सतना जिले के रामपुर बाघेलान स्थित ग्राम असरार की निवासी प्रेमा सिंह ने अपनी निजी जमीन पर जबरन कब्जा करने और जान से मारने की धमकी मिलने का आरोप लगाते हुए रामपुर बाघेलान थाने में शिकायत दर्ज कराई है। प्रेमा सिंह के अनुसार, 19 जून 2026 को विक्रम सिंह (पिता हनुमान सिंह) और विवेक सिंह (पिता विक्रम सिंह) ने उनकी निजी जमीन में बाड़ी लगा ली है। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी हर रात उनके दरवाजे पर लात मारकर गाली-गलौज करते हैं और उन्हें जान से खत्म करने की धमकी देते हैं। प्रेमा सिंह ने अपनी शिकायत में बताया कि उनके पति की पहले हत्या हो चुकी है और उनके इकलौते बेटे की भी एक दुर्घटना में मृत्यु हो गई है। अब वह अपनी बहू के साथ अकेली रहती हैं, जिसका फायदा उठाकर आरोपी उनकी जमीन हड़पना चाहते हैं। इस मामले का संज्ञान लेते हुए थाना प्रभारी संदीप चतुर्वेदी ने बताया कि उन्हें पीड़िता की शिकायत प्राप्त हुई है और यह मामला गंभीर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जमीन पर जबरन कब्जा और महिला को धमकाना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। थाना प्रभारी ने तुरंत एक टीम भेजकर मौके की जांच कराने की बात कही और आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पीड़िता को पूर्ण सुरक्षा देने का भी वादा किया। थाना प्रभारी ने दोहराया कि महिला सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि राजस्व विभाग से मिलकर जमीन का सीमांकन कराया जाएगा और आरोपियों को नोटिस जारी कर उनके बयान भी दर्ज किए जाएंगे। पीड़िता प्रेमा सिंह ने आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है, जिसके जवाब में पुलिस ने उन्हें सुरक्षा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
सतना जिले के रामपुर बाघेलान स्थित ग्राम असरार की निवासी प्रेमा सिंह ने अपनी निजी जमीन पर जबरन कब्जा करने और जान से मारने की धमकी मिलने का आरोप लगाते हुए रामपुर बाघेलान थाने में शिकायत दर्ज कराई है। प्रेमा सिंह के अनुसार, 19 जून 2026 को विक्रम सिंह (पिता हनुमान सिंह) और विवेक सिंह (पिता विक्रम सिंह) ने उनकी निजी जमीन में बाड़ी लगा ली है। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी हर रात उनके दरवाजे पर लात मारकर गाली-गलौज करते हैं और उन्हें जान से खत्म करने की धमकी देते हैं। प्रेमा सिंह ने अपनी शिकायत में बताया कि उनके पति की पहले हत्या हो चुकी है और उनके इकलौते बेटे की भी एक दुर्घटना में मृत्यु हो गई है। अब वह अपनी बहू के साथ अकेली रहती हैं, जिसका फायदा उठाकर आरोपी उनकी जमीन हड़पना चाहते हैं। इस मामले का संज्ञान लेते हुए थाना प्रभारी संदीप चतुर्वेदी ने बताया कि उन्हें पीड़िता की शिकायत प्राप्त हुई है और यह मामला गंभीर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जमीन पर जबरन कब्जा और महिला को धमकाना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। थाना प्रभारी ने तुरंत एक टीम भेजकर मौके की जांच कराने की बात कही और आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पीड़िता को पूर्ण सुरक्षा देने का भी वादा किया। थाना प्रभारी ने दोहराया कि महिला सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि राजस्व विभाग से मिलकर जमीन का सीमांकन कराया जाएगा और आरोपियों को नोटिस जारी कर उनके बयान भी दर्ज किए जाएंगे। पीड़िता प्रेमा सिंह ने आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है, जिसके जवाब में पुलिस ने उन्हें सुरक्षा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
- नागौद के हॉस्पिटल चौराहा पर चल रहे चौड़ीकरण कार्य के दौरान एक जेसीबी चालक ने पानी की मुख्य लाइन तोड़ दी। इस घटना के चलते शहर में अगले एक-दो दिन तक पानी की आपूर्ति बाधित रहने की आशंका है। स्थानीय लोगों ने ठेकेदार को पहले ही बताया था कि उस स्थान पर पानी की मेन लाइन का पाइप निकला हुआ है, लेकिन ठेकेदार ने इस चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया। शहर में पहले से ही गर्मी के कारण पानी की समस्या बनी हुई है, ऐसे में इस लापरवाही से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। इसको लेकर ठेकेदार और जेसीबी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है।1
- मऊगंज में कई वर्षों से बंद एक रास्ते को लेकर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष पर “राखी के वचन” भूलने का आरोप लगा है। इस रास्ते के बंद होने का दर्द हाल ही में एक बेटी की विदाई के दौरान सामने आया, जब डोली के लिए भी ताला नहीं खुला। परिणामस्वरूप, बेटी की विदाई मोटरसाइकिल से खेतों के रास्ते करनी पड़ी। इस घटना ने प्रशासनिक दावों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं, और जिम्मेदार अधिकारी इस पर मौन हैं। नौढ़िया नंबर-1 के आदिवासी परिवारों का कहना है कि उन्हें किसी विशेष सुविधा की नहीं, बल्कि अपने घरों तक पहुंचने के मूल अधिकार की आवश्यकता है। इन परिवारों का आरोप है कि वे कई वर्षों से प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या जस की तस बनी हुई है। अब उन्होंने जिला कलेक्टर से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।1
