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गोल्डन दास ने तमिलनाडु चुनाव नतीजों को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह जीत विजय की नहीं, बल्कि बाबा साहेब अंबेडकर के संविधान की है, जिससे राजनीतिक हलकों में नई बहस छिड़ गई है।

15 hrs ago
user_Kanchankumar Biharwala
Kanchankumar Biharwala
Media and information sciences faculty सोनभद्र बंशी सूर्यपुर, अरवल, बिहार•
15 hrs ago

गोल्डन दास ने तमिलनाडु चुनाव नतीजों को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह जीत विजय की नहीं, बल्कि बाबा साहेब अंबेडकर के संविधान की है, जिससे राजनीतिक हलकों में नई बहस छिड़ गई है।

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  • रफीगंज के चरकावां निचलीडीह ठाकुरबाड़ी में बारात के दौरान दो पक्षों में जमकर मारपीट हुई, जिसमें कई लोग घायल हो गए। इस मामले में दोनों पक्षों की शिकायत पर कुल 17 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुट गई है।
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    रफीगंज के चरकावां निचलीडीह ठाकुरबाड़ी में बारात के दौरान दो पक्षों में जमकर मारपीट हुई, जिसमें कई लोग घायल हो गए। इस मामले में दोनों पक्षों की शिकायत पर कुल 17 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुट गई है।
    user_Pappu Kumar
    Pappu Kumar
    पत्रकार रफीगंज, औरंगाबाद, बिहार•
    8 hrs ago
  • ⚠️ न्याय की पुकार : गया में शिक्षित परिवार पर हमला, लेकिन पुलिस कार्रवाई अब तक नहीं ⚠️ 9 मई की रात हुई घटना ने इलाके में बढ़ाई चिंता गया शहर के "place","Nutan Nagar near springdles school","Gaya, Bihar, India"] इलाके में 9 मई की रात लगभग 8:15 बजे हुई एक कथित घटना ने स्थानीय लोगों के बीच भय और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि कुछ लोग जबरन घर में घुसे, मारपीट की, जान से मारने की धमकी दी और परिवार को डराकर बाहर निकालने की कोशिश की। मामले में पुलिस कार्रवाई को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। पीड़ित पक्ष के अनुसार, घटना में कई लोग शामिल थे। शिकायत में मुख्य आरोपियों के रूप में सनी सिंह और प्रिंस सिन्हा सहित अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है और मामले की आधिकारिक जांच होना बाकी है। --- “घर में घुसकर हमला किया गया” — पीड़ित परिवार का आरोप पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि घटना की रात कुछ लोग हथियारों के साथ घर में दाखिल हुए। परिवार के अनुसार, हमलावरों के पास चाकू और अन्य हथियार थे। आरोप है कि उन्होंने घर के सदस्यों के साथ धक्का-मुक्की की, मोबाइल फोन तोड़ दिया और हाथ व चेहरे पर हमला किया। परिवार का कहना है कि हमले के दौरान लगातार जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़ित पक्ष के अनुसार, स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि परिवार के सदस्यों को अपनी सुरक्षा को लेकर डर महसूस होने लगा। इस पूरे मामले में सबसे गंभीर आरोप यह लगाया गया है कि प्रोफेसर महेंद्र कुशवाहा को कथित रूप से निशाना बनाया गया और उनके साथ मारपीट की गई। परिवार ने इसे “जानलेवा हमला” बताया है। --- प्रोफेसर परिवार ने क्या कहा? पीड़ित परिवार से जुड़े लोगों का कहना है कि यह केवल एक सामान्य विवाद नहीं था, बल्कि संगठित तरीके से डराने और दबाव बनाने की कोशिश की गई। परिवार के अनुसार: घर में जबरन प्रवेश किया गया मारपीट की गई मोबाइल फोन क्षतिग्रस्त किया गया जान से मारने की धमकी दी गई परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया परिवार का यह भी आरोप है कि घटना के बाद जब वे शिकायत लेकर थाने पहुंचे, तब उन्हें तत्काल राहत या संतोषजनक कार्रवाई नहीं मिली। --- पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल घटना के बाद मामला entity["organization","Civil Lines Police Station","Gaya, Bihar, India"] तक पहुंचा। लेकिन पीड़ित पक्ष का आरोप है कि शिकायत देने के बावजूद अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई। इसी बात को लेकर सोशल मीडिया पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी परिवार के घर में घुसकर कथित रूप से हमला किया जाता है और उसके बाद भी कार्रवाई में देरी होती है, तो इससे आम नागरिकों के बीच असुरक्षा की भावना बढ़ती है। हालांकि, पुलिस की ओर से इस मामले में अभी तक सार्वजनिक रूप से विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। जांच की आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। --- इलाके में बढ़ी चर्चा घटना के बाद entity["place","Nutan Nagar","Gaya, Bihar, India"] और आसपास के इलाकों में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कई स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी शिक्षित और सम्मानित परिवार के साथ ऐसी घटना हो सकती है, तो आम लोगों की सुरक्षा का क्या होगा? कुछ लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। --- सोशल मीडिया पर उठी न्याय की मांग घटना के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कई