वैशाली पुलिस अधीक्षक ने जन शिकायतों के प्रति गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में सहदेई थाना अध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से सामने आई है, जिसमें वैशाली पुलिस ने कर्तव्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। निलंबन का यह निर्णय एक फरियादी की शिकायत पर आधारित है, जिसने बताया कि 9 जून 2026 को उसके साथ गंभीर मारपीट हुई थी, जिससे उसे सिर और पैर में चोटें आई थीं। पीड़ित ने सहदेई थाना में आवेदन दिया था, लेकिन उसकी प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। मामले की समीक्षा और जांच में यह तथ्य सामने आया कि तत्कालीन थाना अध्यक्ष, पुलिस उप-निरीक्षक गौतम कुमार साह ने पीड़ित के आवेदन पर लगभग 20 दिनों तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की, जिसे कर्तव्य निर्वहन में गंभीर लापरवाही माना गया। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए, पुलिस अधीक्षक वैशाली ने संबंधित थाना अध्यक्ष के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। वैशाली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि विभाग आम नागरिकों की शिकायतों के त्वरित, निष्पक्ष और संवेदनशील निस्तारण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, और कर्तव्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
वैशाली पुलिस अधीक्षक ने जन शिकायतों के प्रति गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में सहदेई थाना अध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से सामने आई है, जिसमें वैशाली पुलिस ने कर्तव्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। निलंबन का यह निर्णय एक फरियादी की शिकायत पर आधारित है, जिसने बताया कि 9 जून 2026 को उसके साथ गंभीर मारपीट हुई थी, जिससे उसे सिर और पैर में चोटें आई थीं। पीड़ित ने सहदेई थाना में आवेदन दिया था, लेकिन उसकी प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। मामले की समीक्षा और जांच में यह तथ्य सामने आया कि तत्कालीन थाना अध्यक्ष, पुलिस उप-निरीक्षक गौतम कुमार साह ने पीड़ित के आवेदन पर लगभग 20 दिनों तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की, जिसे कर्तव्य निर्वहन में गंभीर लापरवाही माना गया। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए, पुलिस अधीक्षक वैशाली ने संबंधित थाना अध्यक्ष के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। वैशाली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि विभाग आम नागरिकों की शिकायतों के त्वरित, निष्पक्ष और संवेदनशील निस्तारण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, और कर्तव्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
- वैशाली पुलिस अधीक्षक ने जन शिकायतों के प्रति गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में सहदेई थाना अध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से सामने आई है, जिसमें वैशाली पुलिस ने कर्तव्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। निलंबन का यह निर्णय एक फरियादी की शिकायत पर आधारित है, जिसने बताया कि 9 जून 2026 को उसके साथ गंभीर मारपीट हुई थी, जिससे उसे सिर और पैर में चोटें आई थीं। पीड़ित ने सहदेई थाना में आवेदन दिया था, लेकिन उसकी प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। मामले की समीक्षा और जांच में यह तथ्य सामने आया कि तत्कालीन थाना अध्यक्ष, पुलिस उप-निरीक्षक गौतम कुमार साह ने पीड़ित के आवेदन पर लगभग 20 दिनों तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की, जिसे कर्तव्य निर्वहन में गंभीर लापरवाही माना गया। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए, पुलिस अधीक्षक वैशाली ने संबंधित थाना अध्यक्ष के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। वैशाली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि विभाग आम नागरिकों की शिकायतों के त्वरित, निष्पक्ष और संवेदनशील निस्तारण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, और कर्तव्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।1
- पावर स्टार पवन सिंह ने एक बड़ा बयान दिया है, जिसके बाद राजनीति में, खासकर बिहार की राजनीति में, बवाल मच गया है। यह ब्रेकिंग और वायरल खबर राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर रही है।1
- यह संदेश व्यक्त करता है कि गरीब व्यक्ति के लिए सुख का अनुभव मात्र एक सपने जैसा होता है, जिसे वह केवल नींद में ही देख पाता है। असल ज़िंदगी की हकीकत में, उसके लिए ऐसे सुख का अनुभव करना संभव नहीं होता, मानो सुख और हकीकत के बीच एक स्थायी दूरी हो।1
- बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में हैवानियत की एक घटना सामने आई है। यहाँ घर में घुसे एक चोर का विरोध करने पर एक महिला के साथ दरिंदगी की गई। अपराधी ने महिला के प्राइवेट पार्ट पर जानलेवा हमला किया।1
- सोशल मीडिया पर अपनी दबंगई का प्रदर्शन करना एक आरोपी को महंगा पड़ गया है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो को आधार बनाते हुए संबंधित आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई वीडियो में दिख रही दबंगई के कारण की गई है।1
- महाराष्ट्र टीईटी (TET) पेपर लीक मामले में वैशाली जिले का कनेक्शन सामने आया है, जिसके बाद स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने हाजीपुर में एक बड़ी छापेमारी की है। यह कार्रवाई पेपर लीक से जुड़े एक परीक्षा घोटाले के संबंध में की गई है।1
- वैशाली जिले के चेहराकला प्रखंड क्षेत्र में आज दोपहर बाद हुई झमाझम बारिश ने किसानों के चेहरों पर खुशी लौटा दी है। पिछले कई दिनों से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों को इस अच्छी वर्षा से बड़ी राहत मिली है। मानसून की इस मेहरबानी से खेतों में रौनक लौट आई है, जिससे चेहराकला के किसान धान की रोपनी में पूरे उत्साह के साथ जुट गए हैं और इस कार्य ने अब रफ्तार पकड़ ली है।1
- सोशल मीडिया पर अवैध हथियार लहराकर दहशत फैलाने वाला वीडियो पोस्ट करना एक युवक को भारी पड़ गया। वायरल वीडियो के आधार पर कार्रवाई करते हुए मुजफ्फरपुर पुलिस ने सकरा थाना क्षेत्र के रहने वाले आरोपी विवेक सिंह को पटना से गिरफ्तार कर लिया है। उसके कब्जे से वीडियो में दिखाई गई एक दोनाली बंदूक और इस घटना में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार, यह वीडियो एक जुलाई को सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। इसमें युवक अवैध हथियार का प्रदर्शन करते हुए 'सोना बेचकर लोहा (हथियार) खरीदने' जैसी बातें कह रहा था। साथ ही वह जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर आम लोगों में भय और दहशत फैलाने का प्रयास भी कर रहा था। वायरल वीडियो की सत्यता की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि वीडियो सकरा थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने इसे समाज में भय और आतंक का माहौल बनाने की कोशिश मानते हुए सकरा थाना में कांड संख्या 399/26 दर्ज किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के अनुश्रवण और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (पूर्वी-2) के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम ने लगातार छापेमारी के दौरान मिली सूचना के आधार पर आरोपी विवेक सिंह को पटना से दबोच लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से वीडियो में दिखाई गई दोनाली बंदूक और वीडियो बनाने में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन भी बरामद किया है। आरोपी से इस संबंध में पूछताछ की जा रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। मुजफ्फरपुर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि रील या वीडियो बनाने के दौरान कानून का उल्लंघन न करें, क्योंकि साइबर सेल और सोशल मीडिया सेल विभिन्न प्लेटफॉर्म पर लगातार निगरानी रख रहे हैं और ऐसा करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1