अवैध अस्पतालों पर कार्यवाही को भाकियू संविधान ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन अवैध अस्पतालों पर कार्यवाही को भाकियू संविधान ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन अमरोहा। जनपद में कथित रूप से संचालित अवैध अस्पतालों, झोलाछापों और स्वास्थ्य विभाग में शिकायतों के निस्तारण को लेकर भारतीय किसान यूनियन (संविधान) ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने मंडल अध्यक्ष ठाकुर मंजू राठौर के नेतृत्व में जिलाधिकारी अमरोहा को ज्ञापन सौंपकर स्वास्थ्य विभाग से जुड़े विभिन्न मामलों की जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों पर कार्रवाई नहीं होती है, तो पदाधिकारी और कार्यकर्ता मुरादाबाद मंडलायुक्त कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन करेंगे। ज्ञापन में संगठन ने जोया नगर पंचायत क्षेत्र में संचालित बताए जा रहे मेडिस्टार अस्पताल की प्रशासनिक जांच कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ की गैरमौजूदगी में सेवाएं संचालित पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। इसके अलावा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में लंबे समय से एक ही पद अथवा स्थान पर कार्यरत कर्मचारियों के स्थानांतरण, गजरौला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की प्रभारी डॉ. पलवी गंगवार की नियुक्ति से संबंधित नियमों की जांच तथा नियम विरुद्ध पाए जाने पर उचित कार्रवाई की मांग उठाई गई है। ज्ञापन में मुख्यमंत्री पोर्टल पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिकायतों के कथित फर्जी निस्तारण की जांच कराने की मांग भी की गई है। संगठन ने कहा कि यदि शिकायतों का निस्तारण गलत तरीके से किया गया है, तो संबंधित मामलों में दोबारा कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही जनपद में अवैध रूप से संचालित बताए जा रहे जच्चा-बच्चा केंद्रों और ऑपरेशन थिएटरों को बंद कराने की मांग की गई है। संगठन ने झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई करने वाली टीमों में क्षेत्रीय उपजिलाधिकारी, तहसीलदार और स्थानीय पुलिस की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। ज्ञापन में अवैध अस्पतालों और नर्सिंग होम में मृत्यु की घटनाओं के मामलों में संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने तथा लापरवाही मिलने पर विभागीय कार्रवाई की मांग भी शामिल है। इसके अतिरिक्त, गजरौला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. योगेंद्र सिंह से नोडल अधिकारी का प्रभार हटाकर नियमानुसार संबंधित प्रभारी को जिम्मेदारी सौंपने की मांग की गई है।
अवैध अस्पतालों पर कार्यवाही को भाकियू संविधान ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन अवैध अस्पतालों पर कार्यवाही को भाकियू संविधान ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन अमरोहा। जनपद में कथित रूप से संचालित अवैध अस्पतालों, झोलाछापों और स्वास्थ्य विभाग में शिकायतों के निस्तारण को लेकर भारतीय किसान यूनियन (संविधान) ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने मंडल अध्यक्ष ठाकुर मंजू राठौर के नेतृत्व में जिलाधिकारी अमरोहा को ज्ञापन सौंपकर स्वास्थ्य विभाग से जुड़े विभिन्न मामलों की जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों पर कार्रवाई नहीं होती है, तो पदाधिकारी और कार्यकर्ता मुरादाबाद मंडलायुक्त कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन करेंगे। ज्ञापन में संगठन ने जोया नगर पंचायत क्षेत्र में संचालित बताए जा रहे मेडिस्टार अस्पताल की प्रशासनिक जांच कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ की गैरमौजूदगी में सेवाएं संचालित पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। इसके अलावा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में लंबे समय से एक ही