पोस्ट सामने आने लगे हैं। लोग “न्याय चाहिए”, “सुरक्षा चाहिए” और “पुलिस कार्रवाई करे” जैसे संदेश साझा कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर लोग यह सवाल भी उठा रहे हैं कि: क्या पीड़ित परिवार को उचित सुरक्षा दी गई? क्या आरोपियों से पूछताछ हुई? क्या मामले में एफआईआर दर्ज हुई? पुलिस कार्रवाई में देरी क्यों हुई? इन सवालों के जवाब अब प्रशासन और जांच एजेंसियों से अपेक्षित हैं। --- घटना का समय और स्थान तारीख: 9 मई समय: रात लगभग 8:15 बजे स्थान: नूतन नगर, स्पिंडल्स स्कूल के पास, गया परिवार का कहना है कि घटना अचानक हुई और हमलावरों ने माहौल में भय पैदा कर दिया। --- मुख्य आरोपियों के रूप में किन नामों का जिक्र? पीड़ित पक्ष द्वारा जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उनमें मुख्य रूप से: सनी सिंह प्रिंस सिन्हा तथा अन्य लोग का नाम शामिल बताया जा रहा है। हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि ये आरोप पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए हैं और इनकी कानूनी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। --- कानून क्या कहता है? भारतीय कानून के अनुसार यदि किसी व्यक्ति के घर में जबरन प्रवेश कर हमला किया जाता है, धमकी दी जाती है या संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जाता है, तो यह गंभीर अपराध की श्रेणी में आ सकता है। ऐसे मामलों में पुलिस जांच, मेडिकल रिपोर्ट, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में: पीड़ित की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए निष्पक्ष जांच होनी चाहिए दोनों पक्षों की बात सुनी जानी चाहिए कानून के अनुसार उचित कार्रवाई होनी चाहिए --- स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया घटना के बाद कुछ स्थानीय लोगों ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो अपराधियों का मनोबल बढ़ सकता है। कई लोगों ने मांग की कि पुलिस को मामले को गंभीरता से लेना चाहिए। वहीं कुछ लोगों ने यह भी कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है ताकि सच्चाई सामने आ सके और किसी निर्दोष को परेशानी न हो। --- परिवार ने क्या मांग की? पीड़ित परिवार ने प्रशासन से निम्नलिखित मांगें की हैं: 1. आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई 2. परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए 3. मामले की निष्पक्ष जांच हो 4. घटना में शामिल लोगों की गिरफ्तारी की जाए 5. पुलिस कार्रवाई की स्थिति सार्वजनिक की जाए --- डर और तनाव का माहौल परिवार के करीबी लोगों का कहना है कि घटना के बाद से परिवार मानसिक तनाव में है। उनका कहना है कि लगातार धमकी और डर के कारण सामान्य जीवन प्रभावित हुआ है। स्थानीय नागरिकों ने भी प्रशासन से अपील की है कि इलाके में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। --- विशेषज्ञों की राय कानूनी मामलों से जुड़े जानकारों का कहना है कि ऐसे मामलों में सोशल मीडिया पर भावनात्मक पोस्ट करने के साथ-साथ कानूनी प्रक्रिया का पालन करना भी जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार: लिखित शिकायत की कॉपी सुरक्षित रखनी चाहिए मेडिकल रिपोर्ट बनवानी चाहिए फोटो, वीडियो और अन्य सबूत सुरक्षित रखने चाहिए गवाहों की जानकारी दर्ज करनी चाहिए उच्च अधिकारियों को भी शिकायत भेजी जा सकती है --- पुलिस और प्रशासन से जनता की अपेक्षा समाज में कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। जब किसी परिवार द्वारा गंभीर आरोप लगाए जाते हैं, तब निष्पक्ष जांच और समय पर कार्रवाई जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही होती है, तो इससे लोगों का भरोसा कमजोर पड़ सकता है। इसलिए लोग उम्मीद कर रहे हैं कि संबंधित एजेंसियां इस मामले में निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कार्रवाई करेंगी। --- “न्याय मिलना चाहिए” — जनता की आवाज सोशल मीडिया और स्थानीय चर्चाओं में सबसे ज्यादा यही बात सामने आ रही है कि मामले की पूरी जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी हो, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। लोगों का कहना है कि भय और हिंसा का माहौल किसी भी सभ्य समाज के लिए सही नहीं है। इसलिए प्रशासन को तेजी से कदम उठाने चाहिए। --- निष्कर्ष गया के नूतन नगर इलाके में हुई यह कथित घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है। यदि पीड़ित परिवार के आरोप सही साबित होते हैं, तो यह कानून व्यवस्था और नागरिक सुरक्षा दोनों के लिए चिंता का विषय है। वहीं दूसरी ओर, निष्पक्ष जांच के बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचना भी उचित नहीं होगा। अब सबकी नजर प्रशासन और पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। स्थानीय लोग चाहते हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच हो, पीड़ित परिवार को सुरक्षा मिले और कानून के अनुसार उचित कदम उठाए जाएं। न्याय केवल पीड़ित परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि समाज में कानून पर भरोसा बनाए रखने के लिए भी जरूरी है। मैंने एक प्रोफेशनल, न्यूज़-स्टाइल हिंदी पोस्ट तैयार कर दी है जिसमें घटना, आरोप, पुलिस कार्रवाई पर सवाल, जनता की प्रतिक्रिया और कानूनी एंगल को विस्तार से शामिल किया गया है।
