मध्य प्रदेश के सतना जिले के वीरपुर गांव में जन अभियान परिषद, विकासखंड उचेहरा के तत्वावधान में संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान का विकासखंड स्तरीय समापन 'बावड़ी उत्सव' के साथ हुआ। यह समापन कार्यक्रम ग्राम पंचायत वीरपुर स्थित प्राचीन बावड़ी परिसर में आयोजित किया गया, जिसका शुभारंभ बालिकाओं द्वारा पारंपरिक कलश यात्रा और बावड़ी पूजन के साथ हुआ, जिसने सांस्कृतिक और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पद्मश्री बाबूलाल दाहिया रहे, जिन्होंने कुओं और बावड़ियों जैसे पारंपरिक जल स्रोतों को अमूल्य सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक धरोहर बताया। उन्होंने इनके संरक्षण और पुनर्जीवन को भूजल स्तर में सुधार तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने का माध्यम बताते हुए, जल संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाने और इन धरोहरों को बचाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम पंचायत एवं सरपंच संघ उचेहरा के अध्यक्ष शिवेंद्र सिंह परिहार 'शिब्बू' ने की, जबकि जनपद सदस्य राजाराम कुशवाहा और विकासखंड समन्वयक विश्वनाथ राय विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विकासखंड समन्वयक विश्वनाथ राय ने बताया कि जल गंगा संवर्धन अभियान का मुख्य उद्देश्य वर्षा जल का अधिकतम संचयन करना, नदियों, तालाबों, कुओं एवं बावड़ियों का संरक्षण करना, जल स्रोतों का पुनर्जीवन करना तथा भूजल स्तर में वृद्धि करना है। उन्होंने जोर दिया कि जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाकर ही भविष्य के जल संकट से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है। अध्यक्षीय उद्बोधन में शिवेंद्र सिंह 'शिब्बू' ने जल संरक्षण को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए ग्रामीणों से जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने और उनके संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। उन्होंने इस अभियान को जल संकट कम करने, कृषि को लाभ पहुंचाने, पर्यावरण संरक्षण और भावी पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करार दिया। इस अवसर पर सर्जना अध्यक्ष सुरेश दाहिया, वसुंधरा समिति के बृजेंद्र प्रकाश एवं सतवंत सिंह, उपसरपंच रामदयाल साहू, रोजगार सहायक तेजभान सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
मध्य प्रदेश के सतना जिले के वीरपुर गांव में जन अभियान परिषद, विकासखंड उचेहरा के तत्वावधान में संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान का विकासखंड स्तरीय समापन 'बावड़ी उत्सव' के साथ हुआ। यह समापन कार्यक्रम ग्राम पंचायत वीरपुर स्थित प्राचीन बावड़ी परिसर में आयोजित किया गया, जिसका शुभारंभ बालिकाओं द्वारा पारंपरिक कलश यात्रा और बावड़ी पूजन के साथ हुआ, जिसने सांस्कृतिक और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पद्मश्री बाबूलाल दाहिया रहे, जिन्होंने कुओं और बावड़ियों जैसे पारंपरिक जल
स्रोतों को अमूल्य सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक धरोहर बताया। उन्होंने इनके संरक्षण और पुनर्जीवन को भूजल स्तर में सुधार तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने का माध्यम बताते हुए, जल संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाने और इन धरोहरों को बचाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम पंचायत एवं सरपंच संघ उचेहरा के अध्यक्ष शिवेंद्र सिंह परिहार 'शिब्बू' ने की, जबकि जनपद सदस्य राजाराम कुशवाहा और विकासखंड समन्वयक विश्वनाथ राय विशिष्ट अतिथि
