स्कूली बस अचानक पलटी, पांच बच्चे घायल, ब्रेक फेल, एएसपी की बड़ी जानकारी औरैया जिले के थाना बेला क्षेत्र में बेला-कानपुर मार्ग पर बबनौटी मोड़ के पास बुधवार सुबह एक स्कूली बस अनियंत्रित होकर पलट गई। बस में करीब तीस बच्चे सवार बताये गये है, जिनमें से पांच बच्चे इस हादसे में घायल हो गए। समय रहते ग्रामीणों और पुलिस की सक्रियता से एक बड़ा हादसा टल गया। पुलिस ने बस को सीज कर लिया है और चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस जैसे ही बबनौटी मोड़ के पास पहुंची, चालक का गाड़ी पर नियंत्रण छूट गया और बस सड़क किनारे पलट गई। हादसे के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बच्चों की चीख-पुकार सुनाई देने लगी। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर दौड़ पड़े। इसी बीच थानाध्यक्ष अमर बहादुर सिंह भी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पहुंचे। पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर बस में फंसे बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। लोगों का कहना है कि यदि समय पर मदद न पहुंचती तो हादसा और गंभीर हो सकता था। राहत कार्य के तुरंत बाद सभी घायल बच्चों को नजदीकी अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया। घटना की सूचना पर पुलिस क्षेत्राधिकारी पी.पुनीत मिश्रा भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे की वजह ब्रेक फेल होना बताई जा रही है। इसके बाद अपर पुलिस अधीक्षक आलोक मिश्रा भी मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
स्कूली बस अचानक पलटी, पांच बच्चे घायल, ब्रेक फेल, एएसपी की बड़ी जानकारी औरैया जिले के थाना बेला क्षेत्र में बेला-कानपुर मार्ग पर बबनौटी मोड़ के पास बुधवार सुबह एक स्कूली बस अनियंत्रित होकर पलट गई। बस में करीब तीस बच्चे सवार बताये गये है, जिनमें से पांच बच्चे इस हादसे में घायल हो गए। समय रहते ग्रामीणों और पुलिस की सक्रियता से एक बड़ा हादसा टल गया। पुलिस ने बस को सीज कर लिया है और चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस जैसे ही बबनौटी मोड़ के पास पहुंची, चालक का गाड़ी पर नियंत्रण छूट गया और बस सड़क किनारे पलट गई। हादसे के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बच्चों की चीख-पुकार सुनाई देने लगी। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर दौड़ पड़े। इसी बीच थानाध्यक्ष अमर बहादुर सिंह भी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पहुंचे। पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर बस में फंसे बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। लोगों का कहना है कि यदि समय पर मदद न पहुंचती तो हादसा और गंभीर हो सकता था। राहत कार्य के तुरंत बाद सभी घायल बच्चों को नजदीकी अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया। घटना की सूचना पर पुलिस क्षेत्राधिकारी पी.पुनीत मिश्रा भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे की वजह ब्रेक फेल होना बताई जा रही है। इसके बाद अपर पुलिस अधीक्षक आलोक मिश्रा भी मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
- *जनपद औरैया थाना बेला क्षेत्रान्तर्गत ग्राम बबनौटी मोड़ के पास एक स्कूली बस के अनियन्त्रित होकर पलटने के सम्बन्ध में अपर पुलिस अधीक्षक औरैया द्वारा दी गयी बाईट ।* 👇1