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    ⚠️ न्याय की पुकार : गया में शिक्षित परिवार पर हमला, लेकिन पुलिस कार्रवाई अब तक नहीं ⚠️
9 मई की रात हुई घटना ने इलाके में बढ़ाई चिंता
गया शहर के "place","Nutan Nagar near springdles school","Gaya, Bihar, India"] इलाके में 9 मई की रात लगभग 8:15 बजे हुई एक कथित घटना ने स्थानीय लोगों के बीच भय और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि कुछ लोग जबरन घर में घुसे, मारपीट की, जान से मारने की धमकी दी और परिवार को डराकर बाहर निकालने की कोशिश की। मामले में पुलिस कार्रवाई को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।
पीड़ित पक्ष के अनुसार, घटना में कई लोग शामिल थे। शिकायत में मुख्य आरोपियों के रूप में सनी सिंह और प्रिंस सिन्हा सहित अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है और मामले की आधिकारिक जांच होना बाकी है।
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“घर में घुसकर हमला किया गया” — पीड़ित परिवार का आरोप
पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि घटना की रात कुछ लोग हथियारों के साथ घर में दाखिल हुए। परिवार के अनुसार, हमलावरों के पास चाकू और अन्य हथियार थे। आरोप है कि उन्होंने घर के सदस्यों के साथ धक्का-मुक्की की, मोबाइल फोन तोड़ दिया और हाथ व चेहरे पर हमला किया।
परिवार का कहना है कि हमले के दौरान लगातार जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़ित पक्ष के अनुसार, स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि परिवार के सदस्यों को अपनी सुरक्षा को लेकर डर महसूस होने लगा।
इस पूरे मामले में सबसे गंभीर आरोप यह लगाया गया है कि प्रोफेसर महेंद्र कुशवाहा को कथित रूप से निशाना बनाया गया और उनके साथ मारपीट की गई। परिवार ने इसे “जानलेवा हमला” बताया है।
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प्रोफेसर परिवार ने क्या कहा?
पीड़ित परिवार से जुड़े लोगों का कहना है कि यह केवल एक सामान्य विवाद नहीं था, बल्कि संगठित तरीके से डराने और दबाव बनाने की कोशिश की गई। परिवार के अनुसार:
घर में जबरन प्रवेश किया गया
मारपीट की गई
मोबाइल फोन क्षतिग्रस्त किया गया
जान से मारने की धमकी दी गई
परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया
परिवार का यह भी आरोप है कि घटना के बाद जब वे शिकायत लेकर थाने पहुंचे, तब उन्हें तत्काल राहत या संतोषजनक कार्रवाई नहीं मिली।
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पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
घटना के बाद मामला entity["organization","Civil Lines Police Station","Gaya, Bihar, India"] तक पहुंचा। लेकिन पीड़ित पक्ष का आरोप है कि शिकायत देने के बावजूद अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई। इसी बात को लेकर सोशल मीडिया पर भी सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी परिवार के घर में घुसकर कथित रूप से हमला किया जाता है और उसके बाद भी कार्रवाई में देरी होती है, तो इससे आम नागरिकों के बीच असुरक्षा की भावना बढ़ती है।
हालांकि, पुलिस की ओर से इस मामले में अभी तक सार्वजनिक रूप से विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। जांच की आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।
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इलाके में बढ़ी चर्चा
घटना के बाद entity["place","Nutan Nagar","Gaya, Bihar, India"] और आसपास के इलाकों में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कई स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी शिक्षित और सम्मानित परिवार के साथ ऐसी घटना हो सकती है, तो आम लोगों की सुरक्षा का क्या होगा?
कुछ लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
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सोशल मीडिया पर उठी न्याय की मांग
घटना के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कई पोस्ट सामने आने लगे हैं। लोग “न्याय चाहिए”, “सुरक्षा चाहिए” और “पुलिस कार्रवाई करे” जैसे संदेश साझा कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर लोग यह सवाल भी उठा रहे हैं कि:
क्या पीड़ित परिवार को उचित सुरक्षा दी गई?
क्या आरोपियों से पूछताछ हुई?
क्या मामले में एफआईआर दर्ज हुई?
पुलिस कार्रवाई में देरी क्यों हुई?
इन सवालों के जवाब अब प्रशासन और जांच एजेंसियों से अपेक्षित हैं।
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घटना का समय और स्थान
तारीख: 9 मई
समय: रात लगभग 8:15 बजे
स्थान: नूतन नगर, स्पिंडल्स स्कूल के पास, गया
परिवार का कहना है कि घटना अचानक हुई और हमलावरों ने माहौल में भय पैदा कर दिया।
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मुख्य आरोपियों के रूप में किन नामों का जिक्र?