पद अथवा स्थान पर कार्यरत कर्मचारियों के स्थानांतरण, गजरौला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की प्रभारी डॉ. पलवी गंगवार की नियुक्ति से संबंधित नियमों की जांच तथा नियम विरुद्ध पाए जाने पर उचित कार्रवाई की मांग उठाई गई है। ज्ञापन में मुख्यमंत्री पोर्टल पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिकायतों के कथित फर्जी निस्तारण की जांच कराने की मांग भी की गई है। संगठन ने कहा कि यदि शिकायतों का निस्तारण गलत तरीके से किया गया है, तो संबंधित मामलों में दोबारा कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही जनपद में अवैध रूप से संचालित बताए जा रहे जच्चा-बच्चा केंद्रों और ऑपरेशन थिएटरों को बंद कराने की मांग की गई है। संगठन ने झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई करने वाली टीमों में क्षेत्रीय उपजिलाधिकारी, तहसीलदार और स्थानीय पुलिस की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। ज्ञापन में अवैध अस्पतालों और नर्सिंग होम में मृत्यु की घटनाओं के मामलों में संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने तथा लापरवाही मिलने पर विभागीय कार्रवाई की मांग भी शामिल है। इसके अतिरिक्त, गजरौला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. योगेंद्र सिंह से नोडल अधिकारी का प्रभार हटाकर नियमानुसार संबंधित प्रभारी को जिम्मेदारी सौंपने की मांग की गई है।
- अवैध अस्पतालों पर कार्यवाही को भाकियू संविधान ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन अवैध अस्पतालों पर कार्यवाही को भाकियू संविधान ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन अमरोहा। जनपद में कथित रूप से संचालित अवैध अस्पतालों, झोलाछापों और स्वास्थ्य विभाग में शिकायतों के निस्तारण को लेकर भारतीय किसान यूनियन (संविधान) ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने मंडल अध्यक्ष ठाकुर मंजू राठौर के नेतृत्व में जिलाधिकारी अमरोहा को ज्ञापन सौंपकर स्वास्थ्य विभाग से जुड़े विभिन्न मामलों की जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों पर कार्रवाई नहीं होती है, तो पदाधिकारी और कार्यकर्ता मुरादाबाद मंडलायुक्त कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन करेंगे। ज्ञापन में संगठन ने जोया नगर पंचायत क्षेत्र में संचालित बताए जा रहे मेडिस्टार अस्पताल की प्रशासनिक जांच कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ की गैरमौजूदगी में सेवाएं संचालित पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। इसके अलावा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में लंबे समय से एक ही पद अथवा स्थान पर कार्यरत कर्मचारियों के स्थानांतरण, गजरौला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की प्रभारी डॉ. पलवी गंगवार की नियुक्ति से संबंधित नियमों की जांच तथा नियम विरुद्ध पाए जाने पर उचित कार्रवाई की मांग उठाई गई है। ज्ञापन में मुख्यमंत्री पोर्टल पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिकायतों के कथित फर्जी निस्तारण की जांच कराने की मांग भी की गई है। संगठन ने कहा कि यदि शिकायतों का निस्तारण गलत तरीके से किया गया है, तो संबंधित मामलों में दोबारा कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही जनपद में अवैध रूप से संचालित बताए जा रहे जच्चा-बच्चा केंद्रों और ऑपरेशन थिएटरों को बंद कराने की मांग की गई है। संगठन ने झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई करने वाली टीमों में क्षेत्रीय उपजिलाधिकारी, तहसीलदार और स्थानीय पुलिस की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। ज्ञापन में अवैध अस्पतालों और नर्सिंग होम में मृत्यु की घटनाओं के मामलों में संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने तथा लापरवाही मिलने पर विभागीय कार्रवाई की मांग भी शामिल है। इसके अतिरिक्त, गजरौला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. योगेंद्र सिंह से नोडल अधिकारी का प्रभार हटाकर नियमानुसार संबंधित प्रभारी को जिम्मेदारी सौंपने की मांग की गई है।1