- स्कूली बस अचानक पलटी, पांच बच्चे घायल, ब्रेक फेल, एएसपी की बड़ी जानकारी औरैया जिले के थाना बेला क्षेत्र में बेला-कानपुर मार्ग पर बबनौटी मोड़ के पास बुधवार सुबह एक स्कूली बस अनियंत्रित होकर पलट गई। बस में करीब तीस बच्चे सवार बताये गये है, जिनमें से पांच बच्चे इस हादसे में घायल हो गए। समय रहते ग्रामीणों और पुलिस की सक्रियता से एक बड़ा हादसा टल गया। पुलिस ने बस को सीज कर लिया है और चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस जैसे ही बबनौटी मोड़ के पास पहुंची, चालक का गाड़ी पर नियंत्रण छूट गया और बस सड़क किनारे पलट गई। हादसे के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बच्चों की चीख-पुकार सुनाई देने लगी। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर दौड़ पड़े। इसी बीच थानाध्यक्ष अमर बहादुर सिंह भी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पहुंचे। पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर बस में फंसे बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। लोगों का कहना है कि यदि समय पर मदद न पहुंचती तो हादसा और गंभीर हो सकता था। राहत कार्य के तुरंत बाद सभी घायल बच्चों को नजदीकी अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया। घटना की सूचना पर पुलिस क्षेत्राधिकारी पी.पुनीत मिश्रा भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे की वजह ब्रेक फेल होना बताई जा रही है। इसके बाद अपर पुलिस अधीक्षक आलोक मिश्रा भी मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।1
- ₹2000+ UPI पेमेंट पर नया नियम 2026! ग्राहक को देना होगा चार्ज? पूरी सच्चाई UPI New Rules 2026: ₹2000 से ज्यादा UPI पेमेंट पर नया नियम, आम ग्राहक को देना होगा चार्ज या नहीं? जानिए पूरी जानकारी UPI New Rules 2026: अगर आप Google Pay, PhonePe, Paytm, BHIM या किसी दूसरे UPI ऐप से रोजाना पेमेंट करते हैं, तो ₹2,000 से ज्यादा के UPI ट्रांजैक्शन को लेकर आपके लिए बड़ी खबर है। सरकार ने 15 सितंबर 2026 को UPI के नए MDR फ्रेमवर्क को लेकर स्थिति साफ कर दी है। सबसे बड़ी बात यह है कि आम लोगों के Person-to-Person यानी P2P UPI पेमेंट पर कोई चार्ज नहीं लगाया गया है। वहीं ₹2,000 तक के Merchant Payment भी MDR से मुक्त रहेंगे। सरकार के अनुसार लगभग 96% P2M यानी Person-to-Merchant लेन-देन प्रभावित नहीं होंगे। 🖼️ Image 1: UPI New Rules 2026 Image Prompt: “भारतीय व्यक्ति मोबाइल से UPI payment करता हुआ, QR code scan करता हुआ, स्क्रीन पर ‘UPI New Rules 2026’ और ‘₹2000 तक FREE’ लिखा हुआ, realistic Indian digital payment scene, professional news article image, 16:9” ₹2,000 तक UPI पेमेंट पर क्या होगा? अगर आप किसी दुकान, शोरूम या दूसरे व्यापारी को UPI के माध्यम से ₹2,000 तक का भुगतान करते हैं, तो उस transaction पर MDR नहीं लगेगा। यानी ग्राहक को ₹500, ₹1,000 या ₹2,000 का भुगतान करते समय अलग से UPI transaction charge नहीं देना होगा। ₹2,000 से ज्यादा UPI पेमेंट पर कितना MDR लगेगा? सरकार के नए फ्रेमवर्क के अनुसार पात्र Person-to-Merchant (P2M) transactions, जिनकी राशि ₹2,000 से अधिक है, उन पर अधिकतम 0.4% MDR लागू होगा। यह MDR ग्राहक से लिया जाने वाला सामान्य UPI transaction charge नहीं है। यह payment ecosystem के प्रतिभागियों के बीच वितरित किया जाता है, जिसमें बैंक और payment service providers