गाजियाबाद के शालीमार गार्डन में निवासी जल निगम की अपर्याप्त पानी सप्लाई से गंभीर रूप से परेशान हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, जल निगम का पानी प्रतिदिन केवल 20 से 30 मिनट के लिए आता है, जो गर्मी के मौसम में सभी परिवारों की जरूरतों को पूरा करने में अक्षम है। इस स्थिति के कारण कई परिवारों को ₹20 से ₹25 में बंद बोतल का पानी खरीदने पर मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे उन्हें सरकारी पानी की सुविधा होने के बावजूद अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। समुदाय निवासियों का आरोप है कि यह बुनियादी आवश्यकता की पूर्ति में विफलता है और संबंधित विभाग के लिए यह एक गंभीर चिंता का विषय है। स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि उनकी इस समस्या का जल्द समाधान होगा और उन्हें पर्याप्त तथा नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। यह रिपोर्ट संवाददाता रेनू पुरी द्वारा प्रस्तुत की गई है।
गाजियाबाद के शालीमार गार्डन में निवासी जल निगम की अपर्याप्त पानी सप्लाई से गंभीर रूप से परेशान हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, जल निगम का पानी प्रतिदिन केवल 20 से 30 मिनट के लिए आता है, जो गर्मी के मौसम में सभी परिवारों की जरूरतों को पूरा करने में अक्षम है। इस स्थिति के कारण कई परिवारों को ₹20 से ₹25 में बंद बोतल का पानी खरीदने पर मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे उन्हें सरकारी पानी की सुविधा होने के बावजूद अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। समुदाय निवासियों का आरोप है कि यह बुनियादी आवश्यकता की पूर्ति में विफलता है और संबंधित विभाग के लिए यह एक गंभीर चिंता का विषय है। स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि उनकी इस समस्या का जल्द समाधान होगा और उन्हें पर्याप्त तथा नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। यह रिपोर्ट संवाददाता रेनू पुरी द्वारा प्रस्तुत की गई है।
- गाजियाबाद के ट्रॉनिका सिटी इलाके के C8 में प्रशासन ने एक अवैध मजार पर बुलडोजर कार्रवाई की है। यह कार्रवाई प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के संयुक्त अभियान के तहत की गई। इस दौरान, शांति व्यवस्था में किसी भी तरह की खलल न पड़े, यह सुनिश्चित करने के लिए मौके पर भारी संख्या में पुलिस फोर्स के साथ पीएसी की तैनाती की गई थी।1
- गाजियाबाद के ट्रोनिका सिटी थाना क्षेत्र के सेक्टर-सी-8 में स्थित एक अवैध मजार को यूपीसीडा (UPCIDA) द्वारा हटा दिया गया है। विभागीय जांच में मजार को अवैध पाए जाने के बाद ही इसे हटाने का निर्णय लिया गया था। इस कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे, जिसमें पुलिस उपायुक्त ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी स्वयं मौके पर मौजूद रहकर पूरी कार्रवाई की निगरानी कर रहे थे। उनके साथ सहायक पुलिस आयुक्त, थाना प्रभारी, दो कंपनी पीएसी (PAC) तथा लगभग 650 पुलिसकर्मी भी तैनात किए गए थे। प्रशासन ने इस पूरी कार्रवाई को शांतिपूर्ण ढंग से और कानून व्यवस्था बनाए रखते हुए संपन्न कराया। अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान कहीं से भी किसी भी तरह के विरोध या तनाव की कोई सूचना नहीं मिली। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ नियमानुसार इसी तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।1
- हिम्मतनगर जीआईडीसी स्थित प्रामुख इंडस्ट्रीज में 28 मई 2026 को एक भीषण हादसा हो गया, जहां अचानक लिफ्ट गिरने से एक युवा मजदूर की मौत हो गई। मृतक एक आम मजदूर था, जो अपनी दो वक्त की रोटी कमाने के लिए वहां काम कर रहा था। इस भयावह घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें लिफ्ट के ढहने का खौफनाक मंजर साफ देखा जा सकता है। यह घटना उन सैकड़ों 'डेथ फैक्ट्रियों' की ओर इशारा करती है, जहां मजदूरों की सुरक्षा को पूरी तरह से नजरअंदाज किया जाता है। इस हृदयविदारक घटना ने यह गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या दो वक्त की रोटी कमाने वाले मजदूर की जिंदगी की कोई कीमत नहीं है, और आखिर कब तक ऐसी लापरवाही चलती रहेगी। प्रशासन और श्रम विभाग से मांग की गई है कि इस मामले में दोषी अधिकारियों और मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, साथ ही सभी फैक्टरियों में लिफ्ट और मशीनरी की नियमित जांच को अनिवार्य किया जाए।1