पीड़ित पक्ष द्वारा जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उनमें मुख्य रूप से:
सनी सिंह
प्रिंस सिन्हा
तथा अन्य लोग
का नाम शामिल बताया जा रहा है। हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि ये आरोप पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए हैं और इनकी कानूनी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
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कानून क्या कहता है?
भारतीय कानून के अनुसार यदि किसी व्यक्ति के घर में जबरन प्रवेश कर हमला किया जाता है, धमकी दी जाती है या संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जाता है, तो यह गंभीर अपराध की श्रेणी में आ सकता है। ऐसे मामलों में पुलिस जांच, मेडिकल रिपोर्ट, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में:
पीड़ित की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए
निष्पक्ष जांच होनी चाहिए
दोनों पक्षों की बात सुनी जानी चाहिए
कानून के अनुसार उचित कार्रवाई होनी चाहिए
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स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
घटना के बाद कुछ स्थानीय लोगों ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो अपराधियों का मनोबल बढ़ सकता है। कई लोगों ने मांग की कि पुलिस को मामले को गंभीरता से लेना चाहिए।
वहीं कुछ लोगों ने यह भी कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है ताकि सच्चाई सामने आ सके और किसी निर्दोष को परेशानी न हो।
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परिवार ने क्या मांग की?
पीड़ित परिवार ने प्रशासन से निम्नलिखित मांगें की हैं:
1. आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई
2. परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए
3. मामले की निष्पक्ष जांच हो
4. घटना में शामिल लोगों की गिरफ्तारी की जाए
5. पुलिस कार्रवाई की स्थिति सार्वजनिक की जाए
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डर और तनाव का माहौल
परिवार के करीबी लोगों का कहना है कि घटना के बाद से परिवार मानसिक तनाव में है। उनका कहना है कि लगातार धमकी और डर के कारण सामान्य जीवन प्रभावित हुआ है।
स्थानीय नागरिकों ने भी प्रशासन से अपील की है कि इलाके में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
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विशेषज्ञों की राय
कानूनी मामलों से जुड़े जानकारों का कहना है कि ऐसे मामलों में सोशल मीडिया पर भावनात्मक पोस्ट करने के साथ-साथ कानूनी प्रक्रिया का पालन करना भी जरूरी है।
विशेषज्ञों के अनुसार:
लिखित शिकायत की कॉपी सुरक्षित रखनी चाहिए
मेडिकल रिपोर्ट बनवानी चाहिए
फोटो, वीडियो और अन्य सबूत सुरक्षित रखने चाहिए
गवाहों की जानकारी दर्ज करनी चाहिए
उच्च अधिकारियों को भी शिकायत भेजी जा सकती है
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पुलिस और प्रशासन से जनता की अपेक्षा
समाज में कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। जब किसी परिवार द्वारा गंभीर आरोप लगाए जाते हैं, तब निष्पक्ष जांच और समय पर कार्रवाई जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही होती है, तो इससे लोगों का भरोसा कमजोर पड़ सकता है। इसलिए लोग उम्मीद कर रहे हैं कि संबंधित एजेंसियां इस मामले में निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कार्रवाई करेंगी।
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“न्याय मिलना चाहिए” — जनता की आवाज
सोशल मीडिया और स्थानीय चर्चाओं में सबसे ज्यादा यही बात सामने आ रही है कि मामले की पूरी जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी हो, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
लोगों का कहना है कि भय और हिंसा का माहौल किसी भी सभ्य समाज के लिए सही नहीं है। इसलिए प्रशासन को तेजी से कदम उठाने चाहिए।
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निष्कर्ष
गया के नूतन नगर इलाके में हुई यह कथित घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है। यदि पीड़ित परिवार के आरोप सही साबित होते हैं, तो यह कानून व्यवस्था और नागरिक सुरक्षा दोनों के लिए चिंता का विषय है। वहीं दूसरी ओर, निष्पक्ष जांच के बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचना भी उचित नहीं होगा।
अब सबकी नजर प्रशासन और पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। स्थानीय लोग चाहते हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच हो, पीड़ित परिवार को सुरक्षा मिले और कानून के अनुसार उचित कदम उठाए जाएं।
न्याय केवल पीड़ित परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि समाज में कानून पर भरोसा बनाए रखने के लिए भी जरूरी है।
मैंने एक प्रोफेशनल, न्यूज़-स्टाइल हिंदी पोस्ट तैयार कर दी है जिसमें घटना, आरोप, पुलिस कार्रवाई पर सवाल, जनता की प्रतिक्रिया और कानूनी एंगल को विस्तार से शामिल किया गया है।
    user_JOURNALIST RAJA RAJPUT
    JOURNALIST RAJA RAJPUT
    Newspaper publisher गया टाउन सी.डी.ब्लॉक, गया, बिहार•
    30 min ago
  • 🚨 बारात से लौटे युवक पर जानलेवा हमला! रॉड से सिर पर वार, युवक की हालत गंभीर — सदर अस्पताल आरा में भर्ती, परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की उठाई मांग। भोजपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र के दूध घाट गांव में आपसी विवाद को लेकर युवक पर रॉड से हमला कर दिया गया। घायल युवक सोनू बिन को गंभीर हालत में पहले निजी अस्पताल फिर सदर अस्पताल आरा में भर्ती कराया गया।
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    🚨 बारात से लौटे युवक पर जानलेवा हमला!
