Shuru
Apke Nagar Ki App…
NEET सहित सभी पेपर लीक मामलों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कड़ी कार्रवाई का संकेत देते हुए बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सरकार देश की शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में आगामी मंत्रिमंडल की बैठक में पेपर लीक रोकने के लिए और अधिक सख्त प्रावधानों पर विचार किया जा सकता है और अहम फैसला लिया जा सकता है। सरकार के इस कड़े रुख और आने वाले फैसले पर अब देशभर के करोड़ों छात्रों और अभिभावकों की नजरें टिकी हैं।
Pradesh Khabar News Network
NEET सहित सभी पेपर लीक मामलों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कड़ी कार्रवाई का संकेत देते हुए बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सरकार देश की शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में आगामी मंत्रिमंडल की बैठक में पेपर लीक रोकने के लिए और अधिक सख्त प्रावधानों पर विचार किया जा सकता है और अहम फैसला लिया जा सकता है। सरकार के इस कड़े रुख और आने वाले फैसले पर अब देशभर के करोड़ों छात्रों और अभिभावकों की नजरें टिकी हैं।
More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने संयुक्त रूप से 'Bharat Innovates' कार्यक्रम का उद्घाटन किया है, जिससे भारत और फ्रांस की साझेदारी को नई मजबूती मिली है। इस पहल को दोनों देशों के बीच नवाचार, स्टार्टअप, प्रौद्योगिकी और उद्यमिता के क्षेत्र में सहयोग को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह कार्यक्रम भारत और फ्रांस के युवा नवप्रवर्तकों, शोधकर्ताओं तथा उद्योग जगत के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा। इसके साथ ही यह वैश्विक स्तर पर नवाचार को बढ़ावा देने में भी अहम भूमिका निभाएगा।1
- छत्तीसगढ़ के अम्बिकापुर स्थित सुभाषनगर का एक युवक अपनी परेशानी लेकर कलेक्टरेट पहुँचा है। युवक ने अम्बिकापुर कलेक्टरेट पहुँचकर अपनी परेशानियों को बयान किया।1
- बलरामपुर में कलेक्टर ने खुद शिक्षिका की भूमिका निभाते हुए बच्चों को अंग्रेजी के सही उच्चारण का तरीका सिखाया। क्लास में बच्चों के बीच पहुँचकर कलेक्टर ने उन्हें अंग्रेजी शब्दों को सही ढंग से बोलने के गुर बताए। इस दौरान का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसे देखकर दर्शकों से कमेंट में अपनी राय और प्रतिक्रिया देने को कहा गया है।1
- सरगुजा के उदयपुर में मौसम का हाल बदला हुआ है और आसमान में पूरी तरह से बादल छाए हुए हैं। फिलहाल कुछ समय से बारिश रुकी हुई है, लेकिन मौसम की स्थिति को देखते हुए शाम 4 या 5 बजे से फिर से ज़बरदस्त बारिश शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।1
- जहाँ पति का संकल्प और पत्नी का साथ होता है, वहाँ हर बड़े से बड़े संघर्ष में जीत की शुरुआत होती है। जब पति के दृढ़ निश्चय को पत्नी का पूरा सहयोग और साथ मिलता है, तो कठिन से कठिन चुनौतियों के बीच भी सफलता का आगाज होना तय हो जाता है।1
- युवाओं की पीड़ा को समझने और उन्हें अपनी बात रखने का अवसर देने की पुरजोर माँग की गई है। देश का अस्तित्व युवाओं से ही है, इसलिए युवाओं को समय देना और उनके दर्द को गंभीरता से समझना बेहद ज़रूरी है। जब तक युवाओं को खुलकर बोलने का मौका नहीं मिलेगा, तब तक यह भी स्पष्ट नहीं हो पाएगा कि देश वास्तव में डिजिटल बन भी रहा है या नहीं। इसे किसी एक व्यक्ति का संघर्ष न बताकर समस्त युवाओं की साझी लड़ाई करार दिया गया है। युवा साथियों की सक्रियता देखने और एक युवा के मन की बात को अधिक से अधिक लोगों के साथ साझा करने का आह्वान किया गया है, ताकि सभी युवा एकजुट होकर अपने अधिकारों और मुद्दों के लिए आवाज़ बुलंद कर सकें।1
- छत्तीसगढ़ की राजनीति, समाज, संस्कृति, खेल, शिक्षा और प्रेरणादायक व्यक्तित्वों से जुड़ी दिलचस्प बातचीत लेकर आया जा रहा है। इस पॉडकास्ट के पहले एपिसोड में दर्शक किसे देखना और सुनना चाहेंगे, इसके लिए लोगों से उनकी राय मांगी गई है। दर्शकों की पसंद और राय को सबसे महत्वपूर्ण बताते हुए सभी से कमेंट में अपनी पसंद लिखकर साझा करने के लिए कहा गया है।1
- NEET सहित सभी पेपर लीक मामलों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कड़ी कार्रवाई का संकेत देते हुए बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सरकार देश की शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में आगामी मंत्रिमंडल की बैठक में पेपर लीक रोकने के लिए और अधिक सख्त प्रावधानों पर विचार किया जा सकता है और अहम फैसला लिया जा सकता है। सरकार के इस कड़े रुख और आने वाले फैसले पर अब देशभर के करोड़ों छात्रों और अभिभावकों की नजरें टिकी हैं।1