15 लाख की लागत से बना सामुदायिक भवन उद्घाटन का इंतजार, बरहटा पंचायत को मिली नई सौगात ग्राम पंचायत बरहटा में ग्रामीणों के लिए एक बड़ी सौगात तैयार होकर खड़ी है। लगभग 15 लाख रुपये की लागत से निर्मित सामुदायिक भवन का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन अब तक इसका उद्घाटन नहीं हो पाया है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जल्द ही भवन का लोकार्पण होगा और यह आमजन के उपयोग में आएगा। ग्राम पंचायत बरहटा में बनाए गए इस सामुदायिक भवन का निर्माण पंचायत स्तर पर सामाजिक और सार्वजनिक कार्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए कराया गया है। भवन पूरी तरह तैयार है और अब केवल उद्घाटन का इंतजार कर रहा है स्थानीय ग्रामीणों ने आज रविवार दोपहर करीब 3 बजे बताया कि इस भवन के शुरू होने से शादी-विवाह, बैठक, सांस्कृतिक कार्यक्रम और अन्य सामाजिक आयोजन गांव में ही आसानी से हो सकेंगे। इससे लोगों को काफी सुविधा मिलेगी पंचायत प्रतिनिधियों के अनुसार उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से चर्चा की जा रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही शुभ मुहूर्त में इसका लोकार्पण किया जाएगा
15 लाख की लागत से बना सामुदायिक भवन उद्घाटन का इंतजार, बरहटा पंचायत को मिली नई सौगात ग्राम पंचायत बरहटा में ग्रामीणों के लिए एक बड़ी सौगात तैयार होकर खड़ी है। लगभग 15 लाख रुपये की लागत से निर्मित सामुदायिक भवन का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन अब तक इसका उद्घाटन नहीं हो पाया है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जल्द ही भवन का लोकार्पण होगा और यह आमजन के उपयोग में आएगा। ग्राम पंचायत बरहटा में बनाए गए इस सामुदायिक भवन का निर्माण पंचायत स्तर पर सामाजिक और सार्वजनिक कार्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए कराया गया है। भवन पूरी तरह तैयार है और अब केवल उद्घाटन का इंतजार कर रहा है स्थानीय ग्रामीणों ने आज रविवार दोपहर करीब 3 बजे बताया कि इस भवन के शुरू होने से शादी-विवाह, बैठक, सांस्कृतिक कार्यक्रम और अन्य सामाजिक आयोजन गांव में ही आसानी से हो सकेंगे। इससे लोगों को काफी सुविधा मिलेगी पंचायत प्रतिनिधियों के अनुसार उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से चर्चा की जा रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही शुभ मुहूर्त में इसका लोकार्पण किया जाएगा
- हरदुआ बरहटा सहित कई ग्रामीण क्षेत्रों से रोजगार की कमी बनी मजबूरी पलायन को मजबूर श्रमिक जिले में रोजगार का संकट लगातार गहराता जा रहा है। स्थानीय स्तर पर काम नहीं मिलने के कारण क्षेत्र के सैकड़ों श्रमिक अब दूसरे शहरों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं। रीठी रेलवे स्टेशन पर रोज बड़ी संख्या में मजदूर ट्रेनों से सफर करते दिखाई दे रहे हैं, जो अपने परिवार का पेट पालने के लिए घर छोड़कर बाहर काम तलाशने जा रहे हैं। क्षेत्र में रोजगार के सीमित साधनों ने ग्रामीण श्रमिकों की चिंता बढ़ा दी है। खेती-किसानी का सीजन खत्म होने के बाद मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में युवक और श्रमिक अन्य बड़े शहरों की ओर रुख कर रहे हैं। रेलवे स्टेशनो पर इन दिनों श्रमिकों की भीड़ से भरा नजर आ रहा है। सुबह और शाम ट्रेनों में सफर करने वाले मजदूरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हाथों में बैग और चेहरे पर उम्मीद लिए ये श्रमिक बेहतर रोजगार की तलाश में अपने गांव और परिवार को छोड़ने को मजबूर हैं श्रमिकों ने आज रविवार की शाम करीब 6 बजे बताया कि यहां काम नहीं मिल रहा है, इसलिए बाहर जाना पड़ रहा है। परिवार चलाने के लिए मजदूरी करना जरूरी है।” स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि क्षेत्र में उद्योग और रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएं, तो मजदूरों को पलायन नहीं करना पड़ेगा। रोजगार की कमी का असर अब गांवों की आर्थिक स्थिति पर भी दिखाई देने लगा है।1
