थाना पुलिस को डिजिटल अरेस्ट के नाम पर एक बुजुर्ग महिला से ₹1.04 करोड़ 80 हजार की बड़ी साइबर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसके बाद इस हाई-प्रोफाइल ठगी मामले में गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या बढ़कर 8 हो गई है।

यह मामला 20 अप्रैल 2026 का है, जब बिलासपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के शांतिनगर, मंगला चौक की रहने वाली 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला को व्हाट्सएप मैसेज और वीडियो कॉल के जरिए ठगों ने संपर्क किया था। आरोपियों ने खुद को केंद्रीय जांच एजेंसी का अधिकारी बताते हुए महिला को डराया कि उनका नाम एक आतंकी संगठन से जुड़ा है और उन पर मनी ट्रांसफर करने का आरोप है। गिरफ्तारी और जेल भेजने का भय दिखाकर बुजुर्ग महिला को करीब 2 घंटे 16 मिनट तक तथाकथित "डिजिटल अरेस्ट" में रखा गया और मानसिक दबाव बनाकर उनसे अलग-अलग बैंक खातों में कुल ₹1,04,80,000 ट्रांसफर करा लिए गए।

शिकायत मिलने के बाद रेंज साइबर थाना बिलासपुर ने तकनीकी जांच, बैंकिंग ट्रेल और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई शुरू की। पहले छह आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मिले नए सबूतों के आधार पर पुलिस ने महाराष्ट्र के नागपुर से दो और आरोपियों को दबोचा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 38 वर्षीय राहुल प्रकाश कामडी (निवासी ताजेश्वर नगर, हुडकेश्वर नाका, नागपुर) और 27 वर्षीय गौरव रमाकांत मिश्रा (निवासी वसंत नगर, अंजनी, नागपुर) के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है और पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।

यह पूरी कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह और नोडल अधिकारी आईपीएस गगन कुमार के मार्गदर्शन में रेंज साइबर थाना बिलासपुर की टीम ने की, जिसमें निरीक्षक कामिल हक और प्रभारी प्रसाद सिन्हा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बिलासपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि कोई भी सरकारी एजेंसी, पुलिस, सीबीआई, ईडी, एनसीबी या न्यायालय कभी भी फोन या वीडियो कॉल के जरिए "डिजिटल अरेस्ट" नहीं करती। यदि कोई व्यक्ति सरकारी अधिकारी बनकर पैसे मांगता है, तो तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।
    user_Sheikh Sarfaraz Ahamad
    Sheikh Sarfaraz Ahamad
    Newspaper publisher बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
  • बिलासपुर में कॉलेज छात्र पीयूष गंगवानी से कथित लूट के मामले में पुलिस ने कथित बिल्डर नरेंद्र मोटवानी को गिरफ्तार कर लिया है। SSP रजनेश सिंह के निर्देश पर पचपेड़ी पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया है। अब पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेजने की तैयारी कर रही है। आरोपी का पुराना रिकॉर्ड भी रहा है और उसके खिलाफ पहले से ही चार FIR दर्ज हैं। इसके अलावा, पुलिस के खिलाफ आरोपी का एक कथित आपत्तिजनक ऑडियो भी पहले वायरल हो चुका है।
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    बिलासपुर में कॉलेज छात्र पीयूष गंगवानी से कथित लूट के मामले में पुलिस ने कथित बिल्डर नरेंद्र मोटवानी को गिरफ्तार कर लिया है। SSP रजनेश सिंह के निर्देश पर पचपेड़ी पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया है।

