मथुरा थाना कोतवाली पुलिस ने तत्परता और संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण पेश करते हुए केवल 26 घंटों के भीतर एक पीड़ित के खोए हुए 2 लाख रुपये बरामद कर उन्हें वापस लौटा दिया है। यह घटना मथुरा के मिहारी सरदार विश्राम घाट निवासी नरेश कुमार चतुर्वेदी, पुत्र ध्रुप दत्त चतुर्वेदी, के साथ घटी। पीड़ित ने 7 जुलाई 2026 को गुजरात से आकर अपनी माता के लिए घर बनवाने के उद्देश्य से बैंक से ये रुपये निकाले थे, जो भैंस बहोरा के पास गुम हो गए थे; पुलिस ने यह राशि 8 जुलाई 2026 को बरामद की। थाना कोतवाली पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की। उन्होंने घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों का बारीकी से अवलोकन किया, जिसकी फुटेज के आधार पर रुपये उठाने वाले अज्ञात व्यक्ति की पहचान की गई। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उस व्यक्ति का पीछा किया, उसका पता लगाया और खोई हुई पूरी धनराशि सुरक्षित रूप से बरामद कर पीड़ित के सुपुर्द कर दी। इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में थाना कोतवाली, मथुरा के प्रभारी निरीक्षक विनोद बाबू मिश्रा, उप निरीक्षक आमोद कुमार और अंकुश सागर शामिल थे। पीड़ित नरेश कुमार चतुर्वेदी ने पुलिस की इस त्वरित और निष्ठावान कार्रवाई के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया है। थाना कोतवाली पुलिस की यह उपलब्धि निश्चित रूप से आम जनता में सुरक्षा और भरोसे की भावना को और अधिक मजबूत करती है।
मथुरा थाना कोतवाली पुलिस ने तत्परता और संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण पेश करते हुए केवल 26 घंटों के भीतर एक पीड़ित के खोए हुए 2 लाख रुपये बरामद कर उन्हें वापस लौटा दिया है। यह घटना मथुरा के मिहारी सरदार विश्राम घाट निवासी नरेश कुमार चतुर्वेदी, पुत्र ध्रुप दत्त चतुर्वेदी, के साथ घटी। पीड़ित ने 7 जुलाई 2026 को
गुजरात से आकर अपनी माता के लिए घर बनवाने के उद्देश्य से बैंक से ये रुपये निकाले थे, जो भैंस बहोरा के पास गुम हो गए थे; पुलिस ने यह राशि 8 जुलाई 2026 को बरामद की। थाना कोतवाली पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की। उन्होंने घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों का
बारीकी से अवलोकन किया, जिसकी फुटेज के आधार पर रुपये उठाने वाले अज्ञात व्यक्ति की पहचान की गई। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उस व्यक्ति का पीछा किया, उसका पता लगाया और खोई हुई पूरी धनराशि सुरक्षित रूप से बरामद कर पीड़ित के सुपुर्द कर दी। इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में थाना कोतवाली,
मथुरा के प्रभारी निरीक्षक विनोद बाबू मिश्रा, उप निरीक्षक आमोद कुमार और अंकुश सागर शामिल थे। पीड़ित नरेश कुमार चतुर्वेदी ने पुलिस की इस त्वरित और निष्ठावान कार्रवाई के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया है। थाना कोतवाली पुलिस की यह उपलब्धि निश्चित रूप से आम जनता में सुरक्षा और भरोसे की भावना को और अधिक मजबूत करती है।
- माननीय प्रधानमंत्री जी और माननीय मुख्यमंत्री जी के आह्वान पर 'एक पेड़ माँ के नाम' तथा 'वृक्षारोपण महाभियान 2026' के क्रम में, मथुरा जनपद में एक नवाचार के तहत 'लाडली वन- आओ लौटाए ब्रज की हरियाली' थीम पर वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ किया गया। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह जी के मार्गदर्शन और मुख्य विकास अधिकारी डॉ. पूजा गुप्ता जी के नेतृत्व में, यह अभियान 09 जुलाई 2026 को विकास खंड फरह की ग्राम पंचायत बरारी से शुरू हुआ, जहाँ 1000 वर्ग मीटर क्षेत्र में 3000 पौधों का रोपण किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य जनपद की 101 ग्राम पंचायतों में मियावाकी पद्धति से 'लाडली वन' स्थापित करना है। बरारी में आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम में माननीय विधायक बल्देव श्री पूरन प्रकाश जी, जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. पूजा