- लोकतंत्र की रक्षा के लिए दिल्ली में मार्च, एडवोकेट आशुतोष अवाना समेत समाजवादी साथी रहे मौजूद नई दिल्ली। लोकतंत्र, संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के मुद्दे को लेकर नई दिल्ली में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर अपनी आवाज बुलंद की। इस दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से जुड़े प्रदर्शन की तस्वीरें भी सामने आई हैं। एडवोकेट आशुतोष अवाना ने बताया कि नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला गया, जिसमें उनके साथ समाजवादी पार्टी के कई साथी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि संविधान, लोकतांत्रिक अधिकारों और जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर आवाज उठाना लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए आवश्यक है। आशुतोष अवाना ने कहा कि लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई जारी रहेगी और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष किया जाता रहेगा। उन्होंने कहा कि जनहित के मुद्दों पर आवाज उठाना और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए जरूरी है।3
- नव रातों में माता का भव्य जागरण का आयोजन किया गया श्रद्धालुओं बड़े प्रेम से भजनों का आनंद लिया गुरेठा खादर में नवरातों पर माता का भव्य जागरण, भजनों और मनमोहक झांकियों ने मोहा श्रद्धालुओं का मन अमरोहा /आदमपुर आदमपुर थाना आदमपुर क्षेत्र के गांव गुरेठा खादर में नव रातों के पावन अवसर पर भगवत सिंह के आवास पर माता रानी के जागरण का आयोजन श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ किया गया। जागरण में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर माता रानी के चरणों में अपनी हाजिरी लगाई और परिवार व गांव की सुख-समृद्धि की कामना की। जागरण में भजन गायकों ने माता रानी की महिमा का गुणगान करते हुए एक से बढ़कर एक भक्तिमय भजन प्रस्तुत किए। मां दुर्गा, मां काली, मां शेरावाली और वैष्णो देवी की भेंटों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। भजनों की मधुर धुनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर नजर आए और माता रानी के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने तालियां बजाकर भजन गायकों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में प्रस्तुत की गईं विभिन्न धार्मिक झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों और देवी-देवताओं से संबंधित झांकियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। आकर्षक सजावट और धार्मिक प्रस्तुतियों के माध्यम से देवी मां की महिमा को दर्शाया गया। झांकियों को देखने के लिए ग्रामीणों में खासा उत्साह दिखाई दिया। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों ने भी कार्यक्रम में भाग लेकर धर्मलाभ प्राप्त किया। नवरात्रि के अवसर पर आयोजित इस जागरण से गांव में उत्सव और भक्ति का माहौल बना रहा। कार्यक्रम के आयोजन में लखमी चंद, जितेंद्र सिंह, योगेश, सुशील कुमार, अमित कुमार सहित समस्त ग्रामीणों का सहयोग रहा। आयोजकों ने जागरण में शामिल हुए श्रद्धालुओं और सहयोग करने वाले ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया। जय माता दी के जयकारों के साथ जागरण भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ।4
- नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार ने जनसंभव दिवस में की जनसुनवाई जैन संभव दिवस से 15 शिकायत हुई दर्ज ईओ ने कराया 12 शिकायतों का मौके पर निस्तारण अमरोहा।आज दिनांक 12/10/2026 को नगर पालिका परिषद अमरोहा मे पालिका अधिशासी अधिकारी श्री दिनेश कुमार की अध्यक्षता मे *संभव दिवस जनसुनवाई* का आयोजन किया गया। जिसके अंतर्गत पालिका मे सफाई, नगरीय स्ट्रीट लाइट, पेयजालापूर्ति, राशन कार्ड सत्यापन, अतिक्रमण से संबंधित कुल 15 शिकायते प्राप्त हुई जिनमे से 12 शिकायतो का मौके पर निस्तारण कराया गया व 3 आवेदनों पर जाँच कर नियमानुसार अग्रिम कार्यवाही किये जाने हेतु संबंधित अधिकारियो को निर्देशित किया गया। Mashkoor Amrohvi JPN7 NEWS 86304422011
- बुगरासी में जमीन विवाद पर सबकी नजर! क्या शहनाज़ बेगम को मिलेगा जमीन पर कब्जा? कस्बा बुगरासी में लंबे समय से विवादों में घिरी ज़मीन पर आज कोर्ट का फ़ैसला आ चुका है। अदालत ने फ़ैसला शैनाज़ बेगम के हक़ में सुनाते हुए ज़मीन को उन्हें कब्ज़ा मुक्त करने के आदेश दिए हैं। इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई थी जब कस्बा बुग्रासी के चेयरमैन ओमदत्त लोधी ने इसे नगरपालिका और तालाब की संपत्ति बताया था। हैरानी की बात यह है कि कोर्ट में प्रक्रिया चलने के दौरान ही इस ज़मीन की बिक्री कर दी गई और वहाँ चार दुकानों की मार्केट खड़ी कर दी गई। आज फ़ैसले के बाद शैनाज़ बेगम अपने बेटों—दानिश, नवाजिस और फराज—के साथ नरसेना थाने पहुंचीं और घटना की जानकारी दी। इसके बाद चौकी इंचार्ज मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य रुकवा दिया। वहीं, मौके पर मौजूद मनोज नाम के व्यक्ति ने उस प्रॉपर्टी को अपनी बताया है। उन्होंने बताया कि ये ज़मीन उन्होंने आशवाक खान से खरीदी थी। मनोज ने अपने पार्टनर्स को शाम 4 बजे तक आने को कहा, लेकिन वे नहीं आए। बाद में चौकी इंचार्ज ने दोनों पक्षों को वहाँ से जाने के लिए कहा। मनोज ने अपने पार्टनर्स को बुलाने के लिए तीन दिन का समय मांगा, तो चौकी इंचार्ज ने लिखित रूप में दिया कि जब तक दोनों पार्टियां आमने-सामने नहीं होंगी, तब तक वहाँ कोई निर्माण कार्य नहीं होगा। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही बचता है—जब ओमदत्त लोधी की तरफ से पहले इस ज़मीन को नगरपालिका और तालाब की संपत्ति बताया गया था, तो फिर उसी ज़मीन की बिक्री कैसे हो गई? और उसी ज़मीन पर चार दुकानों की मार्केट कैसे खड़ी हो गई? अब देखना होगा कि तीन दिन बाद जब दोनों पक्ष आमने-सामने होंगे, तो इस विवाद में आगे क्या होता है और ज़मीन पर असली कब्ज़ा आखिर किसे मिलता है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या कोर्ट के आदेश का सच में पालन होगा, या फिर मामला सिर्फ कागज़ों तक ही सीमित रह जाएगा? क्या पुलिस प्रशासन इस ज़मीन को कब्ज़ा-मुक्त ठीक से करा पाएगा? या फिर ये आदेश भी अधूरा ही रह जाएगा? और आप सबकी क्या राय है? क्या स्थानीय स्तर पर न्याय मिल रहा है या नहीं? कमेंट्स बॉक्स में ज़रूर बताएं, आपकी राय भी उतनी ही अहम है। BARAHBASTITV सच की आवाज़, आपके साथ।1
- PDA की चौपाल में सपा के दो संभावित दावेदारों ने पेश की दावेदारी गुलफाम सैफी हिम्मतपुर में गढ़ विधानसभा सीट को लेकर बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी 2027 के चुनाव के लिए टिकट की दौड़ तेज गढ़मुक्तेश्वर। जनपद हापुड़ के थाना सिंभावली क्षेत्र के गांव हिम्मतपुर में आयोजित PDA की चौपाल में समाजवादी पार्टी के दो संभावित प्रत्याशियों ने गढ़मुक्तेश्वर विधानसभा क्षेत्र-60 से अपनी-अपनी दावेदारी पेश की। वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सपा में टिकट के दावेदारों की सक्रियता बढ़ने से क्षेत्र की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं। जानकारी के अनुसार, चौपाल में समाजवादी पार्टी के संभावित प्रत्याशी रविन्द्र चौधरी ने सैकड़ों लोगों के बीच पहुंचकर पार्टी की नीतियों और सिद्धांतों को रखा। उन्होंने बताया कि वह वर्ष 2022 में भी विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व यदि उन्हें चुनाव लड़ने का अवसर देता है, तो वह चुनाव मैदान में उतरकर पार्टी की जीत के लिए पूरी ताकत से प्रयास करेंगे। वहीं, महिला संभावित प्रत्याशी नैना गुर्जर भी PDA