रॉड से सिर पर वार, युवक की हालत गंभीर — सदर अस्पताल आरा में भर्ती, परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की उठाई मांग।
भोजपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र के दूध घाट गांव में आपसी विवाद को लेकर युवक पर रॉड से हमला कर दिया गया। घायल युवक सोनू बिन को गंभीर हालत में पहले निजी अस्पताल फिर सदर अस्पताल आरा में भर्ती कराया गया।
    user_जनता की आवाज
    जनता की आवाज
    आरा, भोजपुर, बिहार•
    1 hr ago
  • आईए n हमरा बिहार में यहां सभी प्रकार का योगा का ट्रेनिंग दिया जाता है
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    आईए n  हमरा बिहार में

यहां सभी प्रकार का योगा का ट्रेनिंग
दिया जाता है
    user_जन सेवक
    जन सेवक
    Doctor Gaya, Bihar•
    2 hrs ago
  • महाराणा प्रताप जयंती पर रक्तदान महादान शिविर का आयोजन, 25 से अधिक लोगों ने किया रक्तदान आरा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्वावधान में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती के उपलक्ष्य में रक्तदान महादान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में युवाओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया तथा 25 से अधिक लोगों ने रक्तदान कर मानव सेवा का संदेश दिया। कार्यक्रम की शुरुआत महाराणा प्रताप जी के चित्र पर पुष्प अर्पित एवं दीप प्रज्वलित कर की गई। वक्ताओं ने कहा कि महाराणा प्रताप त्याग, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक थे। उनके आदर्श आज भी युवाओं को प्रेरित करते हैं। रक्तदान को महादान बताते हुए लोगों से नियमित रूप से रक्तदान करने की अपील की गई। शिविर में चिकित्सकों की टीम द्वारा रक्तदाताओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर सुरक्षित तरीके से रक्त संग्रह किया गया। आयोजन के दौरान स्वयंसेवकों द्वारा सभी व्यवस्थाओं का संचालन किया गया। रक्तदान करने वाले लोगों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर संघ के पदाधिकारी, स्थानीय गणमान्य लोग, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में युवा मौजूद रहे।
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    महाराणा प्रताप जयंती पर रक्तदान महादान शिविर का आयोजन, 25 से अधिक लोगों ने किया रक्तदान
आरा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्वावधान में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती के उपलक्ष्य में रक्तदान महादान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में युवाओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया तथा 25 से अधिक लोगों ने रक्तदान कर मानव सेवा का संदेश दिया। कार्यक्रम की शुरुआत महाराणा प्रताप जी के चित्र पर पुष्प अर्पित एवं दीप प्रज्वलित कर की गई। वक्ताओं ने कहा कि महाराणा प्रताप त्याग, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक थे। उनके आदर्श आज भी युवाओं को प्रेरित करते हैं। रक्तदान को महादान बताते हुए लोगों से नियमित रूप से रक्तदान करने की अपील की गई। शिविर में चिकित्सकों की टीम द्वारा रक्तदाताओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर सुरक्षित तरीके से रक्त संग्रह किया गया। आयोजन के दौरान स्वयंसेवकों द्वारा सभी व्यवस्थाओं का संचालन किया गया। रक्तदान करने वाले लोगों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर संघ के पदाधिकारी, स्थानीय गणमान्य लोग, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में युवा मौजूद रहे।
    user_Jitendra Kumar
    Jitendra Kumar
    Photographer आरा, भोजपुर, बिहार•
    3 hrs ago
  • *जिला विधिक सेवा प्राधिकार, व्यवहार न्यायालय, भोजपुर, आरा* *दिनांक: 09 मई, 2026* *वर्ष के दूसरे राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन* *कुल 1173 मामलों का निष्पादन, 15373050 रुपये की समझौता राशि* *आरा, 09 मई:* आज दिनांक 09 मई, 2026 को व्यवहार न्यायालय, आरा परिसर में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, भोजपुर, आरा के तत्वावधान में *वर्ष 2026 की दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत* का आयोजन किया गया। इस राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश *श्री पुरुषोत्तम मिश्रा* के द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय *श्री आशुतोष कुमार*, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम शैलेंद्र कुमार पांडा, जिला पदाधिकारी, भोजपुर, पुलिस अधीक्षक, भोजपुर, जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष *श्री राकेश कुमार मिश्रा*, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव *श्री दिवाकर कुमार*, जिला अधिवक्ता संघ के सचिव *श्री