गुप्ता और डीएफओ वेंकट श्रीकर पटेल उपस्थित रहे। इस दौरान उच्च प्राथमिक विद्यालय की 101 बालिकाओं ने पौधारोपण किया और प्रत्येक ने तीन-तीन पौधों को गोद लेकर उन्हें वृक्ष बनाने का संकल्प लिया। माननीय विधायक पूरन प्रकाश जी और जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने स्वयं भी पौधे लगाए और बालिकाओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। जिलाधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों, सहायक विकास अधिकारियों और सचिवों को शेष 100 'लाडली वन' 12 जुलाई 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. पूजा गुप्ता ने कंसल्टिंग इंजीनियरों और सचिवों को बरारी में अपनाई गई तकनीक का अध्ययन कर चिन्हित 100 ग्राम पंचायतों में 'लाडली वन' स्थापित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ-वृक्ष लगाओ' के नारे के साथ ब्रज की हरियाली लौटाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि मियावाकी पद्धति एक जापानी तकनीक है, जिसके तहत कम स्थान में विभिन्न प्रजातियों के देशी पौधों का सघन रोपण किया जाता है। इस तकनीक से लगाए गए पौधे सामान्य पौधारोपण की तुलना में तेजी से विकसित होकर कम समय में घने वन का रूप ले लेते हैं, जिससे जैव विविधता का संरक्षण, वायु गुणवत्ता में सुधार, भूजल संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने में सहायता मिलती है। जिलाधिकारी ने नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की, यह कहते हुए कि पौधारोपण के साथ-साथ पौधों का नियमित संरक्षण एवं संवर्धन भी प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में माननीय विधायक बल्देव श्री पूरन प्रकाश जी, जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. पूजा गुप्ता, डीएफओ वेंकट श्रीकर पटेल के साथ-साथ उपायुक्त मनरेगा विजय कुमार पाण्डेय, जिला पंचायत राज अधिकारी धनंजय जायसवाल, जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास चन्द्र, खण्ड विकास अधिकारी नेहा रावत और अन्य माननीय जनप्रतिनिधि तथा अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- बलदेव विकासखंड की नरहोली ग्राम पंचायत में स्थित खरेरा गांव के निवासी इन दिनों नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। गांव में भूमाफियाओं द्वारा पोखर पर अवैध कब्जा कर लिया गया है, जिसके कारण यह तालाब ओवरफ्लो होकर गांव के घरों में पानी घुसने का कारण बन रहा है। ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या के संबंध में खंड विकास अधिकारी बलदेव और एसडीएम भवन से कई बार शिकायतें की हैं, लेकिन इसके बावजूद उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हो रहा है। इसके अतिरिक्त, विभाग के स्कूल पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इन सब परिस्थितियों के चलते गांव के ग्रामीण अब पलायन करने पर विवश महसूस कर रहे हैं और उनका कहना है कि उनके लिए यहां से पलायन कर जाना ही बेहतर होगा।1
- मथुरा के नौहझील ब्लॉक के खाजपुर गांव में पानी के भराव के कारण ग्रामीणों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। इस गंभीर स्थिति को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।1
- मथुरा के पानीगांव द्वितीय प्राथमिक विद्यालय को पिछले 15 सालों से लगातार जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।1
- मथुरा के बरसाना देहात स्थित श्याम विहार कॉलोनी के निवासी वर्षों से सड़क, नाली और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। कॉलोनी की सड़कों पर लगातार जलभराव और कीचड़ बने रहने के कारण लोगों का आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है। इस बदहाली का सबसे अधिक खामियाजा स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार लोगों को उठाना पड़ रहा है, जिन्हें हर दिन भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बरसात के मौसम में हालात और भी बदतर हो जाते हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों को रोज कीचड़ भरे रास्तों से गुजरना पड़ता है, जिससे वे अक्सर फिसलकर घायल हो जाते हैं। कॉलोनीवासियों का आरोप है कि यह समस्या वर्षों से बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। उनके अनुसार, बरसाना देहात के विकास कार्य नगर पंचायत और ग्राम पंचायत के बीच अटक गए हैं, जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है। इसी के चलते लोगों ने जिला प्रशासन से तत्काल श्याम विहार कॉलोनी का निरीक्षण कर सड़क, नाली और जल निकासी की समस्याओं का स्थायी हल निकालने की मांग की है। कॉलोनी के निवासियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं पर शीघ्र कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध प्रदर्शन दर्ज कराने को मजबूर होंगे।1
- मथुरा जिले में 'लाडली वन' अभियान की शुरुआत विकास खंड फरह के ग्राम पंचायत बरारी से 09 जुलाई 2026 को की गई। इस पहल के तहत बरारी में 1000 वर्ग मीटर क्षेत्र में 3000 पौधों का रोपण किया गया। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के 'एक पेड़ माँ के नाम' तथा 'वृक्षारोपण महाभियान 2026' के आह्वान पर जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह के मार्गदर्शन और मुख्य विकास अधिकारी डॉ. पूजा गुप्ता के नेतृत्व में किया गया, जिसकी थीम 'लाडली वन- आओ लौटाएं ब्रज की हरियाली' रखी गई है। अभियान के शुभारंभ अवसर पर बल्देव विधायक श्री पूरन प्रकाश, जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. पूजा गुप्ता और डीएफओ वेंकट श्रीकर पटेल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। कार्यक्रम में उच्च प्राथमिक विद्यालय की 101 बालिकाओं ने पौधे लगाए और प्रत्येक बालिका ने तीन-तीन पौधों को गोद लेकर उन्हें वृक्ष बनाने का संकल्प लिया। विधायक और जिलाधिकारी ने स्वयं भी पौधारोपण किया तथा बालिकाओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर प्रोत्साहित किया। जिलाधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों, सहायक विकास अधिकारियों और सचिवों को शेष 100 लाडली वनों को 12 जुलाई 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. पूजा गुप्ता ने कंसल्टिंग इंजीनियरों और सचिवों को बरारी में अपनाई गई मियावाकी तकनीक का अध्ययन कर चिन्हित अन्य 100 ग्राम पंचायतों में भी इसे लागू करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ-वृक्ष लगाओ' के नारे के साथ 'ब्रज की हरियाली लौटाने' का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मियावाकी पद्धति के अंतर्गत पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया है, जिसे 'लाडली वन' नाम दिया गया है। जिलाधिकारी ने मियावाकी पद्धति को एक जापानी तकनीक के रूप में समझाया, जिसके द्वारा कम स्थान में विभिन्न प्रजातियों के देशी पौधों का सघन रोपण किया जाता है। उन्होंने बताया कि इस तकनीक से लगाए गए पौधे सामान्य पौधों की तुलना में अधिक तेजी से बढ़ते हैं और कम समय में घने वन का रूप ले लेते हैं, जिससे जैव विविधता का संरक्षण, वायु गुणवत्ता में सुधार, भूजल संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलती है। जिलाधिकारी ने नागरिकों से अपील की कि वे अधिक से अधिक पौधे लगाएं और उनके संरक्षण का संकल्प लें। उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल पौधारोपण ही नहीं, बल्कि पौधों का नियमित संरक्षण और संवर्धन भी प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।1
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का धरना दूसरे दिन भी लगातार जारी रहा। इस प्रदर्शन से जुड़ी उनकी क्या मांगें हैं, इसे जानने के लिए संबंधित वीडियो देखने का उल्लेख किया गया है।1
- एक दुल्हन ने अपने प्रेमी को एक ऐसा हैरान कर देने वाला चैलेंज दिया है, जिससे यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या यह सच्चे प्यार की परीक्षा है या एक बड़ा धोखा। प्रेम, चुनौती और शादी के इस पूरे घटनाक्रम में बताया गया है कि मंडप में एक बड़ा खेल होने वाला था।1