अब पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेजने की तैयारी कर रही है। आरोपी का पुराना रिकॉर्ड भी रहा है और उसके खिलाफ पहले से ही चार FIR दर्ज हैं। इसके अलावा, पुलिस के खिलाफ आरोपी का एक कथित आपत्तिजनक ऑडियो भी पहले वायरल हो चुका है।
    user_द संक्षेप
    द संक्षेप
    Media company बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    4 hrs ago
  • बिलासपुर जिले के हिर्री थाना क्षेत्र में लोन दिलाने के नाम पर एक महिला से ₹21,900 की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। नयापारा बोदरी की रहने वाली प्रार्थी कांति बाई उईके (उम्र 45 वर्ष) को हरदी निवासी कविता बाई मानिकपुरी (उम्र 31 वर्ष) मिली और खुद को बैंक से लोन दिलाने का काम करने वाली बताकर झांसा दिया। लोन दिलाने के बहाने कविता ने कांति बाई से आधार कार्ड और पैन कार्ड की फोटोकॉपी ली और 28 सितंबर 2025 से 8 अप्रैल 2026 के बीच फोनपे के माध्यम से करीब ₹20,900 वसूल लिए। इसके बाद 22 अप्रैल 2026 को ₹1,000 नगद भी लिए। काफी समय बीतने के बाद जब लोन पास नहीं हुआ और कांति बाई ने पैसे वापस मांगे, तो कविता टालमटोल करने लगी। बार-बार दबाव बनाने पर उसने केवल ₹5,000 ही वापस किए और बताया कि लोन दिलाने के नाम पर यह पैसा उसने कोटा निवासी राजेश यादव को दिया है। इस धोखाधड़ी को लेकर पीड़ित कांति बाई उईके ने शनिवार शाम 4:50 बजे हिर्री थाने पहुंचकर आरोपी महिला के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। प्रार्थी की रिपोर्ट पर हिर्री पुलिस ने आरोपी कविता मानिकपुरी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर लिया है और पुलिस द्वारा मामले की आगे की विवेचना की जा रही है।
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    बिलासपुर जिले के हिर्री थाना क्षेत्र में लोन दिलाने के नाम पर एक महिला से ₹21,900 की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। नयापारा बोदरी की रहने वाली प्रार्थी कांति बाई उईके (उम्र 45 वर्ष) को हरदी निवासी कविता बाई मानिकपुरी (उम्र 31 वर्ष) मिली और खुद को बैंक से लोन दिलाने का काम करने वाली बताकर झांसा दिया। लोन दिलाने के बहाने कविता ने कांति बाई से आधार कार्ड और पैन कार्ड की फोटोकॉपी ली और 28 सितंबर 2025 से 8 अप्रैल 2026 के बीच फोनपे के माध्यम से करीब ₹20,900 वसूल लिए। इसके बाद 22 अप्रैल 2026 को ₹1,000 नगद भी लिए। काफी समय बीतने के बाद जब लोन पास नहीं हुआ और कांति बाई ने पैसे वापस मांगे, तो कविता टालमटोल करने लगी। बार-बार दबाव बनाने पर उसने केवल ₹5,000 ही वापस किए और बताया कि लोन दिलाने के नाम पर यह पैसा उसने कोटा निवासी राजेश यादव को दिया है।

इस धोखाधड़ी को लेकर पीड़ित कांति बाई उईके ने शनिवार शाम 4:50 बजे हिर्री थाने पहुंचकर आरोपी महिला के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। प्रार्थी की रिपोर्ट पर हिर्री पुलिस ने आरोपी कविता मानिकपुरी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर लिया है और पुलिस द्वारा मामले की आगे की विवेचना की जा रही है।
    user_Patrkar Sarthi
    Patrkar Sarthi
    Reporter Bilha, Bilaspur•
    5 hrs ago
  • सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में अवैध शराब के कारोबारियों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सरसीवा पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई में 7 अलग-अलग मामलों के तहत कुल 117 लीटर कच्ची महुआ शराब, अंग्रेजी शराब और इसे बनाने के उपकरण जब्त किए गए हैं। पुलिस ने पकड़े गए सभी आरोपियों के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। जिले को नशामुक्त बनाने के संकल्प के साथ पुलिस का यह विशेष अभियान लगातार जारी है।
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    सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में अवैध शराब के कारोबारियों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सरसीवा पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई में 7 अलग-अलग मामलों के तहत कुल 117 लीटर कच्ची महुआ शराब, अंग्रेजी शराब और इसे बनाने के उपकरण जब्त किए गए हैं। पुलिस ने पकड़े गए सभी आरोपियों के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। जिले को नशामुक्त बनाने के संकल्प के साथ पुलिस का यह विशेष अभियान लगातार जारी है।
    user_CG RIGHT TIMES NEWS
    CG RIGHT TIMES NEWS
    पत्रकार Pathariya, Mungeli•
    9 hrs ago
  • बलौदाबाजार शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सबमर्सिबल पंपों के केबल वायर चोरी कर दहशत फैलाने वाले एक शातिर सीरियल चोर को सिटी कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी हेमु कुमार सेन (33 वर्ष), निवासी गार्डन चौक, बलौदाबाजार को उस समय घेराबंदी कर हिरासत में लिया, जब वह चोरी का केबल और तांबा वायर एक कबाड़ी दुकान में बेचने की फिराक में ग्राहक तलाश रहा था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर झाड़ियों और झोपड़ीनुमा मकान के पास छिपाकर रखा गया करीब 250 फीट पीवीसी केबल वायर और लगभग 1.500 किलोग्राम तांबे का तार बरामद किया है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने जून और जुलाई माह के दौरान शहर के विभिन्न वार्डों तथा ग्राम करमदा में चोरी की तीन अलग-अलग वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। आरोपी ने वार्ड क्रमांक 17 के पाड़ेपारा स्कूल, लोहिया नगर, रिसदा रोड, वार्ड क्रमांक 20 के बंगला क्षेत्र और ग्राम करमदा के विभिन्न सार्वजनिक व व्यावसायिक परिसरों में लगे सबमर्सिबल पंपों को निशाना बनाकर हजारों रुपये मूल्य के केबल वायर चोरी किए थे। पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई के तहत आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 580/2026, 581/2026 एवं 582/2026 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2) के तहत कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया पूरी की गई। इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक देवेन्द्र देवांगन, महिला प्रधान आरक्षक अन्नपूर्णा बंजारे एवं प्रधान आरक्षक कमल कैवर्त्य की भूमिका सराहनीय रही। इस कार्रवाई से क्षेत्र में केबल चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगने की उम्मीद है।
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    बलौदाबाजार शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सबमर्सिबल पंपों के केबल वायर चोरी कर दहशत फैलाने वाले एक शातिर सीरियल चोर को सिटी कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी हेमु कुमार सेन (33 वर्ष), निवासी गार्डन चौक, बलौदाबाजार को उस समय घेराबंदी कर हिरासत में लिया, जब वह चोरी का केबल और तांबा वायर एक कबाड़ी दुकान में बेचने की फिराक में ग्राहक तलाश रहा था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर झाड़ियों और झोपड़ीनुमा मकान के पास छिपाकर रखा गया करीब 250 फीट पीवीसी केबल वायर और लगभग 1.500 किलोग्राम तांबे का तार बरामद किया है।