- गाजियाबाद के लोनी स्थित ट्रोनिका सिटी औद्योगिक क्षेत्र के सी-8 सेक्टर में, जिला प्रशासन, पुलिस और यूपीसीडा की एक संयुक्त टीम ने रविवार को सरकारी भूमि पर बने एक अवैध मजार को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। इस बड़ी कार्रवाई का नेतृत्व एडीएम सिटी विकास कश्यप और एसडीएम लोनी दीपक सिंगनवाल ने किया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात रही, जिसके कारण पूरा अभियान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। प्रशासन के अनुसार, सी-8 सेक्टर की यह भूमि यूपीसीडा के अधिकार क्षेत्र में आने वाली सरकारी जमीन है। जांच में पाया गया कि यह मजार राजस्व अभिलेखों में दर्ज नहीं था और इसके निर्माण के लिए कोई वैध अनुमति भी नहीं ली गई थी। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही अतिक्रमण हटाने की यह कार्रवाई की गई। इस दौरान यूपीसीडा की परियोजना अधिकारी शर्मिला पटेल, सीनियर मैनेजर एन.के. जैन, डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी, एसीपी लोनी सिद्धार्थ गौतम सहित राजस्व, यूपीसीडा और पुलिस विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे। एडीएम सिटी विकास कश्यप ने स्पष्ट किया कि शासन के निर्देशानुसार सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान लगातार चलाया जा रहा है और सार्वजनिक या सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एसडीएम लोनी दीपक सिंगनवाल ने बताया कि कार्रवाई राजस्व अभिलेखों और संबंधित विभागों की रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार की गई, जिसमें कोई विरोध या व्यवधान नहीं हुआ। यूपीसीडा की परियोजना अधिकारी शर्मिला पटेल ने भी दोहराया कि औद्योगिक क्षेत्र की भूमि का उपयोग केवल निर्धारित औद्योगिक उद्देश्यों के लिए हो सकता है और अवैध निर्माण के खिलाफ भविष्य में भी अभियान जारी रहेगा। डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी और एसीपी लोनी सिद्धार्थ गौतम ने कानून-व्यवस्था सामान्य रहने और किसी अप्रिय घटना की सूचना न मिलने की पुष्टि की। जिला प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।4
- गाजियाबाद के शालीमार गार्डन में निवासी जल निगम की अपर्याप्त पानी सप्लाई से गंभीर रूप से परेशान हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, जल निगम का पानी प्रतिदिन केवल 20 से 30 मिनट के लिए आता है, जो गर्मी के मौसम में सभी परिवारों की जरूरतों को पूरा करने में अक्षम है। इस स्थिति के कारण कई परिवारों को ₹20 से ₹25 में बंद बोतल का पानी खरीदने पर मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे उन्हें सरकारी पानी की सुविधा होने के बावजूद अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। समुदाय निवासियों का आरोप है कि यह बुनियादी आवश्यकता की पूर्ति में विफलता है और संबंधित विभाग के लिए यह एक गंभीर चिंता का विषय है। स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि उनकी इस समस्या का जल्द समाधान होगा और उन्हें पर्याप्त तथा नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। यह रिपोर्ट संवाददाता रेनू पुरी द्वारा प्रस्तुत की गई है।3
- जनपद बुलंदशहर में भीषण गर्मी के बीच कोतवाली नगर पुलिसकर्मियों ने सड़क पर उतरकर राहगीरों को ठंडा शरबत पिलाया, जिससे उन्हें गर्मी से राहत मिली। पुलिसकर्मियों ने तपती सड़क से गुजर रहे राहगीरों, ई-रिक्शा चालकों, बाइक सवारों और मजदूरों को रोककर शरबत वितरित किया। पुलिस की इस पहल को आम जनता ने खूब सराहा। लोगों ने इसे केवल शरबत वितरण नहीं, बल्कि पुलिस और जनता के बीच संबंधों को मजबूत करने का एक प्रयास बताया। स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसे अभियान पुलिस की छवि को बदलने और जनता के साथ विश्वास व आत्मीयता का रिश्ता बनाने में सहायक होते हैं।3
- राजधानी लखनऊ में यूपी एसटीएफ को एक बड़ी सफलता मिली है। पीजीआई थाना क्षेत्र के चर्चित संदीप सिंह हत्याकांड के मुख्य शूटर और ₹1 लाख के इनामी बदमाश संजय उर्फ संजीव की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई। वह संदीप सिंह हत्याकांड में मुख्य शूटर के रूप में सामने आया था और लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से फरार चल रहा था। जानकारी के अनुसार, यूपी एसटीएफ और बदमाश संजय उर्फ संजीव के बीच हुई मुठभेड़ के दौरान वह घायल हो गया। उसे तत्काल उपचार के लिए लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। संजय उर्फ संजीव पर हत्या सहित कई अन्य जघन्य अपराध दर्ज थे, जिसकी गिरफ्तारी पर पुलिस ने ₹1 लाख का इनाम घोषित किया था। इस आरोपी की मौत के बाद अब पुलिस उसके अन्य साथियों और पूरे गैंग के नेटवर्क की जांच में जुट गई है।1