आदि शामिल हैं। उदाहरण से समझिए मान लीजिए किसी पात्र बड़े व्यापारी को आपने UPI से ₹5,000 का भुगतान किया। इस स्थिति में MDR की अधिकतम दर 0.4% के हिसाब से ₹20 बनती है। लेकिन सरकारी स्पष्टीकरण के अनुसार यह राशि ग्राहक से अलग UPI fee के रूप में नहीं ली जानी है। ₹75,000 या उससे ज्यादा के पेमेंट पर अधिकतम ₹300 MDR अगर पात्र merchant transaction की राशि ₹75,000 या उससे ज्यादा है, तो MDR को अधिकतम ₹300 प्रति transaction तक सीमित किया गया है। इसका मतलब है कि MDR प्रतिशत के हिसाब से बढ़ता हुआ अनलिमिटेड नहीं रहेगा, बल्कि इस श्रेणी में प्रति transaction ₹300 की cap रखी गई है। रेलवे, फ्यूल और टेलीकॉम में ₹5 Flat MDR कुछ जरूरी और कम-margin वाले सेक्टरों के लिए अलग व्यवस्था रखी गई है। ₹2,000 से ज्यादा के transaction पर रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस, फ्यूल और कृषि इनपुट जैसे निर्धारित सेक्टरों में ₹5 flat MDR लागू होगा। इसका उद्देश्य इन जरूरी सेवाओं में payment cost को एक निश्चित सीमा में रखना बताया गया है। 🖼️ Image 2: ₹2,000 से ज्यादा UPI पेमेंट Image Prompt: “भारतीय पेट्रोल पंप पर ग्राहक ₹3000 का UPI payment करता हुआ, QR code scan, मोबाइल स्क्रीन पर successful payment, news infographic style, text ‘₹2000+ पर MDR’, realistic, 16:9” परिवार और दोस्तों को पैसे भेजने पर कोई चार्ज नहीं अगर आप अपने भाई, बहन, माता-पिता, पत्नी, दोस्त या किसी रिश्तेदार को UPI से पैसे भेजते हैं, तो यह Person-to-Person यानी P2P transaction है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि P2P UPI transactions किसी भी राशि पर पूरी तरह मुफ्त रहेंगे। इस पर transaction fee, platform fee या अन्य charge नहीं लगाया जाना है। यानी ₹5,000, ₹20,000 या इससे अधिक राशि किसी व्यक्ति को UPI से भेजने पर भी इस MDR framework का असर नहीं पड़ेगा। छोटे दुकानदारों के लिए भी राहत UPI का इस्तेमाल करने वाले छोटे दुकानदारों, स्ट्रीट वेंडर्स और मोहल्ले की दुकानों को लेकर भी सरकार ने महत्वपूर्ण जानकारी दी है। P2PM category के तहत UPI QR से हर महीने ₹1 लाख तक भुगतान प्राप्त करने वाले छोटे व्यापारी zero-MDR व्यवस्था में बने रहेंगे। इसका मतलब है कि छोटे कारोबारियों पर बड़े merchants जैसा MDR बोझ नहीं लगाया जाएगा। 96% Merchant Transactions पर असर नहीं सरकारी आंकड़ों के अनुसार MDR केवल लगभग 4% merchant transactions पर लागू होगा। इसका मतलब है कि करीब 96% merchant transactions या तो ₹2,000 की सीमा के अंदर हैं या छोटे व्यापारियों के zero-MDR framework में आते हैं। यही वजह है कि सरकार का कहना है कि अधिकांश UPI merchant payments पहले की तरह बिना MDR के जारी रहेंगे। क्या ग्राहक से MDR वसूला जा सकता है? यह सबसे महत्वपूर्ण सवाल है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि MDR ग्राहक पर लगाया जाने वाला UPI transaction charge नहीं है। बैंकों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि merchant MDR का बोझ ग्राहक पर न डाले। साथ ही UPI application providers को platform fee या hidden charges लगाने की अनुमति नहीं है। इसलिए अगर कोई व्यापारी UPI payment लेने के बदले ग्राहक से अलग पैसा मांगता है, तो ग्राहक को transaction details और संबंधित शिकायत व्यवस्था की जानकारी लेकर उचित