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रीवा के कलेक्टर कार्यालय में मीटिंग के दौरान एक महिला अधिकारी अचानक बेहोश हो गईं। घटना के बाद उनके पति और अन्य अधिकारी उन्हें तुरंत मिनर्वा अस्पताल ले गए।
उमेश पाठक सेमरिया रीवा
रीवा के कलेक्टर कार्यालय में मीटिंग के दौरान एक महिला अधिकारी अचानक बेहोश हो गईं। घटना के बाद उनके पति और अन्य अधिकारी उन्हें तुरंत मिनर्वा अस्पताल ले गए।
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- *रीवा में नायक अवतार में दिखे कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी कड़े तेवरों से प्रशासनिक अमले में हड़कंप,जनता ने सराहा* *♦️रीवा : खास समाचार* रीवा जिले की कमान संभालते ही नवागत कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी के तेवरों ने जिले भर में तहलका मचा दिया है।पदभार ग्रहण करने के बाद से ही कलेक्टर सूर्यवंशी जिस शैली में कार्य कर रहे हैं,उसे देख जिले की जनता उनकी तुलना चर्चित फिल्म नायक के मुख्य किरदार से कर रही है।औचक निरीक्षण, मौके पर ही निलंबन और लापरवाह अधिकारियों को सख्त चेतावनी देने की उनकी कार्यप्रणाली ने भ्रष्ट और कामचोर कर्मचारियों के पसीने छुड़ा दिए हैं। *प्रशासनिक कसावट और त्वरित निर्णय* कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने स्पष्ट कर दिया है कि जनहित के कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।पिछले कुछ दिनों में उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों,राजस्व कार्यालयों और शिक्षण संस्थानों का औचक निरीक्षण किया।इस दौरान अनुपस्थित मिलने वाले और कार्यों में लापरवाही बरतने वाले कई कर्मचारियों पर उन्होंने मौके पर ही अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। *नायक जैसी छवि से जीता जनता का भरोसा* आम जनता के बीच कलेक्टर के इस कड़े रुख की जमकर सराहना हो रही है।लोगों का कहना है कि रीवा को इसी तरह के सख्त और निष्पक्ष कलेक्टर की आवश्यकता थी।कलेक्ट्रेट कार्यालय में अपनी समस्याओं को लेकर आने वाले आम नागरिकों से सीधे संवाद करना और उनकी समस्याओं का तत्काल निराकरण सुनिश्चित करना कलेक्टर की प्राथमिकता बन गई है। *प्रमुख कार्रवाई और सुधार के संकेत* जिले के विभिन्न विभागों में बिना पूर्व सूचना के पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लेना। शासकीय योजनाओं में पारदर्शिता लाने के लिए तकनीकी और भौतिक सत्यापन पर जोर।जनसुनवाई के माध्यम से सीधे अंतिम छोर के व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुँचाना। *कलेक्टर की कार्य शैली को जनता ने सराहा* जिले के नागरिकों का मानना है कि यदि प्रशासन का मुखिया इसी तरह सक्रिय और सख्त बना रहे,तो जिले के सिस्टम में लंबे समय से व्याप्त खामियों को दूर किया जा सकता है। सोशल मीडिया से लेकर चाय की दुकानों तक,कलेक्टर सूर्यवंशी की कार्यशैली चर्चा का विषय बनी हुई है।लोग कह रहे हैं कलेक्टर हो तो ऐसा जो जमीन पर उतरकर जनता की पीड़ा समझे।कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी के इन प्रयासों से न केवल प्रशासनिक मशीनरी में चुस्ती आई है,बल्कि आम आदमी के मन में व्यवस्था के प्रति विश्वास भी जागा है।आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि उनकी यह नायक वाली छवि जिले के विकास और व्यवस्था सुधार में कितनी मील का पत्थर साबित होती है।1
- पश्चिम बंगाल में राजनीतिक माहौल में बड़े बदलाव का दावा किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, राज्य के मंदिरों में एक बार फिर 'जय श्री राम' के नारे गूंज रहे हैं और बांग्लादेशी नागरिकों के पलायन की खबरें सामने आ रही हैं। यह घटनाक्रम राज्य की बदलती सामाजिक-राजनीतिक स्थिति की ओर इशारा करता है।1
- सतना जिले के मझिगवां गाँव में लक्ष्मी प्रसाद शुक्ला के घर के पास का नल पिछले चार महीने से खराब पड़ा है। इससे ग्रामीणों को पीने के पानी के भीषण संकट का सामना करना पड़ रहा है। बार-बार सूचना देने के बावजूद संबंधित अधिकारी इसे ठीक करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।1
- रीवा जिले के नवागत पुलिस कप्तान गुरुकरण सिंह ने अपना पदभार ग्रहण कर लिया है। उनके आगमन से अब जिले की कानून-व्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।1
- रीवा में रेलवे निरीक्षण के दौरान डीआरएम को कई विभागों में गंभीर खामियां मिलीं। इन गड़बड़ियों के सामने आने के बाद रेलवे अधिकारियों में हड़कंप मच गया।1
- मध्य प्रदेश के मैहर में आम आदमी पार्टी ने कमर्शियल सिलेंडर की बढ़ती कीमतों के विरोध में प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह और प्रदेश सह सचिव उमेश चौधरी ने घंटाघर पर भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। यह प्रदेशव्यापी धरना-प्रदर्शन बढ़ती महंगाई को लेकर किया गया।1
- सतना जिले की पागर कला ग्राम पंचायत के वार्ड नंबर 16 के पंच को वापस बुलाने के लिए 7 मई को मतदान होगा। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।1
- भारत के कई पढ़े-लिखे युवाओं ने 2022 की भर्ती परीक्षा पास कर ली है, पर अब तक उन्हें नियुक्ति नहीं मिली है। इस देरी के कारण उनकी शादियों में दिक्कतें आ रही हैं, जिससे परिवार भी उन्हें निकम्मा समझने लगा है। एक युवक की तो होने वाली पत्नी ने बैंककर्मी से शादी कर ली, जिससे युवा हताश हैं।1