मनमोहन ओझा*, अभियोजन पदाधिकारी *श्री मणिक कुमार सिंह*, जिला शासकीय अधिवक्ता *श्री रामधनी भारती*, लोक अभियोजक *श्री राणा प्रताप सिंह*, जिला अग्रणी प्रबंधक, दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक एवं भारतीय स्टेट बैंक के वरीय पदाधिकारीगण, सभी माननीय न्यायिक पदाधिकारीगण के साथ-साथ अधिवक्तागण एवं पक्षकारगण उपस्थित थे। माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा बताया गया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए *कुल 19 पीठों* का गठन किया गया था। *राष्ट्रीय लोक अदालत के आंकड़े:* - *कुल निष्पादित मामले:* 1173 - *बैंक ऋण से संबंधित मामले:* 280 - *न्यायालय में लंबित सुलहनीय वादों का निष्पादन:* 659 - *बीएसएनएल से संबंधित मामले:* 07 - *कुल समझौता राशि:* 15373050/- रुपये जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव *श्री दिवाकर कुमार* द्वारा बताया गया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता हेतु विगत 2 माह से सभी कार्यालय कर्मी एवं पारा विधिक स्वयंसेवकों द्वारा निरंतर कार्य किया जा रहा था। उन्होंने सभी सहयोगियों, बैंक अधिकारियों एवं पक्षकारों का आभार व्यक्त किया।
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    *जिला विधिक सेवा प्राधिकार, व्यवहार न्यायालय, भोजपुर, आरा*  
*दिनांक: 09 मई, 2026*

*वर्ष के दूसरे राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन*  
*कुल 1173 मामलों का निष्पादन, 15373050  रुपये की समझौता राशि*

*आरा, 09 मई:* आज दिनांक 09 मई, 2026 को व्यवहार न्यायालय, आरा परिसर में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, भोजपुर, आरा के तत्वावधान में *वर्ष 2026 की दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत* का आयोजन किया गया।

इस राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश *श्री पुरुषोत्तम मिश्रा* के द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। 

इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय *श्री आशुतोष कुमार*,   जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम शैलेंद्र कुमार पांडा, जिला पदाधिकारी, भोजपुर, पुलिस अधीक्षक, भोजपुर, जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष *श्री राकेश कुमार मिश्रा*, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव *श्री दिवाकर कुमार*, जिला अधिवक्ता संघ के सचिव *श्री मनमोहन ओझा*, अभियोजन पदाधिकारी *श्री मणिक कुमार सिंह*, जिला शासकीय अधिवक्ता *श्री रामधनी भारती*, लोक अभियोजक *श्री राणा प्रताप सिंह*, जिला अग्रणी प्रबंधक, दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक एवं भारतीय स्टेट बैंक के वरीय पदाधिकारीगण, सभी माननीय न्यायिक पदाधिकारीगण के साथ-साथ अधिवक्तागण एवं पक्षकारगण उपस्थित थे।

माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा बताया गया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए *कुल 19 पीठों* का गठन किया गया था। 

*राष्ट्रीय लोक अदालत के आंकड़े:*
- *कुल निष्पादित मामले:* 1173
- *बैंक ऋण से संबंधित मामले:* 280
- *न्यायालय में लंबित सुलहनीय वादों का निष्पादन:* 659
- *बीएसएनएल से संबंधित मामले:* 07
- *कुल समझौता राशि:* 15373050/- रुपये 

जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव *श्री दिवाकर कुमार* द्वारा बताया गया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता हेतु विगत 2 माह से सभी कार्यालय कर्मी एवं पारा विधिक स्वयंसेवकों द्वारा निरंतर कार्य किया जा रहा था। उन्होंने सभी सहयोगियों, बैंक अधिकारियों एवं पक्षकारों का आभार व्यक्त किया।
    user_अजय कुमार
    अजय कुमार
    आरा, भोजपुर, बिहार•
    4 hrs ago
  • जहानाबाद में पुलिस की लगातार दबिश और छापेमारी से घबराकर चार फरार अपराधियों ने व्यवहार न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। ये आरोपी विभिन्न आपराधिक मामलों में लंबे समय से वांछित थे। पुलिस ने जिले में अपराध नियंत्रण के लिए अभियान जारी रखने का संकल्प लिया है।
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    जहानाबाद में पुलिस की लगातार दबिश और छापेमारी से घबराकर चार फरार अपराधियों ने व्यवहार न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। ये आरोपी विभिन्न आपराधिक मामलों में लंबे समय से वांछित थे। पुलिस ने जिले में अपराध नियंत्रण के लिए अभियान जारी रखने का संकल्प लिया है।
    user_Pawan Kumar
    Pawan Kumar
    पत्रकार जहानाबाद, जहानाबाद, बिहार•
    10 hrs ago