कार्रवाई करनी चाहिए। क्या UPI पर कोई Tax लगाया गया है? नहीं। MDR को सरकार द्वारा लगाया गया UPI tax समझना सही नहीं है। सरकारी स्पष्टीकरण के अनुसार MDR न तो सरकार या NPCI द्वारा वसूला जाने वाला tax है और न ही सामान्य UPI user से लिया जाने वाला transaction charge है। यह payment ecosystem के participants के बीच वितरित किया जाता है। UPI के नए नियमों को आसान भाषा में समझिए UPI Paymentनया नियमP2P यानी व्यक्ति से व्यक्तिकिसी भी राशि पर FREEMerchant को ₹2,000 तकMDR FREEMerchant को ₹2,000 से ज्यादाअधिकतम 0.4% MDR₹75,000 या ज्यादा पात्र transactionअधिकतम ₹300 MDRरेलवे/टेलीकॉम/इंश्योरेंस/फ्यूल/कृषि इनपुट₹5 Flat MDR, निर्धारित लेन-देन परछोटे merchant, ₹1 लाख/माह तकZero MDRCustomer पर अलग UPI feeनहीं स्रोत: भारत सरकार, वित्त मंत्रालय/PIB। 🖼️ Image 3: छोटे दुकानदार और UPI Image Prompt: “भारत की छोटी किराना दुकान, दुकानदार QR code से UPI payment लेता हुआ, ग्राहक मोबाइल से भुगतान करता हुआ, ऊपर हिंदी में ‘₹1 लाख/माह तक Zero MDR’, realistic Indian market, professional Google Discover article image, 16:9” UPI इस्तेमाल करने वालों को क्या याद रखना चाहिए? अगर आप सामान्य UPI user हैं, तो सबसे जरूरी बातें ये हैं: पहली बात: ₹2,000 तक के merchant payments पर MDR नहीं है। दूसरी बात: किसी व्यक्ति को पैसे भेजने वाला P2P transaction किसी भी राशि पर free रहेगा। तीसरी बात: ₹1 लाख प्रति माह तक UPI QR payment प्राप्त करने वाले पात्र छोटे merchants zero-MDR व्यवस्था में रहेंगे। चौथी बात: निर्धारित बड़े merchant transactions में ₹2,000 से ऊपर MDR लागू हो सकता है। पांचवीं बात: MDR को आम ग्राहक का सामान्य UPI transaction charge नहीं समझना चाहिए। निष्कर्ष ₹2,000 से ज्यादा के UPI payment को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की जानकारी वायरल हो रही है। लेकिन सरकारी स्पष्टीकरण के अनुसार आम व्यक्ति के P2P UPI transactions पूरी तरह free रहेंगे और ₹2,000 तक के merchant payments पर भी MDR नहीं लगेगा। नए framework में निर्धारित बड़े merchant transactions पर MDR लागू किया गया है, जबकि छोटे merchants को ₹1 लाख प्रति माह तक zero-MDR व्यवस्था में रखा गया है। सरकार के अनुसार करीब 96% merchant transactions प्रभावित नहीं होंगे। इसलिए UPI users को वायरल मैसेज देखकर घबराने के बजाय सरकारी और NPCI की आधिकारिक जानकारी देखनी चाहिए। आधिकारिक जानकारी वित्त मंत्रालय/PIB: UPI New Framework — भारत सरकार की आधिकारिक जानकारी PIB — हिंदी प्रेस रिलीज: UPI के नए नियमों की हिंदी जानकारी Yojana Samachar ऐसी ही सरकारी योजना, नौकरी, बैंकिंग, UPI, Aadhaar और जरूरी नियमों की सही और आसान जानकारी पाने के लिए Yojana Samachar से जुड़े रहें। नोट: UPI से जुड़े नियम और operational details समय-समय पर अपडेट हो सकते हैं। किसी भी महत्वपूर्ण financial transaction से पहले संबंधित बैंक, NPCI या सरकारी स्रोत से नवीनतम जानकारी जरूर जांचें। #UPI #UPINewRules2026 #UPICharge #UPIUpdate #UPIMDR #DigitalPayment #GooglePay #PhonePe #Paytm #BHIMUPI #UPINews #YojanaSamachar1