के रूप में उपस्थित रहे। विकासखंड समन्वयक विश्वनाथ राय ने बताया कि जल गंगा संवर्धन अभियान का मुख्य उद्देश्य वर्षा जल का अधिकतम संचयन करना, नदियों, तालाबों, कुओं एवं बावड़ियों का संरक्षण करना, जल स्रोतों का पुनर्जीवन करना तथा भूजल स्तर में वृद्धि करना है। उन्होंने जोर दिया कि जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाकर ही भविष्य के जल संकट से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है। अध्यक्षीय उद्बोधन में शिवेंद्र सिंह 'शिब्बू' ने जल संरक्षण को समय की सबसे बड़ी
आवश्यकता बताते हुए ग्रामीणों से जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने और उनके संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। उन्होंने इस अभियान को जल संकट कम करने, कृषि को लाभ पहुंचाने, पर्यावरण संरक्षण और भावी पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करार दिया। इस अवसर पर सर्जना अध्यक्ष सुरेश दाहिया, वसुंधरा समिति के बृजेंद्र प्रकाश एवं सतवंत सिंह, उपसरपंच रामदयाल साहू, रोजगार सहायक तेजभान सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
- मध्य प्रदेश के सतना जिले के वीरपुर गांव में जन अभियान परिषद, विकासखंड उचेहरा के तत्वावधान में संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान का विकासखंड स्तरीय समापन 'बावड़ी उत्सव' के साथ हुआ। यह समापन कार्यक्रम ग्राम पंचायत वीरपुर स्थित प्राचीन बावड़ी परिसर में आयोजित किया गया, जिसका शुभारंभ बालिकाओं द्वारा पारंपरिक कलश यात्रा और बावड़ी पूजन के साथ हुआ, जिसने सांस्कृतिक और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पद्मश्री बाबूलाल दाहिया रहे, जिन्होंने कुओं और बावड़ियों जैसे पारंपरिक जल स्रोतों को अमूल्य सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक धरोहर बताया। उन्होंने इनके संरक्षण और पुनर्जीवन को भूजल स्तर में सुधार तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने का माध्यम बताते हुए, जल संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाने और इन धरोहरों को बचाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम पंचायत एवं सरपंच संघ उचेहरा के अध्यक्ष शिवेंद्र सिंह परिहार 'शिब्बू' ने की, जबकि जनपद सदस्य राजाराम कुशवाहा और विकासखंड समन्वयक विश्वनाथ राय विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विकासखंड समन्वयक विश्वनाथ राय ने बताया कि जल गंगा संवर्धन अभियान का मुख्य उद्देश्य वर्षा जल का अधिकतम संचयन करना, नदियों, तालाबों, कुओं एवं बावड़ियों का संरक्षण करना, जल स्रोतों का पुनर्जीवन करना तथा भूजल स्तर में वृद्धि करना है। उन्होंने जोर दिया कि जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाकर ही भविष्य के जल संकट से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है। अध्यक्षीय उद्बोधन में शिवेंद्र सिंह 'शिब्बू' ने जल संरक्षण को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए ग्रामीणों से जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने और उनके संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। उन्होंने इस अभियान को जल संकट कम करने, कृषि को लाभ पहुंचाने, पर्यावरण संरक्षण और भावी पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करार दिया। इस अवसर पर सर्जना अध्यक्ष सुरेश दाहिया, वसुंधरा समिति के बृजेंद्र प्रकाश एवं सतवंत सिंह, उपसरपंच रामदयाल साहू, रोजगार सहायक तेजभान सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।4