  • रफीगंज में अग्नि सुरक्षा सप्ताह के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहित विभिन्न स्थानों पर जागरूकता अभियान चलाया गया है। दमकल कर्मियों ने मॉकड्रिल के जरिए लोगों को आग बुझाने और प्राथमिक सुरक्षा के तरीके सिखाए। इस अभियान का मकसद नागरिकों को आपात स्थिति से निपटने के लिए सतर्क और तैयार करना है।
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    रफीगंज में अग्नि सुरक्षा सप्ताह के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहित विभिन्न स्थानों पर जागरूकता अभियान चलाया गया है। दमकल कर्मियों ने मॉकड्रिल के जरिए लोगों को आग बुझाने और प्राथमिक सुरक्षा के तरीके सिखाए। इस अभियान का मकसद नागरिकों को आपात स्थिति से निपटने के लिए सतर्क और तैयार करना है।
    user_Pappu Kumar
    Pappu Kumar
    पत्रकार रफीगंज, औरंगाबाद, बिहार•
    9 hrs ago
  • न्याय की पुकार : गया में प्रोफेसर परिवार पर जानलेवा हमला, पुलिस पर निष्क्रियता के आरोप ⚠️ ⚠️ न्याय की पुकार : गया में प्रोफेसर परिवार पर जानलेवा हमला, पुलिस पर निष्क्रियता के आरोप ⚠️ दिनांक 9 मई 2026 को लगभग रात 8:15 बजे Nutan Nagar, Spindles School के पास स्थित एक परिवार के साथ जो हुआ, उसने कानून व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना केवल एक साधारण विवाद नहीं थी, बल्कि एक सुनियोजित हमला, घर में जबरन घुसपैठ, मारपीट, जान से मारने की धमकी और परिवार को आतंकित करने की कोशिश थी। पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना के बाद भी Civil Lines Police Station द्वारा अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। पीड़ित परिवार में शामिल हैं Professor Kumari Kiran Jiyoti तथा उनके पति Professor Mahendra Kushwaha। घटना कैसे हुई परिवार के अनुसार, 9 मई की रात लगभग 8:15 बजे कुछ लोग हथियारों के साथ घर में जबरन घुस आए। आरोप है कि उनके हाथों में चाकू, हथियार और अन्य खतरनाक वस्तुएं थीं। हमलावरों ने परिवार को डराने-धमकाने के साथ मारपीट शुरू कर दी। मकान मालिक और उनके परिवार के सदस्यों को घर से बाहर निकालने की कोशिश की गई। विरोध करने पर उनके साथ हिंसा की गई। मोबाइल फोन तोड़ दिया गया ताकि किसी से संपर्क न किया जा सके। हाथ और चेहरे पर हमला किया गया तथा लगातार जान से मारने की धमकियां दी गईं। पीड़ितों का आरोप है कि यह हमला केवल डराने के लिए नहीं बल्कि गंभीर शारीरिक नुकसान पहुंचाने और जान लेने की नीयत से किया गया था। मुख्य आरोपियों के नाम पीड़ित परिवार के अनुसार इस घटना में मुख्य रूप से निम्नलिखित लोगों के नाम सामने आए हैं: • Sunny Singh • Prince Sinha इसके अलावा अन्य अज्ञात लोगों के शामिल होने का भी आरोप लगाया गया है। पुलिस पर गंभीर सवाल घटना के तुरंत बाद पीड़ित परिवार ने Civil Lines Police Station में शिकायत की। लेकिन परिवार का कहना है कि अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जब कोई परिवार अपने ही घर में सुरक्षित न रहे, जब हथियार लेकर लोग खुलेआम घर में घुस जाएं, मारपीट करें, धमकी दें और उसके बाद भी पुलिस कार्रवाई न हो — तो यह पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है। लोगों का सवाल है: अगर शिक्षित और सम्मानित परिवार भी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिक किस पर भरोसा करें? अगर शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होती, तो अपराधियों का मनोबल क्यों नहीं बढ़ेगा? परिवार की मांग पीड़ित परिवार ने प्रशासन से निम्न मांगें की हैं: 1. सभी आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी 2. मामले की निष्पक्ष जांच 3. पीड़ित परिवार को सुरक्षा 4. घटना में शामिल सभी लोगों की पहचान 5. पुलिस की भूमिका की भी जांच 6. धमकी देने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई समाज के लिए चेतावनी आज यह घटना एक परिवार के साथ हुई है। कल किसी और के साथ भी हो सकती है। अगर अपराधियों को खुली छूट मिलती रही, तो समाज में भय और अराजकता बढ़ेगी। कानून का काम केवल FIR दर्ज करना नहीं, बल्कि पीड़ित को न्याय दिलाना भी है। एक लोकतांत्रिक समाज में हर नागरिक को सुरक्षा और न्याय मिलना उसका अधिकार है। प्रशासन से अपील हम गया प्रशासन, बिहार पुलिस और संबंधित अधिकारियों से अपील करते हैं कि इस मामले को गंभीरता से लें। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो अपराधियों का हौसला और बढ़ सकता है। पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए। दोषियों को कानून के अनुसार सजा मिलनी चाहिए। और पुलिस को यह साबित करना चाहिए कि कानून आज भी आम नागरिक के साथ खड़ा है। न्याय की आवाज उठाइए यह पोस्ट केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि हर उस नागरिक की आवाज है जो अपने घर में सुरक्षित रहना चाहता है। अगर आप न्याय के पक्ष में हैं, तो इस मुद्दे को उठाइए। आवाज दबाने से अपराध खत्म नहीं होते, बल्कि बढ़ते हैं। #JusticeForProfessor #GayaNews #Bihar #StopCrime #PoliceActionNeeded #CivilLinesThana #Justice #SaveFamilies #CrimeAgainstFamily #NutanNagarGaya