- सतना जिला मुख्यालय में वाहन चेकिंग के दौरान यातायात पुलिस ने एक नाबालिग चालक को बाइक पर अवैध हूटर लगाकर सायरन बजाते हुए तथा नंबर प्लेट छुपाकर वाहन चलाते हुए पकड़ा। इस मामले में पुलिस ने चालक और उसके परिजनों को थाने बुलाकर चालानी कार्रवाई की और उनसे ₹2500 का समन शुल्क वसूला। यातायात पुलिस द्वारा की गई यह कार्रवाई केवल नियम उल्लंघन पर जुर्माना ही नहीं, बल्कि युवाओं में बढ़ रही खतरनाक प्रवृत्ति के खिलाफ एक कड़ी चेतावनी भी है। विभाग ने इस बात पर जोर दिया है कि रफ्तार, स्टाइल, स्टंट और सोशल मीडिया रील्स बनाने की होड़ में युवा वर्ग न सिर्फ अपनी, बल्कि दूसरों की जान भी जोखिम में डाल रहा है। ऐसे मामलों में युवाओं के साथ-साथ उनके अभिभावकों की जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। सड़क सुरक्षा के लिए जागरूकता फैलाने और सख्त कार्रवाई करने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया है।1
- सरकार भले ही सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने का दावा करती है, लेकिन सतना जिले के अस्पताल की जमीनी हकीकत इन दावों के विपरीत है। यहाँ मरीजों को इलाज के लिए भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि जिला अस्पताल में जरूरी दवाएं और मरहम-पट्टी का सामान, जैसे कि घाव भरने वाली ट्यूब, तक उपलब्ध नहीं है। पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब एक मरीज को चोट लगने के बाद घाव भरने वाली ट्यूब की जरूरत पड़ी। अस्पताल के कर्मचारियों ने सीधे तौर पर दवा की अनुपलब्धता बताई और मरीज को यह दवा बाहर से खरीदने की सलाह दी, जिससे मरीजों की जेब पर सीधा आर्थिक बोझ पड़ रहा है। इस स्थिति को लेकर मरीजों और उनके साथ आए लोगों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि अगर सरकारी अस्पताल में ही बुनियादी दवाएं नहीं मिलेंगी, तो गरीब जनता आखिर कहाँ जाएगी। यह घटना अस्पताल प्रबंधन की लचर व्यवस्था और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को उजागर करती है, जिससे इलाज के लिए आने वाले लोगों को लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर ये दवाएं अस्पताल तक क्यों नहीं पहुँच रही हैं और क्या जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या पर ध्यान देंगे।1
- रीवा में ब्राह्मण समाज के प्रति एक युवक द्वारा कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का वीडियो सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। इस घटना ने एक सार्वजनिक बहस को जन्म दिया है। यह नया विवाद भारत भूषण तिवारी एनकाउंटर के बाद दिए गए एक बयान को लेकर और भी तेज हो गया है। गौरतलब है कि इससे पहले भी बघेली कलाकार मनीष पटेल के एक विवादित टाइटल को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए थे और एफआईआर दर्ज करने की स्थिति बनी थी। सामने आए इस वीडियो का उद्देश्य किसी भी जाति, धर्म या समुदाय के प्रति नफरत फैलाना नहीं है, बल्कि इसका मुख्य लक्ष्य पूरे घटनाक्रम, विवाद की वास्तविक वजह और इस पर लोगों की विभिन्न प्रतिक्रियाओं की जानकारी प्रदान करना है।1
- सतना जिले में अपराधियों के बढ़ते हौसलों के बीच, चोरों ने अब आस्था के केंद्रों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है। उचेहरा थाना क्षेत्र की परसमनिया चौकी अंतर्गत रामपुर पाठा स्थित प्रसिद्ध नीलकंठ आश्रम के श्रीराधा-कृष्ण मंदिर में 20-21 जून की दरम्यानी रात चोरी की बड़ी वारदात हुई, जिसने श्रद्धालुओं को स्तब्ध कर दिया है। अज्ञात बदमाशों ने मंदिर के तीन ताले तोड़कर भगवान श्रीकृष्ण की चांदी की बांसुरी, मुकुट, आभूषण, चांदी के सिक्के और अन्य कीमती सामान चुरा लिए। चोरों ने अपने पीछे कोई सुराग न छोड़ने के लिए मंदिर के सीसीटीवी कैमरे और डीवीआर भी उखाड़कर साथ ले गए। मंदिर के पुजारी दिनकर मिश्रा ने सुबह जब मंदिर के पट खोलने पहुंचे तो मुख्य द्वार के ताले टूटे देख उनके होश उड़ गए। भीतर पहुंचने पर भगवान श्रीकृष्ण के श्रृंगार में उपयोग होने वाला मुकुट, चांदी की बांसुरी, चांदी के बर्तन, आभूषण और कई सिक्के गायब मिले। इस दुस्साहसिक वारदात ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सूचना मिलने पर परसमनिया चौकी प्रभारी संतोष सिंह धुर्वे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। उचेहरा थाना प्रभारी सतीश मिश्रा सहित वरिष्ठ अधिकारियों को भी इस मामले से अवगत कराया गया। पुलिस ने डॉग स्क्वॉड और फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट की मदद से घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और आसपास के क्षेत्रों में संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि चोर पूरी तैयारी के साथ आए थे। चौकी प्रभारी संतोष धुर्वे के अनुसार, पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, पुलिस को अभी तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है, लेकिन उन्हें जल्द ही मामले का खुलासा होने की उम्मीद है।2