- गुना में 40 लाख टन सीमेंट का उत्पादन होगा और हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा भोपाल और गुना के लिए 10 मई का दिन ऐतिहासिक रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुना में 1059 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली अंबुजा सीमेंट फैक्ट्री का शिलान्यास किया। इस नई फैक्ट्री के शुरू होने से क्षेत्र के लगभग 1500 लोगों को सीधा रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि गुना में अब विकास का एक नया दौर शुरू होने वाला है। शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 130 करोड़ रुपये की लागत वाले 144 अन्य विकास कार्यों का भी लोकार्पण और भूमि-पूजन किया। उन्होंने गुना-शिवपुरी क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं जिनमें गुनिया नदी का जीर्णोद्धार, लक्ष्मण कोटरा के लिए नया ब्रिज और भुजरिया तालाब का सौंदर्यीकरण शामिल है। मुख्यमंत्री ने किसानों को आश्वस्त किया कि विकास के लिए ली जाने वाली जमीन का उन्हें बाजार दर से चार गुना मुआवजा दिया जाएगा ताकि वे भी इस प्रगति में भागीदार बन सकें। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस मौके पर कहा कि यह गुना के लिए स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाने वाला दिन है। उन्होंने बताया कि इस सीमेंट ग्राइंडिंग यूनिट के माध्यम से कुल साढ़े तीन हजार करोड़ रुपये का निवेश क्षेत्र में आ रहा है। सिंधिया ने यह भी साझा किया कि भविष्य में अडानी समूह द्वारा 2500 करोड़ रुपये की लागत से एक डिफेंस यूनिट भी स्थापित की जाएगी और बदरवास में सिलाई यूनिट के जरिए 1800 महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। अडानी समूह के प्रणव अडानी ने कार्यक्रम में शिरकत करते हुए कहा कि यह सीमेंट प्लांट मध्य प्रदेश के विकास को नई दिशा देगा। उन्होंने राज्य सरकार की औद्योगिक नीतियों और रोजगार पर केंद्रित विजन की सराहना की। इस परियोजना के आने से अब स्थानीय युवाओं को रोजगार के लिए बाहर पलायन नहीं करना पड़ेगा और गुना आर्थिक रूप से अधिक समृद्ध बनेगा।3
- लौआलगान पश्चिमी वार्ड No 5 हमारे गांव लौआलगान पश्चिमी में 5 साल से रोड पर पानी जमा रहता इस गांव का कोई भी नेता प्रतिनिधि इस समस्या का हल नहीं करता है मुखिया रणविजय सिंह1
- अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भाजपा कार्यकर्ताओं पर टीएमसी नेताओं के घर में घुसकर पिटाई करने का आरोप लगा है। इस घटना में पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठे हैं और राज्य सरकार से तत्काल कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।1
- फेरेरगंज में एक बहुत गहरा गड्ढा सामने आया है, जिससे स्थानीय लोग चिंतित हैं। यह गड्ढा सुरक्षा के लिए खतरा बन गया है और प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की जा रही है।1
- भाजपा के दिग्गज नेता अटल बिहारी वाजपेयी ने एक बार एक महत्वपूर्ण बात कही थी। उनके इस बयान को आज भी याद किया जाता है।1
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- तेज आंधी का कहर: रीठी हाई स्कूल का टीन शेड धराशायी बड़ा हादसा टला कटनी जिले की रीठी तहसील से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां तेज आंधी और हवाओं के चलते शासकीय उच्चतर उत्कृष्ट विद्यालय रीठी में लगा टीन शेड अचानक भरभराकर गिर गया। गनीमत रही कि घटना के समय वहां कोई छात्र मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। बीते दिनों आए तेज मौसम बदलाव और आंधी-तूफान का असर अब सरकारी भवनों पर भी दिखाई देने लगा है। रीठी तहसील मुख्यालय स्थित शासकीय उच्चतर उत्कृष्ट विद्यालय परिसर में लगाया गया टीन सेट तेज हवाओं का दबाव नहीं झेल सका और पूरी तरह धराशायी हो गया प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तेज हवा के साथ अचानक टीन शेड जोरदार आवाज के साथ जमीन पर आ गिरा। घटना के बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि उस समय छात्र-छात्राएं वहां मौजूद नहीं थे, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। बताया गया है कि “हवा बहुत तेज चल रही थी, अचानक टीन शेड गिर गया। अगर उस समय बच्चे वहां होते तो बड़ा हादसा हो सकता था।” घटना ने स्कूल भवनों और व्यवस्थाओं की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से स्कूल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और क्षतिग्रस्त हिस्सों की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है।1