की चौपाल में पहुंचीं और गढ़मुक्तेश्वर विधानसभा सीट से अपनी दावेदारी पेश की। उन्होंने कहा कि सभी लोग मिलकर काम करते हैं, लेकिन वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में वह भी अपनी दावेदारी रखेंगी। टिकट को लेकर अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व को ही लेना है। टिकट की दावेदारी को लेकर चर्चाएं तेज हिम्मतपुर में आयोजित PDA की चौपाल के बाद गढ़मुक्तेश्वर विधानसभा क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के संभावित प्रत्याशियों को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। दोनों दावेदारों की मौजूदगी को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, समाजवादी पार्टी की ओर से अभी तक किसी भी संभावित प्रत्याशी के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में अब सबकी निगाहें पार्टी नेतृत्व के फैसले पर टिकी हैं।2
- चौधरी शाहनवाज का जनसंपर्क अभियान तेज हसनपुर 42 विधानसभा में ग्रामीणों से की मुलाकात विधानसभा में चौधरी शाहनवाज का जनसंपर्क अभियान तेज, कई गांवों में ग्रामीणों से की मुलाकात 18 अक्टूबर अमरोहा के हसनपुर पहुंचेंगे चंद्रशेखर आजाद जनसभा को करेंगे संबोधित हसनपुर, अमरोहा। हसनपुर विधानसभा-42 के ग्राम पंडकी, पंडका, मेंहदीपुर, निरयावली समेत अन्य गांवों में जनसंपर्क के दौरान चौधरी शाहनवाज ने ग्रामीणों से मुलाकात की और उनसे संवाद किया। इस दौरान ग्रामीणों चौधरी शाहनवाज का जोरदार स्वागत किया और इस मौके पर लोगों ने प्यार, समर्थन और अपनापन के लिए उन्होंने सभी का दिल से आभार व्यक्त किया। चौधरी शाहनवाज ने कहा कि जनता से मिल रहा स्नेह और विश्वास उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उनकी बात सुनना और उनसे जुड़ना उनके जनसंपर्क अभियान का अहम हिस्सा है।1
- अमरोहा के आदमपुर थाना क्षेत्र के गांव दढ़ियाल में एक बाइक मिस्त्री की गला दबाकर हत्या करने का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान 30 वर्षीय निजामुद्दीन के रूप में हुई है। [1, 2] इस घटना से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं: घटना का कारण: शनिवार रात करीब 9:30 बजे निजामुद्दीन गांव में एक घर के बाहर खड़े थे, तभी पड़ोसी गांव के दो युवकों ने उन पर बाइक चढ़ाने का प्रयास किया। इसका विरोध करने पर विवाद बढ़ गया। परिजनों का आरोप है कि पुरानी रंजिश के चलते युवकों ने गाली-गलौज और मारपीट के बाद निजामुद्दीन का गला दबा दिया। [1, 2] अस्पताल ले जाते समय मौत: हालत अमरोहा के आदमपुर थाना क्षेत्र के गांव दढ़ियाल में एक बाइक मिस्त्री की गला दबाकर हत्या करने का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान 30 वर्षीय निजामुद्दीन के रूप में हुई है। [1, 2] इस घटना से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं: घटना का कारण: शनिवार रात करीब 9:30 बजे निजामुद्दीन गांव में एक घर के बाहर खड़े थे, तभी पड़ोसी गांव के दो युवकों ने उन पर बाइक चढ़ाने का प्रयास किया। इसका विरोध करने पर विवाद बढ़ गया। परिजनों का आरोप है कि पुरानी रंजिश के चलते युवकों ने गाली-गलौज और मारपीट के बाद निजामुद्दीन का गला दबा दिया। [1, 2] अस्पताल ले जाते समय मौत: हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें पहले स्थानीय डॉक्टर और फिर संभल के अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। [1, 2] पुलिस की कार्रवाई: सूचना मिलने पर आदमपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना अध्यक्ष कोमल तोमर के अनुसार, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पर परिजन उन्हें पहले स्थानीय डॉक्टर और फिर संभल के अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस की कार्रवाई: सूचना मिलने पर आदमपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना अध्यक्ष कोमल तोमर के अनुसार, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1