- अपराधियों की अब खैर नहीं: औरैया के हर थाने में तैनात होगी 'मिनी फॉरेंसिक यूनिट' औरैया। औरैया में पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में पुलिस कार्यालय सभागार में "मिनी फील्ड यूनिट फॉरेंसिक फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स" पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य अपराध जांच को अधिक वैज्ञानिक, निष्पक्ष और प्रभावी बनाना है। इस पहल के तहत जिले के प्रत्येक थाने में दो-दो चयनित पुलिस कर्मियों की 'मिनी फील्ड यूनिट' बनाई गई है। घटना की सूचना मिलते ही यह दो सदस्यीय टीम सबसे पहले मौके पर पहुंचेगी और मानक संचालन प्रक्रिया के तहत साक्ष्य जुटाएगी। कार्यशाला में अधिकारियों ने अदालतों में मामलों को मजबूत करने के लिए पारंपरिक तरीकों के बजाय आधुनिक फॉरेंसिक साक्ष्यों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। जिला फॉरेंसिक टीम ने पुलिस कर्मियों को साक्ष्य संकलन की आधुनिक तकनीकों और उपकरणों के उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया। इस व्यवस्था से पुलिस जांच अधिक पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण बनेगी, जिससे अपराधियों को अदालत से सजा दिलाने में आसानी होगी।4
- कुएं में गिरी गाय को प्रशासन और ग्रामीणों ने सुरक्षित बचाया औरैया। ब्लॉक औरैया क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत निगड़ा में मंगलवार रात एक आवारा गाय अचानक पुराने कुएं में गिर गई। कुएं में गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने कुएं में देखा तो गाय उसमें गिरी हुई दिखाई दी। घटना की जानकारी मिलते ही भाजपा नेता भूरे चौबे ने तत्काल उच्चाधिकारियों को सूचना देकर मामले से अवगत कराया। सूचना पर अग्निशमन दल और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद ग्रामीणों और प्रशासनिक टीम ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद अग्निशमन दल, पुलिस और ग्रामीणों की मदद से गाय को सुरक्षित कुएं से बाहर निकाल लिया गया। रेस्क्यू के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे और सभी ने बचाव कार्य में सहयोग किया। गाय को बचाने में समाजसेवी एवं आरजेडी ग्रुप के संस्थापक राम जी दुबे, सूर्यांश चतुर्वेदी उर्फ छैया, बेटू दुबे, हर्षित दुबे, गोलू चतुर्वेदी, गगन तिवारी, अमित चतुर्वेदी, शशिकांत चतुर्वेदी, माधव चतुर्वेदी, पारस मिश्रा, मटरू चतुर्वेदी, टिंकू पांडेय, उपेंद्र चतुर्वेदी, आदर्श चतुर्वेदी, छोटू, बेटू, शिव जी, राजा और राघव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सहयोग किया। समय रहते ग्रामीणों और प्रशासन की तत्परता से गाय को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।3
- 'मिनी फील्ड यूनिट (फॉरेंसिक फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स') हेतु एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।* अपराध अन्वेषण की प्रक्रिया को अधिक वैज्ञानिक, निष्पक्ष एवं प्रभावी बनाने तथा आपराधिक न्याय प्रणाली को मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक औरैया के निर्देशन में औरैया पुलिस द्वारा एक विशेष पहल की गई है। अपर पुलिस अधीक्षक औरैया की उपस्थिति में पुलिस अधीक्षक कार्यालय सभागार कक्ष में "मिनी फील्ड यूनिट फॉरेंसिक फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स" विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। *कार्यशाला के मुख्य बिंदु:* प्रत्येक थाने में मिनी फील्ड यूनिट का गठन: जनपद के प्रत्येक थाना स्तर पर फील्ड यूनिट का गठन किया गया है, जिसमें