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    न्याय की पुकार : गया में प्रोफेसर परिवार पर जानलेवा हमला, पुलिस पर निष्क्रियता के आरोप ⚠️
⚠️ न्याय की पुकार : गया में प्रोफेसर परिवार पर जानलेवा हमला, पुलिस पर निष्क्रियता के आरोप ⚠️
दिनांक 9 मई 2026 को लगभग रात 8:15 बजे Nutan Nagar, Spindles School के पास स्थित एक परिवार के साथ जो हुआ, उसने कानून व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह घटना केवल एक साधारण विवाद नहीं थी, बल्कि एक सुनियोजित हमला, घर में जबरन घुसपैठ, मारपीट, जान से मारने की धमकी और परिवार को आतंकित करने की कोशिश थी। पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना के बाद भी Civil Lines Police Station द्वारा अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
पीड़ित परिवार में शामिल हैं Professor Kumari Kiran Jiyoti तथा उनके पति Professor Mahendra Kushwaha।
घटना कैसे हुई
परिवार के अनुसार, 9 मई की रात लगभग 8:15 बजे कुछ लोग हथियारों के साथ घर में जबरन घुस आए। आरोप है कि उनके हाथों में चाकू, हथियार और अन्य खतरनाक वस्तुएं थीं। हमलावरों ने परिवार को डराने-धमकाने के साथ मारपीट शुरू कर दी।
मकान मालिक और उनके परिवार के सदस्यों को घर से बाहर निकालने की कोशिश की गई। विरोध करने पर उनके साथ हिंसा की गई। मोबाइल फोन तोड़ दिया गया ताकि किसी से संपर्क न किया जा सके। हाथ और चेहरे पर हमला किया गया तथा लगातार जान से मारने की धमकियां दी गईं।
पीड़ितों का आरोप है कि यह हमला केवल डराने के लिए नहीं बल्कि गंभीर शारीरिक नुकसान पहुंचाने और जान लेने की नीयत से किया गया था।
मुख्य आरोपियों के नाम
पीड़ित परिवार के अनुसार इस घटना में मुख्य रूप से निम्नलिखित लोगों के नाम सामने आए हैं:
• Sunny Singh
• Prince Sinha
इसके अलावा अन्य अज्ञात लोगों के शामिल होने का भी आरोप लगाया गया है।
पुलिस पर गंभीर सवाल
घटना के तुरंत बाद पीड़ित परिवार ने Civil Lines Police Station में शिकायत की। लेकिन परिवार का कहना है कि अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
जब कोई परिवार अपने ही घर में सुरक्षित न रहे, जब हथियार लेकर लोग खुलेआम घर में घुस जाएं, मारपीट करें, धमकी दें और उसके बाद भी पुलिस कार्रवाई न हो — तो यह पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है।
लोगों का सवाल है:
अगर शिक्षित और सम्मानित परिवार भी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिक किस पर भरोसा करें?
अगर शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होती, तो अपराधियों का मनोबल क्यों नहीं बढ़ेगा?
परिवार की मांग
पीड़ित परिवार ने प्रशासन से निम्न मांगें की हैं:
1. सभी आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी
2. मामले की निष्पक्ष जांच
3. पीड़ित परिवार को सुरक्षा
4. घटना में शामिल सभी लोगों की पहचान
5. पुलिस की भूमिका की भी जांच
6. धमकी देने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई
समाज के लिए चेतावनी
आज यह घटना एक परिवार के साथ हुई है। कल किसी और के साथ भी हो सकती है।
अगर अपराधियों को खुली छूट मिलती रही, तो समाज में भय और अराजकता बढ़ेगी।
कानून का काम केवल FIR दर्ज करना नहीं, बल्कि पीड़ित को न्याय दिलाना भी है।
एक लोकतांत्रिक समाज में हर नागरिक को सुरक्षा और न्याय मिलना उसका अधिकार है।
प्रशासन से अपील
हम गया प्रशासन, बिहार पुलिस और संबंधित अधिकारियों से अपील करते हैं कि इस मामले को गंभीरता से लें।
यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो अपराधियों का हौसला और बढ़ सकता है।
पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए।
दोषियों को कानून के अनुसार सजा मिलनी चाहिए।
और पुलिस को यह साबित करना चाहिए कि कानून आज भी आम नागरिक के साथ खड़ा है।
न्याय की आवाज उठाइए
यह पोस्ट केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि हर उस नागरिक की आवाज है जो अपने घर में सुरक्षित रहना चाहता है।
अगर आप न्याय के पक्ष में हैं, तो इस मुद्दे को उठाइए।
आवाज दबाने से अपराध खत्म नहीं होते, बल्कि बढ़ते हैं।
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#StopCrime
#PoliceActionNeeded
#CivilLinesThana
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#SaveFamilies
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    user_JOURNALIST RAJA RAJPUT
    JOURNALIST RAJA RAJPUT
    Newspaper publisher Gaya Town C.D.Block, Bihar•
    34 min ago
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