- मैहर में जिला कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग के जिला अध्यक्ष सोमदत्त साकेत ने एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता आयोजित की, जिसमें उन्होंने दलित एवं अनुसूचित जाति समाज के लोगों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा को अपनी प्रमुख प्राथमिकता बताया। इस दौरान, सोमदत्त साकेत ने आरोप लगाया कि प्रभात द्विवेदी लगातार दलित समाज के लोगों का अपमान कर रहे हैं, जिससे समाज में भारी आक्रोश फैल गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी समाज, वर्ग या समुदाय का अपमान लोकतांत्रिक व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द के लिए उचित नहीं है, और संबंधित पक्ष को अपनी कार्यशैली में तत्काल सुधार करना चाहिए। साकेत ने कहा कि अनुसूचित जाति एवं दलित समाज के लोग वर्षों से अपने अधिकारों और सम्मान की लड़ाई लड़ रहे हैं, और उनके साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव, अपमान या अन्याय किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कड़ी चेतावनी दी कि यदि समय रहते इस मामले में सुधार नहीं हुआ और ऐसी घटनाएं जारी रहीं, तो अनुसूचित जाति एवं दलित समाज के लोग एकजुट होकर एक बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। साकेत ने यह भी साफ किया कि समाज के सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा, और आवश्यकता पड़ने पर लोकतांत्रिक तरीके से उग्र प्रदर्शन भी किया जा सकता है। प्रेस वार्ता में मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समाज के प्रतिनिधियों ने भी समाज के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट रहने की बात दोहराई और प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच व उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। फिलहाल, इस प्रेस वार्ता के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है, और अब सभी की निगाहें संबंधित पक्ष तथा प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।1
- सतना सिटी कोतवाली पुलिस ने जिला बदर आदेश का उल्लंघन कर अपने घर के पास घूम रहे शातिर आरोपी कल्लू उर्फ अभिषेक जैसवाल (32) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर बजरहा टोला क्षेत्र में घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ा। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और उसे एक वर्ष के लिए सतना सहित आसपास के जिलों की सीमाओं से बाहर रहने का आदेश दिया गया था। आदेश की अवहेलना करने पर पुलिस ने मध्य प्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 14 के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश पर उसे केंद्रीय जेल सतना भेज दिया गया। इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक राहुल सिंह, सतेन्द्र सिंह, आरक्षक अजीत सिंह एवं सुभाष पटेल की भूमिका सराहनीय रही।1
- सतना में बिजली के खंभे पर लगे तारों में अचानक शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लग गई, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। वीडियो फुटेज में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि बिजली के खंभे पर तारों का एक बड़ा जाल बिछा हुआ था, जहां से अचानक चिंगारियां उठने लगीं और देखते ही देखते आग की लपटों ने गंभीर रूप धारण कर लिया। आग लगने के दौरान लगातार तारों से चिंगारियां नीचे गिर रही थीं, जिससे आस-पास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। गनीमत रही कि आग की लपटें किसी बड़े हादसे का रूप नहीं ले सकीं और इस घटना में किसी भी प्रकार की जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। हालांकि, स्थानीय निवासियों ने इस घटना के लिए बिजली विभाग की घोर लापरवाही को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि खंभों पर तारों का यह मकड़जाल एक बड़ी दुर्घटना को खुला न्योता दे रहा है। इस घटना के बाद, अब लोग प्रशासन से तत्काल मांग कर रहे हैं कि समय रहते इन ढीले और जर्जर तारों की मरम्मत की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की किसी भी अनहोनी या बड़े हादसे को टाला जा सके।1