- मैहर के ताला थाना पुलिस ने अवैध शराब निर्माण के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम दिया है। यह कार्रवाई ग्राम मुकुंदपुर के जंगल में, मुर्जुआ नदी के किनारे छिपाकर रखे गए करीब 1050 किलोग्राम महुआ लाहन को नष्ट करने के लिए की गई। पुलिस ने मौके से 70 प्लास्टिक डिब्बों में भरा लाहन बरामद किया और उसे वहीं पर नष्ट करा दिया। इस दौरान, पुलिस टीम ने ग्रामीणों को अवैध शराब के निर्माण और उसकी बिक्री से दूर रहने के लिए जागरूक भी किया। यह अभियान पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह के निर्देशन और अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) ख्याति मिश्रा के मार्गदर्शन में संचालित किया गया। थाना प्रभारी निरीक्षक महेंद्र मिश्रा ने इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व किया, जिसमें मुकुंदपुर चौकी प्रभारी उप निरीक्षक नागेश्वर मिश्रा, प्रधान आरक्षक राजभान सिंह, आरक्षक आशीष मिश्रा और सुंदरलाल शर्मा ने अपनी सराहनीय भूमिका निभाई।1
- मध्य प्रदेश के मैहर स्थित सरला नगर में भाटिया शराब कंपनी द्वारा अवैध शराब की बिक्री खुलेआम जारी है। रात 11 बजे के एक वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि शराब बेचने वाले बिना किसी डर के अपना धंधा चला रहे हैं, जो चरम सीमा पर पहुँच चुका है। इन अवैध विक्रेताओं में पुलिस या आबकारी विभाग का जरा भी खौफ नहीं दिखाई देता। उनका स्पष्ट दावा है कि उन्होंने सभी संबंधित पक्षों को 'मैनेज' करके रखा है, जिसके चलते वे बेखौफ होकर यह अवैध पैकारी कर रहे हैं।1
- आज दिनांक 01 जुलाई 2026, दिन बुधवार को माँ जगत जननी राजराजेश्वरी माँ शारदा भवानी जी के संध्याकालीन अद्भुत श्रृंगार के दर्शन हुए। माँ का यह श्रृंगार अत्यंत अदभुत था, जिसने भक्तों को माँ के दिव्य रूप का अनुभव कराया। जय हो माई की!2
- मैहर पुलिस ने ग्राम मुकुंदपुर जंगल स्थित मुर्जुआ नदी किनारे अवैध शराब निर्माण के लिए छिपाकर रखे गए लगभग 1050 किलोग्राम महुआ लाहन को नष्ट करने की बड़ी कार्रवाई की है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक मैहर श्री अवधेश प्रताप सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मैहर डॉ. चंचल नागर और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस अमरपाटन सुश्री ख्याति मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना ताला पुलिस द्वारा की गई। थाना ताला पुलिस को 01 जुलाई 2026 को मुखबिर से यह सूचना प्राप्त हुई थी कि ग्राम मुकुंदपुर जंगल में नदी के किनारे अवैध शराब बनाने हेतु महुआ लाहन पत्थरों से बांधकर पानी के अंदर छिपाया गया है। इस सूचना की तस्दीक हेतु थाना प्रभारी के निर्देश पर चौकी प्रभारी उप निरीक्षक नागेश्वर मिश्रा के नेतृत्व में एक पुलिस टीम गठित की गई और मौके पर दबिश दी गई। तलाशी अभियान के दौरान, पुलिस टीम ने नदी किनारे 70 अलग-अलग डिब्बों में छिपाकर रखा गया कुल 1050 किलोग्राम महुआ लाहन बरामद किया, जिसे तत्काल मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। इस दौरान, इलाके के आस-पास रहने वाले लोगों को भविष्य में अवैध शराब का निर्माण और विक्रय न करने की सख्त चेतावनी भी दी गई।1
- मैहर के ताला थाना क्षेत्र अंतर्गत जंगल में पुलिस ने अवैध शराब निर्माण के लिए छिपाकर रखा गया 1050 किलोग्राम महुआ लाहन मौके पर ही नष्ट कर दिया। यह कार्रवाई मैहर पुलिस अधीक्षक श्री अवधेश प्रताप सिंह के निर्देशन, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस अमरपाटन सुश्री ख्याति मिश्रा के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी निरीक्षक महेन्द्र मिश्रा के नेतृत्व में की गई। दरअसल, 01 जुलाई 2026 को ताला पुलिस को एक विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम मुकुंदपुर के जंगल में मुर्जुआ नदी के किनारे अवैध शराब बनाने के उद्देश्य से बड़ी मात्रा में महुआ का लाहन छिपाया गया है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर चौकी प्रभारी मुकुंदपुर उप निरीक्षक नागेश्वर मिश्रा और उनकी सहयोगी पुलिस टीम तत्काल मौके पर रवाना हुई। घने जंगल और नदी किनारे के दुर्गम क्षेत्र में पुलिस टीम ने सावधानीपूर्वक तलाशी अभियान चलाया, जिसके बाद झाड़ियों और प्राकृतिक आड़ में छिपाकर रखे गए प्लास्टिक के 70 डिब्बे बरामद हुए। जाँच करने पर इन डिब्बों में अवैध