पूछताछ के दौरान आरोपी ने जून और जुलाई माह के दौरान शहर के विभिन्न वार्डों तथा ग्राम करमदा में चोरी की तीन अलग-अलग वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। आरोपी ने वार्ड क्रमांक 17 के पाड़ेपारा स्कूल, लोहिया नगर, रिसदा रोड, वार्ड क्रमांक 20 के बंगला क्षेत्र और ग्राम करमदा के विभिन्न सार्वजनिक व व्यावसायिक परिसरों में लगे सबमर्सिबल पंपों को निशाना बनाकर हजारों रुपये मूल्य के केबल वायर चोरी किए थे।

पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई के तहत आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 580/2026, 581/2026 एवं 582/2026 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2) के तहत कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया पूरी की गई। इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक देवेन्द्र देवांगन, महिला प्रधान आरक्षक अन्नपूर्णा बंजारे एवं प्रधान आरक्षक कमल कैवर्त्य की भूमिका सराहनीय रही। इस कार्रवाई से क्षेत्र में केबल चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगने की उम्मीद है।
    user_Rajesh mishra
    Rajesh mishra
    Local News Reporter बलौदा बाजार, बलौदा बाजार, छत्तीसगढ़•
    6 hrs ago
  • बिलासपुर जिले के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के सदर बाजार में कपड़ों की रेहड़ी लगाने वाली सलमा बेगम की दुकान पर कपड़ा लौटाने और पैसे वापस मांगने को लेकर जमकर बवाल हो गया। खरीदार महिला और दुकानदार के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और भिड़ंत देखने को मिली। जानकारी के अनुसार, एक महिला कपड़ा खरीदने के बाद किसी कारणवश उसे वापस करने पहुंची थी और भुगतान की गई राशि लौटाने की मांग कर रही थी। जब दुकानदार सलमा बेगम ने पैसे वापस करने से इनकार करते हुए उसके बदले दूसरा कपड़ा लेने की बात कही, तो दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। बताया जा रहा है कि खरीदार महिला के साथ एक युवक भी मौजूद था। इसी दौरान विवाद बढ़ने पर खरीदार महिला द्वारा दुकानदार महिला के साथ अभद्रता किए जाने का आरोप लगा है, जिसका एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।
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    बिलासपुर जिले के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के सदर बाजार में कपड़ों की रेहड़ी लगाने वाली सलमा बेगम की दुकान पर कपड़ा लौटाने और पैसे वापस मांगने को लेकर जमकर बवाल हो गया। खरीदार महिला और दुकानदार के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और भिड़ंत देखने को मिली।

जानकारी के अनुसार, एक महिला कपड़ा खरीदने के बाद किसी कारणवश उसे वापस करने पहुंची थी और भुगतान की गई राशि लौटाने की मांग कर रही थी। जब दुकानदार सलमा बेगम ने पैसे वापस करने से इनकार करते हुए उसके बदले दूसरा कपड़ा लेने की बात कही, तो दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। बताया जा रहा है कि खरीदार महिला के साथ एक युवक भी मौजूद था। इसी दौरान विवाद बढ़ने पर खरीदार महिला द्वारा दुकानदार महिला के साथ अभद्रता किए जाने का आरोप लगा है, जिसका एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।
    user_Ziya khan
    Ziya khan
    Local News Reporter बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
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