चयनित दो-दो पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है। घटनास्थल पर त्वरित कार्रवाई: यह दो सदस्यीय टीम किसी भी घटना की सूचना मिलने पर घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचकर मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार आवश्यक साक्ष्य संकलित करेगी, जिससे घटनाओं के त्वरित एवं सटीक साक्ष्यों में मदद मिलेगी। वैज्ञानिक साक्ष्यों पर जोर: कार्यशाला के दौरान अधिकारियों द्वारा बताया गया कि आधुनिक आपराधिक न्याय प्रणाली में केवल पारंपरिक साक्ष्यों पर निर्भर रहने के स्थान पर फॉरेंसिक व वैज्ञानिक साक्ष्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। विस्तृत प्रशिक्षण: कार्यशाला में उपस्थित पुलिस कर्मियों को जनपद की फारेंसिक टीम द्वारा उपस्थित पुलिस कर्मियों को फॉरेंसिक साक्ष्य संकलन की आधुनिक विधियों एवं उपकरणों के प्रयोग के संबंध में विस्तार से प्रशिक्षित व अभ्यस्त कराया गया। इस पहल से विवेचना प्रणाली अधिक पारदर्शी, वैज्ञानिक और गुणवत्तापूर्ण बनेगी, जिससे अपराधियों को मा0 न्यायालय में सजा दिलाने में सुगमता होगी।1
- औरैया,थाना अजीतमल पुलिस टीम द्वारा जुआ खेलने वाले 07 नफर अभियुक्तगण को मय माल फड़ 26380 रुपए व 52 अदद ताश पत्ते सहित किया गया गिरफ्तार औरैया,थाना अजीतमल पुलिस टीम द्वारा जुआ खेलने वाले 07 नफर अभियुक्तगण को मय माल फड़ 26380 रुपए व 52 अदद ताश पत्ते सहित किया गया गिरफ्तार,घटना का संक्षिप्त विवरण- पुलिस अधीक्षक महोदय औरैया के निर्देशन व अपर पुलिस अधीक्षक महोदय व क्षेत्राधिकारी अजीतमल के निकट पर्यवेक्षण में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में थाना अजीतमल पुलिस टीम द्वारा दिनांक 15.09.2026 को समय 19.50 बजे जुआ खेलने वाले 07 नफर अभियुक्तगण को ग्राम मोहारी बम्बा के पास झाड़ियों के पास से गिरफ्तार किया गया तथा गिरफ्तारी व बरामदगी के आधार पर अभियुक्तगण के विरुद्ध थाना स्थानीय पर मु0अ0सं0 365/2026 धारा 13 जुआ अधि0 पंजीकृत कर अग्रिम विधिक कार्यवाही प्रचलित है। *गिरफ्तारशुदा अभि0 का विवरणः-* 01.नवल सिंह पुत्र रुस्तम सिंह निवासी मोहारी थाना अजीतमल जिला औरैया उम्र करीब 45 बर्ष । 2.विकास कुमार पुत्र अरविन्द कुमार निवासी मोहारी थाना अजीतमल जिला औरैया उम्र 35 बर्ष । 03.सर्वेश कुमार पुत्र रामऔतार निवासी पटेल नगर थाना अजीतमल जिला औरैया उम्र 35 बर्ष । 04.नौशाद पुत्र सुल्तान सिंह निवासी गांधी नगर कस्बा अजीतमल जिला औरैया उम्र करीब 43 बर्ष । 05.शिव कुमार पुत्र रघुवीर सिंह निवासी भूरेपुर कला थाना अजीतमल जिला औरैया उम्र क 32 बर्ष । 6.कुंवर सिंह पुत्र खुशीलाल निवासी गोपियापुर थाना ब केवर जिला इटावा उम्र 50 बर्ष । 07.पवन कुमार पुत्र सरोज कुमार निवासी विलावा थाना अजीतमल जिला औरैया उम्र करीब 28 बर्ष । *बरामदगी विवरण –* 1- 52 अदद तास पत्ता 2-कुल 26830 रुपये नकद । *पंजीकृत अभियोग-* 1- मु0अ0सं0 365/2026 धारा 13 जुआ अधि0 थाना अजीतमल जनपद औरैया । *गिरफ्तार करने वाली टीम का विवरणः-* 1-प्रभारी निरीक्षक श्री विनोद कुमार सिंह थाना अजीतमल जनपद औरैया मय हमराह । 2-उ0नि0 संजीव कुमार सिंह थाना अजीतमल जनपद औरैया । 3-हे0का0 अंकित कुमार थाना अजीतमल जनपद औरैया । 4-का0 रामप्रकाश थाना अजीतमल जनपद औरैया । 5-का0 आशीष कुमार थाना अजीतमल जनपद औरैया ।2
- औरेया व्यूरो रिपोर्ट स्कूल बस पलटी बडा हादसा टल गया कुछ बच्चे हुए घायल1