शराब निर्माण के लिए तैयार किया गया महुआ का लाहन भरा हुआ मिला, जिसकी कुल मात्रा लगभग 1050 किलोग्राम थी। नियमानुसार, इस बरामद सामग्री को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। इस कार्रवाई के दौरान, पुलिस ने आसपास के ग्रामीणों से भी बातचीत की और उन्हें अवैध शराब के निर्माण एवं विक्रय से दूर रहने की समझाइश दी। पुलिस ने चेतावनी दी कि भविष्य में यदि कोई ऐसी गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस सफल अभियान में निरीक्षक महेन्द्र मिश्रा (थाना प्रभारी ताला), उप निरीक्षक नागेश्वर मिश्रा (चौकी प्रभारी मुकुंदपुर), प्रधान आरक्षक राजभान सिंह, आरक्षक आशीष मिश्रा और सुन्दरलाल शर्मा की भूमिका सराहनीय रही।3
- मैहर पुलिस ने जिले में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई की है। थाना ताला पुलिस ने मुर्जुआ नदी के किनारे जंगल में छिपाकर रखे गए लगभग 1050 किलोग्राम महुआ लाहन को बरामद कर मौके पर ही नष्ट कर दिया। यह लाहन अवैध शराब बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया था। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्री अवधेश प्रताप सिंह के निर्देशन, अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) अमरपाटन सुश्री ख्याति मिश्रा के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी निरीक्षक महेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में हुई। पुलिस को एक विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम मुकुंदपुर के जंगल में, मुर्जुआ नदी के पास, बड़ी मात्रा में महुआ लाहन छिपाया गया है। इस सूचना के आधार पर, मुकुंदपुर चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक नागेश्वर मिश्रा के नेतृत्व में एक पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। टीम ने घने जंगल में गहन तलाशी अभियान चलाया, जिसके परिणामस्वरूप झाड़ियों और प्राकृतिक आड़ में छिपाकर रखे गए 70 प्लास्टिक डिब्बों से करीब 1050 किलोग्राम महुआ लाहन बरामद हुआ। बरामद हुए इस लाहन का उपयोग अवैध शराब बनाने में किया जाना था, जिसे नियमानुसार पुलिस ने मौके पर ही पूरी तरह से नष्ट कर दिया। इस अभियान के दौरान, पुलिस ने आसपास के ग्रामीणों को अवैध शराब के निर्माण और बिक्री जैसी गतिविधियों से दूर रहने की समझाइश भी दी, साथ ही चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी गतिविधियों में शामिल पाए जाने पर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक महेंद्र मिश्रा, उपनिरीक्षक नागेश्वर मिश्रा, प्रधान आरक्षक राजभान सिंह, आरक्षक आशीष मिश्रा और आरक्षक सुंदरलाल शर्मा की भूमिका सराहनीय रही।2
- मध्य प्रदेश के सतना शहर में 'स्मार्ट सिटी' के वादों के विपरीत, कचरा उठाने वाले वाहन सड़कों पर जहरीला और काला धुआँ छोड़ रहे हैं। इन वाहनों से निकलने वाला यह धुआँ न केवल शहर के वातावरण को प्रदूषित कर रहा है, बल्कि स्थानीय निवासियों के लिए साँस लेना भी मुश्किल बना रहा है। सड़कों पर चलते इन वाहनों से इतना घना धुआँ निकलता है कि आसपास के इलाकों में धुंध सी छा जाती है, जिसका एक वीडियो भी सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ये कचरा वाहन अपनी फिटनेस पूरी तरह से खो चुके हैं और इन्हें तत्काल मरम्मत या बदलने की आवश्यकता है। इस गंभीर समस्या पर प्रशासन की चुप्पी हैरान करने वाली है, विशेषकर तब जब प्रशासन स्वयं पर्यावरण को बचाने का दावा करता है। इस स्थिति ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या यही 'स्मार्ट' शहर की अवधारणा है, जहाँ साफ-सफाई करने वाले वाहन ही प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण बन गए हैं। लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि जिम्मेदार अधिकारी कब इस ओर ध्यान देंगे और कब आम जनता को इस घुटन भरी स्थिति से राहत मिलेगी।1